शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012
दल बदलकर लड़ेंगे चुनाव
राज्य में विधानसभा के चुनाव से पहले हो रहे महेश्वर उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदार सक्रिय हो गए हैं़ सक्रिय हुए दावेदारों ने टिकट न मिलने पर अपना दल छोड़कर दूसरे दल से हाथ मिलाने का मन बना लिया है़
राज्य में विधानसभा के चुनाव तो वर्ष 2013 में होने हैं, मगर जून माह में होने वाले महेश्वर उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के स्थानीय नेताओं ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों की संख्या इस बात कुछ ज्यादा बताई जा रही है़ दावेदारों की संख्या ज्यादा होने की वजह यह है कि दावेदार यहां पर इस बात टिकट लेकर भविष्य में याने अगले वर्ष होने वाले चुनाव की तैयारी कर रहे हैं़ इन दावेदारों का मानना है कि अगर इस बात दावेदार कर टिकट हासिल कर चुनाव जीत जाते हैं तो अगला टिकट जीते प्रत्याशी होने की वजह से पार्टी खुद दे देगी और अगर चुनाव हारते हैं तो वे अपनी कमजोरी का आकलन अभी से कर लेंगे ताकि समय रहते उसे दूर कर आगामी चुनाव में विजय हासिल कर सकें़ वैसे भाजपा में फिलहाल तो पूर्व घोषत उम्मीदवार राजकुमार मेव का ही नाम सामने आ रहा है, मगर यहां भी दो अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं, जो मेव के गणित को बिगाड़ सकते हैं़ भाजपा के अलावा कांग्रेस में महेश्वर से जीती विजयलक्ष्मी साधौ अपने भाई को टिकट दिलाना चाहती हैं, मगर इस बार उपचुनाव में उनके सामने भी कुछ दावेदार मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि साधौ के विरोधी इस बार अपनी बात मजबूती के साथ पार्टी हाईकमान तक पहुंचाकर परिवारवाद की राजनीति प्रत्याशी चयन में नहीं होने देंगे़ यहां पर सक्रिय दावेदारों ने अभी से कुक्षी और जबेरा में पार्टी द्वारा परिवार के सदस्य को टिकट दिए जाने के बाद क्या परिणाम सामने आए इसकी जानकारी वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाने का मन बना लिया है़
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में दावेदारों द्वारा बिछाई जा रही चौसर में अगर दावेदार टिकट पाने में असफल होते हैं तो वे दूसरे दल याने छोटे दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी से हाथ मिला सकते हैं़ दोनों ही दलों के एक-एक प्रत्याशी ने तो अभी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बृजमोहन श्रीवास्तव से मिलकर अपनी इच्छा से भी उन्हें अवगत करा दिया है़ श्री श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों ही दलों के एक-एक दावेदार उनके पास आए थे और उनकी चर्चा हो गई है़ उन्होंने इन दावेदारों के दावे की सच्चाई जानने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है़ इस समिति में राकपा के महामंत्री चंद्रकांत पराड़कर और खरगोन के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह चावला को सदस्य बनाया है़ ये दोनों ही जल्द वहां का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे़ उस रिपोर्ट के आधार पर हम फैसला लेंगे़
गुरुवार, 26 अप्रैल 2012
हासिये पर सपा के नेता
मध्यप्रदेश के समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता इन दिनों हासिये पर चल रहे हैं़ सपा की प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन तो हुआ नहीं, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकारिणियां भंग करने की घोषणा कर डाली़ अध्यक्ष द्वारा की गई यह घोषणा सपा के कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रही है़ अध्यक्ष की इस घोषणा के बाद सपा के कद्दावर नेता विशेषकर यादव नेता लखनऊ पहुंचकर मुलायम सिंह यादव एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर प्रदेश अध्यक्ष द्वारा यादवों की उपेक्षा करने की बात बताकर आ गए हैं़ यादव नेताआें ने अध्यक्ष के बीते बारह साल का चिट्ठा बताकर आए, जिससे एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष के बदले जाने की खबर जोर पकड़ गई है़
