शुक्रवार, 20 जनवरी 2012
‘काली कमाई के किंग ’बने सरकारी कारिंदे
मध्यप्रदेश में हो रही छापों की कार्यवाही ने राज्य के कर्मचारियों और अफसरों के यहां मिल रही संपत्ति से इस बात का खुलासा हो रहा है कि ये ‘काली कमाई के किंग’बनते जा रहे हैं़ हर छापे में चाहे वह कर्मचारी के यहां हो या फिर अफसर के यहां करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हो रहा है़ वर्ष के शुरुआती 19 दिनों में अब तक हुई छापे की इस कार्यवाही में लोकायुक्त संगठन ने पचास करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्ति इन कर्मचारियों और अफसरों के यहां होने का खुलासा किया है़
राज्य में इन दिनों लोकायुक्त संगठन द्वारा कर्मचारी से लेकर आला अफसर के यहां की जा रही छापे की कार्यवाही में इनके यहां से जो संपत्ति मिल रही है, वह चौंकाने वाली है़ करोड़ों की अवैध संपत्तियों का खुलासा हर छापे में हुआ है, इससे यह साबित होता जा रहा है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा बार-बार अफसरों पर भ्रष्टाचार को लेकर जो बातें उठाई जा रही है उनमें सत्यता नजर आती है़ वर्ष 2010 के शुरुआती माह याने जनवरी में आईएएस दंपत्ति टीनू जोशी, अरविंद जोशी के यहां आयकर के छापे के बाद मध्यप्रदेश में लगातार कभी आयकर के तो कभी ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के छापे सरकारी कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां डलते रहे हैं़ इन दो वर्षों में अब तक कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है़ इस संपत्ति के बारे में आज तक किसी कर्मचारी या अफसर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसके पास इतनी संपत्ति आई कहां से है़ छापे के दौरान मिली यह संपत्ति इस बात का संकेत है कि राज्य के सरकारी कारिंदे इन दिनों काली कमाई के किंग बनते जा रहे हैं़ इन पर किसी का कोई अकूंश नहीं रहा है़
राज्य में चल रही छापे की कार्यवाही में बीते साल याने 2011 में 140 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था़ इसके बाद हाल ही में वर्ष 2012 के शुरुआती माह जनवरी में हुई छापे की कार्यवाही में अब तक पचास करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है़ दर्जनभर छापे की कार्यवाही में अब तक जो बेनामी संपत्ति उजागर हुई है उससे यह भी पता चलता है कि राज्य के अफसर और कर्मचारी जमीन खरीदी के अलावा अन्य धंधों में खूब पैसा लगा रहे हैं़ गुरुवार को छापे की कार्यवाही के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के यहां तो सामान और संपत्ति मिली है उसने एक बार फिर आईएएस अरविंद जोशी के यहां हुई छापे की कार्यवाही को याद दिलाया है़ भारके के यहां पर छापे के दौरान नगदी, जमीन जायदाद के दस्तावेजों के अलावा दो लाइसेंसी रायफल 51 बाटल देशी विदेशी शराब जिसकी कीमत 28 हजार रुपए आंकी गई है, मिली हैं़
* खण्डवा में आबकारी अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के खंडवा स्थित शासकीय निवास, होशंगाबाद स्थित पैतृक निवास और इंदौर स्थित निवास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* मंडला में सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर शारदा प्रसाद सोनी के निवास पर मारे गए छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा़
* लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग के उद्योग विभाग में पदस्थ निरीक्षक ब्रजेश शर्मा के इंदौर सिथत सुखलिया के पास परागनगर में छापा मारकार तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया़
* उज्जैन में पदस्थ पीएचई विभाग के सब इंजीनियर आऱ के़द्विवेदी के उज्जैन स्थित निवास पर छापे के दौरान 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* रतलाम में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक आनंद पाठक के इंदौर स्थित मकान पर छापे में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला़
* नीमच में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर एस़पी़ पटेल के मंदसौर स्थित निवास पर लोकायुक्त के छापे में छह करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* आदिवासी विभाग के भोपाल में पदस्थ उपायुक्त देवीसिंह परमार के राजधानी स्थित शिवाजी नगर और रजत विहार होशंगाबाद रोड स्थित निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा़
* उज्जैन नगर निगम में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ कैलाश सांगते के निवास पर छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* जबलपुर नगर निगम के सब इंजीनियर रामलखन के इंदौर और छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापे में करीब 10 करोड़ की संपत्ति मिलने की बात सामने आई़
राज्य में इन दिनों लोकायुक्त संगठन द्वारा कर्मचारी से लेकर आला अफसर के यहां की जा रही छापे की कार्यवाही में इनके यहां से जो संपत्ति मिल रही है, वह चौंकाने वाली है़ करोड़ों की अवैध संपत्तियों का खुलासा हर छापे में हुआ है, इससे यह साबित होता जा रहा है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा बार-बार अफसरों पर भ्रष्टाचार को लेकर जो बातें उठाई जा रही है उनमें सत्यता नजर आती है़ वर्ष 2010 के शुरुआती माह याने जनवरी में आईएएस दंपत्ति टीनू जोशी, अरविंद जोशी के यहां आयकर के छापे के बाद मध्यप्रदेश में लगातार कभी आयकर के तो कभी ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के छापे सरकारी कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां डलते रहे हैं़ इन दो वर्षों में अब तक कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है़ इस संपत्ति के बारे में आज तक किसी कर्मचारी या अफसर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसके पास इतनी संपत्ति आई कहां से है़ छापे के दौरान मिली यह संपत्ति इस बात का संकेत है कि राज्य के सरकारी कारिंदे इन दिनों काली कमाई के किंग बनते जा रहे हैं़ इन पर किसी का कोई अकूंश नहीं रहा है़
राज्य में चल रही छापे की कार्यवाही में बीते साल याने 2011 में 140 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था़ इसके बाद हाल ही में वर्ष 2012 के शुरुआती माह जनवरी में हुई छापे की कार्यवाही में अब तक पचास करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है़ दर्जनभर छापे की कार्यवाही में अब तक जो बेनामी संपत्ति उजागर हुई है उससे यह भी पता चलता है कि राज्य के अफसर और कर्मचारी जमीन खरीदी के अलावा अन्य धंधों में खूब पैसा लगा रहे हैं़ गुरुवार को छापे की कार्यवाही के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के यहां तो सामान और संपत्ति मिली है उसने एक बार फिर आईएएस अरविंद जोशी के यहां हुई छापे की कार्यवाही को याद दिलाया है़ भारके के यहां पर छापे के दौरान नगदी, जमीन जायदाद के दस्तावेजों के अलावा दो लाइसेंसी रायफल 51 बाटल देशी विदेशी शराब जिसकी कीमत 28 हजार रुपए आंकी गई है, मिली हैं़
* खण्डवा में आबकारी अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के खंडवा स्थित शासकीय निवास, होशंगाबाद स्थित पैतृक निवास और इंदौर स्थित निवास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* मंडला में सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर शारदा प्रसाद सोनी के निवास पर मारे गए छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा़
* लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग के उद्योग विभाग में पदस्थ निरीक्षक ब्रजेश शर्मा के इंदौर सिथत सुखलिया के पास परागनगर में छापा मारकार तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया़
* उज्जैन में पदस्थ पीएचई विभाग के सब इंजीनियर आऱ के़द्विवेदी के उज्जैन स्थित निवास पर छापे के दौरान 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* रतलाम में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक आनंद पाठक के इंदौर स्थित मकान पर छापे में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला़
* नीमच में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर एस़पी़ पटेल के मंदसौर स्थित निवास पर लोकायुक्त के छापे में छह करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* आदिवासी विभाग के भोपाल में पदस्थ उपायुक्त देवीसिंह परमार के राजधानी स्थित शिवाजी नगर और रजत विहार होशंगाबाद रोड स्थित निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा़
* उज्जैन नगर निगम में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ कैलाश सांगते के निवास पर छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* जबलपुर नगर निगम के सब इंजीनियर रामलखन के इंदौर और छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापे में करीब 10 करोड़ की संपत्ति मिलने की बात सामने आई़
काम लिया, भुला दिया
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी ने आमिर अली खान के सौ साला समारोह के लिए एक लेखक और चित्रकार से काम तो लिया, मगर दाम देने के बजाय उन्हें समारोह में बुलाना तक उचित नहीं समझा़ इन कलाकारों ने सरकार पर कलाकारों के साथ उपेक्षित व्यवहार करने का अरोप लगाया है़ समारोह में आमिर अली पर मोनोग्राफ और उनके पोर्टेट बनाने वाले लेखक और कलाकर दोनों ही अपने को उपेक्षित मान रहे हैं़ इन दोनों से लंबे समय तक मेहनत कराकर काम तो करा लिया, मगर उसके बाद अकादमी ने दोनों को भुला दिया़
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा इंदौर में कल 20 जनवरी से तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आमिर अली खां का शताब्दी समारोह की प्रशंसा हो, उसके पहले ही यह समारोह विवादों में आ गया है़ विवाद इस बात को लेकर हुआ है कि समरोह के लिए अकादमी ने इंदौर के लेखक प्रभु जोशी से आमिर अली के जीवन पर केन्द्रित एक मोनोग्राफ तैयार कराया़ जोशी से इसके लिए विभाग ने बकायदा आग्रह किया था, इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत कर इस काम को पूरा कर विभाग को दे दिया़ उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका बाकायदा किताब के रुप में प्रकाशन कराकर लोगों तक उस किताब को पहुंचाया जाएगा़ इसी तरह पोट्रेट बनाने वाले इंदौर निवासी कलाकार जो वर्तमान में मुुंबई में रहे रहे हैं सफदर शामी से उस्ताद अलाउद्दीन अकादमी की ओर से कहा था कि वे आमिर साहब पर केन्द्रित चित्र बना दें़ अकादमी की ओर से जब उन्हें यह कहा गया तो उन्होंने आमिर साहब के पड़ौसी रहने एवं संगीतकार की दृष्टि से उन्हें याद करने का मौका मिलता, हां कह दिया़ इसके बाद उन्होंने आमिर अली के 13 पोर्ट्रेट बनाकर भेज दिया़
