गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018

जनता के पास भाजपा को हटाने का है आइडिया

 कमलनाथ ने कहा राम और आदि शंकराचार्य के साथ भी किया छल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश के रहवासियों से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के 'आइडिया' मांगने पर हमला बोला. उन्होंने कहा है कि प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के लिए जनता के पास आने वाले चुनाव में भाजपा को हटाने का 'आइडिया' है.
सरकार से अपने 40 सवालों की श्रृंखला में आज कमलनाथ ने प्रदेश सरकार के 'आइडिया में है दम' प्रचार अभियान को निशाना बनाया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश के नागरिकों से हुई चर्चा के आधार पर उनके पास एक आइडिया है. मध्यप्रदेश की समृद्धि और सुशासन के दिन आ रहे है पास,आपकों एक आइडिया दिया है बेहद खास.  प्रदेश के नागरिक 28 नवंबर को इसे हर हाल में आजमाएंगे, आपकी नाकारा सत्ता को हटाएंगे और 11 दिसंबर से मध्यप्रदेश की समृद्धि के दिन आ जाएंगे.  उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधन और नागरिकों की इच्छाशक्ति प्रचुर मात्रा में है, उसके बावजूद प्रदेश पिछले 15 साल में बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने भाजपा पर मध्यप्रदेश का खजाना खाली करने और विकास रोकने का भी आरोप लगाया.   कमलनाथ ने कहा कि जनता के पास भ्रष्टाचार और अपराध कम करने के लिए, किसानों और युवाओं में नई उमंग पैदा करने के लिए, प्रदेश के नागरिकों को उनका हक दिलाने के लिए भाजपा सरकार को हटाने का आइडिया है.
कमलनाथ ने कहा कि करोड़ों खर्च कर बेटी बचाओ के नारे से अपनी छवि को तो चमका लिया, मगर बेटियों की किस्तम पर अपराधियों और अराजक तत्वों के ग्रहण लगा दिया. आपने बच्चों के मामा का मुखौटा लगाकर खुद की छवि को हष्ट-पुष्ट तंदुरस्त कर लिया, मगर बच्चों को कुपोषण के काल चक्र में फंसा दिया. उन्होंने कहा कि एक तरफ आदिवासी नृत्य कर अपनी छवि की पालिश की है और दूसरी और उन्हें कैंसर युक्त जूतों से नवाज दिया. इतना ही नहीं उकने वन में रहने के अधिकार को नकार कर लाखों आदिवासियोंं को दर-ब-दर कर दिया.
खजाने को खाली कर दिया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि  आपने अपनी छवि के लिए भगवान राम और आदि शंकराचार्य तक क ेसाथ छल किया. न राम वनगमन पथ का निर्माण कराया ओर न शंकराचार्य की 100 फिट से ऊंची प्रतिमा स्थापित की. शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के पूरे खजाने को खाली कर दिया और मध्यप्रदेश की किस्मत में अवरुद्ध विकास लिख दिया. इसलिए मध्यप्रदेश की जनता का यह आइडिया बेहद दमदार है. 28 नवंबर को आपकी रवानगी तय की जाए और मध्यप्रदेश की समृद्धि सुनिश्चित. 

