शुक्रवार, 16 जून 2023

आदिवासी सीटों पर खोया धनाधार तलाश रही भाजपा

 एक बार फिर बड़े नेताओं और संघ ने बढ़ाई सक्रियता

भोपाल। प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर लगातार गिर रहे भाजपा के जनाधार को लेकर संघ और केन्द्रीय नेतृत्व चिंतित है। प्रदेश संगठन भी इन सीटों पर फोकस करते हुए कार्यक्रम कर रहा हैं। वहीं अब संघ और भाजपा के राश्टीय नेताओं ने एक बार फिर इन सीटों पर फोकस करते हुए चुनावी रणनीति तय की है और ये नेता अब मैदान में उतर रहे हैं।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आदिवासी वर्ग का मतदाता चिंता बना हुआ है। यह मतदाता प्रदेश की करीब 84 सीटों के चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाला है। इस वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों पर भाजपा का ग्राफ 2003 के बाद लगातार गिर रहा है। इसने भाजपा के साथ संघ की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि इन दिनों संघ पदाधिकारियों ने मालवा अंचल पर फोकस कर चुनावी रणनीति के तहत मैदानी मोर्चा संभाला है। संघ की सक्रियता के अलावा अब प्रदेश संगठन और राश्टीय नेताओं की सक्रियता भी इन सीटों पर दिखाई देने लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड़डा के अलावा गृह मंत्री अमित ष्शाह के होने वाले प्रदेश के दौरे भी इन सीटों को फोकस करते हुए तय किए हैं। प्रधानमंत्री मध्यप्रदेश दौरे की ष्शुरूआत धार से करेंगे। जब नड्डा खरगोन और शाह बालाघाट पहुंचेंगे। भाजपा इस चुनाव में किसी भी तरह से आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर एक बार फिर 2003 के चुनाव की तरह चुनाव परिणाम लाना चाह रही है। इस चुनाव में भाजपा को 37 सीटें आदिवासी वर्ग की आरक्षित सीटों में से मिली थी, जबकि 2018 में इन भाजपा के खाते में मात्र 16 सीटें रह गई थी। अब भाजपा फिर से इन सीटों पर फोकस कर अपना खोया जनाधार लाना चाहती है।

दो साल से लगातार हो रहे बड़े कार्यक्रम

भाजपा ने इस वर्ग की आरक्षित सीटों को फोकस करते हुए दो साल पहले से ही कार्यक्रम करना शुरू कर दिया था। जबलपुर में अमित शाह ने सितंबर 2021 में गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मेंष्शामिल होकर प्रदेश संगठन को संकेत दिए थे कि यह वर्ग भाजपा के लिए कितना उपयोगी है। इसके बाद नवंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण कर इस वर्ग के बीच पैठ जमाने का काम किया। इसके बाद सरकार ने पेसा एक्ट कानून लागू कर लगातार इस वर्ग की आरक्षित सीटों पर लगातार कार्यक्रम किए। वहीं अब भी पूरा संगठन इन सीटों पर फोकस कर रणनीति के तहत कार्यक्रम कर रहा है। एक बार फिर भाजपा के बड़े नेताओं के कार्यक्रम इन सीटों को केन्द्रित करते हुए आयोजित किए जा रहे हैं।

गुरुवार, 8 जून 2023

एमपी में आदिवासी, मुस्लिम मतदाता बढ़ाएंगे कांग्रेस की परेशानी

केसीआर और ओवैसी बिगाड़ रहे समीकरण, भाजपा को हो सकता है फायदा

भोपाल। चुनावी साल में भाजपा के लिए सबसी बड़ी मुसीबत प्रदेश का आदिवासी
मदताता था, जिसे लेकर हर बैठक में पदाधिकारी चिंतित रहते थे। मगर अब आदिवासी वर्ग के बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर पैठ जमाने में जुट गए हैं। वहीं मुस्लिम मतदाताओं के बीच ओवैसी भी अपने दल के सहारे प्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। ये दोनों दल कांग्रेस के लिए चुनाव में बड़ी परेशानी खड़ी करते नजर आ रहे हैं। दोनों ही दलों ने मालवा अंचल पर ज्यादा पूरा फोकस किया हुआ है, जहां से कांग्रेस के लिए सत्ता बनाने का रास्ता निकलता है। 