अकादमी ने मोनोग्राफ और चित्र बनवाने के बाद दोनों ही कलाकारों को भुला दिया़ इसके बाद न तो उनसे संपर्क किया और न ही कल से शुरु हो रहे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया ही़ यहां तक की जो आमंत्रण पत्र छपवाया है उसमें सफदर शामी के बनाए चित्र को तो प्रकाशित किया है, मगर उनका नाम तक नहीं दिया है़ इसके अलावा शामी को कल के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण तक नहीं दिया है़ दोनों ही कलाकार इसे अपनी उपेक्षा मान रहे हैं और विभाग की इस कार्यशैली को लेकर आहत भी हैं़ विभाग द्वारा कोलकाता से बुलाए गए फोटोग्राफर प्रशांत अरोरा को लेकर भी दोनों कलाकार आहत हैं़ उनका कहना है कि फोटोग्राफर को वायुमार्ग से बुलवाया गया है, जबकि उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया है़
यह तो श्राद्धकर्म करने जैसा हुआ: जोशी
प्रख्यात लेखक प्रभु जोशी का कहना है कि प्रदेश का संस्कृति विभाग और सरकार दोनों ही एक पद्मभूषण से नवाजे कलाकार आमिर अली खान का शताब्दी समारोह मनाने के बात कहकर खुश हो रहे हैं, मगर कला से जुड़े लोग इसे शास्त्रीय गायन के ख्यात गायक का श्राद्धकर्म करना मान रहे हैं़ सरकार खुले में मंच बनवाकर लाखों रुपए खर्च कर यह आयोजन कर रही है, मगर उनके लिए किताब प्रकाशित करने का कहकर भी किताब का प्रकाशन नहंी कर रही है़ श्री जोशी का कहना है कि उन्हें दिए आश्वासन के अनुसार अगर किताब प्रकाशित होती तो नई पीढ़Þी भी आमिर अली साहब को अच्छे से जान सकती थी़ वे इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनसे मोनोग्राफ तैयार करा लिया गया, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है़ श्री जोशी ने बताया कि उन्होंने खूब मेहनत कर आमिर अली साहब पर मोनोग्राफ तैयार किया था, अब दुख होता है कि हमारी सरकार हमारे प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है़
चित्र बनवा कर भुला दिया
आमिर अली खां के पोर्ट्रेट बनाने वाले मुुंबई निवासी कलाकार सफदर शामी का कहना है कि उन्हें अकादमी ने जब यह कहा कि आमिर अली खां पर पोर्ट्रेट उन्हें बनाने हैं, तो काफी खुशी हुई थी़ आमिर साहब का पड़ौसी होने पर फर्क हुआ़ मैंने खूब मेहनत कर 13 पोर्ट्रेट बनाकर भिजवा दिए़ अब मुझे पता चला कि जो आमंत्रण छपवाए गए हैं उसमें उनका नाम तक नहीं है़ इतना ही नहीं उनके चित्र का उपयोग किया गया है, मगर उनका नाम कहीं भी नहीं है़ उन्होंने कहा कि मेरे चित्रों का वे क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी तो मुझे नहीं है, मगर इस बात का दुख जरुर है कि आमिर अली खां साहब के साथ प्रदेश सरकार मजाक कर रही है़
अब जरुर छपेगा मोनोग्राफ
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी के कार्यकारी निदेशक गणेश भालचंद्र वाकदरे का कहना है कि यह सच है कि कुछ तकनीकी कारणों से पूर्व में हम मोनोग्राफ का प्रकाशन नहीं कर रहे थे़ हमारा विचार था कि हम तीन दिनों के पूरे कार्यक्रम को मोनोग्राफ प्रकाशित करेंगे़ मगर अब हमने यह तय किया है कि उसे कल तक प्रकाशित करा दिया जाएगा़ सफदर शामि को आमंत्रित करने की बात मुझे नहीं मालूम है, मैं पता करता हूं़ वागदरे ने कहा कि मुझे 12 जनवरी को ही यहां का कार्यभार मिला है इस कारण भी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, मगर अब मैं सबकुछ ठीक ढंग से करुंगा़ हम एक बड़े कलाकार का शताब्दी समारोह मना रहे हैं उन्हें उपेक्षित करने की सोच हमारी नहीं है़
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा इंदौर में कल 20 जनवरी से तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आमिर अली खां का शताब्दी समारोह की प्रशंसा हो, उसके पहले ही यह समारोह विवादों में आ गया है़ विवाद इस बात को लेकर हुआ है कि समरोह के लिए अकादमी ने इंदौर के लेखक प्रभु जोशी से आमिर अली के जीवन पर केन्द्रित एक मोनोग्राफ तैयार कराया़ जोशी से इसके लिए विभाग ने बकायदा आग्रह किया था, इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत कर इस काम को पूरा कर विभाग को दे दिया़ उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका बाकायदा किताब के रुप में प्रकाशन कराकर लोगों तक उस किताब को पहुंचाया जाएगा़ इसी तरह पोट्रेट बनाने वाले इंदौर निवासी कलाकार जो वर्तमान में मुुंबई में रहे रहे हैं सफदर शामी से उस्ताद अलाउद्दीन अकादमी की ओर से कहा था कि वे आमिर साहब पर केन्द्रित चित्र बना दें़ अकादमी की ओर से जब उन्हें यह कहा गया तो उन्होंने आमिर साहब के पड़ौसी रहने एवं संगीतकार की दृष्टि से उन्हें याद करने का मौका मिलता, हां कह दिया़ इसके बाद उन्होंने आमिर अली के 13 पोर्ट्रेट बनाकर भेज दिया़
अकादमी ने मोनोग्राफ और चित्र बनवाने के बाद दोनों ही कलाकारों को भुला दिया़ इसके बाद न तो उनसे संपर्क किया और न ही कल से शुरु हो रहे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया ही़ यहां तक की जो आमंत्रण पत्र छपवाया है उसमें सफदर शामी के बनाए चित्र को तो प्रकाशित किया है, मगर उनका नाम तक नहीं दिया है़ इसके अलावा शामी को कल के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण तक नहीं दिया है़ दोनों ही कलाकार इसे अपनी उपेक्षा मान रहे हैं और विभाग की इस कार्यशैली को लेकर आहत भी हैं़ विभाग द्वारा कोलकाता से बुलाए गए फोटोग्राफर प्रशांत अरोरा को लेकर भी दोनों कलाकार आहत हैं़ उनका कहना है कि फोटोग्राफर को वायुमार्ग से बुलवाया गया है, जबकि उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया है़
यह तो श्राद्धकर्म करने जैसा हुआ: जोशी
प्रख्यात लेखक प्रभु जोशी का कहना है कि प्रदेश का संस्कृति विभाग और सरकार दोनों ही एक पद्मभूषण से नवाजे कलाकार आमिर अली खान का शताब्दी समारोह मनाने के बात कहकर खुश हो रहे हैं, मगर कला से जुड़े लोग इसे शास्त्रीय गायन के ख्यात गायक का श्राद्धकर्म करना मान रहे हैं़ सरकार खुले में मंच बनवाकर लाखों रुपए खर्च कर यह आयोजन कर रही है, मगर उनके लिए किताब प्रकाशित करने का कहकर भी किताब का प्रकाशन नहंी कर रही है़ श्री जोशी का कहना है कि उन्हें दिए आश्वासन के अनुसार अगर किताब प्रकाशित होती तो नई पीढ़Þी भी आमिर अली साहब को अच्छे से जान सकती थी़ वे इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनसे मोनोग्राफ तैयार करा लिया गया, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है़ श्री जोशी ने बताया कि उन्होंने खूब मेहनत कर आमिर अली साहब पर मोनोग्राफ तैयार किया था, अब दुख होता है कि हमारी सरकार हमारे प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है़
चित्र बनवा कर भुला दिया
आमिर अली खां के पोर्ट्रेट बनाने वाले मुुंबई निवासी कलाकार सफदर शामी का कहना है कि उन्हें अकादमी ने जब यह कहा कि आमिर अली खां पर पोर्ट्रेट उन्हें बनाने हैं, तो काफी खुशी हुई थी़ आमिर साहब का पड़ौसी होने पर फर्क हुआ़ मैंने खूब मेहनत कर 13 पोर्ट्रेट बनाकर भिजवा दिए़ अब मुझे पता चला कि जो आमंत्रण छपवाए गए हैं उसमें उनका नाम तक नहीं है़ इतना ही नहीं उनके चित्र का उपयोग किया गया है, मगर उनका नाम कहीं भी नहीं है़ उन्होंने कहा कि मेरे चित्रों का वे क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी तो मुझे नहीं है, मगर इस बात का दुख जरुर है कि आमिर अली खां साहब के साथ प्रदेश सरकार मजाक कर रही है़
अब जरुर छपेगा मोनोग्राफ
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी के कार्यकारी निदेशक गणेश भालचंद्र वाकदरे का कहना है कि यह सच है कि कुछ तकनीकी कारणों से पूर्व में हम मोनोग्राफ का प्रकाशन नहीं कर रहे थे़ हमारा विचार था कि हम तीन दिनों के पूरे कार्यक्रम को मोनोग्राफ प्रकाशित करेंगे़ मगर अब हमने यह तय किया है कि उसे कल तक प्रकाशित करा दिया जाएगा़ सफदर शामि को आमंत्रित करने की बात मुझे नहीं मालूम है, मैं पता करता हूं़ वागदरे ने कहा कि मुझे 12 जनवरी को ही यहां का कार्यभार मिला है इस कारण भी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, मगर अब मैं सबकुछ ठीक ढंग से करुंगा़ हम एक बड़े कलाकार का शताब्दी समारोह मना रहे हैं उन्हें उपेक्षित करने की सोच हमारी नहीं है़
उप्र चुनाव में सक्रिय हुए मप्र के नेता
उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनावों को लेकर मध्यप्रदेश के भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है़़ तीनों ही दलों के नेताओं ने अपने को सौंपी जिम्मेदारियां संभालकर चुनाव प्रचार में सक्रियता बढ़Þा दी है़
उत्तरप्रदेश में शुरु हुए चुनावी महासंग्राम में वैसे तो मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही सक्रिय रहे हैं़ इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा अब पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ जिला पदाधिकारियों और संगठन के नेताओं ने उत्तरप्रदेश चुनाव में सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा द्वारा विधायक अरविंद भदौरिया और खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है़ दोनों ही नेताओं के अधिनस्थ अस्सी-अस्सी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़ ये नेताओं ने अपने करीबी और सक्रिय नेताओं को तो उत्तरप्रदेश बुला लिया है, वहीं संगठन और राष्ट्रीय नेताओं द्वारा जिन पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार के लिए बुलवाया था उन्हें भी जिम्मेदारी सौंप दी है़ मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़
खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने लोकमत समाचार से चर्चा में बताया कि वे लखनऊ के आसपास के विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभाले हुए हैं़ उन्हें पार्टी ने 81 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनके साथ मध्यप्रदेश के 131 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की टीम लगी हुई है़ विधायक अरविंद भदौरिया ने बताया कि उन्हें संगठन ने जो काम सौंपा है उसके तहत मध्यप्रदेश के नेता उनका साथ दे रहे हैं और चुनाव प्र्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं़
भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेताओं को भी उत्तरप्रदेश में जमावड़ा लगने लगा है़ कांग्रेस में भाजपा से अलग तरीके से नेताआें को बुलवाया जा रहा है़ कांग्रेस पार्टी द्वारा अब तक जिन नेताओं को बुलवाया गया है उनकी जानकारी प्रदेश संगठन को नहीं है़ कांग्रेस नेताओं को सीधे दिल्ली से निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी है़ प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश पदाधिकारी, विधायक और युवा नेता उत्तरप्रदेश पहुंचे हैं़ इन नेताओं को पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के यहां से बुलावा आया था इस वजह से ये सीधे पहुंचे हैं़ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास यह जानकारी तो नहीं है कि प्रदेश से कितने नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में प्रचार के लिए बुलवाए गए हैं़
