मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने तीन तलाक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है. बोर्ड के संयोजक शमशुल हसन उर्फ बल्ली ने आज बुधवार मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को लेकर शरियत के दायरे में रहकर केन्द्र सरकार को कानून बनाने को कहा है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ जो सजा का प्रावधान रखा है, वह उन्हें मंजूर नहीं है. शमशुल हसन का कहना है कि सभी धर्म और समाज की महिलाओं के लिए एक जैसा कानून बनाया जाना चाहिए. शमशुल हसन ने कहा कि भारतीय संविधान में जो धार्मिक अधिकार दिए गए हैं, उनमें केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही छेड़छाड़ मंजूर नहीं की जाएगी. शमशुल हसन ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि बोर्ड ने मुस्लिम समाज के लिए आज तक क्या किया है. शमशुल हसन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मांग की है कि तलाक को लेकर ऐसा कोई कानून न बने, जिससे शरियत के साथ छेड़छाड़ हो, और किसी धर्म विशेष को ठेस पहुंचती हो.

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