समाजवादी पार्टी के उत्तरप्रदेश में सरकार बनने के बाद अब प्रदेश में सपा के विशेषकर यादव समाज के नेता जो लंबे समय से सपा में हैं वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव को पद से हटाने को लेकर सक्रिय हो गए हैं़ अध्यक्ष को हटाने के लिए ये नेता लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताकर आ गए हैं़ लखनऊ पहुंचे नेताओं में अधिकांश वे नेता हैं जो इन दिनों पार्टी में हासिये पर चल रहे हैं़ इन नेताओं में यादव समाज के नेताओं के अलावा पूर्व विधायक और अन्य समाज के नेता भी शामिल हैं़ मध्यप्रदेश समाजवादी पार्टी ने बीते विधानसभा चुनाव के बाद गौरी यादव को अध्यक्ष बनाया़ इसके बाद से लगातार यादव नेता अपने को उपेक्षित मान रहे हैं़ उपेक्षित नेताओं में दिनेश यादव, सौदान सिंह यादव, के़आऱयादव, आऱएस़यादव, मार्तण्ड यादव, के अलावा दर्जनभर यादव नेता हैं़ इनके अलावा कुछ ऐसे भी हैं जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं़ इन नेताओं को इस बात का दुख हैं कि पार्टी में उन्हें जब से गौरी यादव अध्यक्ष बने तब से कोई काम नहीं मिला, जबकि कई को तो अध्यक्ष ने दल से बाहर का रास्ता दिखा दिया़ उपेक्षित यादव नेताओं ने अब फिर सक्रियता बढ़Þा दी है़ इन नेताओं का कहना है कि गौरी यादव के अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन हुआ ही नहीं और उनके भंग करने की घोषणा कर डाली़ सपा के उपेक्षित नेताओं का कहना है कि यादव ने कब कार्यकारिणी का गठन किया, यह उन्हें पता ही नहीं था़ नेताओं ने अब सक्रियता बढ़Þाकर गौरी यादव को पद से हटाकर उनके स्थान पर दूसरे नेता को अध्यक्ष बनाने की मुहिम छेड़ दी है़ सपा के उपेक्षित नेताओं की सक्रियता को देख यह कहा जाने लगा है कि जल्द ही वर्तमान अध्यक्ष को हटाकर किसी दूसरे को प्रदेश अध्यक्ष की कमान राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपेगा़ हालांकि सपा का मध्यप्रदेश में इतिहास देखा जाए तो यह बात सामने आती है कि बीते पंद्रह साल में पार्टी की सक्रियता के दौर में लंबे समय करीब 11 साल तक गौरी यादव प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं़ इसके अलावा दो वर्ष का कार्यकाल नारायण त्रिपाठी और शेष कार्यकाल दीपनारायण यादव एवं श्रीचंद यादव का रहा है़ गौरी यादव के कार्यकाल में पार्टी को कोई उपलब्धि भी हासिल नहीं हुई है़
तीर्थाटन पर पीपल की राजनीति
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरु की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध पीपल के पौधे रोपकर शुरु कर दिया है़ विरोध के तहत आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया विभाग के अध्यक्ष माणक अग्रवाल ने पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की़
प्रदेश कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों शुरु की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध शुरु कर दिया है़ इस विरोध के स्वरुप प्रदेश कांग्रेस द्वारा गांव-गांव में पीपल के पौधे रोपने का अभियान चलाया जाएगा़ इस अभियान के तहत प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को सरकार की योजना का विरोध करने के लिए प्रेरित करेंगे़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने विरोध को मुखर करने के लिए पदाधिकारियों को कहा है कि वे लोगों को पत्र लिखकर इसके लिए प्रेरित करें कि वे अधिक से अधिक पीपल के पौधे रौपे एवं सरकारी तीर्थ कराने की योजना का विरोध करें़
कांग्रेस के इस विरोध अभियान के तहत आज राजधानी में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष माणक अग्रवाल ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने पीपल का पौधा रोपकर इस अभियान की शुरुआत की़ इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की यह योजना संघ के लोगों को तीर्थ कराने के लिए है, न की बुजुर्गों को तीर्थ कराने के लिए़ उन्होंने कहा कि हम इस अभियान के तहत राज्यभर में पीपल के पौधे रोपकर सरकार की बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना का विरोध करेंगे़
यहां उल्लेखनीय है कि बीते दिनों राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने बुजुर्गों को तीर्थ कराने की योजना को हरी झंडी दे दी है़ इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष एक लाख बुजुर्गों को तीर्थ कराने का लक्ष्य सरकार ने रखा है़ तीर्थ योजना का दायित्य राज्य सरकार ने धर्मस्य विभाग को सौंपा है़
मेव और साधौ ने बढ़Þाई सक्रियता
राज्य के महेश्वर विधानसभा के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ दोनों ही दलों से फिलहाल पुराने ही नाम सामने आ रहे हैं़ भाजपा की ओर से हारे प्रत्याशी राजकुमार मेव और कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य विजयलक्ष्मी साधौ के भाई देवेन्द्र साधौ का नाम लिया जा रहा है़