प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जहां अपनों से जूझ रही थी, वहीं अब उसके लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। दोनों ही दलों ने इस साल मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के राजनीतिक जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। केसीआर इन दिनों प्रदेश में अपने दल भारत राष्ट्र समिति को मजबूत करने के लिए लगातार भाजपा, कांग्रेस के अलावा बसपा और आदिवासी संगठनां से जुड़े लोगों को दल में शामिल करा रहे हैं। पूर्व लोकसभा सदस्य बुद्धसेन पटेल, पूर्व विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े रहे धीरेन्द्र धीरू पहले ही केसीआर के साथ हो गए हैं। ये नेता विंध्य अंचल में कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। वहीं मालवा अंचल में केसीआर के साथ हुए डा आनंद राय के नेतृत्व में जयस के कुछ पदाधिकारी कांग्रेस की मुसीबत खड़ी करेंगे। मालवा में जयस को मजबूती देने में वीरेन्द्र अछालिया के अलावा डा राय की अहम भूमिका रही। जयस के संरक्षक डा हीरालाल अलावा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से यह संगठन दो धड़ों में बंट चुका था। कुल मिलाकार केसीआर ने जिन लोगों को अपने दलों की सदस्यता दिलाई है, वे आदिवासी और दलित मतदाता के बीच खासी पैठ रखते हैं। इस अंचल में जयस ही भाजपा के लिए सबसे ज्यादा मुसीबत भी खड़ी कर रहा था। अब यह संगठन टूटकर दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। 

ओवैसी पहले ही हैं सक्रिय

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान से ही सक्रियता बढ़ाए हुए हैं। हाल ही में उन्होंने भी इंदौर में बैठक कर तय किया है कि मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में वे अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। इसके लिए उन्होंने मालवा अंचल की 15 विधानसभा सीटों का चयन भी किया है। इन सीटों पर ओवैसी ने सात सदस्यों की समिति बनाकर प्रत्याशी की तलाश का काम शुरू भी कर दिया है। मालवा में अगर मुस्लिम मतदाता का रूझान ओवैसी के दल की ओर हुआ तो कांग्रेस के लिए यह भी बड़ा झटका ही होगा। कांग्रेस को बीते चुनाव में मालवा अंचल में आदिवासी और मुस्लिम मतदाताओं का ही सहारा रहा है, जिसके दम पर वह सत्ता हासिल करने में कामयाब हुई थी। 

आप के निशाने पर भी आदिवासी नेता

आम आदमी पार्टी भी अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए प्रदेश के विंध्य के अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल में ज्यादा सक्रियता दिखा रही है। इन दिनों उसका फोकस भी वे आदिवासी नेता हैं, जो भाजपा और कांग्रेस की उपेक्षा के चलते हासिए पर चल रहे हैं। आप का पूरा फोकस इन दिनों इन नेताओं पर है। आप के पदाधिकारी चाहते हैं कि आदिवासी नेताओं को अपने दल में ष्शामिल कराकर उन्हें चुनाव मैदान में उतारा जाए। अगर ऐसा हुआ तो आप भी कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ेगी और इसका सीधा फायदा भी भाजपा को ही होगा। 


मंगलवार, 30 मई 2023

कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ने गृह मंत्री से मांगी सुरक्षा

मंत्री ने कहा रोएं नहीं, घबराए नहीं, हम सब साथ हैं

डिंडौरी जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र बिहारी शुक्ला ने राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को फोन कर सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुझे और मेरे परिवार को कांग्रेस की ओर से खतरा है। गृह मंत्री ने ष्शुक्ला को आश्वस्त किया कि आप खबराएं नहीं, हम-सब साथ हैं। 

डिंडौरी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेन्द्र बिहारी शुक्ला को हटाने के बाद से उनकी नाराजगी जारी है। इस बीच इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शुक्ला ने राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को फोन कर उनसे सुरक्षा की मांग कर डाली। गृह मंत्री से शिकायत करते हुए शुक्ला  रोने भी लगे। पूर्व जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके चरित्र को लेकर बदनाम करने की कोशिश की गई है। मेरे परिवार को कांग्रेस की ओर से खतरा है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया है और कहा कि घबराओ नहीं आप और हम सब साथ हैं। 

यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि वीरेंद्र बिहारी शुक्ला को डिंडोरी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद से हटाकर उनके स्थान पर अशोक पड़वार को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। इस फैसले से नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस समेत जिला पंचायत सदस्य एवं पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। डिंडोरी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष के थाने में शिकायत मामले पर गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष का थाने में आवेदन आया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को ऐसा नहीं करना चाहिए, आपको तानाशाह कह दिया तो उसका चरित्र हनन कर दिया।


बुधवार, 24 मई 2023

हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के दस सदस्यों को भेजा जेल

भोपाल। हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के 10 सदस्यों को आज रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के बाद सभी 10 सदस्यों को 2 जून तक ज्यूडिशयल रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब सभी 16 सदस्य जूडिशियल रिमांड पर रहेंगें 

