सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

कोरोना वायरस चुनौती है डरने की आवश्यकता नहीं

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने आज कोरोना वायरस को लेकर लोगों का सजग रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ये एक चुनौती है, लेकिन डरने की आवश्यकता नहीं.
कोरोना वायरस को लेकर देशभर के साथ मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. भारत सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण से चीन में 361 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक अपील जारी करते हुए लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही कोरोना वायरस से बचाव है. संक्रमित व्यक्ति से मिलने से बचा जाए और मध्यप्रदेश सरकार ने हर स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में इसके लिए बचाव के इंतजाम किए है. 
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि नोवल कोरोना वायरस कंट्रोल-रूम, दूरभाष टोल-फ्री नंबर-104, प्रतिदिन सुबह 8 से रात 8 बजे तक कमला नेहरू अस्पताल, हमीदिया अस्पताल के पास, भोपाल में स्थापित किया गया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शंका का समाधान उपरोक्त टोल-फ्री नंबर-104 पर प्राप्त करें. मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए संभावित संक्रमित रोगी के संपर्क में न आएं, हाथ न मिलाएं, गले न लगाएं. हाथों को स्वच्छ पानी से धोएं, अधिक मात्रा में तरल पदार्थ एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें. मास्क का उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार के लक्षण आने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में सम्पर्क करें. स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने भी कहा कि  चीन में भारत के करीब छह सौ नागरिक चीन में फंसे हुए थे. शनिवार और रविवार को एयरलिफ्ट कर करीब सभी नागरिकों को वापस लाया गया है. सभी को दिल्ली के छावला स्थित आटीबीपी सेंटर और सेना के मानेसर में तैयार शिविर में 14 दिनों तक रखा जाएगा.
ज्ञातव्य है कि वर्तमान में चीन के हुबई प्रांत के वुहान शहर में एक नए प्रकार के वायरस 'नोवल कोरोना' का संक्रमण हुआ है. इसके संक्रमण के लक्षण तेज बुखार, सूखी खांसी, कमजोरी, गले में खराश एवं श्वास लेने में तकलीफ है. चीन के वुहान शहर एवं प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले व्यक्ति से इस संक्रमण के फैलने की संभावना होती है.

कांग्रेस ने कहा भाजपा नेता सेवा नहीं कुर्सी से रखते हैं मोह

गोपाल भार्गव 
 नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को उनके बयान पर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने घेरा

मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेताओं पर हमला बोला है. हाल ही में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा सागर जिले के रहती में दिए बयान कि  चार सीटें आ जाती तो मुख्यमंत्री आपके इलाके का होता. भार्गव के इस बयान के बाद कांग्रेस ने उन्हें घेरा है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं का सेवा से मतलब नहीं है, बल्कि उन्हें कुर्सी से मोह है. 
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा सागर जिले के रहली में एक सभा के दौरान दिए बयान को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है. कांग्रेस नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भार्गव ने इस सभा में कहा था कि पिछले विधानसभा चुनाव में हमारी सीटें कुछ कम रह गई, चार विधायक और आ जाते तो मुख्यमंत्री आपके इलाके का होता. उसके बाद संभलते हुए उन्होंने कहा कि जिसे पार्टी तय करती वह मुख्यमंत्री होता. गौरतलब है कि भार्गव रहली से विधायक हैं. भार्गव के इस बयान के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने भागव के बयान पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जनता की सेवा से कोई मतलब नहीं रहता, वह तो सिर्फ कुर्सी का मोह रखते हैं. सलूजा ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज सिंह चौहान पहले सही कह रहे हैं कि तीन-चार सीट  और जीता देते तो आपका मामा सीएम होता, अब गोपाल भार्गव भी यही दोहरा रहे हैं. राकेश सिंह, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय के सपने भी अलग अलग हैं. भाजपा में कोई नता की सेवा नहीं करना चाहता है, सभी को सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी का मोह है.
भार्गव के बयान को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुवेर्दी ने कहा कि ये गोपाल भार्गव की राजनीतिक पीड़ा, हताशा, निराशा और कुंठा है. ये समझ से परे है कि कितने लोग 3-4 विधायकों के दम पर मुख्यमंत्री बनने की बात करते हैं. वहीं भाजपा नेताओं के ऐसे बयानों पर कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद जब प्रदेश की जनता ने भाजपा को विपक्ष में बैठने का आदेश दिया तो बीजेपी के नेता जल बिन मछली की तरह तड़प रहे हैं. 

