रविवार, 2 फ़रवरी 2020

इस्तीफों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता


सीएए को लेकर मध्यप्रदेश भाजपा में अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों ने भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह खुद लगातार अल्पसंख्यक नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, मगर नाराजगी को दूर करने में वे अब तक सफल नहीं हुए हैं.
सीएए को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है. वहीं भाजपा में इसे लेकर अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं की  नाराजगी थम नहीं रही है. भाजपा के लिए इन नेताओं की नाराजगी संकट बन गई है. जबलपुर, भोपाल, इंदौर गुना, खरगौन और सतना जिलों में अब तक करीब 1 हजार अल्पसंख्यक वर्ग के नेता भाजपा से नाता तोड़ चुके हैंं. इन  नेताओं के हो रहे सामूहिक इस्तीफे ने अब भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है. इस्तीफा देने वाले नेताओं में पूर्व राज्य सचिव अकरम खान, भाजपा मीडिया से सेल के प्रदेश प्रभारी जावेद बैग भी शामिल हैं. भाजपा नेता नासिर शाह तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर ही आरोप लगा चुके हैं. 
अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों के चलते पार्टी नेताओं की चिंता इस बात को लेकर और बढ़ गई है कि आने वाले समय में प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं. इन चुनावों पर अल्पसंख्यक नेताओं की नाराजगी का सीधा असर पड़ेगा.पार्टी हाईकमान फिलहाल इस्तीफों उतना गंभीर नजर नहीं आ रहा है, जितना की प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता चिंतित हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह खुद अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, मगर वे अपनी बात स्पष्ट तौर पर नाराज नेताओं से नहीं कर पा रहे हैं, इसके चलते अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं में और भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.

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