राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर आयोजित किए जाने वाले सूर्य नमस्कार को इस बार वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की मशक्कत में जुटा है़ विभाग ने इसके लिए बकायदा गिनीज बुक आफ रिकार्ड की वेबसाइट पर पंजीयन भी करा लिया है़ इसके बाद राज्य के सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों,जिला परियोजना समन्वयकों और सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को दिशा निर्देश भी दिए हैं कि इसके लिए उन्हें क्या करना है़
राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2007 में विवेकानंद जयंती 12 जनवरी के दिन प्रतिवर्ष स्कूलों में सामूहिक सूर्य नमस्कार कराने का निर्णय लिया था और इसी वर्ष से इसकी शुरुआत भी कर दी थी़ इसके बाद से अब तक यह निरंतर होता रहा है़ लगातार इसमें कुछ परिवर्तन के क्रम जारी रहे, तो विरोध भी होता रहा़ मगर सरकार इसे तटस्थ होकर कराती रही़ इस बार फिर 12 जनवरी को इसका आयोजन प्रदेश स्तर पर होना है़ इसके लिए शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है साथ ही इस आयोजन को वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की मशक्कत भी कर दी है़ इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड पर पंजीयन भी करा लिया है़ इस पंजीयन के बाद गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड की ओर से योग क्लास की ओर पंजीयन कराकर मानीटरिंग भी शुरु कर दी है़
गिनीज बुक आफ बर्ल्ड रिकार्ड द्वारा पंजीयन कर मानीटरिंग शुरु करने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और उसने संचालक लोक शिक्षण अवधकिशोर मिश्रा के ओर से एक पत्र राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों और संभागीय संचालकों को एक 26 पेज का पत्र भेजकर दिशा-निर्देश दिए हंै कि उन्हें इसके लिए सभी स्कूलों में क्या कराना है़ इस पत्र में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक इसके लिए उठाए गए सभी कदमों की जानकारी भी दी है़ दिए निर्देश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किसी एक सक्रिय और उत्साही प्राचार्य को नोडल अधिकारी बनाकर उसके नेतृत्व में एक टीम गठित कर इस दिन गिनीज बुक आफ रिकार्ड के दिए दिशा निर्देशों को पालन कराया जाए़
* 27 दिसंबर 2011 को गिनीज बुक आफ रिकार्ड के लिए किया क्लेम
* 30 दिसंबर 2011 को संशोधित दिशा निर्देश के बाद क्लेम आईडी 366226 के तहत मेंबरशिप आईडी 321599 पर गिनिज बुक आफ रिकार्ड के लिए रजिस्टर किया गया़
* नियमों की जानकारी देकर गिनिज बुक आफ रिकार्ड की ओर से एक 21 पेज की जानकारी भेजी गई जिसमें इसके सारे नियमों को उल्लेख किया कि सूर्य नमस्कार के लिए बड़ी योग क्लास होनी चाहिए़
* समय की पाबंदी के तहत निश्चित समय में यह किया जाना चािहए़
* अब तक ग्वालियर जिले में एक योग क्लास जिसमें 29,973 लोगों के भाग लेने के नाम यह रिकार्ड था़ इस रिकार्ड को विभाग ने चुनौती दी और कहा कि इस संख्या से ज्यादा सूर्य नमस्कार में छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं़
कैसे हुई शुरुआत
* 25 जनवरी 2007 से शुरु हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार
* पहले आयोजन में 66 लाख ने की भागीदारी
* वर्ष 2008 में 12 जनवरी को दूसरा आयोजन
* दूसरे आयोजन में एक करोड़ प्रतिभागियों की भागीदारी
* पहले और दूसरे आयोजन राज्य और जिला स्तर पर हुए
* तीसरा आयोजन 21 जनवरी 2009 को सभी शिक्षण संस्थानों में हुआ
* इस आयोजन में एक करोड़ से अधिक ने लिया हिस्सा
* स्कूली छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी कार्यक्रमों में लिया हिस्सा
* चौथा आयोजन 12 जनवरी 2010 में हुआ़ इसमें एक करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया़
* वर्ष 2010 से सभी शिक्षण संस्थानों में इसकी शुरुआत़ छात्रों ने स्कूली यूनिफार्म में और छात्राओं ने सलवार सूट में किया सूर्य नमस्कार
* वर्ष 2011 में 12 जनवरी को आयोजित किए इस पांचवें आयोजन में भी प्रतिभागियों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा रही़
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