संघ प्रमुख संगठन में कसावट को लेकर पदाधिकारियों को करेंगे सक्रिय

मोहन भागवत ने प्रचारकों के साथ शुरु की बैठक, सीएए के विरोध की ली जानकारी 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने राजधानी भोपाल में आज से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए प्रचारकों के साथ चर्चा शुरु कर दी है. संघ प्रमुख ने इन दोनों राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध को लेकर प्रचारकों से चर्चा की और जानकारी ली. प्रचारकों को संघ प्रमुख राजधानी में हो रही बैठक में संगठन में कसावट और मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रचारकों के अलावा पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे और रणनीति बनाएंगे.
संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं. गुना में युवा सम्मेलन में शामिल होने के बाद बीती रात वे भोपाल पहुंचे. आज सुबह से उन्होंने शारदा विहार में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के प्रचारकों के साथ बैठकों का दौर शुरु कर दिया. 6 फरवरी तक संघ प्रमुख राजधानी भोपाल में रहकर भाजपा और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा संघ पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा करेंगे. माना जा रहा है कि संघ प्रमुख  इन बैठकों में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून का हो रहा विरोध की जानकारी लेंगे साथ ही प्रचारकों को इन राज्यों में कानून के पक्ष में प्रचार के लिए सक्रिय करेंगे.  बैठक में वे इन प्रचारकों को युवाओं तक पहुंचने के लिए जिलावार योजनाएं भी सौंपेंगे. 
सूत्रों की माने तो संघ  प्रमुख की इन बैठकों के जरिए संगठन में कसावट लाने और भाजपा में चल रही खींचतान को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा करने की रणनीति भी है. खासकर मध्यप्रदेश में लगातार भाजपा नेताओं के बीच मतभेद से उभरते नजर आ रहे हैं. इसे लेकर संघ प्रमुख चिंतित हैं. सूत्रों की माने तो संघ प्रमुख की पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में झाबुआ उपचुनाव में भाजपा को मिली हार का मामला भी आएगा. इसके अलावा राज्य में होने वाले दो विधानसभा क्षेत्रों जौरा और  आगर में होने वाले उपचुनाव को लेकर भी भाजपा नेताओं से चर्चा कर रणनीति तय की जाएगी. 
संघ प्रमुख द्वारा ली जा रही  इन बैठकों में संघ के तमाम संगठनों के साथ वार्षिक कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी और संघ से जुड़े संगठनों विशेष रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लिए रोडमैप बनाएंगे. ये सभी कार्यक्रम भी शारदा विहार में ही होंगे. भागवत संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और प्रचारकों के साथ चार दिनों तक बैठकें करेंगे. बताया जाता है कि मध्यक्षेत्र के प्रचारकों की पांच साल बाद मध्यप्रदेश में इस तरह की बैठक हो रही है. संघ सीएए के खिलाफ देश के युवाओं में चल रहे असंतोष को दूर करने के लिए काम कर रही है, ताकि विरोध कर रहे इन लोगों को भी इस कानून के समर्थन में लाया जा सके.