महेश्वर उपचुनाव की घोषणा होने के बाद भाजपा ने संगठनात्मक सक्रियता बढ़Þा दी है़ दोनों ही दलों की ओर से अब प्रत्याशी चयन को लेकर भी पदाधिकारी विचार मंथन में जुट गए हैं़ भाजपा पदाधिकारियों द्वारा अधिकृत रुप से अभी किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा इस पर कोई विचार नहीं किया गया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि भाजपा वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव हारे राजकुमार मेव को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा़ मेव करीब आठ सौ से कम मतों के अंतर से हारे थे़ हार के बाद मेव ने याचिका भी दायर की थी, मगर उस पर कोई निर्णय नहीं आया़ सोनकच्छ और कुक्षी उपचुनाव के वक्त मेव को पार्टी पदाधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि वे याचिका वापस लेते हैं तो उन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता है़ पदाधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ही मेव ने याचिका वापस ले ली थी, मगर समय निकल जाने के कारण कुक्षी एवं सोनकच्छ के साथ यहां चुनाव नहीं हो पाए थे़ अब जबकि चुनाव आयोग द्वारा यहां चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है, तो एक बार फिर मेव ने दावेदारी शुरु कर दी है़ यह माना जा रहा है कि भाजपा अपना प्रत्याशी मेव को ही घोषित करेगी़
वहीं राज्यसभा सदस्य विजयलक्ष्मी यादव इस सीट पर विजय हासिल करने के बाद राज्यसभा भेज दी गई़ वे यहां पर अपने भाई देवेन्द्र साधौ को चुनाव लड़ाना चाहती हैं़ वे अपने भाई के लिए दिल्ली में सक्रिय हो गई है़ वैसे माना जा रहा है कि कांग्रेस भी कम समय और पिछले उपचुनावों में मिली हार को देखते हुए साधौ को टिकट दे सकती है़ वैसे कांग्रेस की ओर से अरुण यादव भी अपने समर्थक को लेकर सक्रिय बताए जाते हैं, मगर उनका दावा मजबूत नहीं है ऐसा माना जा रहा है़
सोमवार, 23 अप्रैल 2012
दौरे में बरतें सतर्कता
राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पहरा बढ़ा दिया है़ पुलिस ने प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों को कहा है कि अगर वे नक्सल प्रभावित जिलों में जाते हैं तो पुलिस को सूचना देकर जाएं, ताकि उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं़ पुलिस ने दौरे के दौरान सतर्कता बरतने को कहा है़
छत्तीसगढ़ में आईएएस अफसर एलेक्स पाल मेनन के नक्सलियों द्वारा किए अपहरण के बाद मध्यप्रदेश में पुलिस ने राज्य के उन नौ जिलों में अलर्ट कर दिया है जहां पर नक्सलियों की गतिविधियां रही है़ राज्य के नौ जिलों बालाघाट, सिवनी, अनूपपुर, मण्डला, डिण्डोरी, शहडोल, उमरिया, सीधी और सिंगरौली जिले नक्सल प्रभावित घोषित किए गए हैं़ इन जिलों में बालाघाट, शहडोल और उमरिया में नक्सलियों की गतिविधियां देखी गई हैं़ छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की सक्रिय हुई गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने इन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है़ नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई और जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अफसरों को यह कहा जा रहा है कि वे नक्सल प्रभावित इलाकों में अगर दौरे पर जाते हैं तो सतर्कता बरतें एवं पुलिस को सूचना दें़ बालाघाट जिले में लांजी, परसवाड़ा और बैहर विधानसभा क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियां पूर्व में सक्रिय रही हैं़ इस लिहाज से इन तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़Þ गई है़ जिलों में पुलिस के वरिष्ठ अफसर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षाएं करने में जुट गए हैं़ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़Þ की सीमा से लगे जिलों में पुलिस का अभियान तेज हो गया है़ बालाघाट शहडोल, उमरिया एवं सीधी जिलों में भी पुलिस ने सक्रियता बढ़Þा दी है़
बालाघाट के पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर का कहना है कि छत्तीसगढ़Þ के सुकमा जिले के कलेक्टर का पिछले दिनों हुए अपहरण के बाद नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा के इंतजाम हमने बढ़Þा दिए हैं़ विशेषकर जिन चिन्हित स्थानों पर जहां पर नक्सलियों की गतिविधियां पूर्व में देखी गई थी, वहां पर पुलिस का पहरा बढ़Þाया है़ उन्होंने बताया कि हमने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अफसरों को भी यह कहा है कि वे अगर दौरे पर जाएं तो इसकी सूचना पहले पुलिस को दें इसके बाद ही जाएं ताकि सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकें़
बुधवार, 18 अप्रैल 2012