हिज्ब-उत-तहरीर के 16 सदस्यों को एटीएस ने पिछले दिनों गिरफतार किया था। 10 भोपाल से, 1 छिंदवाड़ा और 5 हैदराबाद से गिरफतार किया गया था। 19 मई को एटीएस ने इन्हें अदालत में पेश किया था, जहां से 10 सदस्यों को रिमांड पर दिया गया था, ष्शेश 6 को जेल भेज दिया गया था। जिन 10 सदस्यों को रिमांड पर लिया गया था, उनकी रिमांड अवधि आज समाप्त होने पर फिर से अदालत में उन्हें पेश किया गया। अदालत ने आज उन्हें जेल भेज दिया है। अब पकड़े गए सभी 16 सदस्य जूडिशियल रिमांड पर रहेंगे।  बताया जा रहा है कि सभी सदस्यों के पास से हिज्ब-उत-तहरीर संगठन से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि एटीएस अब बड़ा खुलासा कर कार्रवाई कर सकती है।

संदिग्धों के कब्जे से आपत्तिजनक साहित्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कुछ अन्य सामग्री जब्त की गई है। पिछले साल, भोपाल से कई लोगों को प्रतिबंधित समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के साथ कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से जिहाद से जुड़े साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। 


शुक्रवार, 5 मई 2023

जामवाल, शिवप्रकाश हुए सक्रिय, चलता रहा बैठकों का दौर

नाराज नेताओं से करते रहे चर्चा, झा से की मुलाकात

भोपाल। पूर्व मंत्री दीपक जोशी के तीखे तेवरों को देख भाजपा संगठन सक्रिय हो गया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज बैठकों का दौर चलता रहा। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने मोर्चा संभाला है। अजय जामवाल और शिव प्रकाश ने असंतुष्ट नेताओं से भी चर्चा की। वहीं दीपक जोशी को मनाने के अंतिम प्रयास भी किए गए। संभावना है कि जोशी को अब राष्ट्रीय नेतृत्व संभालेंगा।
पूर्व मंत्री दीपक जोशी से इंदौर में भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने चर्चा की, मगर चर्चा बेनतीजा निकली। इसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व दीपक जोशी के अलावा अन्य नाराज नेताओं से सीधा संपर्क करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपी है। दोनों नेताओं ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकें की। बताया जाता है कि जो नेता प्रदेश संगठन की कार्यशैली से खफा है, उन सभी नेताओं से दोनों नेताओं ने संपर्क साधा है। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा से भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। जानकारी के अनुसार गंजबासौदा के भाजपा नेता प्रयागराज रघुवंशी की अजय जामवाल से मुलाकात हुई है।  रघुवंशी गंजबासौदा से दावेदारी कर रहे हैं। आधे घंटे दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। रघुवंशी पार्टी ने कहा कि संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा वह निभाऊंगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता हर नेता से संवाद कर रहे हैं।
वहीं दोनों नेताओं द्वारा नाराज चल रहे दीपक जोशी से भी संपर्क किया है, उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। जोशी से जो भी चर्चा हुई उसके बाद इन नेताओं ने  राष्ट्रीय नेतृत्व को इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि जोशी से अब राष्ट्रीय नेतृत्व ही संपर्क कर उन्हें मनाने का मोर्चा संभालेगा। सूत्रों के अनुसार जोशी को कांग्रेस की सदस्यता लेने के पहले एक बार दिल्ली पहुंचकर अपनी बात रखने को कहा जा रहा है।

पेपर आउट करने वालों पर लगेगी रासुका

अर्थदंड और सजा का भी रहेगा प्रावधान

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब कक्षा बारहवीं के पेपर आउट करने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मंडल ने पेपर आउट करने वालों पर रासुका के तहत कार्यवाही करते हुए 10 लाख रूपए का अर्थदंड और सजा का प्रावधान करने का निर्णय लिया है।
मंडल की कार्यपालिक समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है। बैठक में बताया गया कि कक्षा दसवीं और बारहवीं के परीक्षा पेपर की गोपनियता भंग करने के लिए पूर्व से ही तीन साल की सजा का प्रावधान है। कम सजा होने के चलते दोशी हमेशा बच निकलते हैं। मंडल ने भविश्य में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ा प्रावधान करने की जरूरत समझी। इसके चलते मंडल की कार्यपालिक समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल की अध्यक्ष वीरा राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह फैसला लिया गया कि पेपर आउट करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा 10 लाख का अर्थदंड और दस साल की सजा भी सुनाई जाए। इतना ही नहीं पेपर आउट करने वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाए। कार्यपालिक समिति की बैठक के इस प्रस्ताव को मंडल द्वारा जल्द ही शासन को भेजेगा। ताकि इस पर सरकार की मुहर लग सके और आगामी परीक्षा के पहले यह फैसला ले लिया जाए।

