शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

दल बदलकर लड़ेंगे चुनाव

राज्य में विधानसभा के चुनाव से पहले हो रहे महेश्वर उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदार सक्रिय हो गए हैं़ सक्रिय हुए दावेदारों ने टिकट न मिलने पर अपना दल छोड़कर दूसरे दल से हाथ मिलाने का मन बना लिया है़ राज्य में विधानसभा के चुनाव तो वर्ष 2013 में होने हैं, मगर जून माह में होने वाले महेश्वर उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के स्थानीय नेताओं ने सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों की संख्या इस बात कुछ ज्यादा बताई जा रही है़ दावेदारों की संख्या ज्यादा होने की वजह यह है कि दावेदार यहां पर इस बात टिकट लेकर भविष्य में याने अगले वर्ष होने वाले चुनाव की तैयारी कर रहे हैं़ इन दावेदारों का मानना है कि अगर इस बात दावेदार कर टिकट हासिल कर चुनाव जीत जाते हैं तो अगला टिकट जीते प्रत्याशी होने की वजह से पार्टी खुद दे देगी और अगर चुनाव हारते हैं तो वे अपनी कमजोरी का आकलन अभी से कर लेंगे ताकि समय रहते उसे दूर कर आगामी चुनाव में विजय हासिल कर सकें़ वैसे भाजपा में फिलहाल तो पूर्व घोषत उम्मीदवार राजकुमार मेव का ही नाम सामने आ रहा है, मगर यहां भी दो अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं, जो मेव के गणित को बिगाड़ सकते हैं़ भाजपा के अलावा कांग्रेस में महेश्वर से जीती विजयलक्ष्मी साधौ अपने भाई को टिकट दिलाना चाहती हैं, मगर इस बार उपचुनाव में उनके सामने भी कुछ दावेदार मुसीबत बन सकते हैं़ बताया जाता है कि साधौ के विरोधी इस बार अपनी बात मजबूती के साथ पार्टी हाईकमान तक पहुंचाकर परिवारवाद की राजनीति प्रत्याशी चयन में नहीं होने देंगे़ यहां पर सक्रिय दावेदारों ने अभी से कुक्षी और जबेरा में पार्टी द्वारा परिवार के सदस्य को टिकट दिए जाने के बाद क्या परिणाम सामने आए इसकी जानकारी वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाने का मन बना लिया है़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में दावेदारों द्वारा बिछाई जा रही चौसर में अगर दावेदार टिकट पाने में असफल होते हैं तो वे दूसरे दल याने छोटे दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी से हाथ मिला सकते हैं़ दोनों ही दलों के एक-एक प्रत्याशी ने तो अभी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बृजमोहन श्रीवास्तव से मिलकर अपनी इच्छा से भी उन्हें अवगत करा दिया है़ श्री श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों ही दलों के एक-एक दावेदार उनके पास आए थे और उनकी चर्चा हो गई है़ उन्होंने इन दावेदारों के दावे की सच्चाई जानने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है़ इस समिति में राकपा के महामंत्री चंद्रकांत पराड़कर और खरगोन के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह चावला को सदस्य बनाया है़ ये दोनों ही जल्द वहां का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे़ उस रिपोर्ट के आधार पर हम फैसला लेंगे़

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