अग्निपरीक्षा होगा नगरीय निकाय चुनाव
राज्य में मिशन-2013 के पहले मई-जून में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अग्निपरीक्षा साबित होंगे़ दोनों ही दल इन चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर मतदाता के नब्ज टटोल रहे हैं़ दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों जिन पंद्रह जिलों में यह चुनाव होने हैं वहां सक्रियता बनाए हुए हैं़
राज्य में मई-जून में होने वाले नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव को लेकर प्रदेश के प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस सक्रिय हो गए हैं़फिलहाल दोनों ही दल आदिवासी इलाकों में होने वाले चुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं़ भाजपा की ओर से खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा इन दिनों जिन आदिवासी अंचलों में ये चुनाव होने हैं, वहां लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं़ वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया एवं विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह दोनों एक साथ दौरा कर रहे हैं़ दोनों ही नेताओं ने मालवा के रतलाम जिले से अपना दौरा शुरु करने के बाद अब विंध्य और महाकौशल अंचल के जिलों में सक्रिय हो रहे हैं़
15 जिलों की 52 नगर पालिका और नगर पंचायतों के होने वाले चुनाव को दोनों ही दल गंभीरता से ले रहे हैं़ कांग्रेस हरदा नगर पालिका का चुनाव जीतने के बाद हरसूद नगर पंचायत के चुनाव में कांग्रेस के बागी नेता की विजय से उत्साहित नजर आती है़ इन दोनों ही चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा़ भाजपा को यहां मिली हार से कांग्रेस उत्साहित है और होने वाले 52 स्थानों पर चुनाव को लेकर गंभीर भी है़ इन 52 नगरीय निकाय के चुनाव में 29 सीटों आदिवासी अंचल की है, इस कारण दोनों ही दलों के नेताओं की निगाह आदिवासियों पर टिक गई हैं़ कांग्रेस की ओर से श्री भूरिया और श्री सिंह एवं भाजपा की ओर से श्री झा ये तीनों ही नेता इन दिनों आदिवासी अंचल पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं़ इन नेताओं की सक्रियता नगरीय निकाय चुनाव के बहाने विधानसभा के 2013 के चुनाव के मद्देनजर अपने दल का वजन भी आदिवासी अंचलों में आंकना हैं़ दोनों दलों का लक्ष्य मिशन-2013 के फतह के लिए आदिवासी सीटें प्रमुख हैं यही कारण है कि दोनों ही दल इन दिनों आदिवासी अंचल में सक्रियता बनाए हुए हैं़
नगरपालिका जहां चुनाव होंगे
सारणी, पाढुर्ना, सौंसर, जुन्नारदेव, दमुआ, मंडला, नैनपुर, कोतमा, बिजुरी, शहडोल, धरमपुरी, मनावर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगौन, सेंधवा, बड़वानी, नेपानगऱ
नगर पंचायत जहां चुनाव होंगे
चिचौली,आठनेर, मोहगांव, हर्रई, बिछिया, निवास, बैहर, लखनादौन, बाम्हनी बंजर, सैलाना, थांदला, पेटलावद, भाबरा, जोबट, सरदारपुर, राजगढ़Þ, कुझी, धरमपुरी, धामनोद, डही, भीकनगांव, महेश्वर, मंडलेश्वर, पानसेमल, खितिया, पालसूद, अंजड़,राजपुर, मोहगांंव, जयसिंह नगर, बुढार, पाली और औंकारेश्वर हैं़
राज्य में मई-जून में होने वाले नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव को लेकर प्रदेश के प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस सक्रिय हो गए हैं़फिलहाल दोनों ही दल आदिवासी इलाकों में होने वाले चुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं़ भाजपा की ओर से खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा इन दिनों जिन आदिवासी अंचलों में ये चुनाव होने हैं, वहां लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं़ वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया एवं विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह दोनों एक साथ दौरा कर रहे हैं़ दोनों ही नेताओं ने मालवा के रतलाम जिले से अपना दौरा शुरु करने के बाद अब विंध्य और महाकौशल अंचल के जिलों में सक्रिय हो रहे हैं़
