बुधवार, 27 दिसंबर 2017

सेंट्रल जेल कैदी ने कैदी पर किया चाकू से हमला


राजधानी भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र में सेंट्रल जेल के अंदर एक कैदी ने दूसरे कैदी पर चाकू से हमला कर दिया. हमले में एक कैदी के गले और कंधे पर गंभीर चोटें आई है. बताया जा रहा है कि आपस में भिड़े दोनों कैदी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.
 भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हत्या के मामले के आरोपी मोदक सिंह पिता हाकम सिंह और सुपियार सिंह पिता भाईजी सिंह, आज बुधवार सुबह करीब दस बजे जेल के अंदर ही आपस में झगड़ पड़े.  झगड़े के दौरान कैदी सुपियार सिंह ने एक चाकू से मोदक सिंह पर हमला कर दिया. हमले में कैदी मोदक सिंह के गले और कंधे पर चोटें आई हैं. घायल मोदक सिंह को इलाज के लिए शासकीय हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मोदक सिंह और सुपियार सिंह, मूलत: बरेली के रहने वाले हैं और दूर के रिश्तेदार है. दोनों ने एक-दूसरे के खानदान के एक-एक लोगों की हत्या की थी. हत्या के आरोप में दोनों आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. मामले की जांच शुरू की जा चुकी है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

शरियत के दायरे में रहकर तीन तलाक कानून बनाए सरकार

 मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने तीन तलाक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है. बोर्ड के संयोजक शमशुल हसन उर्फ बल्ली ने आज बुधवार मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को लेकर शरियत के दायरे में रहकर केन्द्र सरकार को कानून बनाने को कहा है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ जो सजा का प्रावधान रखा है, वह उन्हें मंजूर नहीं है. शमशुल हसन का कहना है कि सभी धर्म और समाज की महिलाओं के लिए एक जैसा कानून बनाया जाना चाहिए. शमशुल हसन ने कहा कि भारतीय संविधान में जो धार्मिक अधिकार दिए गए हैं, उनमें केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही छेड़छाड़ मंजूर नहीं की जाएगी. शमशुल हसन ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि बोर्ड ने मुस्लिम समाज के लिए आज तक क्या किया है. शमशुल हसन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मांग की है कि तलाक को लेकर ऐसा कोई कानून न बने, जिससे शरियत के साथ छेड़छाड़ हो, और किसी धर्म विशेष को ठेस पहुंचती हो.

शराब पीकर आए पति तो न दें खाना: शिवराज

शिवराज सिंह चौहान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए एक संबोधन के दौरान महिलाओं से ये अपील की कि जो भी आदिवासी शराब पीकर घर आए उसे वे खाना न दें और उसे बाहर निकाल दें. शिवराज ने ये बात शिवपुरी में एक दिवसीय प्रवास पर कोलारस के उत्कृष्ट स्कूल में होने वाले सहरिया कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान कही.
मुख्यमंत्री  ने कहा कि, मर्द घर में शराब पीकर आता है तो घर की महिलाएं उनको रोटी न दें, उनसे कहें की वे शराब छोड़ दें. तब जाकर नशामुक्ति अभियान की सच्ची शुरूआत होगी. इसी के साथ लोगों के जीवन में शराब को लेकर जागृति और फिर खुशहाली आएगी. इससे पहले मुख्यमंत्री ने बीते सोमवार को भी लोगों से नशा छोड़ने की मांग की थी. शिवपुरी जिले के कराहल में आयोजित कुपोषण के विरुद्घ कार्यक्रम में उन्होंने कहा, मैं मुख्यमंत्री पूरी जनता का हूं लेकिन, सबसे पहले आदिवासी व गरीबों की सुनूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत कुछ दिया है और जो मांगोगे वह भी दूंगा लेकिन, उसके बदले में मुझे भी कुछ चाहिए. मुझसे वादा करो कि कोई भी शराब नहीं पीएगा. कोई भी अपनी जमीन नहीं बेचेगा. मुख्यमंत्री ने लोगों से ये भी वचन मांगा कि वे हर बच्चे को स्कूल भेजेंगे. बाल विवाह नहीं होंगे और बच्चों के बीमार होने के झाड़-फूंक नहीं कराएंगे बल्कि बीमार बच्चे को सीधे अस्पताल ले जाएंगे.

