शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

अब मंत्री लगाए उठक-बैठक

राज्य के सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन और सिवनी से भाजपा विधायक नीता पटेरिया से आदिवासी समाज खफा हो गया है.पटवारी से उठक-बैठक लगाने के बाद आदिवासी महासंघ ने साफ कह दिया है कि अब मंत्री श्री बिसेन भी आदिवासी समाज के सामने उठक-बैठक लगाए, इसके बाद ही माफी पर विचार किया जाएगा. इतना ही नहीं महासंघ ने विधायक नीता पटेरिया के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है और उनसे भी माफी मांगने की बात कही है.
आदिवासियों के बल पर मिशन २०१३ फतह करने की तैयारी कर रही भाजपा के खिलाफ अब आदिवासी समाज उठ खडा हुआ है. सिवनी जिले में मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा पटवारी को उठक-बैठक लगवाने की घटना को आदिवासी समाज ने अपना अपमान माना है. समाज के लोगों ने इसे दलगत मामले से हटकर समाज को प्रताडित करने वाला मामला बताकर आदिवासी समाज को भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने का काम शुरू कर दिया है. इस काम को आदिवासी महासंघ कर रहा है. महासंघ ने मंत्री गौरीशंकर बिसेन के अलावा सिवनी की विधायक नीता पटैरिया को भी घेरा है. आदिवासी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रसाद मसराम ने लोकमत समाचार से चर्चा में कहा कि भाजपा के मंत्री और विधायक आदिवासियों को प्रताडित कर रहे हैं. नीता पटैरिया ने सिवनी जिले में ही फसल नुकसान होने पर राकेश बरकडे नामक आदिवासी युवक के खिलाफ बयान देकर समाज को जलील किया था. अब मंत्री बिसेन ने हमारे समाज के पटवारी को अपमानित किया है. श्री मसराम ने कहा कि इसके खिलाफ वे प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाएंगे. इसकी शुरूआत ३ अगस्त से सिवनी जिला मुख्यालय से की जाएगी. इस दिन सिवनी में विधायक और मंत्री दोनों के पुतले जलाए जाएंगे. इसके बाद सभी आदिवासी बहुल जिलों में आदिवासी महासंघ के पदाधिकारी जाकर भाजपा के खिलाफ आंदोलन की तैयारी करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि आदिवासी समाज के सामने मंत्री गौरीशंकर बिसेन उठक-बैठक लगाकर माफी मांगे. वहीं विधायक नीता पटैरिया भी समाज के सामने राकेश बरकडे के परिजनों से माफी मांगे.

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