रविवार, 21 अप्रैल 2019

कांग्रेस नेता ने की भाजपा की तुलना हारी सेना से

प्रदेश कांगे्रस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा ने कहा है कि भाजपा अब आगे पाट-पीछे सपाट का उदाहरण बन कर रह गयी है. नीखरा ने भाजपा की तुलना ऐसी हारी हुई फौज से की है, जो मैदान से भागते समय अपने पीछे के सारे रास्ते और पुल ध्वस्त करती जाती है.
भाजपा ने 2014 के चुनाव में अच्छे दिन लाने, हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने, विदेशों में जमा काला धन वापस लाने, एक सिर के बदले पाकिस्तानियों के दस सिर लाने जैसे वादे और नारे दिए थे , पर 2019 में उसने अपने इन्हीं शिखरों को धराशासी कर दिया है. भाजपा इन वादों-नारों से परहेज करने लगी है. इतना ही नहीं उसके पक्ष में प्रचार करने और जनता में उसके प्रति भरौसा पैदा करने के लिए 2014 में जुटे प्रमुख चेहरे भी इस बार उससे कन्नी काट चुके हैं. बाबा रामदेव पिछली बार भोपाल में प्रवचनों के बहाने राजनीतिक सभा करने आए थे. इस बार न तो उनका ही कुछ अता-ता है और न ही उनकी प्रवचन सभाओं का. नीखरा ने पूछा है कि भाजपा को बताना चाहिए कि क्या भाजपा के पितृ-पुरूष लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी चुनाव-प्रचार करने देश में निकलेंगे? या उन्हें भी 2014 के नारों और वादों की तरह भुला दिया गया है? 

आरिफ अकील बताएंगे दिग्विजय सिंह हिन्दू हैं या नहीं

भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस ने हिंदुओं के मामले में मंत्री आरिफ अकील और वंदेमातरम के मामले में विधायक आरिफ मसूद को तय कर रखा है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हिंदू हैं या नहीं...ये भी अब आरिफ अकील बताएंगे.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा द्वारा साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद लगातार 'हिंदुत्व' चुनावी मुद्दा बनने लगा है. अगर भोपाल संसदीय क्षेत्र के इतिहास की ओर एक नजर डालकर देखें तो जवाब आएगा कि 1984 के बाद से यहां भाजपा की बादशाहत बरकरार है. कैबिनेट मंत्री आरिफ अकील ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के आंसुओं को मगरमच्छ के आंसू बताए हैं, लिहाजा भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से आरिफ अकील के बयान का जवाब मांगा है. भाजपा प्रवक्ता अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस ने हिंदुओं के मामले में मंत्री आरिफ अकील और वंदेमातरम के मामले में विधायक आरिफ मसूद को तय कर रखा है.
भाजपा  प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि दिग्विजय सिंह हिंदू हैं या नहीं...ये भी अब आरिफ अकील बताएंगे इसके साथ उन्होंने कहा कि, 'हिंदू, साधू-संत, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत इन मामलों को लेकर कौन क्या करेगा और क्या नहीं, वंदेमातरम गाना है या नहीं, साधू-संतों के आंसू नकली है या असली इसका निर्धारण ये दोनों नेता करेंगे'.

तोमर को टक्कर देंगे हरियाणा के पूर्व मंत्री भड़ाना

 बसपा ने खेला दाव, जातिगत समीकरणों ने बना देगा त्रिकोणीय मुकाबला
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में  बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के तहत मुरैना संसदीय क्षेत्र में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को चुनौती देने के लिए हरियाणा के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना को मैदान में उतारा है. भड़ाना के मुरैना से चुनाव मैदान में उतरने से यहां त्रिकाणीय मुकाबला होने की पूरी संभावना है.
 दूसरे राज्य से आकर मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ने का सिलसिला भाजपा द्वारा शुरु किया गया, जिसे अब बसपा ने आगे बढ़ाया है. प्रदेश की विदिशा संसदीय सीट पर भाजपा द्वारा कई बार चुनाव में बाहरी प्रत्याशी को उतारा जाता रहा है, इसके पीछे यह कारण है कि यह सीट भाजपा का गढ़ रही है. इसी परंपरा को अब बसपा ने अपने प्रभाव वाले क्षेत्र मुरैरा संसदीय क्षेत्र में आगे बढ़ाया है. बसपा ने यहां पर पूर्व घोषित प्रत्याशी डा. रामलखन सिंह के स्थान पर हरियाणा के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना को मैदान में उतारने का फैसला लिया है. भड़ाना कल सोमवार को अपना नामांकन भरेंगे. उनके मैदान में उतरने से यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है. भाजपा ने यहां केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता रामनिवास रावत को प्रत्याशी बनाया है. बसपा ने यहां जातिगत गणित के तहत गुर्जर समाज के भड़ाना को मैदान में उतारा है. मुरैना में अजा, अजजा वर्ग के करीब साढ़े चार लाख मतदाता है, इसके अलवा गुर्जर समाज के मतदाताओें की संख्या डेढ़ लाख है. इस लिहाज से जातिगत समीकरण बैठाते हुए बसपा ने डा. रामलखन सिंह जो की ठाकुर समाज से आते थे, उन्हें हटाकर भड़ाना को मैदान में उतारा है. अब यहां पर मुकाबला रोचक हो गया है. भड़ाना पूरी ताकत और अपनी टीम के साथ मुरैना पहुंच गए हैं. वे कल सोमवार को नामांकन भरेंगे.
न मतदाता जानते न ही चेहरा देखा
करतार सिंह भड़ाना को बसपा ने अपने संगठन के भरोसे मैदान में उतारा है, मगर वे मतदाता के बीच अनजान चेहरा साबित होंगे. यहां के मतदाता न तो उन्हें पहचानते हैं और न ही उनका चेहरा ही देखा है. मगर बसपा पदाधिकारी कहते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भड़ाना के लिए प्रदेश और मुरैना संसदीय क्षेत्र के बसपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी काम कर रहे हैं, इसके अलावा सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में मैदान में होंगे. बसपा और सपा का जो वोट बैंक है उसके अलावा भड़ाना को गुर्जर समाज का खासा समर्थन मिलेगा, जिससे केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है.