15 जिलों की 52 नगर पालिका और नगर पंचायतों के होने वाले चुनाव को दोनों ही दल गंभीरता से ले रहे हैं़ कांग्रेस हरदा नगर पालिका का चुनाव जीतने के बाद हरसूद नगर पंचायत के चुनाव में कांग्रेस के बागी नेता की विजय से उत्साहित नजर आती है़ इन दोनों ही चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा़ भाजपा को यहां मिली हार से कांग्रेस उत्साहित है और होने वाले 52 स्थानों पर चुनाव को लेकर गंभीर भी है़ इन 52 नगरीय निकाय के चुनाव में 29 सीटों आदिवासी अंचल की है, इस कारण दोनों ही दलों के नेताओं की निगाह आदिवासियों पर टिक गई हैं़ कांग्रेस की ओर से श्री भूरिया और श्री सिंह एवं भाजपा की ओर से श्री झा ये तीनों ही नेता इन दिनों आदिवासी अंचल पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं़ इन नेताओं की सक्रियता नगरीय निकाय चुनाव के बहाने विधानसभा के 2013 के चुनाव के मद्देनजर अपने दल का वजन भी आदिवासी अंचलों में आंकना हैं़ दोनों दलों का लक्ष्य मिशन-2013 के फतह के लिए आदिवासी सीटें प्रमुख हैं यही कारण है कि दोनों ही दल इन दिनों आदिवासी अंचल में सक्रियता बनाए हुए हैं़
नगरपालिका जहां चुनाव होंगे
सारणी, पाढुर्ना, सौंसर, जुन्नारदेव, दमुआ, मंडला, नैनपुर, कोतमा, बिजुरी, शहडोल, धरमपुरी, मनावर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगौन, सेंधवा, बड़वानी, नेपानगऱ
नगर पंचायत जहां चुनाव होंगे
चिचौली,आठनेर, मोहगांव, हर्रई, बिछिया, निवास, बैहर, लखनादौन, बाम्हनी बंजर, सैलाना, थांदला, पेटलावद, भाबरा, जोबट, सरदारपुर, राजगढ़Þ, कुझी, धरमपुरी, धामनोद, डही, भीकनगांव, महेश्वर, मंडलेश्वर, पानसेमल, खितिया, पालसूद, अंजड़,राजपुर, मोहगांंव, जयसिंह नगर, बुढार, पाली और औंकारेश्वर हैं़
जनप्रतिनिधियों के परिजनों का स्वास्थ्य विभाग पर कब्जा
राज्य के सिवनी जिले के स्वास्थ्य विभाग पर जिले के जनप्रतिनिधियों के परिजनों का कब्जा बना हुआ है़ इस कब्जे को हटाने के लिए अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की जिला इकाई सक्रिय हो गई है़ गोंगपा ने कब्जा हटाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सद्बुद्धि देने के लिए हनुमानजी को ज्ञापन सौंपने की बात कही है़
राज्य के सिवनी जिला स्वास्थ्य केन्द्र पर इन दिनों भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजनों को कब्जा हो गया है़ इस कब्जे के कारण लोगों को परेशानी हो रही है़ स्वास्थ्य विभाग में जहां एक और आए दिन अनियमितताएं हो रही है़ वहीं लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित होते जा रहे हैं़ स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों सिवनी की विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीता पटैरिया के पति एच़पी़पटैरिया जिला टीकाकरण अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं़ इसके अलावा लखनादौन की विधायक श्रीमती शशि ठाकुर के पति वाय़एस़ठाकुर सीएमओ के पद पर पदस्थ हैं़ इसी तरह सहकारी बैंक के अध्यक्ष भाजपा के नेता अशोक तेकाम की पत्नी श्रीमती तेकाम सिविल सर्जन के रुप में अपनी सेवाएं दे रही है़ सभी वरिष्ठ पदों पर भाजपा जनप्रतिनिधियों के परिजन पदस्थ हैं़ इन परिजनों की पदस्थापना के कारण स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों अनियिमितता का वातावरण बन गया है़ कई मर्तबा लोग शिकायतें लेकर पहुंचे भी, मगर उनकी एक नहीं सुनी गई़ अब इन परिजनों को वहां से हटाने के लिए गोंडवाना की सिवनी जिला इकाई ने मुहिम छेड़ी है़ गोंगपा की जिला इकाई मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए जल्द ही एक ज्ञापन हनुमानजी को सौंपने की तैयारी कर रही है़
गोंगपा की सिवनी जिला इकाई के प्रवक्ता विवेक डेहरिया ने बताया कि हमने कई मर्तबा इस मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें की़ यहां स्वास्थ्य विभाग में हो रही अनियमतिताओं की जानकारी भी दी, मगर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई़ उन्होंने बताया कि अब पार्टी ने यह तय किया है कि हम पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सद्बुद्धि दिलाने के लिए पार्टी द्वारा भगवान हनुमानजी को एक ज्ञापन सौंपेगें़ इसके अलावा हवन कराकर पूजा-अर्चना भी की जाएगी़ उन्होंने बताया कि सिवनी जिले के साथ प्रदेश सरकार द्वारा लगातार उपेक्षा का व्यवहार भी किया जा रहा है़ यहां पर जनप्रतिनिधियों की पसंद के अधिकारी पदस्थ होते हैं जिस कारण लोगों को काम कराने में परेशानी उठानी पड़ती है़