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उन्हें मध्यप्रदेश की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश के सपा नेताओं को भेजने को कहा है़ इस निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश के जिला पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश जाने को कह दिया है़ इनमें से कुछ नेता तो चले गए हैं, कुछ पदाधिकारी जल्द ही उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होंगे़
बाक्स
बसपा नेताओं को इंतजार
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए जाने हेतु राष्ट्रीय नेताओं के बुलावे का इंतजार है़ बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी मध्यप्रदेश से किसी नेता को उत्तरप्रदेश आकर चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए नहीं बुलाया है़ मध्यप्रदेश के कुछ बसपा नेता तो इस तैयारी में बैठे हैं कि उन्हें निर्देश मिले और वे उत्तरप्रदेश की ओर कूच कर जाएं, मगर अब तक किसी नेता को भेजने के लिए प्रदेश संगठन को नहीं कहा गया है़ दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष आईईएस मौर्य का कहना है कि उत्तरप्रदेश में पार्टी के पास नेता और कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है इस कारण प्रदेश के नेताओं को वहां नहीं बुलाया गया है़
उत्तरप्रदेश में शुरु हुए चुनावी महासंग्राम में वैसे तो मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही सक्रिय रहे हैं़ इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा अब पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ जिला पदाधिकारियों और संगठन के नेताओं ने उत्तरप्रदेश चुनाव में सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा द्वारा विधायक अरविंद भदौरिया और खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है़ दोनों ही नेताओं के अधिनस्थ अस्सी-अस्सी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़ ये नेताओं ने अपने करीबी और सक्रिय नेताओं को तो उत्तरप्रदेश बुला लिया है, वहीं संगठन और राष्ट्रीय नेताओं द्वारा जिन पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार के लिए बुलवाया था उन्हें भी जिम्मेदारी सौंप दी है़ मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़
खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने लोकमत समाचार से चर्चा में बताया कि वे लखनऊ के आसपास के विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभाले हुए हैं़ उन्हें पार्टी ने 81 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनके साथ मध्यप्रदेश के 131 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की टीम लगी हुई है़ विधायक अरविंद भदौरिया ने बताया कि उन्हें संगठन ने जो काम सौंपा है उसके तहत मध्यप्रदेश के नेता उनका साथ दे रहे हैं और चुनाव प्र्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं़
भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेताओं को भी उत्तरप्रदेश में जमावड़ा लगने लगा है़ कांग्रेस में भाजपा से अलग तरीके से नेताआें को बुलवाया जा रहा है़ कांग्रेस पार्टी द्वारा अब तक जिन नेताओं को बुलवाया गया है उनकी जानकारी प्रदेश संगठन को नहीं है़ कांग्रेस नेताओं को सीधे दिल्ली से निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी है़ प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश पदाधिकारी, विधायक और युवा नेता उत्तरप्रदेश पहुंचे हैं़ इन नेताओं को पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के यहां से बुलावा आया था इस वजह से ये सीधे पहुंचे हैं़ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास यह जानकारी तो नहीं है कि प्रदेश से कितने नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में प्रचार के लिए बुलवाए गए हैं़
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उन्हें मध्यप्रदेश की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश के सपा नेताओं को भेजने को कहा है़ इस निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश के जिला पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश जाने को कह दिया है़ इनमें से कुछ नेता तो चले गए हैं, कुछ पदाधिकारी जल्द ही उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होंगे़
बाक्स
बसपा नेताओं को इंतजार
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए जाने हेतु राष्ट्रीय नेताओं के बुलावे का इंतजार है़ बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी मध्यप्रदेश से किसी नेता को उत्तरप्रदेश आकर चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए नहीं बुलाया है़ मध्यप्रदेश के कुछ बसपा नेता तो इस तैयारी में बैठे हैं कि उन्हें निर्देश मिले और वे उत्तरप्रदेश की ओर कूच कर जाएं, मगर अब तक किसी नेता को भेजने के लिए प्रदेश संगठन को नहीं कहा गया है़ दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष आईईएस मौर्य का कहना है कि उत्तरप्रदेश में पार्टी के पास नेता और कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है इस कारण प्रदेश के नेताओं को वहां नहीं बुलाया गया है़
रविवार, 8 जनवरी 2012
माया के जन्मदिन पर ‘माया’ नहीं
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्म दिन पर इस बार राज्य के नेता ‘थैली’लेकर लखनऊ नहीं जाएंगे, बल्कि वे माया के जन्मदिन पर गरीबों को कपड़े और कंबल वितरित किए जाएंगे़ राज्य में पांच जोनों पर जन्मदिन उत्सव के रुप में मनाया जाएगा़
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्मदिन पर हर वर्ष चंदे के रुप में जाने वाले ‘थैली’ इस बार लखनऊ नहीं जाएगी़ राज्य के बसपा पदाधिकारियों और नेताओं को इसके लिए राष्ट्रीय इकाई ने मना कर दिया है़ राष्ट्रीय इकाई के इस निर्णय के बाद अब राज्य के पदाधिकारियों ने प्रदेश में पांच जोनों में अलग-अलग स्थानों पर उल्लास के साथ माया का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है़ बसपा के नेता चंदे के रुप में भेजी जाने वाली राशि को लेकर दिसंबर से चिंतित थे, मगर उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव के मद्देनजर मायावती ने इस मामले से दूरी बना ली है़ 15 जनवरी को मनाए जाने वाले मायावती के जन्मदिन पर राज्य के पांच जोनों ग्वालियर-चंबल का श्योपुर में, रीवा जोन का शहडोल में, भोपाल जोन को भोपाल में, इंदौर जोन का इंदौर में और जबलपुर जोन का मण्डला में जन्मदिन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है़ समारोह में प्रदेश के बसपा कार्यकर्ता इस बार गरीबों के बीच पहुंचकर उन्हें कंबल और कपड़े वितरित करेंगे़ पांचों स्थानों पर इस बार गरीबों के लिए कपड़े और कंबल वितरण की तैयारी की जाने लगी है़ पदाधिकारी इस कार्य के लिए जुट गए हैं़
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्मदिन पर हर वर्ष चंदे के रुप में जाने वाले ‘थैली’ इस बार लखनऊ नहीं जाएगी़ राज्य के बसपा पदाधिकारियों और नेताओं को इसके लिए राष्ट्रीय इकाई ने मना कर दिया है़ राष्ट्रीय इकाई के इस निर्णय के बाद अब राज्य के पदाधिकारियों ने प्रदेश में पांच जोनों में अलग-अलग स्थानों पर उल्लास के साथ माया का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है़ बसपा के नेता चंदे के रुप में भेजी जाने वाली राशि को लेकर दिसंबर से चिंतित थे, मगर उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव के मद्देनजर मायावती ने इस मामले से दूरी बना ली है़ 15 जनवरी को मनाए जाने वाले मायावती के जन्मदिन पर राज्य के पांच जोनों ग्वालियर-चंबल का श्योपुर में, रीवा जोन का शहडोल में, भोपाल जोन को भोपाल में, इंदौर जोन का इंदौर में और जबलपुर जोन का मण्डला में जन्मदिन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है़ समारोह में प्रदेश के बसपा कार्यकर्ता इस बार गरीबों के बीच पहुंचकर उन्हें कंबल और कपड़े वितरित करेंगे़ पांचों स्थानों पर इस बार गरीबों के लिए कपड़े और कंबल वितरण की तैयारी की जाने लगी है़ पदाधिकारी इस कार्य के लिए जुट गए हैं़
माया के जन्मदिन पर ‘माया’ नहीं
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्म दिन पर इस बार राज्य के नेता ‘थैली’लेकर लखनऊ नहीं जाएंगे, बल्कि वे माया के जन्मदिन पर गरीबों को कपड़े और कंबल वितरित किए जाएंगे़ राज्य में पांच जोनों पर जन्मदिन उत्सव के रुप में मनाया जाएगा़
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्मदिन पर हर वर्ष चंदे के रुप में जाने वाले ‘थैली’ इस बार लखनऊ नहीं जाएगी़ राज्य के बसपा पदाधिकारियों और नेताओं को इसके लिए राष्ट्रीय इकाई ने मना कर दिया है़ राष्ट्रीय इकाई के इस निर्णय के बाद अब राज्य के पदाधिकारियों ने प्रदेश में पांच जोनों में अलग-अलग स्थानों पर उल्लास के साथ माया का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है़ बसपा के नेता चंदे के रुप में भेजी जाने वाली राशि को लेकर दिसंबर से चिंतित थे, मगर उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव के मद्देनजर मायावती ने इस मामले से दूरी बना ली है़ 15 जनवरी को मनाए जाने वाले मायावती के जन्मदिन पर राज्य के पांच जोनों ग्वालियर-चंबल का श्योपुर में, रीवा जोन का शहडोल में, भोपाल जोन को भोपाल में, इंदौर जोन का इंदौर में और जबलपुर जोन का मण्डला में जन्मदिन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है़ समारोह में प्रदेश के बसपा कार्यकर्ता इस बार गरीबों के बीच पहुंचकर उन्हें कंबल और कपड़े वितरित करेंगे़ पांचों स्थानों पर इस बार गरीबों के लिए कपड़े और कंबल वितरण की तैयारी की जाने लगी है़ पदाधिकारी इस कार्य के लिए जुट गए हैं़
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्मदिन पर हर वर्ष चंदे के रुप में जाने वाले ‘थैली’ इस बार लखनऊ नहीं जाएगी़ राज्य के बसपा पदाधिकारियों और नेताओं को इसके लिए राष्ट्रीय इकाई ने मना कर दिया है़ राष्ट्रीय इकाई के इस निर्णय के बाद अब राज्य के पदाधिकारियों ने प्रदेश में पांच जोनों में अलग-अलग स्थानों पर उल्लास के साथ माया का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है़ बसपा के नेता चंदे के रुप में भेजी जाने वाली राशि को लेकर दिसंबर से चिंतित थे, मगर उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव के मद्देनजर मायावती ने इस मामले से दूरी बना ली है़ 15 जनवरी को मनाए जाने वाले मायावती के जन्मदिन पर राज्य के पांच जोनों ग्वालियर-चंबल का श्योपुर में, रीवा जोन का शहडोल में, भोपाल जोन को भोपाल में, इंदौर जोन का इंदौर में और जबलपुर जोन का मण्डला में जन्मदिन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है़ समारोह में प्रदेश के बसपा कार्यकर्ता इस बार गरीबों के बीच पहुंचकर उन्हें कंबल और कपड़े वितरित करेंगे़ पांचों स्थानों पर इस बार गरीबों के लिए कपड़े और कंबल वितरण की तैयारी की जाने लगी है़ पदाधिकारी इस कार्य के लिए जुट गए हैं़
