सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

संघ प्रमुख संगठन में कसावट को लेकर पदाधिकारियों को करेंगे सक्रिय

मोहन भागवत ने प्रचारकों के साथ शुरु की बैठक, सीएए के विरोध की ली जानकारी 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने राजधानी भोपाल में आज से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए प्रचारकों के साथ चर्चा शुरु कर दी है. संघ प्रमुख ने इन दोनों राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध को लेकर प्रचारकों से चर्चा की और जानकारी ली. प्रचारकों को संघ प्रमुख राजधानी में हो रही बैठक में संगठन में कसावट और मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रचारकों के अलावा पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे और रणनीति बनाएंगे.
संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं. गुना में युवा सम्मेलन में शामिल होने के बाद बीती रात वे भोपाल पहुंचे. आज सुबह से उन्होंने शारदा विहार में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के प्रचारकों के साथ बैठकों का दौर शुरु कर दिया. 6 फरवरी तक संघ प्रमुख राजधानी भोपाल में रहकर भाजपा और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा संघ पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा करेंगे. माना जा रहा है कि संघ प्रमुख  इन बैठकों में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून का हो रहा विरोध की जानकारी लेंगे साथ ही प्रचारकों को इन राज्यों में कानून के पक्ष में प्रचार के लिए सक्रिय करेंगे.  बैठक में वे इन प्रचारकों को युवाओं तक पहुंचने के लिए जिलावार योजनाएं भी सौंपेंगे. 
सूत्रों की माने तो संघ  प्रमुख की इन बैठकों के जरिए संगठन में कसावट लाने और भाजपा में चल रही खींचतान को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा करने की रणनीति भी है. खासकर मध्यप्रदेश में लगातार भाजपा नेताओं के बीच मतभेद से उभरते नजर आ रहे हैं. इसे लेकर संघ प्रमुख चिंतित हैं. सूत्रों की माने तो संघ प्रमुख की पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में झाबुआ उपचुनाव में भाजपा को मिली हार का मामला भी आएगा. इसके अलावा राज्य में होने वाले दो विधानसभा क्षेत्रों जौरा और  आगर में होने वाले उपचुनाव को लेकर भी भाजपा नेताओं से चर्चा कर रणनीति तय की जाएगी. 
संघ प्रमुख द्वारा ली जा रही  इन बैठकों में संघ के तमाम संगठनों के साथ वार्षिक कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी और संघ से जुड़े संगठनों विशेष रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लिए रोडमैप बनाएंगे. ये सभी कार्यक्रम भी शारदा विहार में ही होंगे. भागवत संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और प्रचारकों के साथ चार दिनों तक बैठकें करेंगे. बताया जाता है कि मध्यक्षेत्र के प्रचारकों की पांच साल बाद मध्यप्रदेश में इस तरह की बैठक हो रही है. संघ सीएए के खिलाफ देश के युवाओं में चल रहे असंतोष को दूर करने के लिए काम कर रही है, ताकि विरोध कर रहे इन लोगों को भी इस कानून के समर्थन में लाया जा सके.

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