वर्तमान समय शिक्षकों के लिए सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण : चिटनिस

महिला बाल विकास मंत्री  अर्चना चिटनिस ने कहा है कि वर्तमान समय शिक्षकों के लिए सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण समय है. पूर्व में बाल मनो-विज्ञान को प्रभावित करने वाले तत्व सीमित थे. वर्तमान में सूचना प्रौद्योगिकी और जीवन में आये अन्य बदलावों के परिणामस्वरूप बाल मनोविज्ञान अन्य अनेक तत्वों से प्रभावित हो रहा है. इस परिस्थिति में छात्र-छात्राओं के साथ बेहतर समन्वय और परस्पर समझ विकसित कर उन्हें सीखने की प्रक्रिया में शामिल करना कठिन चुनौती है.
चिटनिस आज राजधानी भोपाल में कैम्पियन स्कूल में दो दिवसीय 'ग्लोबल टीचर्स मीट' के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि शिक्षक तुलसी के पौधे के समान है. जैसे तुलसी 24 घंटे आक्सीजन देती है, वैसे ही शिक्षक अपने आचार-विचार और व्यवहार से समाज को हर समय प्राण वायु देते हैं. चिटनिस ने कहा कि बच्चों को अच्छे इंसान के रूप में विकसित करने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है. शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे सभी छात्र-छात्राओं को बराबर का प्रेम और स्नेह दें. अधिक अंक प्राप्त करने और कम अंक लाने वाले बच्चों में इस आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. शिक्षकों और पालकों में सही तालमेल से ही बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि केवल बेहतर अंक ही बेहतर शिक्षा की कसौटी नहीं है. बच्चों में आत्मविश्वास का विकास, अपने और देश के प्रति आत्म-सम्मान, परिवार और समाज से जुड़ने और जोड़ने की क्षमता का विकास तथा सुख-दुख को अभिव्यक्त करने और बाँटने की क्षमता से ही सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकसित होता है. इस अवसर पर चिटनिस ने वरिष्ठ शिक्षकों का सम्मान किया. कार्यक्रम में आर्च विशप लियो कार्नेलियो, प्रो. डॉ. आर.पी. खम्बायत, कला मोहन सहित विभिन्न संस्थाओं के शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

नकली सोने की चूड़ियां देकर लोन लेने का प्रयास


इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस लिमिटेड (आईआईएफएल) गोल्ड लोन्स भोपाल से नकली सोने की चूड़ियों देकर करीब डेढ़ लाख रुपए का लोन हासिल करने की फिराक में बैठे एक आरोपी को महाराणा प्रताप नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आईआईएफएल भोपाल की एक महिला कर्मचारी को जब नकली सोने की चूड़ियों का पता लगा, तभी उन्होंने संबंधित  पुलिस को फोन पर सूचना दी थी.
पुलिस के अनुसार ऐश्वर्या शर्मा पिता नमोनारायण शर्मा निवासी एयरपोर्ट रोड गांधीनगर, की शिकायत पर अमित कुमार पाहूजा पिता अशोक कुमार पाहूजा निवासी निशातपुरा, के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि ऐश्वर्या शर्मा, एमपी नगर स्थित  आईआईएफएल गोल्ड लोन्स, की कर्मचारी है. कल मंगलवार सुबह अमित कुमार पाहूज उनकी ब्रांच में आया था. अमित ने अपनी 6 सोने की चूड़ियां गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपए का लोन लेने की बात कही थी. लोन प्रक्रिया के दौरान अमित द्वारा सौंपे गए सोने की चूड़ियों का वजन 73.30 ग्राम निकला. चूडियों की जांच  करने पर वे नकली पाई गई. पुलिस का कहना है कि जब  ऐश्वर्या ने नकली सोने की चूड़ियों की बात आरोपी अमित से पूछी, तो वह कहने लगा कि मेरी चूड़ियां असली हैं, वे सोने की हैं. इसके बाद  ऐश्वर्या ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा महाराणा प्रताप  नगर थाने को फोन पर सूचना दी गई. मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी अमित कुमार पाहूज, को हिरासत में लेकर थाने लाया गया. पुलिस का कहना है कि इस मामले की विवेचना जारी है. विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

