मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने आज कोरोना वायरस को लेकर लोगों का सजग रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ये एक चुनौती है, लेकिन डरने की आवश्यकता नहीं.
कोरोना वायरस को लेकर देशभर के साथ मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. भारत सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण से चीन में 361 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक अपील जारी करते हुए लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही कोरोना वायरस से बचाव है. संक्रमित व्यक्ति से मिलने से बचा जाए और मध्यप्रदेश सरकार ने हर स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में इसके लिए बचाव के इंतजाम किए है.
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि नोवल कोरोना वायरस कंट्रोल-रूम, दूरभाष टोल-फ्री नंबर-104, प्रतिदिन सुबह 8 से रात 8 बजे तक कमला नेहरू अस्पताल, हमीदिया अस्पताल के पास, भोपाल में स्थापित किया गया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शंका का समाधान उपरोक्त टोल-फ्री नंबर-104 पर प्राप्त करें. मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए संभावित संक्रमित रोगी के संपर्क में न आएं, हाथ न मिलाएं, गले न लगाएं. हाथों को स्वच्छ पानी से धोएं, अधिक मात्रा में तरल पदार्थ एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें. मास्क का उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार के लक्षण आने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में सम्पर्क करें. स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने भी कहा कि चीन में भारत के करीब छह सौ नागरिक चीन में फंसे हुए थे. शनिवार और रविवार को एयरलिफ्ट कर करीब सभी नागरिकों को वापस लाया गया है. सभी को दिल्ली के छावला स्थित आटीबीपी सेंटर और सेना के मानेसर में तैयार शिविर में 14 दिनों तक रखा जाएगा.
ज्ञातव्य है कि वर्तमान में चीन के हुबई प्रांत के वुहान शहर में एक नए प्रकार के वायरस 'नोवल कोरोना' का संक्रमण हुआ है. इसके संक्रमण के लक्षण तेज बुखार, सूखी खांसी, कमजोरी, गले में खराश एवं श्वास लेने में तकलीफ है. चीन के वुहान शहर एवं प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले व्यक्ति से इस संक्रमण के फैलने की संभावना होती है.
कोरोना वायरस को लेकर देशभर के साथ मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. भारत सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण से चीन में 361 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक अपील जारी करते हुए लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही कोरोना वायरस से बचाव है. संक्रमित व्यक्ति से मिलने से बचा जाए और मध्यप्रदेश सरकार ने हर स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में इसके लिए बचाव के इंतजाम किए है.
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि नोवल कोरोना वायरस कंट्रोल-रूम, दूरभाष टोल-फ्री नंबर-104, प्रतिदिन सुबह 8 से रात 8 बजे तक कमला नेहरू अस्पताल, हमीदिया अस्पताल के पास, भोपाल में स्थापित किया गया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शंका का समाधान उपरोक्त टोल-फ्री नंबर-104 पर प्राप्त करें. मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए संभावित संक्रमित रोगी के संपर्क में न आएं, हाथ न मिलाएं, गले न लगाएं. हाथों को स्वच्छ पानी से धोएं, अधिक मात्रा में तरल पदार्थ एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें. मास्क का उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार के लक्षण आने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में सम्पर्क करें. स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने भी कहा कि चीन में भारत के करीब छह सौ नागरिक चीन में फंसे हुए थे. शनिवार और रविवार को एयरलिफ्ट कर करीब सभी नागरिकों को वापस लाया गया है. सभी को दिल्ली के छावला स्थित आटीबीपी सेंटर और सेना के मानेसर में तैयार शिविर में 14 दिनों तक रखा जाएगा.
ज्ञातव्य है कि वर्तमान में चीन के हुबई प्रांत के वुहान शहर में एक नए प्रकार के वायरस 'नोवल कोरोना' का संक्रमण हुआ है. इसके संक्रमण के लक्षण तेज बुखार, सूखी खांसी, कमजोरी, गले में खराश एवं श्वास लेने में तकलीफ है. चीन के वुहान शहर एवं प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले व्यक्ति से इस संक्रमण के फैलने की संभावना होती है.

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