सूर्य नमस्कार का वर्ल्ड रिकार्ड बनाने में जुटा शिक्षा विभाग
राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर आयोजित किए जाने वाले सूर्य नमस्कार को इस बार वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की मशक्कत में जुटा है़ विभाग ने इसके लिए बकायदा गिनीज बुक आफ रिकार्ड की वेबसाइट पर पंजीयन भी करा लिया है़ इसके बाद राज्य के सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों,जिला परियोजना समन्वयकों और सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को दिशा निर्देश भी दिए हैं कि इसके लिए उन्हें क्या करना है़
राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2007 में विवेकानंद जयंती 12 जनवरी के दिन प्रतिवर्ष स्कूलों में सामूहिक सूर्य नमस्कार कराने का निर्णय लिया था और इसी वर्ष से इसकी शुरुआत भी कर दी थी़ इसके बाद से अब तक यह निरंतर होता रहा है़ लगातार इसमें कुछ परिवर्तन के क्रम जारी रहे, तो विरोध भी होता रहा़ मगर सरकार इसे तटस्थ होकर कराती रही़ इस बार फिर 12 जनवरी को इसका आयोजन प्रदेश स्तर पर होना है़ इसके लिए शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है साथ ही इस आयोजन को वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की मशक्कत भी कर दी है़ इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड पर पंजीयन भी करा लिया है़ इस पंजीयन के बाद गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड की ओर से योग क्लास की ओर पंजीयन कराकर मानीटरिंग भी शुरु कर दी है़
गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड द्वारा पंजीयन कर मानीटरिंग शुरु करने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और उसने संचालक लोक शिक्षण अवधकिशोर मिश्रा के ओर से एक पत्र राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों और संभागीय संचालकों को एक 26 पेज का पत्र भेजकर दिशा-निर्देश दिए हंै कि उन्हें इसके लिए सभी स्कूलों में क्या कराना है़ इस पत्र में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक इसके लिए उठाए गए सभी कदमों की जानकारी भी दी है़ दिए निर्देश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किसी एक सक्रिय और उत्साही प्राचार्य को नोडल अधिकारी बनाकर उसके नेतृत्व में एक टीम गठित कर इस दिन गिनीज बुक आफ रिकार्ड के दिए दिशा निर्देशों को पालन कराया जाए़
* 27 दिसंबर 2011 को गिनीज बुक आफ रिकार्ड के लिए किया क्लेम
* 30 दिसंबर 2011 को संशोधित दिशा निर्देश के बाद क्लेम आईडी 366226 के तहत मेंबरशिप आईडी 321599 पर गिनिज बुक आफ रिकार्ड के लिए रजिस्टर किया गया़
* नियमों की जानकारी देकर गिनिज बुक आफ रिकार्ड की ओर से एक 21 पेज की जानकारी भेजी गई जिसमें इसके सारे नियमों को उल्लेख किया कि सूर्य नमस्कार के लिए बड़ी योग क्लास होनी चाहिए़
* समय की पाबंदी के तहत निश्चित समय में यह किया जाना चािहए़
* अब तक ग्वालियर जिले में एक योग क्लास जिसमें 29,973 लोगों के भाग लेने के नाम यह रिकार्ड था़ इस रिकार्ड को विभाग ने चुनौती दी और कहा कि इस संख्या से ज्यादा सूर्य नमस्कार में छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं़
कैसे हुई शुरुआत
* 25 जनवरी 2007 से शुरु हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार
* पहले आयोजन में 66 लाख ने की भागीदारी
* वर्ष 2008 में 12 जनवरी को दूसरा आयोजन
* दूसरे आयोजन में एक करोड़ प्रतिभागियों की भागीदारी
* पहले और दूसरे आयोजन राज्य और जिला स्तर पर हुए
* तीसरा आयोजन 21 जनवरी 2009 को सभी शिक्षण संस्थानों में हुआ
* इस आयोजन में एक करोड़ से अधिक ने लिया हिस्सा
* स्कूली छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी कार्यक्रमों में लिया हिस्सा
* चौथा आयोजन 12 जनवरी 2010 में हुआ़ इसमें एक करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया़
* वर्ष 2010 से सभी शिक्षण संस्थानों में इसकी शुरुआत़ छात्रों ने स्कूली यूनिफार्म में और छात्राओं ने सलवार सूट में किया सूर्य नमस्कार
* वर्ष 2011 में 12 जनवरी को आयोजित किए इस पांचवें आयोजन में भी प्रतिभागियों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा रही़
राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2007 में विवेकानंद जयंती 12 जनवरी के दिन प्रतिवर्ष स्कूलों में सामूहिक सूर्य नमस्कार कराने का निर्णय लिया था और इसी वर्ष से इसकी शुरुआत भी कर दी थी़ इसके बाद से अब तक यह निरंतर होता रहा है़ लगातार इसमें कुछ परिवर्तन के क्रम जारी रहे, तो विरोध भी होता रहा़ मगर सरकार इसे तटस्थ होकर कराती रही़ इस बार फिर 12 जनवरी को इसका आयोजन प्रदेश स्तर पर होना है़ इसके लिए शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है साथ ही इस आयोजन को वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की मशक्कत भी कर दी है़ इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड पर पंजीयन भी करा लिया है़ इस पंजीयन के बाद गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड की ओर से योग क्लास की ओर पंजीयन कराकर मानीटरिंग भी शुरु कर दी है़
गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड द्वारा पंजीयन कर मानीटरिंग शुरु करने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और उसने संचालक लोक शिक्षण अवधकिशोर मिश्रा के ओर से एक पत्र राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों और संभागीय संचालकों को एक 26 पेज का पत्र भेजकर दिशा-निर्देश दिए हंै कि उन्हें इसके लिए सभी स्कूलों में क्या कराना है़ इस पत्र में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक इसके लिए उठाए गए सभी कदमों की जानकारी भी दी है़ दिए निर्देश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किसी एक सक्रिय और उत्साही प्राचार्य को नोडल अधिकारी बनाकर उसके नेतृत्व में एक टीम गठित कर इस दिन गिनीज बुक आफ रिकार्ड के दिए दिशा निर्देशों को पालन कराया जाए़
* 27 दिसंबर 2011 को गिनीज बुक आफ रिकार्ड के लिए किया क्लेम
* 30 दिसंबर 2011 को संशोधित दिशा निर्देश के बाद क्लेम आईडी 366226 के तहत मेंबरशिप आईडी 321599 पर गिनिज बुक आफ रिकार्ड के लिए रजिस्टर किया गया़
* नियमों की जानकारी देकर गिनिज बुक आफ रिकार्ड की ओर से एक 21 पेज की जानकारी भेजी गई जिसमें इसके सारे नियमों को उल्लेख किया कि सूर्य नमस्कार के लिए बड़ी योग क्लास होनी चाहिए़
* समय की पाबंदी के तहत निश्चित समय में यह किया जाना चािहए़
* अब तक ग्वालियर जिले में एक योग क्लास जिसमें 29,973 लोगों के भाग लेने के नाम यह रिकार्ड था़ इस रिकार्ड को विभाग ने चुनौती दी और कहा कि इस संख्या से ज्यादा सूर्य नमस्कार में छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं़
कैसे हुई शुरुआत
* 25 जनवरी 2007 से शुरु हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार
* पहले आयोजन में 66 लाख ने की भागीदारी
* वर्ष 2008 में 12 जनवरी को दूसरा आयोजन
* दूसरे आयोजन में एक करोड़ प्रतिभागियों की भागीदारी
* पहले और दूसरे आयोजन राज्य और जिला स्तर पर हुए
* तीसरा आयोजन 21 जनवरी 2009 को सभी शिक्षण संस्थानों में हुआ
* इस आयोजन में एक करोड़ से अधिक ने लिया हिस्सा
* स्कूली छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी कार्यक्रमों में लिया हिस्सा
* चौथा आयोजन 12 जनवरी 2010 में हुआ़ इसमें एक करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया़
* वर्ष 2010 से सभी शिक्षण संस्थानों में इसकी शुरुआत़ छात्रों ने स्कूली यूनिफार्म में और छात्राओं ने सलवार सूट में किया सूर्य नमस्कार
* वर्ष 2011 में 12 जनवरी को आयोजित किए इस पांचवें आयोजन में भी प्रतिभागियों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा रही़
‘गीता’ पढ़ेंगे विद्यार्थी
स्कूली पाठ्यक्रम में ‘भगवत गीता’ को शामिल किया जाना अब तय हो गया है़ पाठ्यचर्चा समिति की हुई माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है़ समिति की द्वारा मिली हरी झंडी के बाद अब शासन के पास इसे अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा़ शासन की अनुमति के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्र ‘भागवत गीता’ को भी पढ़Þेंगे़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा, वहीं शासन इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय रहा़ शासन को गुरुवार को उस वक्त सफलता मिल गई जब माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में पाठ्यचर्चा समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने इस मामले में अपनी सहमति जताई और ‘गीता’ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की हरी झंडी दे दी़ पाठ्यचर्चा समिति की सहमति के बाद अब यह मसला एक बार फिर सरकार के पाले में चला गया है़ सरकार के पास यह अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है़ शासन इन पर अपनी अंतिम सहमति देकर अगले शैक्षणिक सत्र याने वर्ष 2012-2013 से ‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश देगा़ बताया जाता है कि पाठ्यक्रम में गीता को जीवन मूल्यों पर आधारित विषय को जोड़कर बनाया जाएगा़ कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक चित्रकथा, कहानी, आत्मकथा और निंबध के माध्यम से गीता का पाठ स्कूलों में पढ़Þाया जाएगा़