राज्य के सिवनी जिला स्वास्थ्य केन्द्र पर इन दिनों भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजनों को कब्जा हो गया है़ इस कब्जे के कारण लोगों को परेशानी हो रही है़ स्वास्थ्य विभाग में जहां एक और आए दिन अनियमितताएं हो रही है़ वहीं लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित होते जा रहे हैं़ स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों सिवनी की विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीता पटैरिया के पति एच़पी़पटैरिया जिला टीकाकरण अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं़ इसके अलावा लखनादौन की विधायक श्रीमती शशि ठाकुर के पति वाय़एस़ठाकुर सीएमओ के पद पर पदस्थ हैं़ इसी तरह सहकारी बैंक के अध्यक्ष भाजपा के नेता अशोक तेकाम की पत्नी श्रीमती तेकाम सिविल सर्जन के रुप में अपनी सेवाएं दे रही है़ सभी वरिष्ठ पदों पर भाजपा जनप्रतिनिधियों के परिजन पदस्थ हैं़ इन परिजनों की पदस्थापना के कारण स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों अनियिमितता का वातावरण बन गया है़ कई मर्तबा लोग शिकायतें लेकर पहुंचे भी, मगर उनकी एक नहीं सुनी गई़ अब इन परिजनों को वहां से हटाने के लिए गोंडवाना की सिवनी जिला इकाई ने मुहिम छेड़ी है़ गोंगपा की जिला इकाई मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए जल्द ही एक ज्ञापन हनुमानजी को सौंपने की तैयारी कर रही है़
गोंगपा की सिवनी जिला इकाई के प्रवक्ता विवेक डेहरिया ने बताया कि हमने कई मर्तबा इस मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें की़ यहां स्वास्थ्य विभाग में हो रही अनियमतिताओं की जानकारी भी दी, मगर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई़ उन्होंने बताया कि अब पार्टी ने यह तय किया है कि हम पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सद्बुद्धि दिलाने के लिए पार्टी द्वारा भगवान हनुमानजी को एक ज्ञापन सौंपेगें़ इसके अलावा हवन कराकर पूजा-अर्चना भी की जाएगी़ उन्होंने बताया कि सिवनी जिले के साथ प्रदेश सरकार द्वारा लगातार उपेक्षा का व्यवहार भी किया जा रहा है़ यहां पर जनप्रतिनिधियों की पसंद के अधिकारी पदस्थ होते हैं जिस कारण लोगों को काम कराने में परेशानी उठानी पड़ती है़
रविवार, 15 अप्रैल 2012
अवैध उत्खनन, चिंतित हुए भाजपा नेता
मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर प्रदेश के भाजपा नेताओं की चिंता भी बढ़Þने लगी है़ बैतूल जिले के भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिले में स्कूल शिक्षा मंत्री के भाई द्वारा कराए जा रहे अवैध उत्खनन की शिकायत की है़ मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर जहां पर कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा के नेता भी चिंतित होने लगी है़ कांग्रेस तो लंबे समय से भाजपा को इस मामले को लेकर घेर रही है, मगर अब भाजपा के पदाधिकारी ही अपनी सरकार को इस मुद्दे पर सरकार को घेरने लगे हैं़ विधानसभा के बीते बजट सत्र में भी कई अवसर ऐसे आए जब दर्जनों विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा़ वहीं बीते दिनों बैतूल के जिला भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को एक पत्र भी लिखा, जिसमें बैतूल जिले में रेत ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से रायल्टी के पैसे वसूल करने की शिकायत दर्ज कराई है़ सूत्रों के अनुसार रेत का जिस ठेकेदार को ठेका मिला है उसने स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस के भाई को अधिकार पत्र देकर रेत उत्खनन करने का कार्य दिया है़ जिला भाजपा अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि रेत ठेकेदार द्वारा रायल्टी की राशि ली जाती है और रसीद दी जाती है उस रसीद पर कहीं भी राशि अंकित नहीं की जाती है़ रायल्टी रेट निर्धारित कर ली गइृ राशि पर अंकित की जानी चाहिए़ उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा आवंटित खदान वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर रायल्टी की रसीद काटी जाती है़ ठेकेदार को जो खदान आवंटित की गई है उसके अलावा भी दूसरी खदानों से रेत निकाली जा रही है़ उन्होंने कहा कि रेत ठेकेदार के साथ जो जिले के बाहर के व्यक्ति कार्य कर रहे हैं उनकी जानकारी पुलिस थाने में ही उनके परिचय पत्र जारी किये जावें, जिससे की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके़ मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि रेत खदान जिसके नाम आवंटित है वह खदान पर काम ना करते हुए दूसरे को अधिकार पत्र देकर दूसरे व्यक्ति से कार्य करा रहा है़ इस पत्र में बैतूल के विधायक अलकेश आर्य एवं आमला के विधायक चैतराम मानेकर के भी हस्ताक्षर हैं़ इस मुद्दे पर आज नेता प्रतिपत्र अजयसिंह ने कहा कि बैतूल के अलावा राज्य के भिंड और मुरैना में तो यह मामला कुछ ज्यादा ही चल रहा है़ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला भी अछूता नहीं है़
शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012