रविवार, 2 फ़रवरी 2020

भोपाल, इंदौर में होगा आईफा अवार्ड समारोह, आज तारीख घोषित करेगे सलमान


आईफा अवार्ड 2020 का आयोजन इस बार मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में होगा. इसकी तारीखों की घोषणा कल 3 फरवरी को फिल्म अभिनेता सलमान खान, फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण करेंगे.
आईफा अवार्ड 2020 की तैयारियों के लिए सरकार जुटी है. यह पहला अवसर होगा जब मध्यप्रदेश में यह समारोह होगा.  राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आईफा फिल्म अवार्ड 2020 के लिए समिति का गठन किया है. समिति में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव गृह, प्रमुख सचिव जनसंपर्क और सचिव वाणिज्यिक कर को सदस्य एवं सचिव पर्यटन को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है. इसके साथ ही आईफा फिल्म अवार्ड के कार्य सम्पादन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. 
इस अवार्ड समारोह को लेकर प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक यह अवार्ड समारोह मुंबई के अलावा विदेशों में ही आयोजित किया गया है, लेकिन यह गर्व का विषय है कि समारोह को आयोजित करने के लिए मध्यप्रदेश को चुना गया है. समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिसके तारतम्य में 3 फरवरी को फिल्म अभिनेता सलमान खान, फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण भी भोपाल आ रहे हैं.
राजधानी के मिंटो हाल में एक प्रेस कांफं्रेस में फिल्म अभिनेता सलमान खान, फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण मौजूद रहेंगे. इस अवसर पर अवार्ड की तारीख घोषित की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद रहेंगे. इसके बाद फिल्म अभिनेता सलमान खान, फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण के साथ मुख्यमंत्री की मीटिंग भी होगी जिसकी सभी तैयारियां की जा रही हैं.

अनुसूचित जाति वर्ग को रिझाएगी कांग्रेस


मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के पहले कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग को रिझाने का कार्यक्रम तय किया है. कांग्रेस इस वर्ग के लिए बुंदेलखंड में 9 फरवरी को एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल होंगे. 
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के पहले कांग्रेस हर वर्ग को साधने की रणनीति पर काम कर रही है. कांग्रेस ने इसके तहत अब अनुसूचित जाति वर्ग को आकर्षित करने का कार्यक्रम तय किया है. इसके तहत 9 फरवरी को कांगे्रस सागर में एक कार्यक्रम करने जा रही है. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित प्रदेश सरकार में शामिल सभी अनुसूचित जाति के मंत्री शामिल होंगे. कार्यक्रम में सरकार यह भी बताएगी कि उसने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए एक साल में कितने काम किए हैं. कांग्रेस अपने वचन पत्र के पूरे हुए वादों को भी यहां पर बताएगी. मुख्यमंत्री इस वर्ग के कोई बड़ी घोषणा भी इस दिन कर सकते हैं.
कांग्रेस द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में  में रविदास मंदिरों से जुड़े संतों को भी बुलाया जाएगा. बुंदेलखंड में रविदास  के कई मंदिर है. प्रदेश के कई हिस्सों में भी उनके मंदिर है. इन सभी मंदिरों से जुड़े संतों का यहां पर समागम भी होगा. संतों के लिए अलग से मंच बनाया जा सकता है.

इस्तीफों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता


सीएए को लेकर मध्यप्रदेश भाजपा में अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों ने भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह खुद लगातार अल्पसंख्यक नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, मगर नाराजगी को दूर करने में वे अब तक सफल नहीं हुए हैं.
सीएए को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है. वहीं भाजपा में इसे लेकर अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं की  नाराजगी थम नहीं रही है. भाजपा के लिए इन नेताओं की नाराजगी संकट बन गई है. जबलपुर, भोपाल, इंदौर गुना, खरगौन और सतना जिलों में अब तक करीब 1 हजार अल्पसंख्यक वर्ग के नेता भाजपा से नाता तोड़ चुके हैंं. इन  नेताओं के हो रहे सामूहिक इस्तीफे ने अब भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है. इस्तीफा देने वाले नेताओं में पूर्व राज्य सचिव अकरम खान, भाजपा मीडिया से सेल के प्रदेश प्रभारी जावेद बैग भी शामिल हैं. भाजपा नेता नासिर शाह तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर ही आरोप लगा चुके हैं. 
अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों के चलते पार्टी नेताओं की चिंता इस बात को लेकर और बढ़ गई है कि आने वाले समय में प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं. इन चुनावों पर अल्पसंख्यक नेताओं की नाराजगी का सीधा असर पड़ेगा.पार्टी हाईकमान फिलहाल इस्तीफों उतना गंभीर नजर नहीं आ रहा है, जितना की प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता चिंतित हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह खुद अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, मगर वे अपनी बात स्पष्ट तौर पर नाराज नेताओं से नहीं कर पा रहे हैं, इसके चलते अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं में और भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत लेंगे भाजपा से कामकाज का हिसाब

