बसपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी
मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का फोकस हर वर्ग को साधने पर है। पेसा एक्ट के जरिए आदिवासी वर्ग को साधने और लाड़ली बहना के सहारे आधी आबादी यानि महिलाओं को आकर्षित करने के बाद अब भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग को साधने की तैयारी में जुट गई है। 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर महूं में और फिर ग्वालियर में 16 अप्रैल को किए जा रहे महाकुंभ के जरिए भाजपा का लक्ष्य इस वर्ग को साधने का है।
प्रदेश सरकार की लगातार की जा रही घोषणाएं और भाजपा संगठन के कार्यक्रमों ने प्रदेश में कांग्रेस सहित अन्य दलों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। भाजपा इस बार घोषणाओं को चुनाव के पहले अमलीजामा पहना कर इन दलों को परेशान कर रही है। फिर चाहे आदिवासी वर्ग के लिए पेसा एक्ट हो या फिर हाल ही में घोषित की लाडली बहना योजना हो। पेसा एक्ट लागू कर दिया गया है, वहीं लाडली बहना योजना के तहत सरकार जून माह तक बहनों के खातों में एक हजार रूपए जमा कराने की तैयारी कर चुकी है। अब भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग को साधने के लिए प्रदेश में दो बड़े आयोजन करने की तैयारी है। 14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल को ग्वालियर में अनुसूचित जाति वर्ग का महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है। इस महाकुंभ में सरकार इस वर्ग के लिए कोई बड़ी घोशणा भी करने जा रही है। वहीं प्रदेश के सागर जिले में बनाए जा रहे संत रविदास मंदिर के निर्माण की योजना भी बनाई जाएगी। इस मंदिर निर्माण की घोशणा खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी को एक कार्यक्रम के दौरान की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सरकार ने मंदिर के लिए 11 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। इस मंदिर का निर्माण भाजपा अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तर्ज पर करना चाहती है। भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा ने इसकी रणनीति भी बनाई है।
राम मंदिर निर्माण की तरह मांगेंगे चंदा
भाजपा की योजना है कि सागर जिले नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़तूमा में बनाए जाने वाले इस भव्य मंदिर के लिए राम मंदिर की तर्ज पर ईट, पत्थर, मिट्टी और चावल लोगों से चंदे के रूप में लिया जाएगा। चावल का उपयोग मंदिर के भूमिपूजन के दौरान आयोजित किए जाने वाले भोज के लिए किया जाएगा। जबकि ईट, पत्थर और मिट्टी मंदिर निर्माण के काम आएगी। भाजपा की योजना है कि हर गांव से एक मुट्ठी ईंट इस मंदिर के निर्माण के लिए लाई जाए। मंदिर निर्माण के लिए भाजपा ने सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।
कांग्रेस की सीटों पर नजर
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 35 सीटें आरक्षित है। वर्तमान में इनमें से 20 पर भाजपा और 15 पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि इस वर्ग को वोट बैंक मानने वाली बहुजन समाज पार्टी के खाते में एक भी सीट नहीं है। भाजपा इस चुनाव में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना और कांग्रेस की सीटों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी करीब 21 प्रतिशत है। इस आबादी को साधने में अगर भाजपा सफल रही तो कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।
बसपा को भी लगेगा झटका
ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा का भी प्रभाव रहा है। इस अंचल की अधिकांश सीटों पर इस वर्ग का मतदाता परिणामों पर सीधा प्रभाव डालता है। यही वजह है कि भाजपा ने महाकुंभ के लिए ग्वालियर को चुना है। यहां से भाजपा प्रदेश स्तर पर इस वर्ग के मतदाताओं को बड़ा संदेश देकर अपनी ओर आकर्षित करने की तैयारी कर चुकी है।
प्रदेश सरकार की लगातार की जा रही घोषणाएं और भाजपा संगठन के कार्यक्रमों ने प्रदेश में कांग्रेस सहित अन्य दलों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। भाजपा इस बार घोषणाओं को चुनाव के पहले अमलीजामा पहना कर इन दलों को परेशान कर रही है। फिर चाहे आदिवासी वर्ग के लिए पेसा एक्ट हो या फिर हाल ही में घोषित की लाडली बहना योजना हो। पेसा एक्ट लागू कर दिया गया है, वहीं लाडली बहना योजना के तहत सरकार जून माह तक बहनों के खातों में एक हजार रूपए जमा कराने की तैयारी कर चुकी है। अब भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग को साधने के लिए प्रदेश में दो बड़े आयोजन करने की तैयारी है। 14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल को ग्वालियर में अनुसूचित जाति वर्ग का महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है। इस महाकुंभ में सरकार इस वर्ग के लिए कोई बड़ी घोशणा भी करने जा रही है। वहीं प्रदेश के सागर जिले में बनाए जा रहे संत रविदास मंदिर के निर्माण की योजना भी बनाई जाएगी। इस मंदिर निर्माण की घोशणा खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी को एक कार्यक्रम के दौरान की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सरकार ने मंदिर के लिए 11 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। इस मंदिर का निर्माण भाजपा अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तर्ज पर करना चाहती है। भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा ने इसकी रणनीति भी बनाई है।
राम मंदिर निर्माण की तरह मांगेंगे चंदा
भाजपा की योजना है कि सागर जिले नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़तूमा में बनाए जाने वाले इस भव्य मंदिर के लिए राम मंदिर की तर्ज पर ईट, पत्थर, मिट्टी और चावल लोगों से चंदे के रूप में लिया जाएगा। चावल का उपयोग मंदिर के भूमिपूजन के दौरान आयोजित किए जाने वाले भोज के लिए किया जाएगा। जबकि ईट, पत्थर और मिट्टी मंदिर निर्माण के काम आएगी। भाजपा की योजना है कि हर गांव से एक मुट्ठी ईंट इस मंदिर के निर्माण के लिए लाई जाए। मंदिर निर्माण के लिए भाजपा ने सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।
कांग्रेस की सीटों पर नजर
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 35 सीटें आरक्षित है। वर्तमान में इनमें से 20 पर भाजपा और 15 पर कांग्रेस का कब्जा है। जबकि इस वर्ग को वोट बैंक मानने वाली बहुजन समाज पार्टी के खाते में एक भी सीट नहीं है। भाजपा इस चुनाव में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना और कांग्रेस की सीटों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी करीब 21 प्रतिशत है। इस आबादी को साधने में अगर भाजपा सफल रही तो कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।
बसपा को भी लगेगा झटका
ग्वालियर-चंबल अंचल में बसपा का भी प्रभाव रहा है। इस अंचल की अधिकांश सीटों पर इस वर्ग का मतदाता परिणामों पर सीधा प्रभाव डालता है। यही वजह है कि भाजपा ने महाकुंभ के लिए ग्वालियर को चुना है। यहां से भाजपा प्रदेश स्तर पर इस वर्ग के मतदाताओं को बड़ा संदेश देकर अपनी ओर आकर्षित करने की तैयारी कर चुकी है।
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