दस सांसदों को मैदान में उतार सकती है भाजपा

 सांसद भी है तैयार, बगावत रोकने भाजपा का फार्मूला कितना होगा कारगर

मध्यप्रदेश विधानसभा में टिकट की दावेदारी और विरोध को देखते हुए भाजपा की चिंता टिकट वितरण के बाद होने वाली बगावत को लेकर बढ़ गई है. कुछ स्थानों पर भाजपा ने युवा प्रत्याशियों के रुप में नये चेहरे देने और करीब दस सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है. भाजपा संगठन का यह फैसला वर्तमान विधायकों के टिकट कटने के बाद बगावत की संभावना को देखते हुए लिया गया है.
मध्यप्रदेश भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तक राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए करीब 32 सौ से ज्यादा आवेदन संगठन को मिल चुके हैं. संगठन पदाधिकारियों की लगातार बैठकें भी जारी है और प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार रणनीति भी तय की जा रही है. इसके अलावा सर्वे को प्राथमिकता दिए जाने की बात हर दावेदार से कही जा रही है. दावेदारों के अलावा वर्तमान विधायकों के विरोध करने वाले भी प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंच रहे हैं. विरोध और दावेदारों की संख्या को देखते हुए भाजपा ने यह तय किया है कि कुछ स्थानों पर सांसदों को टिकट देकर विधायक का चुनाव लड़ाया जाए. इसके अलावा युवा और नये चेहरों पर भी दाव खेला जाए, ताकि लोगों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जाए. इसके तहत संगठन ने दस सांसदों के नामों पर विचार किया है, ये सांसद विधायक का चुनाव लड़ने के लिए तैयार भी नजर आ रहे हैं. भाजपा सांसदों को टिकट देकर लोकसभा चुनाव के समय  विरोध को कम करने का भी प्रयास अभी से कर रही है. जिन सांसदों के नामों पर विचार किया गया  उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खंडवा से सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, फग्गन सिंह कुलस्ते, अनूप मिश्रा, राव उदय प्रताप सिंह, रोडमल नागर, भागीरथ प्रसाद, रीति पाठक, जनार्दन मिश्रा, ज्योति धुर्वे और मनोहर ऊंटवाल है. इन नामों पर 28 अक्तूबर को होने वाली बैठक में सहमति लेकर प्रदेश चुनाव समिति दिल्ली भेजगी. 
संगठन द्वारा जब सांसदों को टिकट दिए जाने की बात सामने आई तो सागर के सांसद लक्ष्मीनारायण यादव भी आज भाजपा कार्यालय पहुंचे और रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा सीट से उन्होंने अपनी दावेदारी पेश कर दी. 
भदौरिया ने की भगत से मुलाकात
प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष अरविंद भदौरिया आज प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत से उन्होंने मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने चुनाव के लिए अपनी दावेदारी भी पेश की. भदौरिया के अलावा आज शाजापुर विधानसभा क्षेत्र से अरुण भीमावत भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और पदाधिकारियों से चर्चा कर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई.
दावेदारों को प्रधान ने समझाया
केन्द्रीय मंत्री धमेन्द्र प्रधान ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में दावेदारों से अलग-अलग चर्चा की और समझाइश भी दी. प्रधान को मध्यप्रदेश का प्रभार दिया गया है. इस हैसियत से वे आज यहां आए. दावेदारों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उनसे मिलने भी वे पहुंचे. दावेदारों को भी प्रधान ने निराश नहीं किया. उन्होंने सभी से मुलाकात की और समझाइश दी कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता. संगठन द्वारा जिसे प्रत्याशी बनाया जाए, उसके पक्ष में चुनाव प्रचार करो.

सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल में आसान नहीं भाजपा-कांग्रेस की राह

