रविवार, 21 अप्रैल 2019

संभावित पराजय से बौखला गए कमलनाथ: शिवराज

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकसभा चुनाव में संभावित पराजय को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ बौखला गए हैं. बिजली कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि स्थिति संभल नहीं रही है और वे कर्मचारियों पर लठ चला रहा है.
शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने बिजली कटौती और प्रदेश में गहराए बिजली संकट को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा षडयंत्र के लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि समस्याएं सरकार से संभल नहीं रही है और वे भाजपा पर बिना वजह के आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लोकसभा चुनाव में संभावित पराजय से बौखला गए हैं. सिंह ने कहा कि एक कहावत है नाच न जाने आंगन टेड़ा. खुद स्थिति संभालना आ नहीं रही है और कर्मचारियों पर लठ चला रहे हैं. 
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कह कर सरकार की ओर से उन्हें डराया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि अगर नियंत्रण नहीं है तो क्यों कुर्सी पर बैठें हैं. शिवराज ने कहा कि शर्म आनी चाहिए ऐसे मंत्रियों को जो यह कह रहे हैं कि भाजपा के षडयंत्र के कारण हम यह नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर नहीं कर पा रहे तो हटो कुर्सी से. चौहान ने कहा कि आज प्रदेश में किसान परेशान है, उसे पेमेंट मिल नहीं रहा है, गेहूं खरीदी ठीक से हो नहीं रही है. जनता परेशान हो रही है और कमलनाथ सरकार भाजपा पर इसका दोष मड़ रही है.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में बिजली को लेकर सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह ने प्रदेश में हो रही है अघोषित बिजली कटौती को भाजपा की साजिश करार दिया है. गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा ने सरकार में रहते निजी कंपनियों को ठेके दिए थे. कई कर्मचारी और निजी कंपनियां भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं, आचार संहिता के बाद ऐसे ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसी तरह का बयान ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने दिया था. 

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