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर में करीब एक साल पहले एक समारोह में खुलकर इसकी घोषणा करते हुए यह भी कहा था कि अगर इसके लेकर विरोध हो भी तो उसकी उन्हें परवाह नहीं है, हम गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे़ उन्होंने कहा था कि अगर हम शिक्षा में बच्चों के लिए संस्कार हेतु सुधार की कोशिश करते है तो हम पर शिक्षा के भगवाकरण के आरोप तक लगाए जाते हैं़ उन्होंने कहा था कि गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़Þेगा और कर्म की शिक्षा देने के लिए यह जरुरी भी हैं़ इसके बाद कांग्रेस और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार इसे लेकर आरोप लगते रहे, लेकिन सरकार अपना काम करती रही़ यही वजह है कि अब इसे पाठ्यचर्चा समिति में भी अनुमति मिल गई और सिर्फ अब शासन की मंंजूरी का इसे इंतजार है़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए करीब आधा दर्जन बैठकें हुई और राज्य शिक्षा केन्द्र की भी सहमति ली गई थी़ विभिन्न धर्मों के धर्माचार्यों और संगठनों एवं राजनीतिक दलों के विरोध को समिति ने यह कहकर नकार दिया कि पाठ्यक्रम में ‘भागवत गीता’ के शिक्षा दर्शन को ही कोर्स में शामिल किया जा रहा है, न कि ग्रंथ को़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा, वहीं शासन इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय रहा़ शासन को गुरुवार को उस वक्त सफलता मिल गई जब माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में पाठ्यचर्चा समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने इस मामले में अपनी सहमति जताई और ‘गीता’ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की हरी झंडी दे दी़ पाठ्यचर्चा समिति की सहमति के बाद अब यह मसला एक बार फिर सरकार के पाले में चला गया है़ सरकार के पास यह अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है़ शासन इन पर अपनी अंतिम सहमति देकर अगले शैक्षणिक सत्र याने वर्ष 2012-2013 से ‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश देगा़ बताया जाता है कि पाठ्यक्रम में गीता को जीवन मूल्यों पर आधारित विषय को जोड़कर बनाया जाएगा़ कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक चित्रकथा, कहानी, आत्मकथा और निंबध के माध्यम से गीता का पाठ स्कूलों में पढ़Þाया जाएगा़
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर में करीब एक साल पहले एक समारोह में खुलकर इसकी घोषणा करते हुए यह भी कहा था कि अगर इसके लेकर विरोध हो भी तो उसकी उन्हें परवाह नहीं है, हम गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे़ उन्होंने कहा था कि अगर हम शिक्षा में बच्चों के लिए संस्कार हेतु सुधार की कोशिश करते है तो हम पर शिक्षा के भगवाकरण के आरोप तक लगाए जाते हैं़ उन्होंने कहा था कि गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़Þेगा और कर्म की शिक्षा देने के लिए यह जरुरी भी हैं़ इसके बाद कांग्रेस और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार इसे लेकर आरोप लगते रहे, लेकिन सरकार अपना काम करती रही़ यही वजह है कि अब इसे पाठ्यचर्चा समिति में भी अनुमति मिल गई और सिर्फ अब शासन की मंंजूरी का इसे इंतजार है़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए करीब आधा दर्जन बैठकें हुई और राज्य शिक्षा केन्द्र की भी सहमति ली गई थी़ विभिन्न धर्मों के धर्माचार्यों और संगठनों एवं राजनीतिक दलों के विरोध को समिति ने यह कहकर नकार दिया कि पाठ्यक्रम में ‘भागवत गीता’ के शिक्षा दर्शन को ही कोर्स में शामिल किया जा रहा है, न कि ग्रंथ को़
शनिवार, 7 जनवरी 2012
टू जी मामले में स्वामी ने कोर्ट को सौंपे सबूत

नई दिल्ली। टूजी घोटाले में गृहमंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका को लेकर जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को सबूत कोर्ट को सौंप दिए। हालांकि अदालत ने मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए टाल दी है। गौरतलब है कि स्वामी ने इस घोटाला मामले में चिदंबरम को आरोपी बनाने की मांग की है। इसके लिए कोर्ट ने स्वामी के आवेदन को स्वीकार कर लिया है।
स्वामी द्वारा मामले में सबूत सौंपे जाने के बाद विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए टाल दी। कोर्ट में सबूत पेश करते हुए स्वामी ने कहा कि इस मामले में राजा ने जो फैसले लिए उसमें उस समय के तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम की पूरी सहमति थी।
मंगलवार, 3 जनवरी 2012
सक्रिय हुई भाजपा, कांग्रेस
राजधानी में आज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने एक-दूसरे को मैदान में घेरने की रणनीति तय की़ दोनों ही दलों ने आज कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों की बैठकें ली और मिशन 2013 के लिए मैदान में किसे क्या करना है यह तय किया़ भाजपा ने जहां कांग्रेस को घेरने और अपने को जनता के बीच भाजपा की सरकार को अच्छी सरकार होने की बात पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया़ वहीं कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भाजपा की सरकार के खिलाफ मैदान स्तर पर जंग छेड़ने की बात कही़ कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर जेल भरो आंदोलन की रणनीति तय की है़
मिशन 2013 के लिए राज्य के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी सक्रियता बढ़Þा दी है़ आज राजधानी में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर नीति तय की और बैठकें ली़ भाजपा ने जहां सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किसान मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी के तहत किसान यात्रियों को प्रशिक्षण देना शुरु किया़ करीब दो सौ चुने हुए किसान यात्रियों को आज प्रदेश मुख्यालय दीनदयाल परिसर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और संगठन महामंत्री अरविंद मेनन की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण शुरु किया गया़ भाजपा ने यह प्रशिक्षण 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा के लिए दिया है़ पार्टी द्वारा दो चरणों में यह प्रशिक्षण 10 जनवरी तक समाप्त हो जाएगा़ इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी बलराम यात्रा का शुभारंभ करेंगे़ इस यात्रा में राष्ट्रीय नेताओं भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमति सुषमा स्वराज दोनों ही का रहना राजनीतिक दृष्टि से इस बात का संकेत देता है कि भाजपा प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गई है़ गांव-गांव जनता के बीच पहुंचकर वह कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रही है,वहीं सरकार की योजनाओं का बखान भी वह इन यात्राओं के जरिए करेगी़
दूसरी ओर आज भोपाल में मानस भवन में कांग्रेस ने एक बैठक आयोजित की़ इस बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था़ बैठक का मुख्य लक्ष्य मिशन भाजपा हटाओ था़ बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीक़े़हरीप्रसाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह उपस्थित थे़ बैठक में कांग्रेस को प्रदेश स्तर पर सक्रिय करने के लिए नौ जनवरी को जेल भरो आंदोलन करने की तैयारी की गई़ वहीं किसानों की समस्याओं को लेकर जगह-जगह धरने प्रदर्शन करने एवं सरकार को घेरने की बात कही गई़ बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साफतौर पर कहा गया कि वे पहले तो नौ जनवरी को आयोजित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाएं और भाजपा की सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ें़ इसके अलावा अलग-अलग तरीके से आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई़ कांग्रेस ने आज की इस बैठक में इस बात का खुलासा किया कि वह किसी भी तरह से भाजपा को अब तीसरी मर्तबा सरकार बनाने का मौका नहीं देगी़
मकान, दुकान,खदान की जानकारी जुटाएं
कांग्रेस की आज हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को कहा कि वे भाजपा के कार्यकर्ताओं,नेताओं,मंत्रियों के मकान, दुकान और खदानों की जानकारी जुटाएं़ कांग्रेस द्वारा सभी जिला अध्यक्षों को एक फार्म वितरित किया गया है, जिसमें अलग-अलग कालमों में उन्हें भाजपा नेताओं के बारे में जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को देनी है़ यह जानकारी 31 मार्च तक देने को कहा गया है़ जिलाअध्यक्षों से मांगी गई जानकारी के तहत भाजपा नेता का नाम, उसका वर्तमान पद, वर्ष 2003 में वह किस स्थिति में था, आज उसकी संपत्ति कितनी है़ वर्ष 2003 में भाजपा का कार्यकर्ता किस तरह के अपराध में लिप्त था और वर्तमान में उस पर कौन-कौन से अपराध दर्ज हैं़ इसके अलावा उस कार्यकर्ता की फोटो भी जानकारी के साथ देनी होगी़ कांग्रेस इस तरह की जानकारी एकत्रित कर बजट सत्र में भाजपा का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी के तहत तैयार करा रही है़
52 हजार गांव, 20 हजार मोटर साईकिल
भाजपा ने 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा को 52 हजार गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है़ इसके लिए उसने 20 हजार मोटर साईकिलों का इंतजाम करने की तैयारी भी की है़ इस यात्रा के माध्यम से किसान प्रहरी प्रदेश के 52 हजार गावों में पहुंचेंगे़ प्रत्येक मतदान केन्द्र से एक मोटर साइकल पर दो किसान कार्यकर्ता सवार होकर 5 दिन, 5 गांवों में पहुंचकर किसानों से रुबरु होंगे और गांव के किसानों तक मध्यप्रदेश सरकार का योजना संदश पहुंचाएंगे़ जो समस्याएंं हैं उनका अध्ययन कर राज्य सरकार से उनके समाधान की पहल करेंगे़ यात्रा में पहुंचे किसान प्रहरी किसानों और सरकार तथा पार्टी के बीच में सेतु बनेंगे़
मिशन 2013 के लिए राज्य के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी सक्रियता बढ़Þा दी है़ आज राजधानी में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर नीति तय की और बैठकें ली़ भाजपा ने जहां सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किसान मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी के तहत किसान यात्रियों को प्रशिक्षण देना शुरु किया़ करीब दो सौ चुने हुए किसान यात्रियों को आज प्रदेश मुख्यालय दीनदयाल परिसर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और संगठन महामंत्री अरविंद मेनन की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण शुरु किया गया़ भाजपा ने यह प्रशिक्षण 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा के लिए दिया है़ पार्टी द्वारा दो चरणों में यह प्रशिक्षण 10 जनवरी तक समाप्त हो जाएगा़ इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी बलराम यात्रा का शुभारंभ करेंगे़ इस यात्रा में राष्ट्रीय नेताओं भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमति सुषमा स्वराज दोनों ही का रहना राजनीतिक दृष्टि से इस बात का संकेत देता है कि भाजपा प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गई है़ गांव-गांव जनता के बीच पहुंचकर वह कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रही है,वहीं सरकार की योजनाओं का बखान भी वह इन यात्राओं के जरिए करेगी़
दूसरी ओर आज भोपाल में मानस भवन में कांग्रेस ने एक बैठक आयोजित की़ इस बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था़ बैठक का मुख्य लक्ष्य मिशन भाजपा हटाओ था़ बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीक़े़हरीप्रसाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह उपस्थित थे़ बैठक में कांग्रेस को प्रदेश स्तर पर सक्रिय करने के लिए नौ जनवरी को जेल भरो आंदोलन करने की तैयारी की गई़ वहीं किसानों की समस्याओं को लेकर जगह-जगह धरने प्रदर्शन करने एवं सरकार को घेरने की बात कही गई़ बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साफतौर पर कहा गया कि वे पहले तो नौ जनवरी को आयोजित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाएं और भाजपा की सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ें़ इसके अलावा अलग-अलग तरीके से आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई़ कांग्रेस ने आज की इस बैठक में इस बात का खुलासा किया कि वह किसी भी तरह से भाजपा को अब तीसरी मर्तबा सरकार बनाने का मौका नहीं देगी़
