गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018

दस सांसदों को मैदान में उतार सकती है भाजपा

 सांसद भी है तैयार, बगावत रोकने भाजपा का फार्मूला कितना होगा कारगर

मध्यप्रदेश विधानसभा में टिकट की दावेदारी और विरोध को देखते हुए भाजपा की चिंता टिकट वितरण के बाद होने वाली बगावत को लेकर बढ़ गई है. कुछ स्थानों पर भाजपा ने युवा प्रत्याशियों के रुप में नये चेहरे देने और करीब दस सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है. भाजपा संगठन का यह फैसला वर्तमान विधायकों के टिकट कटने के बाद बगावत की संभावना को देखते हुए लिया गया है.
मध्यप्रदेश भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तक राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए करीब 32 सौ से ज्यादा आवेदन संगठन को मिल चुके हैं. संगठन पदाधिकारियों की लगातार बैठकें भी जारी है और प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार रणनीति भी तय की जा रही है. इसके अलावा सर्वे को प्राथमिकता दिए जाने की बात हर दावेदार से कही जा रही है. दावेदारों के अलावा वर्तमान विधायकों के विरोध करने वाले भी प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंच रहे हैं. विरोध और दावेदारों की संख्या को देखते हुए भाजपा ने यह तय किया है कि कुछ स्थानों पर सांसदों को टिकट देकर विधायक का चुनाव लड़ाया जाए. इसके अलावा युवा और नये चेहरों पर भी दाव खेला जाए, ताकि लोगों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जाए. इसके तहत संगठन ने दस सांसदों के नामों पर विचार किया है, ये सांसद विधायक का चुनाव लड़ने के लिए तैयार भी नजर आ रहे हैं. भाजपा सांसदों को टिकट देकर लोकसभा चुनाव के समय  विरोध को कम करने का भी प्रयास अभी से कर रही है. जिन सांसदों के नामों पर विचार किया गया  उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खंडवा से सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, फग्गन सिंह कुलस्ते, अनूप मिश्रा, राव उदय प्रताप सिंह, रोडमल नागर, भागीरथ प्रसाद, रीति पाठक, जनार्दन मिश्रा, ज्योति धुर्वे और मनोहर ऊंटवाल है. इन नामों पर 28 अक्तूबर को होने वाली बैठक में सहमति लेकर प्रदेश चुनाव समिति दिल्ली भेजगी. 
संगठन द्वारा जब सांसदों को टिकट दिए जाने की बात सामने आई तो सागर के सांसद लक्ष्मीनारायण यादव भी आज भाजपा कार्यालय पहुंचे और रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा सीट से उन्होंने अपनी दावेदारी पेश कर दी. 
भदौरिया ने की भगत से मुलाकात
प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष अरविंद भदौरिया आज प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत से उन्होंने मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने चुनाव के लिए अपनी दावेदारी भी पेश की. भदौरिया के अलावा आज शाजापुर विधानसभा क्षेत्र से अरुण भीमावत भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और पदाधिकारियों से चर्चा कर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई.
दावेदारों को प्रधान ने समझाया
केन्द्रीय मंत्री धमेन्द्र प्रधान ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में दावेदारों से अलग-अलग चर्चा की और समझाइश भी दी. प्रधान को मध्यप्रदेश का प्रभार दिया गया है. इस हैसियत से वे आज यहां आए. दावेदारों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उनसे मिलने भी वे पहुंचे. दावेदारों को भी प्रधान ने निराश नहीं किया. उन्होंने सभी से मुलाकात की और समझाइश दी कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता. संगठन द्वारा जिसे प्रत्याशी बनाया जाए, उसके पक्ष में चुनाव प्रचार करो.

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