रविवार, 29 अक्टूबर 2017

किसान विरोधी है शिवराज सरकार

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिवराज सरकार किसान विरोधी है. उन्होंने कहा कि भावांतर योजना ने किसान को और अधिक परेशानी में डाल दिया है. इस योजना का उद्देश्य जमाखोरों एवं सूदखोरों को बढ़ावा देना है.
अग्रवाल ने यह आरोप आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि भावांतर योजना गैर कानूनी है. इस योजना के तहत किसानों को मंडियों में जाकर अपनी फसल बेचने को कहा गया है और सरकार के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे खरीदी गयी कीमत का भुगतान राज्य के सरकार करेगी, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे खरीदी ही गैर कानूनी है. उन्होंने कहा कि मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36(ग) के अनुसार मंडल प्रांगण में विक्रय के लिए लायी गई अधिसूचित कृषि उपज की कीमत बोली या खुले नीलाम पद्धति द्वारा तय की जाएगी. तय हुए मूल्य में किसी भी कारण से कोई कटौती नहीं की जाएगी, परंतु मंडी प्रांगण में ऐसी कृषि उपज की, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा समर्थन कीमत घोषित की गई है, कीमत उस कीमत से कम निर्धारित नहीं की जाएगी, जो इस प्रकार घोषित की गई है और मंडी प्रांगण में कोई भी इस प्रकार नियत की गई कीमत से कम पर प्रारंभ नहीं होने दी जाएगी. अत: स्पष्ट है कि मंडी में कोई भी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य के नीचे हो ही नहीं सकती, जबकि सभी मंडियों में जमाखोरों द्वारा खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य के बहुत नीचे होने दी जा रही है. यह खरीदी पूरी तरह गैर कानूनी है.
न्यूनतम को अधिकतम समर्थन मूल्य बनाया
अग्रवाल ने बताया कि न्यनूतम समर्थन मूल्य की अवधारणा यह रही है कि मंडी में किसान की फसल की खरीदी इस मूल्य या इससे अधिक होगी, परन्तु भावान्तर योजना के बाद व्यापारी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य से बहुत कम दाम पर खरीद रहा है और अब किसान को यदि कोई भावांतर मिलता है तो वह इसके लिए अधिकतम मूल्य होगा, इस प्रकार मुख्यमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को अधिकतम समर्थन मूल्य बना दिया, जिससे लाखों किसानों को बड़ा नुकसान होगा.
किसानों को न करें प्रताड़ित
आलोक अग्रवाल ने कहा कि सरकार को किसानों को प्रताड़ित करने के बजाय उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना चाहिए. किसानों के कर्ज माफ किए जाने चाहिए. न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार लागत का डेढ़ गुना रखा जाए और सम्पूर्ण खरीदी सरकार द्वारा इस न्यूनतम मूल्य या इससे ऊपर की जाए. उन्होंने कहा कि आगामी 5 नवंबर को अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में होने वाली शंखनाद रैली में किसानों की लूट के खिलाफ शंखनाद किया जाएगा


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