दीपक के बाद अब अनूप पर टिकी कांग्रेस की नजर

कांग्रेस में शामिल होने दिया खुला ऑफर

भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब छह माह से ज्यादा का समय है, मगर भाजपा में असंतुश्ट नेताओं की नाराजगी अब तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी पूरी भाजपा की पूरी टीम के मनाने पर भी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे कांग्रेस में शामिल होंगे। जोशी के तल्ख तेवर से भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच आज शुक्रवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को कांग्रेस में आने का खुला आफर दे दिया है। अनूप भी लंबे समय से उपेक्षा के चलते संगठन से नाराज चल रहे हैं।
दो सौ पार और 51 फीसदी वोट हासिल करने के लक्ष्य को लेकर चल रही भाजपा के सामने उसके अपने ही संकट खड़ा कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के भाजपा में शामिल होने और उन्हें पद दिए जाने को लेकर खफा खाटी के भाजपाईयों ने वैसे तो लंबे समय से संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मगर इसमें गर्माहट उस वक्त आई जब पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने तीखे तेवर दिखाए। दीपक जोशी को संगठन, सरकार और दिल्ली तक के बड़े नेताओं ने मनाने का पूरा जतन भी किया, मगर वे हैं कि मानने को तैयार नहीं। दीपक ने अपने पिता के सम्मान न होने की बात कहकर अब साफ संकेत दिए हैं कि वे कांग्रेस में जाने की तैयारी कर चुके हैं। बीती रात को इंदौर में भाजपा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के साथ हुई उनकी बैठक भी बेनतीजा ही निकली। रात को तो वे मौन रहे, मगर आज शुक्रवार की सुबह फिर उन्होंने मोर्चा खोला और साफ संकेत दे दिए कि वे कमलनाथ के साथ रहेंगे।
कमलनाथ ने 3 मिनट में दी जमीन, भाजपा ने तीन साल में नहीं बनाया स्मारक
दीपक जोशी ने साफ कर दिया कि भाजपा की ओर से ही राज्यसभा भेजने का वादा भी किया गया, साथ ही तत्काल कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की भी बात कही गई, लेकिन इन पदों का कोई फायदा नहीं, मैंने साफ इंकार कर दिया। मेरे पिता का अपमान हुआ है, मुझे अपने पिता के अपमान का बदला लेना है। गौरतलब है कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए स्वर्गीय कैलाश जोशी का स्मारक बनाने के लिए जमीन आवंटित कर दी थी, इसके बाद भाजपा की सरकार आने के बाद से अब तक दीपक जोशी स्मारक बनाने के लिए प्रयासरत रहे, मगर सरकार उनकी बात को सुन नहीं रही। इसके चलते वे ज्यादा खफा हुए हैं। उनका साफ कहना है कि कमलनाथ ने मेरे पिता के स्मारक के लिए तीन मिनट नहीं लगे और जमीन दे दी, भाजपा सरकार ने तीन साल में स्मारक नहीं बनाया।
कांग्रेस के ऑफर पर कहा मैं नहीं जा रहा कांग्रेस में
दीपक जोशी के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा पर कांग्रेस की नजरें टिकी हुई है। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मिश्रा को कांग्रेस में शामिल होने का खुला ऑफर भी दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अनूप मिश्रा मेरे मित्र हैं। मैं चाहूंगा कि वो कांग्रेस में आएं। मैं उनका स्वागत करूंगा। भाजपा में आपराधिक तत्वों का जमावड़ा है। भ्रष्टाचार, लूट मची हुई है। ईमानदार, भले आदमियों की बड़ी दुर्दशा हो रही है, इसलिए बेचारे उपेक्षित होकर घर बैठे हैं। हालांकि मिश्रा ने फिलहाल तो साफ कर दिया कि कांग्रेस में नहीं जाने वाले हैं। परिवार के बीच बैठकर चर्चा करेंगे। मैं ग्वालियर दक्षिण से इस बार चुनाव लडूंगा, यह मैंने पहले ही कह दिया है। मैं 8 मई को संगठन नेताओं से मिलकर बात करूंगा।
तो भाजपा ही भाजपा को हरा देगी : विजयवर्गीय
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी बयान आज सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुझे कहने में कोई संकोच नहीं कि आज की तारीख में मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस नहीं हरा सकती। कांग्रेस में दम नहीं हैं। विजयवर्गीय आगे कहते है कि हां, यदि हमने संगठन की गलतियों को ठीक नहीं किया तो भाजपा ही भाजपा को हरा सकती है। यह बात ठीक है कि हममें कुछ कमियां है, जिनको हम ठीक कर रहे हैं।