एक बार फिर बड़े नेताओं और संघ ने बढ़ाई सक्रियताभोपाल। प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर लगातार गिर रहे भाजपा के जनाधार को लेकर संघ और केन्द्रीय नेतृत्व चिंतित है। प्रदेश संगठन भी इन सीटों पर फोकस करते हुए कार्यक्रम कर रहा हैं। वहीं अब संघ और भाजपा के राश्टीय नेताओं ने एक बार फिर इन सीटों पर फोकस करते हुए चुनावी रणनीति तय की है और ये नेता अब मैदान में उतर रहे हैं।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आदिवासी वर्ग का मतदाता चिंता बना हुआ है। यह मतदाता प्रदेश की करीब 84 सीटों के चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाला है। इस वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों पर भाजपा का ग्राफ 2003 के बाद लगातार गिर रहा है। इसने भाजपा के साथ संघ की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि इन दिनों संघ पदाधिकारियों ने मालवा अंचल पर फोकस कर चुनावी रणनीति के तहत मैदानी मोर्चा संभाला है। संघ की सक्रियता के अलावा अब प्रदेश संगठन और राश्टीय नेताओं की सक्रियता भी इन सीटों पर दिखाई देने लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड़डा के अलावा गृह मंत्री अमित ष्शाह के होने वाले प्रदेश के दौरे भी इन सीटों को फोकस करते हुए तय किए हैं। प्रधानमंत्री मध्यप्रदेश दौरे की ष्शुरूआत धार से करेंगे। जब नड्डा खरगोन और शाह बालाघाट पहुंचेंगे। भाजपा इस चुनाव में किसी भी तरह से आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर एक बार फिर 2003 के चुनाव की तरह चुनाव परिणाम लाना चाह रही है। इस चुनाव में भाजपा को 37 सीटें आदिवासी वर्ग की आरक्षित सीटों में से मिली थी, जबकि 2018 में इन भाजपा के खाते में मात्र 16 सीटें रह गई थी। अब भाजपा फिर से इन सीटों पर फोकस कर अपना खोया जनाधार लाना चाहती है।
दो साल से लगातार हो रहे बड़े कार्यक्रम
भाजपा ने इस वर्ग की आरक्षित सीटों को फोकस करते हुए दो साल पहले से ही कार्यक्रम करना शुरू कर दिया था। जबलपुर में अमित शाह ने सितंबर 2021 में गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मेंष्शामिल होकर प्रदेश संगठन को संकेत दिए थे कि यह वर्ग भाजपा के लिए कितना उपयोगी है। इसके बाद नवंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण कर इस वर्ग के बीच पैठ जमाने का काम किया। इसके बाद सरकार ने पेसा एक्ट कानून लागू कर लगातार इस वर्ग की आरक्षित सीटों पर लगातार कार्यक्रम किए। वहीं अब भी पूरा संगठन इन सीटों पर फोकस कर रणनीति के तहत कार्यक्रम कर रहा है। एक बार फिर भाजपा के बड़े नेताओं के कार्यक्रम इन सीटों को केन्द्रित करते हुए आयोजित किए जा रहे हैं।

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