संभावित पराजय से बौखला गए कमलनाथ: शिवराज

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकसभा चुनाव में संभावित पराजय को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ बौखला गए हैं. बिजली कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि स्थिति संभल नहीं रही है और वे कर्मचारियों पर लठ चला रहा है.
शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने बिजली कटौती और प्रदेश में गहराए बिजली संकट को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा षडयंत्र के लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि समस्याएं सरकार से संभल नहीं रही है और वे भाजपा पर बिना वजह के आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लोकसभा चुनाव में संभावित पराजय से बौखला गए हैं. सिंह ने कहा कि एक कहावत है नाच न जाने आंगन टेड़ा. खुद स्थिति संभालना आ नहीं रही है और कर्मचारियों पर लठ चला रहे हैं. 
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कह कर सरकार की ओर से उन्हें डराया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि अगर नियंत्रण नहीं है तो क्यों कुर्सी पर बैठें हैं. शिवराज ने कहा कि शर्म आनी चाहिए ऐसे मंत्रियों को जो यह कह रहे हैं कि भाजपा के षडयंत्र के कारण हम यह नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर नहीं कर पा रहे तो हटो कुर्सी से. चौहान ने कहा कि आज प्रदेश में किसान परेशान है, उसे पेमेंट मिल नहीं रहा है, गेहूं खरीदी ठीक से हो नहीं रही है. जनता परेशान हो रही है और कमलनाथ सरकार भाजपा पर इसका दोष मड़ रही है.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में बिजली को लेकर सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह ने प्रदेश में हो रही है अघोषित बिजली कटौती को भाजपा की साजिश करार दिया है. गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा ने सरकार में रहते निजी कंपनियों को ठेके दिए थे. कई कर्मचारी और निजी कंपनियां भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं, आचार संहिता के बाद ऐसे ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसी तरह का बयान ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने दिया था. 

दिग्विजय ने जारी किए ‘विजन भोपाल’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भोपाल संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने आज विजन भोपाल जारी किया हे. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इसे जारी करते हुए उन्होंने कहा कि भोपाल व्यवस्थित ढंÞग से विकसित बनाने का उनका लक्ष्य रहेगा और इसी का मैप विजन भोपाल आज पेश कर रहा हूं.
 दिग्विजय सिंह ने अपने विजन भोपाल में सुनियोजित विकास, सशक्त किसान, उत्कृष्ट शिक्षा और उत्तम रोजगार जैसी बात कही है. इसके साथ ही भोपाल को ग्लोबल सिटी, साइंस सिटी, मेगा लाजिस्टिक सिटी और वेयर हाउस जोन बनाने को कहा है. उन्होंने कला को अहमियत देने की बात भी अपने विजन भोपाल  में रखी है. साथ ही उद्यमियों की उन्नति, स्वास्थ्य को प्राथमिकता, खेलकूद को प्रोत्साहन, पब्लिक फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सबको साफ पानी समेत कई बातों पर जोर दिया. इसके अलावा विजन भोपाल में सिंह ने भोपाल को  टूरिस्ट हब, भोपाल में त्वरित हवाई सेवा, आसपास के बड़े शहरों को कारिडोर के माध्यम से जोड़ने (भोपाल राज्य राजधानी क्षेत्र), उत्तम रोजगार, सीहोर में मेडिकल कालेज, वर्किंग वुमन और स्टूडेंट के लिए छात्रावास, ज्ञान, विज्ञान, संत हिरदाराम नगर में टेक्सटाइल ट्रेडिंग हब,  भोपाल जाब पोर्टल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, हर वार्ड में फ्री हेल्थ सेंटर, स्पोर्ट हब, प्रतिभाओं को सम्मान, पब्लिक फ्रेंडली ट्रैफिक सिस्टम, सबको साफ जल, सबका बेहतर कल, हर घर नर्मदा जल,  कमजोर वर्ग के लिए हाउसिंग स्किम लागू करने की बात कही है.
 कमाई में व्यस्त रही शिवराज सरकार
सिंह ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पर भी हमला बोला और कहा कि उस समय की सरकार सिर्फ कमायी में व्यस्त रही और उसने भोपाल के विकास पर ध्यान नहीं दिया. तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2005 में भी मास्टर प्लान पेश नहीं किया. इसके दस वर्ष बाद 2015 में भी मास्टर प्लान पेश करना था, लेकिन वह भी नहीं किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आम लोगों के सुझावों के आधार पर भोपाल के बेहतर ढ़ंग से विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं. वे जमीन पर रहकर व्यवस्थित विकास के हिमायती हैं और इसी के अनुरूप कार्य किए जाएंगे. 