सपाक्स, बहुजन समाज पार्टी और बहुजन संघर्ष दल बन रहे मुसीबत
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही के लिए तीन दल मुसीबत बनेंगे. बहुजन समाज पार्टी, बहुजन संघर्ष दल और सपाक्स पार्टी इस क्षेत्र में दोनों ही दलों के चुनाव परिणामों को प्रभावित करेंगे. 
ग्वालियर-चंबल अंचल में सांसद और कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव माना जाता है. इस क्षेत्र में सिंधिया अपने हिसाब से टिकट वितरण के लिए भी प्रयास कर रहे हैं. सिंधिया इस अंचल की 34 विधानसभा सीटों में से अधिक सीटों पर कांग्रेस का कब्जा चाहते हैं, मगर बीते 2013 के चुनाव परिणाम को देखा जो तो यहां पर 20 सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा है, जबकि कांग्रेस के पक्ष में मात्र 12 सीटें ही आई थी और 2 सीटें बसपा के पक्ष में गई थी. 
भाजपा भी इस अंचल को गंभीरता से ले रही है. भाजपा की ओर से केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के अलावा स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया और सांसद अनूप मिश्रा भी यहां पर सक्रिय हैं. ये सभी नेता भाजपा के पक्ष में बिगड़े माहौल को साध रहे हैं, मगर दावेदारों की दावेदारी के चलते नेताओं भी उलझे हुए हैं. 
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए इस बार के चुनाव में तीन दलों के प्रत्याशी मुसीबत बनेंगे. बहुजन समाज पार्टी, बहुजन संघर्ष दल और सपाक्स यहां पर भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव परिणामों को प्रभावित करने वाले साबित होंगे. बसपा और बहुजन संघर्ष दल का तो इस क्षेत्र में खासा प्रभाव पहले से ही है, मगर सपाक्स का प्रभाव एट्रोसिटी एक्ट के विरोध के चलते खासा इस अचंल में दिखाई दिया है.
बसपा बिगाड़ेगी समीकरण
ग्वालियर-चंबल अंचल में बहुजन समाज पार्टी का भी प्रभाव रहा है. 2013 के चुनाव में बसपा के खाते में इस अंचल की दो सीटें दिमनी और अंबाह  गई थी. इसके अलावा दर्जन भर सीटों पर बसपा प्रत्याशियों के मिले मतों के चलते कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था. बसपा इस बार भी इस अंचल में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है. बसपा के प्रदेश प्रभारी मुकेश अहिरवार खुद इस अंचल की कमान संभाले हुए हैं. वे लगातार कार्यकर्ताओं की बैठकें लेकर मतदाता के बीच बसपा की पैठ बना रहे हैं.
बरैया बनेंगे मुसीबत
बहुजन समाज पार्टी से अलग होने के बाद बहुजन संघर्ष दल के नाम से अलग पार्टी बनाने वाले फूलसिंह बरैया ने भी इस अंचल को अपनी ताकत बनाया है. बरैया भी इसी क्षेत्र में लगातार बीते पांच सालों से संघर्ष कर रहे हैं. 2013 के चुनाव में बहुजन संघर्ष दल ने इस अंचल की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे. इस चुनाव में सबलगढ़, मेहगांव, अटेल, गोहद, ग्वालियर, ग्रामीण, भितरवार, सेवढ़ा, भांडेर विधानसभा सीटों पर खासा असर दिखाया था. इन सीटों पर दल के प्रत्याशियों को 15 हजार से ज्यादा मत हासिल हुए थे, जबकि आधा दर्जन सीटों पर  दल के प्रत्याशियों को 10 हजार और इससे अधिक मत हासिल हुए थे. 
सपाक्स को मिलेगा एट्रोसिटी एक्ट के विरोध फायदा
एट्रोसिटी एक्ट का खासा विरोध भी इसी अंचल में देखने को मिला था. इस अंचल में हुए विरोध के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं का घेराव कर उनकी परेशानी इस अंचल में सपाक्स से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ा दी है. सपाक्स ने प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारने का फैसला लिया है. इस फैसले के तहत इस अंचल में सपाक्स ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को भी शुरु कर दिया है. सपाक्स के अलावा इस अंचल में देवकीनंदन ठाकुर के अखंड भारत मिशन से जुड़े लोगों की संख्या भी काफी है. ठाकुर राजधानी भोपाल में 29 अक्तूबर को अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे. सपाक्स और अखंड भारत मिशन दोनों ही भाजपा एवं कांग्रेस के लिए मुसीबत बनेंगे. 