मकान, दुकान,खदान की जानकारी जुटाएं
कांग्रेस की आज हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को कहा कि वे भाजपा के कार्यकर्ताओं,नेताओं,मंत्रियों के मकान, दुकान और खदानों की जानकारी जुटाएं़ कांग्रेस द्वारा सभी जिला अध्यक्षों को एक फार्म वितरित किया गया है, जिसमें अलग-अलग कालमों में उन्हें भाजपा नेताओं के बारे में जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को देनी है़ यह जानकारी 31 मार्च तक देने को कहा गया है़ जिलाअध्यक्षों से मांगी गई जानकारी के तहत भाजपा नेता का नाम, उसका वर्तमान पद, वर्ष 2003 में वह किस स्थिति में था, आज उसकी संपत्ति कितनी है़ वर्ष 2003 में भाजपा का कार्यकर्ता किस तरह के अपराध में लिप्त था और वर्तमान में उस पर कौन-कौन से अपराध दर्ज हैं़ इसके अलावा उस कार्यकर्ता की फोटो भी जानकारी के साथ देनी होगी़ कांग्रेस इस तरह की जानकारी एकत्रित कर बजट सत्र में भाजपा का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी के तहत तैयार करा रही है़
52 हजार गांव, 20 हजार मोटर साईकिल
भाजपा ने 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा को 52 हजार गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है़ इसके लिए उसने 20 हजार मोटर साईकिलों का इंतजाम करने की तैयारी भी की है़ इस यात्रा के माध्यम से किसान प्रहरी प्रदेश के 52 हजार गावों में पहुंचेंगे़ प्रत्येक मतदान केन्द्र से एक मोटर साइकल पर दो किसान कार्यकर्ता सवार होकर 5 दिन, 5 गांवों में पहुंचकर किसानों से रुबरु होंगे और गांव के किसानों तक मध्यप्रदेश सरकार का योजना संदश पहुंचाएंगे़ जो समस्याएंं हैं उनका अध्ययन कर राज्य सरकार से उनके समाधान की पहल करेंगे़ यात्रा में पहुंचे किसान प्रहरी किसानों और सरकार तथा पार्टी के बीच में सेतु बनेंगे़
डीजी लोकायुक्त के लिए बना पैनल
लोकायुक्त में रिक्त हुए पुलिस महानिदेशक पद के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत से मुलाकात की़ दोनों की बीच हुई चर्चा के बाद चार अफसरों को एक पैनल बनाया गया है, जिसके मुताबिक यह माना जा रहा है कि इस पद पर अब एडीजी स्तर के पुलिस अधिकारी की पदस्थापना होगी़
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त डी़जीक़ापदेव के सेवानिवृत्त और लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर के नया साल मनाकर वापस आने के बाद अब कापदेव के उत्तराधिकारी के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ सोमवार को लोकायुक्त श्री नावलेकर और पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई़ श्री कापदेव के स्थान पर जो नाम अब तक चल रहे थे, उन नामों को लेकर लोकायुक्त की रुचि कम नजर आई़ उनकी रुचि को देखते हुए श्री राउत ने पांच अफसरों का एक पैनल उन्हें दिया है़ बताया जाता है कि जो पैनल लोकायुक्त को दिया गया है उसमें सभी अफसर एडीजी स्तर के हैं़ श्री राउत द्वारा जो पैनल बनाया गया उसके मुताबिक सुरेन्द्र सिंह, स्वर्णसिंह, वीक़े़सिंह, संजय राणा और राजेन्द्र कुमार के नाम हैं़ ये पांचों अफसर एडीजी स्तर के हैं़
सूत्रों की माने तो सुरेन्द्र सिंह और संजय राणा के नाम पर लोकायुक्त की असहमति बताई जा रही है़ शेष तीन नामों में से किसी एक की नियुक्ति होना तय बताया जा रहा है़ लोकायुक्त में पुलिस महानिदेशक बनने के लिए पुलिस के डीजी स्तर के अफसरों की रुचि नहीं दिखाई दे रही है़ डीजी स्तर के कुछ अफसरों की सेवानिवृति का कम समय है इस कारण वे फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे राउत के स्थान पर अपनी पदस्थापना चाहते हैं़ बताया जाता है कि श्री राउत भी इस मामले में गंभीर हैं वे अपने स्थान पर अपने ही घेमे के किसी अफसर को बैठाना चाहते हैं़ फिलहाल इस मामले में सबसे आगे नंदन दुबे का नाम चल रहा है़ इसके बाद यशोधवर्धन आजाद के नाम के भी कयास लगाए जा रहे हैं़ वहीं अन्य अफसर भी जो डीजी स्तर के हैं वे राउत का स्थान लेना चाहते हैं, इस कारण वे लोकायुक्त में जाने से बच रहे हैं़
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त डी़जीक़ापदेव के सेवानिवृत्त और लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर के नया साल मनाकर वापस आने के बाद अब कापदेव के उत्तराधिकारी के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ सोमवार को लोकायुक्त श्री नावलेकर और पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई़ श्री कापदेव के स्थान पर जो नाम अब तक चल रहे थे, उन नामों को लेकर लोकायुक्त की रुचि कम नजर आई़ उनकी रुचि को देखते हुए श्री राउत ने पांच अफसरों का एक पैनल उन्हें दिया है़ बताया जाता है कि जो पैनल लोकायुक्त को दिया गया है उसमें सभी अफसर एडीजी स्तर के हैं़ श्री राउत द्वारा जो पैनल बनाया गया उसके मुताबिक सुरेन्द्र सिंह, स्वर्णसिंह, वीक़े़सिंह, संजय राणा और राजेन्द्र कुमार के नाम हैं़ ये पांचों अफसर एडीजी स्तर के हैं़
सूत्रों की माने तो सुरेन्द्र सिंह और संजय राणा के नाम पर लोकायुक्त की असहमति बताई जा रही है़ शेष तीन नामों में से किसी एक की नियुक्ति होना तय बताया जा रहा है़ लोकायुक्त में पुलिस महानिदेशक बनने के लिए पुलिस के डीजी स्तर के अफसरों की रुचि नहीं दिखाई दे रही है़ डीजी स्तर के कुछ अफसरों की सेवानिवृति का कम समय है इस कारण वे फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे राउत के स्थान पर अपनी पदस्थापना चाहते हैं़ बताया जाता है कि श्री राउत भी इस मामले में गंभीर हैं वे अपने स्थान पर अपने ही घेमे के किसी अफसर को बैठाना चाहते हैं़ फिलहाल इस मामले में सबसे आगे नंदन दुबे का नाम चल रहा है़ इसके बाद यशोधवर्धन आजाद के नाम के भी कयास लगाए जा रहे हैं़ वहीं अन्य अफसर भी जो डीजी स्तर के हैं वे राउत का स्थान लेना चाहते हैं, इस कारण वे लोकायुक्त में जाने से बच रहे हैं़
प्रशिक्षित को ही काम
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अपनी पुरानी गलतियों को दूर करने के लिए संगठन स्तर पर फेरबदल के बाद अब कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बनाना शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने साफ संकेत दिया है कि जो कार्यकर्ता उसके प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होकर प्रशिक्षण लेगा उसे ही पार्टी काम देगी़ गोंगपा का प्रशिक्षण वर्ग मण्डला जिले के नामनगर में हो चुका है़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 2008 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद उसने अब मिशन 2013 के लिए अपनी तैयारी कुछ इस तर शुरु की है कि पिछली गलतियों जैसा कोई कदम इस बार न उठे़ पूर्व में गोंगपा द्वारा अपने से दूर हुए लोगों को वापस अपने दल में लाने का काम किया गया, उसमें उसे पूरी सफलता तो हासिल नहीं हुई,मगर कुछ लोगों को वह वापस लाने में सफल हो गई है़ इसके बाद संगठन में फेरबदल कर अब कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने इस बार कार्यकर्ताओं को साफ कह दिया है कि जो संगठन की सुनेगा उसे ही काम मिलेगा़ गोंगपा ने पहले तो अपना प्रदेश अध्यक्ष बदलकर कमल मरावी को जिम्मेदारी सौंपी और उसके बाद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरु किया़ हाल ही में मण्डला जिले में पार्टी ने एक प्रशिक्षण वर्ग लगाकर कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना शुरु कर दिया़ इस प्रशिक्षण वर्ग में जोन स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह के कार्य करने हैं इसके गुर सिखाए गए़ इन कार्यकर्ताओं को मतदान केन्द्र से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक में उन्हें क्या करना है इसकी जिम्मेदारी किस तरह निभानी है उसके बारे में बताया गया़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा इस तरह के अभ्यास वर्ग फिलहाल महाकौशल में ही लगेंगे इसके बाद अन्य अंचलों में अभ्यास वर्ग की शुरुआत होगी़ गोंगपा का लक्ष्य है कि इस तरह के अभ्यास वर्ग में हर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल हों और उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी देकर यह बताया जाए कि उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह से काम करना है़ पार्टी का यह कदम भविष्य की रणनीति के तहत है़ गोंगपा के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के वक्त कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करने के बजाय अगर अभी से उन्हें प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो पार्टी के हित में होगा़ पार्टी को चुनाव के वक्त अपने प्रत्याशी और चुनाव प्रचार के बारे में ही सोचना पड़ेगा़ इस प्रकार के प्रशिक्षण को पार्टी पदाधिकारी यह मानते हैं कि चुनाव के वक्त ऐसे अवसर भी आते हैं जब मतदान केन्द्र पर बैठने के लिए उन्हें कार्यकर्ता ही नहीं मिलते हैं, इस कारण हमें जहां पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ना है वहां के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से तैयार कर जिम्मेदारी सौंपनी होगी़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 2008 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद उसने अब मिशन 2013 के लिए अपनी तैयारी कुछ इस तर शुरु की है कि पिछली गलतियों जैसा कोई कदम इस बार न उठे़ पूर्व में गोंगपा द्वारा अपने से दूर हुए लोगों को वापस अपने दल में लाने का काम किया गया, उसमें उसे पूरी सफलता तो हासिल नहीं हुई,मगर कुछ लोगों को वह वापस लाने में सफल हो गई है़ इसके बाद संगठन में फेरबदल कर अब कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने इस बार कार्यकर्ताओं को साफ कह दिया है कि जो संगठन की सुनेगा उसे ही काम मिलेगा़ गोंगपा ने पहले तो अपना प्रदेश अध्यक्ष बदलकर कमल मरावी को जिम्मेदारी सौंपी और उसके बाद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरु किया़ हाल ही में मण्डला जिले में पार्टी ने एक प्रशिक्षण वर्ग लगाकर कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना शुरु कर दिया़ इस प्रशिक्षण वर्ग में जोन स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह के कार्य करने हैं इसके गुर सिखाए गए़ इन कार्यकर्ताओं को मतदान केन्द्र से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक में उन्हें क्या करना है इसकी जिम्मेदारी किस तरह निभानी है उसके बारे में बताया गया़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा इस तरह के अभ्यास वर्ग फिलहाल महाकौशल में ही लगेंगे इसके बाद अन्य अंचलों में अभ्यास वर्ग की शुरुआत होगी़ गोंगपा का लक्ष्य है कि इस तरह के अभ्यास वर्ग में हर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल हों और उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी देकर यह बताया जाए कि उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह से काम करना है़ पार्टी का यह कदम भविष्य की रणनीति के तहत है़ गोंगपा के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के वक्त कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करने के बजाय अगर अभी से उन्हें प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो पार्टी के हित में होगा़ पार्टी को चुनाव के वक्त अपने प्रत्याशी और चुनाव प्रचार के बारे में ही सोचना पड़ेगा़ इस प्रकार के प्रशिक्षण को पार्टी पदाधिकारी यह मानते हैं कि चुनाव के वक्त ऐसे अवसर भी आते हैं जब मतदान केन्द्र पर बैठने के लिए उन्हें कार्यकर्ता ही नहीं मिलते हैं, इस कारण हमें जहां पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ना है वहां के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से तैयार कर जिम्मेदारी सौंपनी होगी़
