शुक्रवार, 12 जून 2015

संघ की नाराजगी का भय

गरोठ में होने वाले उपचुनाव में भाजपा को प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर नामांकन भरने के बाद संघ की नाराजगी का भय सताने लगा है. संघ यहां पर यहां अपने जिला कार्यवाह देवीलाल धाकड़ को मैदान में उतारना चाहता था, मगर संगठन ने उसकी मंशा को नजरअंदाज कर दिया और चंदरसिंह सिसोदिया को टिकट दिया. हालांकि भाजपा जीत के प्रति आश्वस्त है और सिसोदिया को भी संघ का कार्यकर्ता बता रही है. मगर अंदरुनि कलह भी सामने दिखाई दे रही है. भाजपा के लिए गरोठ उपचुनाव अपनों की नाराजगी से घिरता नजर आ रहा है. यहां पर संघ के धाकड़ को टिकट न दिए जाने से दो गुटों में भाजपा नेता और कार्यकर्ता बंट से गए हैं. इसका नजारा बुधवार को जब घोषित प्रत्याशी सिसोदिया का नामांकन भराने स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान वहां पहुंचे तो भाजपा दो गुटों में बंटी नजर आई. नामांकन भरने से लेकर सभा तक संगठन और संघ से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच साफतौर पर दूरी दिखाई. इस बात को संगठन ने भांप भी लिया और वह अब यहां पर कोई भी गलति नहीं करना चाह रहा है. संघ को मनाने के लिए संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री अरविंद मेनन को जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. मेनन इस मामले में संघ के नाराज पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास करें ऐसा संगठन चाहता है, हालांकि अभी मेनन से इस मामले में संगठन की ओर से कोई चर्चा नहीं की गई है. फिलहाल स्वयं मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही इस मामले में आई दूरी को कम करने का प्रयास कर रहे हैं. उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से ही संघ ने भाजपा संगठन को इस बात के संकेत दे दिए थे कि संघ के देवीलाल धाकड़ को मैदान में उतारा जाए. इसके बाद संघ ने भाजपा चुनाव समिति की बैठक वाले दिन धाकड़ को जिला कार्यवाह के पद से भी मुक्त कर दिया था, ताकि यह पद उनके प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में आड़े नहीं आए. इसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और यहां पर अपनी पसंद के व्यक्ति चंदरसिंह सिसोदिया को प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर दी और नामांकन भी भरा दिया. इसके बाद संघ के मंदसौर जिले एवं मालवा के पदाधिकारी खफा से हो गए हैं. ये पदाधिकारी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष द्वारा उठाए गए इस कदम से नाराज हैं, यही वजह है कि गरोठ में नामांकन भरने के साथ ही भाजपा को संघ के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का साथ नहीं मिल रहा है. यह भाजपा के चिंता खड़ी कर रहा है. वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान यहां पर भाजपा की जीत के प्रति आश्वस्त हैं. उनका कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है कि वहां पर भाजपा दो गुटों में बंटी है और प्रत्याशी चयन को लेकर संघ या वहां के संघ के कार्यकर्ता नाराज हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें