गुरुवार, 6 अप्रैल 2023

महाकुंभ के जरिए अनुसूचित जाति के मतदाताओं को साधेगी भाजपा

 बसपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी

मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का फोकस हर वर्ग को साधने पर है। पेसा एक्ट के जरिए आदिवासी वर्ग को साधने और लाड़ली बहना के सहारे आधी आबादी यानि महिलाओं को आकर्षित करने के बाद अब भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग को साधने की तैयारी में जुट गई है। 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर महूं में और फिर ग्वालियर में 16 अप्रैल को किए जा रहे महाकुंभ के जरिए भाजपा का लक्ष्य इस वर्ग को साधने का है।
प्रदेश सरकार की लगातार की जा रही घोषणाएं और भाजपा संगठन के कार्यक्रमों ने प्रदेश में कांग्रेस सहित अन्य दलों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। भाजपा इस बार घोषणाओं को चुनाव के पहले अमलीजामा पहना कर इन दलों को परेशान कर रही है। फिर चाहे आदिवासी वर्ग के लिए पेसा एक्ट हो या फिर हाल ही में घोषित की लाडली बहना योजना हो। पेसा एक्ट लागू कर दिया गया है, वहीं लाडली बहना योजना के तहत सरकार जून माह तक बहनों के खातों में एक हजार रूपए जमा कराने की तैयारी कर चुकी है। अब भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग को साधने के लिए प्रदेश में दो बड़े आयोजन करने की तैयारी है। 14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल को ग्वालियर में अनुसूचित जाति वर्ग का महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है। इस महाकुंभ में सरकार इस वर्ग के लिए कोई बड़ी घोशणा भी करने जा रही है। वहीं प्रदेश के सागर जिले में बनाए जा रहे संत रविदास मंदिर के निर्माण की योजना भी बनाई जाएगी। इस मंदिर निर्माण की घोशणा खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी को एक कार्यक्रम के दौरान की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सरकार ने मंदिर के लिए 11 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। इस मंदिर का निर्माण भाजपा अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तर्ज पर करना चाहती है। भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा ने इसकी रणनीति भी बनाई है।
राम मंदिर निर्माण की तरह मांगेंगे चंदा
भाजपा की योजना है कि सागर जिले नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़तूमा में बनाए जाने वाले इस भव्य मंदिर के लिए राम मंदिर की तर्ज पर ईट, पत्थर, मिट्टी और चावल लोगों से चंदे के रूप में लिया जाएगा। चावल का उपयोग मंदिर के भूमिपूजन के दौरान आयोजित किए जाने वाले भोज के लिए किया जाएगा। जबकि ईट, पत्थर और मिट्टी मंदिर निर्माण के काम आएगी। भाजपा की योजना है कि हर गांव से एक मुट्ठी ईंट इस मंदिर के निर्माण के लिए लाई जाए। मंदिर निर्माण के लिए भाजपा ने सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।
कांग्रेस की सीटों पर नजर
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 35 सीटें आरक्षित है। वर्तमान में इनमें से 20 पर भाजपा और 15 पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि इस वर्ग को वोट बैंक मानने वाली बहुजन समाज पार्टी के खाते में एक भी सीट नहीं है। भाजपा इस चुनाव में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना और कांग्रेस की सीटों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी करीब 21 प्रतिशत है। इस आबादी को साधने में अगर भाजपा सफल रही तो कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।
बसपा को भी लगेगा झटका
ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा का भी प्रभाव रहा है। इस अंचल की अधिकांश सीटों पर इस वर्ग का मतदाता परिणामों पर सीधा प्रभाव डालता है। यही वजह है कि भाजपा ने महाकुंभ के लिए ग्वालियर को चुना है। यहां से भाजपा प्रदेश स्तर पर इस वर्ग के मतदाताओं को बड़ा संदेश देकर अपनी ओर आकर्षित करने की तैयारी कर चुकी है। 

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

टिकट की दावेदारी की थी तैयारी, दे दिया अशासकीय पद

नाराज हों उसके पहले भाजपा ने मनाने का किया जतन


भाजपा में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले टिकट के दावेदारों को अभी से साधना शुरू कर दिया है। दावेदारों को पद देकर मौन रहने के संकेत दिए जाने लगे हैं। हाल ही में हुई अशासकीय पदों पर नियुक्ति से संगठन और सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि दावेदारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें पद दिया जा रहा है, ताकि टिकट वितरण के दौरान नेताओं की नाराजगी कम हो या न हो। 