नोटिस मिलने के बाद शिवराज हुए सक्रिय, प्रज्ञा को बुलाया भाजपा कार्यालय

 शिवराज ने दी सलाह, बेवजह की बयानबाजी न करें, डा. वाजेपयी को बनाया मीडिया प्रभारी
मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लगातार विवादित बयानों को लेकर भाजपा असहज हो गई है. चुनाव आयोग द्वारा मिले दो नोटिसों के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें प्रदेश भाजपा कार्यालय बुलाया और चर्चा कर उन्हें बेवजह की बयानबाजी न देने की सलाह दी. भाजपा ने अब पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी डा. हितेष वाजपेयी को प्रज्ञा का मीडिया प्रभारी बनाया है.
प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा लगातार दिए जा रहे विवादित बयानों ने भाजपा को चिंता में डाल दिया. उनके द्वारा दिए बयानों पर निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें दो नोटिस मिल गए हैं, जिनका जवाब उन्हें देना है. प्रज्ञा के बयानों पर जब विवाद उठे और कांग्रेस की ओर से भाजपा की घेराबंदी तेज हुई तो मामले को लेकर आज सुबह से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सक्रियता दिखाई और साध्वी प्रज्ञा सिंह को प्रदेश भाजपा कार्यालय बुलाया. यहां पर उनसे लंबी चर्चा की और चुनावी रणनीति भी बनाई. साथ ही उन्हें बेवजह की बयानबाजी न देने की सलाह दी. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रज्ञा सिंह को राजनीति के रीति रिवाज समझाए और राजनीति में बयानों के महत्व को भी समझाया. इस दौरान शिवराज सिंह ने उन्हें स्पष्ट बता दिया कि वो अपने व्यक्तिगत विचार मीडिया, कैमरों के सामने कतई व्यक्त ना करें.
पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाया कि वो अब वो राजनीति में हैं और उनके हर शब्द का अर्थ निकाला जाएगा, इसलिए नियंत्रित रहें. शिवराज सिंह ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मीडिया से बचाने की तरकीब भी निकाली. प्रज्ञा सिंह के मीडिया सलाहकार के रूप में हितेष वाजपेयी को नियुक्त किया गया है. 
प्रज्ञा ने कहा वे अपने बयान पर अडिग
प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंची प्रज्ञा सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं शनिवार को दिए अपने बयान पर अडिग हूं. बावरी ढ़ांचा गिराने मैं गई थी, राम मेरे आदर्श हैं. हमें भव्य राममंदिर बनाने से कोई रोक नहीं सकता. जब साध्वी से पूछा गया इस मामले में निर्वाचन आयोग ने आपको नोटिस जारी कर चुका है. तो साध्वी का कहना था कि आयोग से मुझे हेमंत करकरे और मस्जिद मामले में दो नोटिस मिले है, और वे इस नोटिस का जल्द जवाब देने के लिए कहा है.
दिग्विजय के जीवन में नहीं है हिन्दुत्व
दिग्विजय के हिन्दुत्व वाले बयान पर निशाना साधते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि दिग्विजय सिंह के जीवन में हिन्दुत्व नहीं है, इसलिए उनकी डिक्शनरी में भी हिन्दुत्व नहीं है. वहीं रोड-शो के लिए वाहन की अनुमति नहीं मिलने के मामले में साध्वी ने कहा कि अनुमति इसलिए नहीं दी जा रही है क्योंकि विपक्ष को भय है कि मैं जनता की बीच पहुंच गई तो उनका सब कुछ खत्म हो जाएगा.

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

असलम शेर खान को बनाया बालाघाट का समन्वयक

लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में नेताओं की वापसी का सिलसिला भी तेज हो चला है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेरखान की कांग्रेस में वापसी हो गई है और उन्हें मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नई जिम्मेदारी भी दे दी है. असलम शेर खान को बालाघाट लोकसभा क्षेत्र का समन्वयक बनाया गया है.
उल्लेखनीय है कि 2017 में अरुण यादव के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए असलम शेरखान को पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने के विवाद के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. अब उनकी वापसी हो गई है. असलम को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बालाघाट लोकसभा क्षेत्र में समन्वयक की भूमिका निभाने को कहा है.