 राजधानी भोपाल में दो दिनों तक  पदाधिकारियों से करेंगे चर्चा

मध्यप्रदेश में डेरा डाले संघ प्रमुख मोहन भागवत अब प्रदेश में भाजपा से सालभर के कामकाज का हिसाब लेंगे. भागवत 5 और 6 फरवरी को भोपाल में संघ से जुड़े आनुशांगिक संगठनों की बैठक लेंगे. इसमें भाजपा के बड़े नेताओं को भी शामिल किया जाएगा. 
गुना में चल रहे युवा सम्मेलन में भाग लेने के बाद संघ प्रमुख 5 एवं 6 फरवरी को राजधानी में भाजपा की बैठक लेंगे. संघ प्रमुख द्वारा ली जाने वाली इस बैठक में भाजपा को सत्ता गंवाने के बाद सालभर में किए काम का हिसाब देना होगा. नेताओं को भाजपा के कब्जे वाली झाबुआ विधानसभा उपचुनाव की हार का भी असल कारण बताना होगा, तो आने वाले दो विधानसभा उपचुनाव में जीत की रणनीति भी बतानी होगीं इस दौरान मोहन भागवत प्रदेश बीजेपी में चल रही खींचतान को लेकर भी मंथन करेंगे.
संघ प्रमुख द्वारा ली जाने वाली इस बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे. बैठक में पिछले साल भाजपा के दो विधायकों शरद कोल और नारायण त्रिपाठी द्वारा कांग्रेस का समर्थन करने का मुद्दा भी छाए  रहने की बात कही जा रही है. इसके अलावा सीएए को लेकर हाल ही में विधायक नारायण त्रिपाठी द्वारा दिए बयान को भी पार्टी लाइन से अलग माना गया है, इसे लेकर भी संघ प्रमुख भाजपा नेताओं से चर्चा करेंगे. वहीं समन्वय बैठक में सीएए, राममंदिर, तीन तलाक और अन्य मामलों पर भी चर्चा की जाएगी. सूत्रों की माने तो भाजपा में चल रही खींचतान और घमासान पर भी मोहन भागवत के सवालों के जवाब बीजेपी के बड़े नेताओं को इस दो दिवसीय दौरे में देने होंगे. बता दें संघ बीच-बीच में बीजेपी के बड़े नेताओं की बैठक लेता रहता है.
 लगातार बढ़ रहा है युवाओं का रुझान
गत वर्षों में युवाओं का रुझान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ लगातार बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में युवा संघ की शाखाओं एवं साप्ताहिक मिलनों में शामिल हो रहे हैं. संघ का मानना है कि राष्ट्र के निर्माण में इन युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. बैठक में युवाओं के लिए विशेष योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी. 
सेवा कार्यों की होगी समीक्षा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से अनेक संगठनों द्वारा चल रहे सेवा एवं समाज हित के कार्यों पर भी चर्चा होगी. बैतूल में संघ के माध्यम से चल रहे आदर्श ग्राम एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों के माध्यम से कई गांवों की सूरत बदली है. 15 गांवों को चिन्हित करके प्रभात ग्राम बनाने पर कार्य किया जा रहा है. प्रभात ग्राम के अंतर्गत इन गांवों में हर परिवार सौर उर्जा का इस्तेमाल करता है एवं जल संरक्षण के उपाय भी करता है. साथ हीं इन गांवों को प्लास्टिक एवं व्यसन मुक्त बनाया गया है.इस बैठक में इन कार्यों के विस्तार एवं नए प्रभात ग्रामों के चयन पर भी चर्चा होगी.
संघ प्रमुख पर दंगा कराने का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल का कहना है कि मोहन भागवत जहां-जहां जाते हैं वहां-वहां दंगा कराते हैं. उनका कहना है कि भागवत अगर भोपाल आ रहे हैं, तो यहां की पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट रहना पड़ेगा, ताकि वो यहां कोई दंगा ना भड़का सकें.