लंबे समय से इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार के साथ निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अलावा अन्य अशासकीय पदों पर नियुक्ति करने की तैयारी कर रही है। इस तैयारी के तहत सोमवार को पांच लोगों की पद दिए गए। इनमें भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर कृश्ण मोहन सोनी को अध्यक्ष और सुनील पांडे एवं अनिल अग्रवाल लिली को उपाध्यक्ष बनाया गया है। ये तीनों ही राजधानी में अलग-अलग विधानसभा सीटों के लिए दावेदारी करते नजर आ रहे थे। इनकी दावेदारी से भाजपा के समीकरण भी बिगड़ने के आशंका दिख रही थी। यही वजह है कि संगठन ने तीनां को चुनाव के पहले ही पद देकर शांत करने का प्रयास किया है। इसी तरह नीमच के बाबूलाल बंजारा और इंदौर के राकेश गोलू शुक्ला की विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी को देखते हुए मध्य प्रदेश राज्य विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जाति विकास प्राधिकरण व इंदौर विकास प्राधिकरण में नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की चर्चाएं हैं। सूत्रों की माने तो सरकार मंत्रिमंडल विस्तार के पहले इसी तरह कुछ और स्थानों के टिकट के दावेदारों को पद दे सकती है। 

इन्हें पहले दिए जा चुके हैं पद

भाजपा ने दो टिकट के दावेदारों को पहले ही पद देकर राजनीतिक नियुक्तियां कर उनके समर्थकों को ष्शांत रखने का काम किया था। इनमें राजधानी भोपाल के वरिष्ठ भाजपा नेता रामदयाल प्रजापति और शैतान सिंह पाल को भी राजनीतिक नियुक्तियां दी गई हैं। प्रजापति भोपाल उत्तर तो शैतान सिंह पाल भोपाल मध्य विधानसभा सीट के दावेदार माने जा रहे हैं। मगर इन नियुक्तियों को लेकर अब जो चर्चा है, उससे भोपाल की 3 विधानसभा सीटों भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम और भोपाल मध्य के राजनीतिक समीकरण पर असर पड़ेगा। भोपाल विकास प्राधिकरण में जो तीन नियुक्तियां की गई हैं, ये तीनों ही इन विधानसभा क्षेत्रों से अलग-अलग दावेदारी करते नजर आ रहे थे। 


शुक्रवार, 16 सितंबर 2022

आदिवासियों को साधने भाजपा के दिग्गज उतरे मैदान में

 विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर भाजपा का पूरा फोकस आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 46 सीटों पर है। इन सीटों के लिए वह पूरी रणनीति के साथ काम कर रही है। अब राज्य के जिन नगर पालिका और नगर परिषदों में चुनाव हो रहे हैं उनमें आदिवासी वर्ग की संख्या को देखते हुए भाजपा के दिग्गज नेताओं ने मैदानी सक्रियता बढा दी है। भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, प्रदेष संगठन महामंत्री और खुद प्रदेष अध्यक्ष इन दिनों इन क्षेत्रों में सक्रियता दिखा रहे हैं। 

प्रदेश  में 17 नगर पालिका और 29 नगर परिषदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें अधिकांश स्थान आदिवासी बहुल आते हैं। इसे देखकर संगठन ने अब रणनीति के तहत अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश  भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा ने बैतूल, प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने झाबुआ-अलीराजपुर और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मंडला जिले में सक्रियता बढ़ाई है। जामवाल ने अपने दूसरे प्रदेश प्रवास के दौरान इंदौर पहुंचकर सीधे झाबुआ-अलीराजपुर की ओर रूख किया और वे वहां के आदिवासी मतदाताओं के बीच पहुंचे और उनका रूख टटोला। वहीं अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा एवं प्रदेश  संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी नगरीय चुनाव के बहाने आदिवासी वर्ग में सक्रियता दिखाकर मतदाता का मन टटोल रहे हैं। कुल मिलाकर भाजपा संगठन का फोकस आदिवासी वर्ग की आरक्षित 46 सीटों पर है। इन सीटों पर भाजपा को 2018 के चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा था, इसके चलते भाजपा इस बार किसी तरह की कोई कमजोरी इन सीटों पर नहीं रहने देना चाह रही है। 