चुनाव में देवकीनंदन ठाकुर भी उतरेंगे


मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी प्रदेश के चुनावी समर में उतरने के संकेत दिए हैं. वे 29 अक्तूबर को राजधानी भोपाल में अखंड भारत मिशन के प्रत्याशियों की घोषणा भी करेंगे.
ठाकुर की संस्था 'अखंड भारत मिशन' के कार्यालय का राजधानी भोपाल में खुल गया. इसी दौरान संस्था के पदाधिकारी विजय शर्मा ने इस बारे में बताया. उन्होंने बताया कि अखंड भारत मिशन ने अपनी पार्टी और चुनाव चिन्ह के साथ मध्यप्रदेश में अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. पार्टी के नाम और चिह्न की घोषणा 29 अक्टूबर को ठाकुर भोपाल आकर करेंगे. 
शर्मा के मुताबिक अखंड भारत मिशन प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा. देवकीनंदन ठाकुर के नेतृत्व वाला अखंड भारत मिशन इसके पहले एससीएसटी एक्ट में हुए संशोधन के विरोध में सड़कों पर भी उतरा था. अधिनियम के विरोध में देवकीनंदन ठाकुर भी गिरफ्तार हो चुके हैं.

मध्यप्रदेश में आप ने घोषित किए 24 प्रत्याशी

 अब तक 172 नामों की कर दी घोषणा

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की 11 वीं सूची जारी की. इस सूची में 24 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए. इससे पहले पार्टी 148 प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी थी. 11वीं सूची के 24 प्रत्याशियों के साथ घोषित प्रत्याशियों की संख्या 172 हो गई है.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि शेष सीटों पर इसी सप्ताह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी और आम आदमी पार्टी पूरी मजबूती से प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़कर आम आदमी का राज स्थापित करेगी. गौरतलब है कि आप ने भोपाल में 26 जून को पहली सूची जारी कर दी थी.पार्टी के पूर्व में घोषित सभी प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और उन्हें लगातार जनता का प्यार मिल रहा है.
प्रत्याशियों की घोषणा के अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस से समान रूप से दुखी है और अब विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी को सत्ता सौंपने की तैयारी कर चुकी है. उन्होंने बताया कि अभी तक घोषित किए गए सभी प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क कर जमीनी काम कर रहे हैं. हमारा डोर टू डोर कैंपेन जनता के बीच पैठ बना चुका है और जिस मोहल्लों-गांवों में हमारे प्रत्याशी जा रहे हैं, वहां के लोग खुद सामने आकर डोर टू डोर कैंपेन से जुड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के प्रति आम जनता में बेहद गुस्सा है.भाजपा के राज में महज चंद बड़े उद्योगपतियों की खुशहाली आई है, आम जनता रोटी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है.उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी लूट और भ्रष्टाचार की सरकार को उखाड़कर आम आदमी का राज स्थापित करेगी.गौरतलब है कि आप के प्रदेश अध्यक्ष भोपाल की दक्षिण-पश्चिम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
इन्हें बनाया प्रत्याशी
अनूपपुर से गोविंद सिंह, देवरी से राजेन्द्र जैन, सिवनी मालवा से राजश्री सिंह, राजनगर से अजय मिश्रा,  चंदला से कामता प्रसाद कोरी,  भोजपुर से अर्पित श्रीवास्तव,  घोड़ाडोंगरी  सुनील वरकड़े,  आष्टा से ओमकार सिंह रणकौशल,  राजपुर से उमराव सिंह बघेल,  शाहपुरा से अमर सिंह मार्को, पन्ना से प्रेमलाल अहिरवार, घटिया से  नारायण प्रसाद बोधाना,  खिलचीपुर से बाबू अली खान, गाडरवारा से  रीना लमानिया , बड़नगर से गोपाल पांचाल,  राघोगढ़ से रूप सिंह धाकड़, कालापीपल से बाबूलाल परमार, भांडेर से अवतार सिंह बिजोले, दतिया से हरि सिंह रावत, जबेरा से बसंत राय, धरमपुरी से मोहब्बत वास्कले, पुष्पराजगढ़ से  हुबलाल टांडिया,  रतलाम ग्रामीण से  पवन डोडियार, जबलपुर मध्य से अभिषेक शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है.

बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

भाजपा ने किया जनता के धन का दुरुपयोग



आम आदमी पार्टी ने बुधवार को भाजपा के खिलाफ सरकारी धन का उपयोग करने, सुनियोजित षडयंत्र और सरकारी योजना का लाभ पार्टी द्वारा उठाए जाने के मामले में चुनाव आयोग के समक्ष आचार सहिंता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई और इस संदर्भ में तत्काल कार्रवाई की मांग की है.  
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष की गई शिकायत में कहा है कि मध्य प्रदेश में सरकार ने सुनोयोजित तरीके से सरकारी धन का उपयोग कर भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने का षड्यंत्र किया है. उन्होंने कहा कि 18  सितम्बर को फ्यूचरआॅफएमपी डॉट इन नाम के डोमेन का रजिस्ट्रेशन यूटोपिया कन्सल्टिंग कंपनी के माध्यम से कराया गया. यूटोपिया कन्सल्टिंग वही कंपनी है, जो यह दावा करती है कि वह देश में चुनाव जिताने वाली सबसे सफल कंपनी है. ऐसे में स्पष्ट है कि सरकार ने इस कंपनी को आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर कॉन्ट्रैक्ट दिया था. इसके संदर्भ में संलग्न एक-दो आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग को दिए. 
अग्रवाल ने कहा कि उपरोक्त से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक सोची समझी साजिश के तहत एक सरकारी अभियान शुरू किया, जिससे उन्होंने सार्वजानिक पैसा लगाकर समृद्ध मध्य प्रदेश की थीम हेशटैग एवं नारे आईडिया में हो दम, तो पूरा करेंगे हम" का भरपूर प्रचार 25 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक किया और 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगते ही इस पूरे अभियान को समृद्ध मध्य प्रदेश का नाम देते हुए हैशटैग समृद्ध एमपी और नारे आईडिया में हो दम, तो पूरा करेंगे हम का भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में उपयोग प्रारंभ कर दिया. यह दोनों अभियान एक ही कंपनी यूटोपिया कन्सल्टिंग चला रही है. स्पष्ट रूप से यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा अपनी शक्ति का भारतीय जनता पार्टी को चुनावी फायदा देने गंभीर षड्यंत्र है.

कांग्रेस नेता साध्वी प्रियंका भारती ने भाजपा का थामा दामन



मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर गर्माए माहौल में नेताओं द्वारा दलबदल करने का दौर अब और तेज होता जा रहा है. इसके तहत कांग्रेस के स्टार प्रचारक रही साध्वी प्रियंका ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है. उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सदस्यता दिलाई.
बीते विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस की स्टार प्रचारक रही साध्वी प्रियंका ने आज कांग्रेस को झटका देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. प्रियंका को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. भाजपा की सदस्यता लेने के बाद प्रियंका ने कहा कि भाजपा हिन्दुत्व वाली पार्टी है, जब तक उनकी सांस रहेगी, वे भाजपा में रहेंगी. साध्वी प्रियंका मूलत: विदिशा की रहने वाली है. कम्प्यूटर बाबा के नाराज होकर चले जाने के बाद साध्वी प्रियंका के पार्टी में आने से  भाजपा राहत महसूस कर रही है. भाजपा साध्वी के जरिए अब संत समाज के बीच फिर से पैठ जमाकर साधु-संतों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास करेगी. हालांकि यह प्रयास कितना सफल होता है यह कहा  नहीं जा सकता. सूत्रों की माने तो भाजपा साध्वी को चुनाव मैदान में भी उतार सकती है. फिलहाल यह तय नहीं है कि साध्वी को किस सीट से भाजपा चुनाव मैदान में उतारेगी.