‘चक्रव्यू’ के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे आदिवासी
फिल्म निदेशक प्रकाश झा द्वारा राजधानी में बनाई जा रही फिल्म ‘चक्रव्यू’ के ‘चक्रव्यूह’ में प्रदेश के आदिवासी फंस गए़ बैगा जाति के कलाकारों के गु्रप को झा ने नृत्य के लिए बुलाकर एनवक्त पर काम नहीं दिया़ जनजातीय कलाकारों को काम के साथ खाना भी नहीं मिला़ यहां तक की उन्हें वापस घर लौटने के लिए किराए हेतु भी मशक्कत करनी पड़ी़
राजधानी भोपाल में इन दिनों फिल्म निदेशक प्रकाश झा अपनी नई फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग कर रहे हैं़ फिल्म ‘राजनीति’ की सफलता के बाद उन्हें शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश भा गया़ यही वजह है कि उन्होंने ‘चक्रव्यू’ भी यहां बनाने का फैसला किया़ इस फिल्म की शूटिंक में एक दृश्य में लोक परंपरा पर केन्द्रित आदिवासी नृत्य को फिल्माने के लिए उन्होंने डिंडोरी जिले के बैगाचक गांव में बैगा और चक जाति के बैगाकर्मा ग्रुप के मुख्य डॉ़विजय चौरसिया से संपर्क किया़ डॉ़ चौरसिया के समीप झा को समाजसेवी संजय यादव ने पहुंचाया था़ यादव आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियां चलाते हैं़ झा के कहने पर बैगा और चक जाति के 22 कलाकारों को संजय यादव बुधवार को भोपाल लाए़ इन कलाकारों को जब वे प्रकाश झा के पास ले गए तो उन्होंने काम न देते हुए यह कहकर वापस लौटा दिया कि उनका काम हो गया़ बुधवार को दिनभर ये अपने काम के लिए मशक्कत करते रहे़ झा ने न तो अनुंबध के आधार पर उन्हें पैसा दिया और न ही काम़ बुधवार को भूखे रहे कलाकार घर लौटने के लिए किराए तक के मोहताज हो गए थे़ बताया जाता है कि प्रकाश झा ने इन कलाकारों को पंद्रह हजार रुपए देने का करार किया था, मगर बुधवार को वे पलट गए और नृत्य भी इन कलाकारों से उन्होंने नहीं कराया़
समाजसेवी संजय यादव का कहना है कि मुझे प्रकाश झा ने आदिवासी कलाकारों को लाने का कहा था़ इस पर संस्कृति विभाग के संचालक श्रीराम तिवारी से उन्होंने बैगा जाति के इन कलाकारों का पता लिया और उन्हें भोपाल लेकर आया़ इसके बाद झा ने उन्हें न तो पैसे दिए और काम देने से भी मना कर दिया़ उन्होंने कहा कि अगर काम नहीं लिया गया तो कलाकारों को एडवांस के रुप में कुछ देना चाहिए था़ यहां तक की झा ने इन कलाकारों को खाने तक का नहीं पूछा़ श्री यादव ने कहा कि सरकार को प्रदेश में फिल्म नीति बनाकर कोई नियम बनाना चाहिए जिससे प्रदेश के कलाकारों के साथ कोई अभद्रता न कर सके़ संजय यादव का कहना है कि इन कलाकारों को संस्कृति विभाग तीस हजार रुपए मानदेय देता है, जबकि झा उन्हें मात्र पंद्रह हजार रुपए देकर ही काम कराना चाहते थे़
पचमढ़Þी में नहीं होने देंगे शूटिंग
‘चक्रव्यू’ में नृत्य प्रस्तुत करने आए कलाकारों की उपेक्षा के बाद अब फिल्म निदेशक प्रकाश झा को पचमढ़Þी में अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान परेशानी आ सकती है़ दुखी होकर भोपाल से गए ये कलाकार आदिवासी समाज के बीच अपनी बात कहेंगे़ इस पर आदिवासी खफा होकर पचमढ़Þी में फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग के दौरान मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि आदिवासी समाज इस बात से खफा हो गया है़ समाज के कुछ लोगों ने आज ही झा द्वारा लज्जित किए कलाकारों से चर्चा कर पचमढ़Þी में शूटिंग के दौरान प्रदर्शन करने और शूटिंग न करने देने की बात कही है़
आमिर भी कर चुके हैं वादाखिलाफी
आमिर प्रोडेक्शन के बैनर तले मध्यप्रदेश में पीपली लाइव फिल्म की भी शूटिंग हुई़ इस शूटिंग के दौरान रायसेन जिले का बड़वई गांव देश में चर्चा में रहा़ इस गांव के एक शिक्षक गयाप्रसाद की मंडली ने आमिर की इस फिल्म में ‘सखी सैंया तो खूबई़़़’ गाना गया़ इस गाने के लिए आमिर खान ने उन्हें वादा किया था कि वे इसके लिए मंडली को मात्र 1100 रुपए दिए और शेष राशि नहीं दी़ गांव के भोल-भाले लोग शूटिंग तक राशि मिल जाने को लेकर निश्ंिचत रहे, मगर शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें राशि नहीं मिली और शूटिंग के लिए आई टीम वापस मुंबई चली गई़ जब फिल्म का यह गाना खूब छाया और फिल्म प्रदर्शन की बात आई तब शिक्षक गयाप्रसाद ने अपनी पीड़ा मीडिया के सामने बताई़ इसके बाद आमिर खान ने पूरी मंडली को मुंबई बुलाकर छह लाख रुपए का चेक दिया़ बात यहीं समाप्त नहीं होती है, आमिर की इस फिल्म की शूटिंग का दंश आज भी बड़वाई गांव के लोग भोग रहे हैं़ इस फिल्म के दौरान जो बिजली का उपयोग किया उसका बिल करीब पौने पांच लाख रुपए आया जो अब तक नहीं भरा गया है़ इस कारण अब विद्युत विभाग ने पूरे गांव की बिजली ही बंद कर दी है़ गांव के लोग अंधेरे में रह कर अब आमिर की फिल्म ‘पीपली लाइव’ को कोस रहे हैं़