मंत्रियों को भी सौंपी जिम्मेदारी

नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने इन क्षेत्रों में मंत्रियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही विधायकों को भी सक्रिय किया है। साथ ही विधायक दल की बैठक में इन्हें साफ कहा गया है कि पहली प्राथमिकता इन निकाय चुनाव को दें, खासकर आदिवासी वर्ग के मतदाताओं के बीच पहुंचे और उन्हें योजनाओं की जानकारी दें। यह भी देखंे कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। 


रविवार, 21 अगस्त 2022

आदिवासी अंचलों में लगेगी चौपाल, सरकार की गिनाएंगे नाकामी

कांग्रेस की आदिवासी वोट बैंक साधने की रणनीति


मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलांे ने विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर मैदानी सक्रियता बढ़ाना षुरू कर दिया है। कांग्रेस अब आदिवासी वोट बैंक को साधने की कवायद में जुट गई है। कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह आदिवासी अंचलों में जाकर चौपाल लगाएगी और सरकार की नागामी को गिनाएगी।
प्रदेश में भाजपा की आदिवासी वर्ग की आरक्षित सीटों पर बढ़ती सक्रियता को देख अब कांग्रेस ने भी इन सीटों पर फोकस कार्यक्रम करने की रणनीति तय की है। कांग्रेस को इस बात की ंिचता है कि कहीं उसके हाथ से यह वोट बैंक छीटक न जाए। वैसे राष्ट्रपति चुनाव में जिस तरह से कांग्रेस के विधायकों ने झटका देकर क्रॉस वोटिंग की है, उससे वह अब तक उबर नहीं पाई है। इसके चलते अब कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ-साथ आदिवासी वर्ग के मतदाता को साधने की रणनीति पर काम करना शुरू किया है। कांग्रेस ने तय किया है कि प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लोगों पर हो रहे अत्याचार और आदिवासियों की अन्य समस्याओं को लेकर उनके बीच पहुंच जाए। इसके लिए अब उसने आदिवासी अंचलों में चौपाल लगाने का फैसला किया है।
कांग्रेस का आदिवासी विभाग भगवा ब्रिगेड की मॉब लिंचिंग सरीखे मुद्दों के जरिए 89 ब्लॉकों में सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी शुरु कर रहा है। कांग्रेस आदिवासी विभाग के अध्यक्ष और विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने बताया कि नेमावर, सिवनी, लटेरी जैसी हिंसक घटनाओं पर अब तक पीड़ितांे को इंसाफ नहीं मिला है। हम प्रदेष के आदिवासी अंचलों में जाकर आदिवासियों के साथ चौपाल कार्यक्रम आयोजित करेंगे और उनके बीच ही उनकी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान सरकार की नाकामियों को भी गिनाया जाएगा। बाद में आदिवासी वर्ग की समस्याओं को लेकर प्रदेष स्तर पर आंदोलन भी किए जाएंगे।

जोमैटो ने मांगी माफी, हटाया विज्ञापन

महाकाल थाली विवाद पर गृह मंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश


महाकाल की थाली वाले विज्ञापन को लेकर फूड कंपनी जोमैटो ने माफी मांगी है। साथ ही विज्ञापन को भी हटा दिया हैं। महाकाल मंदिर के पुजारियों के विरोध के बाद मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उज्जैन एसपी को वीडियो की जांच करने के निर्देष दिए थे।
दरअसल, ऑनलाइन फूड डिलेवरी कंपनी जोमैटो ने अपने विज्ञापन में महाकाल मंदिर उज्जैन से जोड़ते हुए महाकाल थाली पर एड बनाया है। कंपनी का यह विज्ञापन फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने किया है। विज्ञापन में फिल्म एक्टर ऋतिक रोशन कह रहे हैं कि थाली का मन किया, उज्जैन में हैं, तो महाकाल से मंगा लिया। इस विज्ञापन को देखने के बाद से उज्जैन में महाकाल मंदिर के प्रबंधन ने जोमैटो कंपनी और विज्ञापन में अभिनय करने वाले ऋतिक रोशन से माफी मांगने की मांग करते हुए विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से बंद करने की अपील की हैं।  इस विवाद को लेकर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस वायरल वीडियो पर बयान देते हुए कहा कि एसपी उज्जैन को वीडियो की सत्यता जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। गृहमंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में वीडियो मॉर्फ लग रहा है।
कंपनी ने दी सफाई
विरोध के बाद जोमैटो कंपनी ने विज्ञापन को हटा लिया और माफी भी मांगी है। जोमैटो ने अपनी सफाई में कहा है कि यह विज्ञापन उनके भारत भर में जारी कैंपेन का हिस्सा है। इसमें वह स्थानीय तौर पर प्रसिद्ध फूड आउटलेट्स के सबसे अधिक चर्चित मेन्यू को प्रमोट कर रहे हैं। हम उज्जैन के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इस विज्ञापन को बंद कर दिया गया है। हमारा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हम इसके लिए माफी मांगते हैं।
 