वन मंत्री शेजवार के खिलाफ लोकायुक्त ने शुरु की जांच

डा. गौरीशंकर शेजवार 
शिवराज सरकार के वनमंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार को परिवार सहित कर्नाटक भ्रमण करना मुश्किल में डाल गया. ईको पर्यटन बोर्ड की राशि से शेजवार के जाने के मामले में शिकायत के बाद लोकायुक्त ने शेजवार के अलावा आईएफएस विनय बर्मन के खिलाफ जांच शुरु कर दी है. लोकयुक्त ने इस मामले में मुख्य सचिव से 16 जनवरी तक रिकार्ड तलब किए हैं. 
प्रदेश के वन मंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार द्वारा परिवार सहित फरवरी 2016 में कर्नाटक गए थे. इस टूर पर मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म बोर्ड ने राशि खर्च की थी. इस मामले की शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने लोकायुक्त को की थी. शिकायत में दुबे ने कहा था कि वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार 11  से 15 फरवरी 2016 में कर्नाटक राज्य के प्रवास पर गए थे. इस दौरान  शेजवार ने मंत्री पद का दुरूपयोग करते हुए मध्यप्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के धन पर अपने परिजनों को कर्नाटक भ्रमण कराया था.  दुबे ने शिकायत में कहा था कि मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म बोर्ड के सीईओ विनय बर्मन ने तमाम नियम कानून को ताक पर रखकर मंत्री के परिवार को लाभ पहुंचाने का काम किया था. इस यात्रा में मंत्री गौरीशंकर शेजवार के साथ उनके परिजन किरण शेजवार और शशी ठाकुर भी भ्रमण पर गयी थी. दुबे ने शिकायत में कहा था कि इस यात्रा के लिए तत्कालीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक नरेन्द्र कुमार ने कर्नाटक के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर मंत्री को राज्य अतिथि घोषित कराया था, उसके बाद मप्र ईको टूरिज्म बोर्ड ने मंत्री के भ्रमण पर करीब 2 लाख से ज्यादा राशि खर्च की. शिकायत में संविदा कर्मचारी वर्षा परिहार, मंत्री के परिजन किरण शेजवार और शशी ठाकुर की सेवा में अनुचित खर्च करने की बात कही थी. शिकायतकर्ता ने इसे शासकीय धन का दुरूपयोग बताते हुए प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी.
शिकायत के बाद मंत्री ने जमा कराया था आंशिक खर्च
लोकायुक्त को  शिकायत किए जाने के बाद मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने 26 अप्रैल 2016 में अपनी गलती स्वीकारते हुए आंशिक खर्चा 63 हजार 884 रूपए बोर्ड के खाते में जमा करवाए गए थे. मंत्री की तरफ से राशि जमा करने से मामले की पुष्टि हो गयी थी कि शासकीय धन का दुरूपयोग हुआ है. इस मामले में बोर्ड के मौजूदा सीईओ पुष्कर सिंह से कार्रवाई का अनुरोध भी किया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अब लोकायुक्त कार्यालय ने मुख्य सचिव कार्यालय को 16 जनवरी 2018 तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

मंगलवार, 26 दिसंबर 2017

विवेकराज सिंह एसपी पीटीएस सागर पदस्थ

आईपीएस विवेकराज सिंह को एसपी पीटीएस सागर बनाया गया है, इसके साथ ही सिंह को जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी की जिम्मेदारी भी अतिरिक्त रूप से सौंपी गई है. गृह विभाग ने  विवेकराज सिंह के तबादला आदेश आज मंगलवार को जारी किए हैं. तबादला आदेश के अनुसार विवेकराज सिंह एआईजी पीएचक्यू भोपाल को एसपी पीटीएस सागर पोस्ट किया गया है. इसी के साथ उन्हें उप निदेशक जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर के पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.