राजधानी भोपाल में इन दिनों फिल्म निदेशक प्रकाश झा अपनी नई फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग कर रहे हैं़ फिल्म ‘राजनीति’ की सफलता के बाद उन्हें शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश भा गया़ यही वजह है कि उन्होंने ‘चक्रव्यू’ भी यहां बनाने का फैसला किया़ इस फिल्म की शूटिंक में एक दृश्य में लोक परंपरा पर केन्द्रित आदिवासी नृत्य को फिल्माने के लिए उन्होंने डिंडोरी जिले के बैगाचक गांव में बैगा और चक जाति के बैगाकर्मा ग्रुप के मुख्य डॉ़विजय चौरसिया से संपर्क किया़ डॉ़ चौरसिया के समीप झा को समाजसेवी संजय यादव ने पहुंचाया था़ यादव आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियां चलाते हैं़ झा के कहने पर बैगा और चक जाति के 22 कलाकारों को संजय यादव बुधवार को भोपाल लाए़ इन कलाकारों को जब वे प्रकाश झा के पास ले गए तो उन्होंने काम न देते हुए यह कहकर वापस लौटा दिया कि उनका काम हो गया़ बुधवार को दिनभर ये अपने काम के लिए मशक्कत करते रहे़ झा ने न तो अनुंबध के आधार पर उन्हें पैसा दिया और न ही काम़ बुधवार को भूखे रहे कलाकार घर लौटने के लिए किराए तक के मोहताज हो गए थे़ बताया जाता है कि प्रकाश झा ने इन कलाकारों को पंद्रह हजार रुपए देने का करार किया था, मगर बुधवार को वे पलट गए और नृत्य भी इन कलाकारों से उन्होंने नहीं कराया़
समाजसेवी संजय यादव का कहना है कि मुझे प्रकाश झा ने आदिवासी कलाकारों को लाने का कहा था़ इस पर संस्कृति विभाग के संचालक श्रीराम तिवारी से उन्होंने बैगा जाति के इन कलाकारों का पता लिया और उन्हें भोपाल लेकर आया़ इसके बाद झा ने उन्हें न तो पैसे दिए और काम देने से भी मना कर दिया़ उन्होंने कहा कि अगर काम नहीं लिया गया तो कलाकारों को एडवांस के रुप में कुछ देना चाहिए था़ यहां तक की झा ने इन कलाकारों को खाने तक का नहीं पूछा़ श्री यादव ने कहा कि सरकार को प्रदेश में फिल्म नीति बनाकर कोई नियम बनाना चाहिए जिससे प्रदेश के कलाकारों के साथ कोई अभद्रता न कर सके़ संजय यादव का कहना है कि इन कलाकारों को संस्कृति विभाग तीस हजार रुपए मानदेय देता है, जबकि झा उन्हें मात्र पंद्रह हजार रुपए देकर ही काम कराना चाहते थे़
पचमढ़Þी में नहीं होने देंगे शूटिंग
‘चक्रव्यू’ में नृत्य प्रस्तुत करने आए कलाकारों की उपेक्षा के बाद अब फिल्म निदेशक प्रकाश झा को पचमढ़Þी में अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान परेशानी आ सकती है़ दुखी होकर भोपाल से गए ये कलाकार आदिवासी समाज के बीच अपनी बात कहेंगे़ इस पर आदिवासी खफा होकर पचमढ़Þी में फिल्म ‘चक्रव्यू’ की शूटिंग के दौरान मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि आदिवासी समाज इस बात से खफा हो गया है़ समाज के कुछ लोगों ने आज ही झा द्वारा लज्जित किए कलाकारों से चर्चा कर पचमढ़Þी में शूटिंग के दौरान प्रदर्शन करने और शूटिंग न करने देने की बात कही है़
आमिर भी कर चुके हैं वादाखिलाफी
आमिर प्रोडेक्शन के बैनर तले मध्यप्रदेश में पीपली लाइव फिल्म की भी शूटिंग हुई़ इस शूटिंग के दौरान रायसेन जिले का बड़वई गांव देश में चर्चा में रहा़ इस गांव के एक शिक्षक गयाप्रसाद की मंडली ने आमिर की इस फिल्म में ‘सखी सैंया तो खूबई़़़’ गाना गया़ इस गाने के लिए आमिर खान ने उन्हें वादा किया था कि वे इसके लिए मंडली को मात्र 1100 रुपए दिए और शेष राशि नहीं दी़ गांव के भोल-भाले लोग शूटिंग तक राशि मिल जाने को लेकर निश्ंिचत रहे, मगर शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें राशि नहीं मिली और शूटिंग के लिए आई टीम वापस मुंबई चली गई़ जब फिल्म का यह गाना खूब छाया और फिल्म प्रदर्शन की बात आई तब शिक्षक गयाप्रसाद ने अपनी पीड़ा मीडिया के सामने बताई़ इसके बाद आमिर खान ने पूरी मंडली को मुंबई बुलाकर छह लाख रुपए का चेक दिया़ बात यहीं समाप्त नहीं होती है, आमिर की इस फिल्म की शूटिंग का दंश आज भी बड़वाई गांव के लोग भोग रहे हैं़ इस फिल्म के दौरान जो बिजली का उपयोग किया उसका बिल करीब पौने पांच लाख रुपए आया जो अब तक नहीं भरा गया है़ इस कारण अब विद्युत विभाग ने पूरे गांव की बिजली ही बंद कर दी है़ गांव के लोग अंधेरे में रह कर अब आमिर की फिल्म ‘पीपली लाइव’ को कोस रहे हैं़
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