महाकाल थाली विवाद, एसपी को दिए जांच के निर्देश


अभिनेता ऋतिक रोशन के कथित महाकाल की थाली वाले वीडियो को लेकर मामला गर्मा गया है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उज्जैन एसपी को वीडियो की जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रथम दृष्टया यह वीडियो मॉर्फ लग रहा है। 

दरअसल, ऑनलाइन फूड डिलेवरी कंपनी जोमैटो ने अपने विज्ञापन में महाकाल मंदिर उज्जैन से जोड़ते हुए महाकाल थाली पर एड बनाया है। कंपनी का यह विज्ञापन फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने किया है। विज्ञापन में फिल्म एक्टर ऋतिक रोशन कह रहे हैं कि थाली का मन किया, उज्जैन में हैं, तो महाकाल से मंगा लिया। इस विज्ञापन को देखने के बाद से उज्जैन में महाकाल मंदिर के प्रबंधन ने जोमैटो कंपनी और विज्ञापन में अभिनय करने वाले ऋतिक रोशन से माफी मांगने की मांग करते हुए विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से बंद करने की अपील की हैं।  

इस विवाद को लेकर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री  मिश्रा ने इस वायरल वीडियो पर बयान देते हुए कहा कि एसपी उज्जैन को वीडियो की सत्यता जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। गृहमंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में वीडियो मॉर्फ लग रहा है। इस वायरल वीडियो में ऋतिक रोशन महाकाल थाली ऑर्डर करने की अपील कर रहे हैं। तो वहीं महांकाल मंदिर के पुजारियों ने जोमैटो के विज्ञापन पर आपत्ति की है।

शुक्रवार, 19 अगस्त 2022

भाजपा, अबकी बार दो सौ पार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा हार गए तो जीतने की तैयारी शुरू कर दो

मुख्यमंत्री  शिवराज   सिंह चौहान ने कहा कि हार गए तो जीतने की तैयारी शुरू कर दो, गिरो और कपड़े छाड़ों और चल दो, क्योंकि हार से मन पर असर नहीं पड़ता। अबकी बार तय करो, दो सौ पार।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान कही। दरअसल प्रदेश कार्यालय में आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस दौरान बंद कमरे में नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव को लेकर नया नारा अबकी बार दो सौ पार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हार गए तो जीतने की तैयारी ष्षुरू कर दो, गिरो और कपड़े छाड़ों और चल दो, क्योंकि हार से मन पर असर नहीं पड़ता। अबकी बार तय करो, दो सौ पार। बैठक में सभी को संभलकर बयानबाजी देने की नसीहत भी दी गई।
जिसने पार्टी का फैसला नहीं माना, उसे भुगतना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं देखता हूं, मै घमंडी तो नहीं हो गया। मैं हमेशा अपने आप को तोलता रहता हूं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए नसीहत देते हुए कहा कि मैं सबसे दो टूक कहना चाहता हूं कि जिन्होंने पार्टी के फैसले को नहीं माना उसे भुगतना होगा। बता दें कि इस बार के निकाय और पंचायत चुनाव में बागी नेताओं की लंबी सूची हैं, जिसने पार्टी के फैसले को न मानते हुए बगावत की थी।
जीत-हार सभी परिस्थितियों में एक समान रहे स्वर्गीय ठाकरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि जो हर परिस्थिति में एक समान हो वही मुझे प्रिय है। कुशाभाऊ ठाकरे का जीवन इसका अनुपम उदाहरण है। वह जीत-हार सभी परिस्थितियों में एक समान रहे और संगठन को गढ़ते रहे। जब डॉ. मुरली मनोहर जोशी  श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराने गए तब हजारों कार्यकर्ताओं के जोश को आदरणीय कुशाभाऊ ठाकरे के एक वाक्य ने अनुशासित कर दिया था। उन्होंने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे का जीवन संगठन को गढ़ने और कार्यकर्ताओं के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उनके साथ अनेकों स्मृतियां हैं, जब उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए स्वयं भी छोटा से छोटा काम करने में भी परहेज नहीं किया।