रविवार, 1 जनवरी 2012
आक्रामक होंगे दल
नये साल के शुरु होते ही मध्यप्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने तीखे तेवर दिखाने और एक-दूसरे को घेरने की रणनीति तय करनी शुरु कर दी है़ मुख्य राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस दोनों ही ने आदिवासी अंचलों में अपनी सक्रियता साल के पहले ही दिन से बढ़Þा दी है और पार्टी पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए वे अब जल्द ही रणनीति तय करने की तैयारी कर रहे हैं़
बीता साल वर्ष 2011 मध्यप्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के लिए चिंता और चिंतत में बीत गया, मगर अब 2012 के शुरु होते ही इन दलों ने अपनी सक्रियता बढ़Þानी शुरु कर दी है़ नये साल के पहले दिन दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों की नजरें आदिवासी मतदाताआें पर टिकी रही़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया दोनों ही आज झाबुआ जिले के अलीराजपुर और अन्य आदिवासी अंचलों में आदिवासियों के बीच रहे और अपने-अपने तरीके से उन्होंने आदिवासियों को आकर्षित करने का काम किया़ झा और भूरिया दोनों ही ने पूर्व से ही तय किया था कि वे आदिवासी अंचलों में रहकर नया साल मनाएंगे, उसके पीछे मिशन-2013 की तैयारी साफ नजर आ रही थी़ हालांकि झाबुआ जिला भूरिया का अपना गृह जिला है, फिर वे वहां पर बीते अन्य सालों की अपेक्षा इस बार कुछ ज्यादा सक्रिय नजर आए़
नये साल के शुरु होते ही प्रदेश में भाजपा तीसरी बात सत्ता पाने के लिए मशक्कत करने की रणनीति बनाने की बात कहने लगी है़ वर्ष 2011 के अंतिम माह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर में हुई कार्यसमिति की बैठक में भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह वर्ष भर अब कांग्रेस को निशाने पर रखेगी़ इसके लिए उसने पहले तो सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने के लिए अपने मोर्चा-प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है़ भाजयुमो, महिला मोर्चा सहित अन्य मोर्चा पदाधिकारी अब इसी माह से संगठन के निर्देशों को पालन करते हुए सक्रियता बढ़Þाने की बात कहने लगे हैं़ वहीं पदाधिकारी सत्ता बचाने के लिए ताने-बाने बुनने लगे हैं़ पदाधिकारियों की सक्रियता इस बात को लेकर है कि कार्यकर्ता दुखी न हो और वह सक्रिय होकर संगठन की कार्ययोजना पर काम करता रहे़
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी साल के शुरुआत में ही तीखे तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं़ कांग्रेस द्वारा तीन जनवरी को राजधानी भोपाल में होने वाली बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं को भी बुलाया गया है़ कांग्रेस इस बैठक में भाजपा को घेरने की तैयारी कुछ इस तरह करना चाहती है कि ब्लाक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक को उसका कोई भी कार्यक्रम असफल न हो़ सभी तय कार्यक्रमों में कांग्रेस ऐसा आंदोलन छेड़े जिससे भाजपा की सरकार को वह घेर सके़ वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छा तालमेल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने जनवरी माह के पहले ही सप्ताह में बैठक बुलाकर कांग्रेस को सक्रिय करते हुए प्रदेश सरकार पर हमले करने की तैयारी कर दी है़ इस बैठक में भाजपा के खिलाफ किस तरह के आंदोलन की रणनीति तय की जाए, जिला स्तर पर कैसे आंदोलन हों और प्रदेश स्तर पर किस तरह का प्रदर्शन आंदोलन किया जाए इन सब बातों के अलावा अन्य रणनीति तय की जाएगी जिससे भाजपा के मंत्रियों और सरकार को घेरने का प्रयास किया जा सके़
भूरिया के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी माह से आम जनता से संपर्क करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे़ वे कांग्रेस कार्यकर्ता को कांग्रेस नवंबर 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव कैसे जीते इसके लिए सक्रिय करेंगे़ श्री सिंह का प्रयास यह भी रहेगा कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता एक ओर भाजपा के खिलाफ आंदोलित हों़ अजयसिंह अपने दौरों में वहां के क्षेत्रीय नेताओं को साथ रखकर उन्हें संगठित होकर भाजपा के खिलाफ आंदोलन के लिए प्रेरित करेंगे़ कांग्रेस की इस कवायद से साफ नजर आता है कि पार्टी आठ साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद अब पुन: सत्ता पाने को बेताब है और उसे पाने के लिए वह पूरी तरह रणनीति के साथ मैदान में आना चाहती है, इसके वह कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठत नेता और पदाधिाकारियों को एक करने में जुट गई है़
संगठन मजबूत करेगी सपा
राज्य में वैसे तो तीसरा मोर्चा बिखरा हुआ है, फिर भी छोटे दल भाजपा की सरकार को घेरने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं़ समाजवादी पार्टी का वैसे तो विधानसभा में वर्तमान में एक ही विधायक है और संगठन भी बिखरा हुआ है़ इस बात को स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव मानते हैं़ श्री यादव का कहना है कि वे इस बार और अधिक मेहनत के साथ दौरे करेंगे और पूरे वर्ष भर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे़ श्री यादव ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य संगठन को इतना मजबूत करना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही को इस बात का अहसास हो की कुछ सीटों पर सपा के उम्मीदवार उसे करारी शिकस्त दे सकतें हैं़
बसपा बढ़Þाएगी ताकत
बहुजन समाज पार्टी ने भी इस भी यह तय किया है कि वह वर्ष भर अपनी ताकत को बढ़Þाने और संगठन को मजबूत करने में लगाएगी़ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य का कहना है कि हम इस वर्ष पूर्व ताकत से अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में काम करेंगे़ इसके अलावा जिन क्षेत्रों में हम कमजोर हैं वहां पर अपनी कमजोरी का पता लगाएंगे और उसे दूर करेंगे़ उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम संगठन को ब्लाक स्तर से जिला, जोन और प्रदेश स्तर तक सक्रिय कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़Þे-बढ़Þे आंदोलन करने की रणनीति तय करेंगे़ उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ही हमारी नयी कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा और इसके गठन के बाद जोन स्तर पर नेताओं को कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए आंदोलनों की रणनीति तय कर दी जाएगी़ श्री मौर्य ने कहा कि हमारा लक्ष्य मिशन-2013 में अधिक से अधिक सीटें पाना है़
आदिवासियों की बीच पैठ जमाएंगे
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी का कहना है कि हमारी प्राथमिकता एक बार फिर हमारी ताकत है़ हमारी ताकत से उनका आशय है कि आदिवासियों के दल के रुप में जिस तरह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को पहचान मिली है हम फिर से संगठित होकर भाजपा को करारी शिकस्त देने की तैयारी करेंगे़ मरावी ने बताया कि नये साल के शुरु से ही आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर वे लगातार काम करेंगे इसके अलावा संगठन को एकता के सूत्र में बांधने का काम करेंगे़ युवाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंप कर आदिवासियों के बीच हम पैठ जमाने का काम करेंंगे़ फिलहाल हमारा लक्ष्य महाकौशल है इसके बाद हम अन्य अंचलों में अपनी ताकत को बढ़Þाएंगे़ उन्होंने बताया कि 2013 के चुनाव में गोंगपा के अधिक से अधिक विधायक विधानसभा पहुंचे यह हमारा लक्ष्य है़
बीता साल वर्ष 2011 मध्यप्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के लिए चिंता और चिंतत में बीत गया, मगर अब 2012 के शुरु होते ही इन दलों ने अपनी सक्रियता बढ़Þानी शुरु कर दी है़ नये साल के पहले दिन दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों की नजरें आदिवासी मतदाताआें पर टिकी रही़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया दोनों ही आज झाबुआ जिले के अलीराजपुर और अन्य आदिवासी अंचलों में आदिवासियों के बीच रहे और अपने-अपने तरीके से उन्होंने आदिवासियों को आकर्षित करने का काम किया़ झा और भूरिया दोनों ही ने पूर्व से ही तय किया था कि वे आदिवासी अंचलों में रहकर नया साल मनाएंगे, उसके पीछे मिशन-2013 की तैयारी साफ नजर आ रही थी़ हालांकि झाबुआ जिला भूरिया का अपना गृह जिला है, फिर वे वहां पर बीते अन्य सालों की अपेक्षा इस बार कुछ ज्यादा सक्रिय नजर आए़
नये साल के शुरु होते ही प्रदेश में भाजपा तीसरी बात सत्ता पाने के लिए मशक्कत करने की रणनीति बनाने की बात कहने लगी है़ वर्ष 2011 के अंतिम माह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर में हुई कार्यसमिति की बैठक में भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह वर्ष भर अब कांग्रेस को निशाने पर रखेगी़ इसके लिए उसने पहले तो सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने के लिए अपने मोर्चा-प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है़ भाजयुमो, महिला मोर्चा सहित अन्य मोर्चा पदाधिकारी अब इसी माह से संगठन के निर्देशों को पालन करते हुए सक्रियता बढ़Þाने की बात कहने लगे हैं़ वहीं पदाधिकारी सत्ता बचाने के लिए ताने-बाने बुनने लगे हैं़ पदाधिकारियों की सक्रियता इस बात को लेकर है कि कार्यकर्ता दुखी न हो और वह सक्रिय होकर संगठन की कार्ययोजना पर काम करता रहे़
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी साल के शुरुआत में ही तीखे तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं़ कांग्रेस द्वारा तीन जनवरी को राजधानी भोपाल में होने वाली बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं को भी बुलाया गया है़ कांग्रेस इस बैठक में भाजपा को घेरने की तैयारी कुछ इस तरह करना चाहती है कि ब्लाक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक को उसका कोई भी कार्यक्रम असफल न हो़ सभी तय कार्यक्रमों में कांग्रेस ऐसा आंदोलन छेड़े जिससे भाजपा की सरकार को वह घेर सके़ वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छा तालमेल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने जनवरी माह के पहले ही सप्ताह में बैठक बुलाकर कांग्रेस को सक्रिय करते हुए प्रदेश सरकार पर हमले करने की तैयारी कर दी है़ इस बैठक में भाजपा के खिलाफ किस तरह के आंदोलन की रणनीति तय की जाए, जिला स्तर पर कैसे आंदोलन हों और प्रदेश स्तर पर किस तरह का प्रदर्शन आंदोलन किया जाए इन सब बातों के अलावा अन्य रणनीति तय की जाएगी जिससे भाजपा के मंत्रियों और सरकार को घेरने का प्रयास किया जा सके़
भूरिया के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी माह से आम जनता से संपर्क करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे़ वे कांग्रेस कार्यकर्ता को कांग्रेस नवंबर 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव कैसे जीते इसके लिए सक्रिय करेंगे़ श्री सिंह का प्रयास यह भी रहेगा कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता एक ओर भाजपा के खिलाफ आंदोलित हों़ अजयसिंह अपने दौरों में वहां के क्षेत्रीय नेताओं को साथ रखकर उन्हें संगठित होकर भाजपा के खिलाफ आंदोलन के लिए प्रेरित करेंगे़ कांग्रेस की इस कवायद से साफ नजर आता है कि पार्टी आठ साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद अब पुन: सत्ता पाने को बेताब है और उसे पाने के लिए वह पूरी तरह रणनीति के साथ मैदान में आना चाहती है, इसके वह कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठत नेता और पदाधिाकारियों को एक करने में जुट गई है़
संगठन मजबूत करेगी सपा
राज्य में वैसे तो तीसरा मोर्चा बिखरा हुआ है, फिर भी छोटे दल भाजपा की सरकार को घेरने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं़ समाजवादी पार्टी का वैसे तो विधानसभा में वर्तमान में एक ही विधायक है और संगठन भी बिखरा हुआ है़ इस बात को स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव मानते हैं़ श्री यादव का कहना है कि वे इस बार और अधिक मेहनत के साथ दौरे करेंगे और पूरे वर्ष भर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे़ श्री यादव ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य संगठन को इतना मजबूत करना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही को इस बात का अहसास हो की कुछ सीटों पर सपा के उम्मीदवार उसे करारी शिकस्त दे सकतें हैं़
बसपा बढ़Þाएगी ताकत
बहुजन समाज पार्टी ने भी इस भी यह तय किया है कि वह वर्ष भर अपनी ताकत को बढ़Þाने और संगठन को मजबूत करने में लगाएगी़ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य का कहना है कि हम इस वर्ष पूर्व ताकत से अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में काम करेंगे़ इसके अलावा जिन क्षेत्रों में हम कमजोर हैं वहां पर अपनी कमजोरी का पता लगाएंगे और उसे दूर करेंगे़ उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम संगठन को ब्लाक स्तर से जिला, जोन और प्रदेश स्तर तक सक्रिय कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़Þे-बढ़Þे आंदोलन करने की रणनीति तय करेंगे़ उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ही हमारी नयी कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा और इसके गठन के बाद जोन स्तर पर नेताओं को कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए आंदोलनों की रणनीति तय कर दी जाएगी़ श्री मौर्य ने कहा कि हमारा लक्ष्य मिशन-2013 में अधिक से अधिक सीटें पाना है़
आदिवासियों की बीच पैठ जमाएंगे
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी का कहना है कि हमारी प्राथमिकता एक बार फिर हमारी ताकत है़ हमारी ताकत से उनका आशय है कि आदिवासियों के दल के रुप में जिस तरह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को पहचान मिली है हम फिर से संगठित होकर भाजपा को करारी शिकस्त देने की तैयारी करेंगे़ मरावी ने बताया कि नये साल के शुरु से ही आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर वे लगातार काम करेंगे इसके अलावा संगठन को एकता के सूत्र में बांधने का काम करेंगे़ युवाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंप कर आदिवासियों के बीच हम पैठ जमाने का काम करेंंगे़ फिलहाल हमारा लक्ष्य महाकौशल है इसके बाद हम अन्य अंचलों में अपनी ताकत को बढ़Þाएंगे़ उन्होंने बताया कि 2013 के चुनाव में गोंगपा के अधिक से अधिक विधायक विधानसभा पहुंचे यह हमारा लक्ष्य है़
जद यू को भाए आदिवासी
भाजपा और कांग्रेस के बाद अब जनता दल यू की नजरें आदिवासियों पर टिक गई है़ जद यू ने झाबुआ जिले के मामा बालेश्वर की जन्म स्थली तीन राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के आदिवासियों नेताओं का सम्मेलन आयोजित कर आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही है़ मध्यप्रदेश में पार्टी नेताओं ने आदिवासियों की जमीन अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को देने के मामले को मुद्दा बनाने और इस पर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की रणनीति तय की है़
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को राज्य की आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर दम-खम लगाते देख अब जनता दल यू ने भी अपना ध्यान इस सीटों पर केन्द्रित कर विधानसभा चुनाव 2013 में मैदान में उतरने की रणनीति तय की है़ महाकौशल के बाद अब जनता दल यू प्रदेश में आदिवासी को अपनी ओर आकर्षित करने पर जोर लगाने की तैयारी कर चुकी है़ उसके चल रहे सदस्यता अभियान में भी आदिवासी उसके निशाने पर हैं़ राज्य के 150 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पहले चरण के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने और पार्टी की ओर आकर्षित करने को कहा गया है़ जनता दल यू द्वारा बीते दिनों राज्य के झाबुआ जिले के बामनिया जो मामा बालेश्वर की कर्मभूमि हैं, वहां तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने अन्य मुद्दों के अलावा भविष्य रणनीति के तहत आदिवासियों को पार्टी की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया़ इस सम्मेलन में मुख्यरुप से अवैध उत्खनन, आदिवासियों की जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को उद्योग के लिए देने के मुद्दे को लेकर पार्टी द्वारा आंदोलन छेड़ने को कहा गया है़ मध्यप्रदेश में अब जनता दल यू इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सक्रिय होगा़
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव ने सम्मेलन से लौटकर लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि बामनिया में हुए सम्मेलन में हमने भविष्य की रणनीति तय की है़हम आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों के अलावा महाकौशल पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देंगे़ उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध उत्खनन को लेकर पार्टी की सक्रियता है, इसके अलावा हम राज्य सरकार से आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत कर उद्योग के नाम पर पूंजीपतियों को देने के मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं़ इस मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा़ उन्होंने बताया कि प्रदेश की 150 विधानसभा क्षेत्रों में हमारा पहले चरण का सदस्यता अभियान जारी है, इसके बाद दूसरे चरण के सदस्यता अभियान में हम शेष विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करेंगे़
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को राज्य की आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर दम-खम लगाते देख अब जनता दल यू ने भी अपना ध्यान इस सीटों पर केन्द्रित कर विधानसभा चुनाव 2013 में मैदान में उतरने की रणनीति तय की है़ महाकौशल के बाद अब जनता दल यू प्रदेश में आदिवासी को अपनी ओर आकर्षित करने पर जोर लगाने की तैयारी कर चुकी है़ उसके चल रहे सदस्यता अभियान में भी आदिवासी उसके निशाने पर हैं़ राज्य के 150 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पहले चरण के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने और पार्टी की ओर आकर्षित करने को कहा गया है़ जनता दल यू द्वारा बीते दिनों राज्य के झाबुआ जिले के बामनिया जो मामा बालेश्वर की कर्मभूमि हैं, वहां तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने अन्य मुद्दों के अलावा भविष्य रणनीति के तहत आदिवासियों को पार्टी की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया़ इस सम्मेलन में मुख्यरुप से अवैध उत्खनन, आदिवासियों की जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को उद्योग के लिए देने के मुद्दे को लेकर पार्टी द्वारा आंदोलन छेड़ने को कहा गया है़ मध्यप्रदेश में अब जनता दल यू इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सक्रिय होगा़
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव ने सम्मेलन से लौटकर लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि बामनिया में हुए सम्मेलन में हमने भविष्य की रणनीति तय की है़हम आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों के अलावा महाकौशल पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देंगे़ उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध उत्खनन को लेकर पार्टी की सक्रियता है, इसके अलावा हम राज्य सरकार से आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत कर उद्योग के नाम पर पूंजीपतियों को देने के मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं़ इस मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा़ उन्होंने बताया कि प्रदेश की 150 विधानसभा क्षेत्रों में हमारा पहले चरण का सदस्यता अभियान जारी है, इसके बाद दूसरे चरण के सदस्यता अभियान में हम शेष विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करेंगे़
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