बुधवार, 24 मई 2023

हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के दस सदस्यों को भेजा जेल

भोपाल। हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के 10 सदस्यों को आज रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के बाद सभी 10 सदस्यों को 2 जून तक ज्यूडिशयल रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब सभी 16 सदस्य जूडिशियल रिमांड पर रहेंगें 

हिज्ब-उत-तहरीर के 16 सदस्यों को एटीएस ने पिछले दिनों गिरफतार किया था। 10 भोपाल से, 1 छिंदवाड़ा और 5 हैदराबाद से गिरफतार किया गया था। 19 मई को एटीएस ने इन्हें अदालत में पेश किया था, जहां से 10 सदस्यों को रिमांड पर दिया गया था, ष्शेश 6 को जेल भेज दिया गया था। जिन 10 सदस्यों को रिमांड पर लिया गया था, उनकी रिमांड अवधि आज समाप्त होने पर फिर से अदालत में उन्हें पेश किया गया। अदालत ने आज उन्हें जेल भेज दिया है। अब पकड़े गए सभी 16 सदस्य जूडिशियल रिमांड पर रहेंगे।  बताया जा रहा है कि सभी सदस्यों के पास से हिज्ब-उत-तहरीर संगठन से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि एटीएस अब बड़ा खुलासा कर कार्रवाई कर सकती है।

संदिग्धों के कब्जे से आपत्तिजनक साहित्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कुछ अन्य सामग्री जब्त की गई है। पिछले साल, भोपाल से कई लोगों को प्रतिबंधित समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के साथ कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से जिहाद से जुड़े साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। 


शुक्रवार, 5 मई 2023

जामवाल, शिवप्रकाश हुए सक्रिय, चलता रहा बैठकों का दौर

नाराज नेताओं से करते रहे चर्चा, झा से की मुलाकात

भोपाल। पूर्व मंत्री दीपक जोशी के तीखे तेवरों को देख भाजपा संगठन सक्रिय हो गया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज बैठकों का दौर चलता रहा। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने मोर्चा संभाला है। अजय जामवाल और शिव प्रकाश ने असंतुष्ट नेताओं से भी चर्चा की। वहीं दीपक जोशी को मनाने के अंतिम प्रयास भी किए गए। संभावना है कि जोशी को अब राष्ट्रीय नेतृत्व संभालेंगा।
पूर्व मंत्री दीपक जोशी से इंदौर में भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने चर्चा की, मगर चर्चा बेनतीजा निकली। इसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व दीपक जोशी के अलावा अन्य नाराज नेताओं से सीधा संपर्क करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपी है। दोनों नेताओं ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकें की। बताया जाता है कि जो नेता प्रदेश संगठन की कार्यशैली से खफा है, उन सभी नेताओं से दोनों नेताओं ने संपर्क साधा है। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा से भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। जानकारी के अनुसार गंजबासौदा के भाजपा नेता प्रयागराज रघुवंशी की अजय जामवाल से मुलाकात हुई है।  रघुवंशी गंजबासौदा से दावेदारी कर रहे हैं। आधे घंटे दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। रघुवंशी पार्टी ने कहा कि संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा वह निभाऊंगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता हर नेता से संवाद कर रहे हैं।
वहीं दोनों नेताओं द्वारा नाराज चल रहे दीपक जोशी से भी संपर्क किया है, उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। जोशी से जो भी चर्चा हुई उसके बाद इन नेताओं ने  राष्ट्रीय नेतृत्व को इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि जोशी से अब राष्ट्रीय नेतृत्व ही संपर्क कर उन्हें मनाने का मोर्चा संभालेगा। सूत्रों के अनुसार जोशी को कांग्रेस की सदस्यता लेने के पहले एक बार दिल्ली पहुंचकर अपनी बात रखने को कहा जा रहा है।

पेपर आउट करने वालों पर लगेगी रासुका

अर्थदंड और सजा का भी रहेगा प्रावधान

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब कक्षा बारहवीं के पेपर आउट करने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मंडल ने पेपर आउट करने वालों पर रासुका के तहत कार्यवाही करते हुए 10 लाख रूपए का अर्थदंड और सजा का प्रावधान करने का निर्णय लिया है।
मंडल की कार्यपालिक समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है। बैठक में बताया गया कि कक्षा दसवीं और बारहवीं के परीक्षा पेपर की गोपनियता भंग करने के लिए पूर्व से ही तीन साल की सजा का प्रावधान है। कम सजा होने के चलते दोशी हमेशा बच निकलते हैं। मंडल ने भविश्य में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ा प्रावधान करने की जरूरत समझी। इसके चलते मंडल की कार्यपालिक समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल की अध्यक्ष वीरा राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह फैसला लिया गया कि पेपर आउट करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा 10 लाख का अर्थदंड और दस साल की सजा भी सुनाई जाए। इतना ही नहीं पेपर आउट करने वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाए। कार्यपालिक समिति की बैठक के इस प्रस्ताव को मंडल द्वारा जल्द ही शासन को भेजेगा। ताकि इस पर सरकार की मुहर लग सके और आगामी परीक्षा के पहले यह फैसला ले लिया जाए।

दीपक के बाद अब अनूप पर टिकी कांग्रेस की नजर

कांग्रेस में शामिल होने दिया खुला ऑफर

भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब छह माह से ज्यादा का समय है, मगर भाजपा में असंतुश्ट नेताओं की नाराजगी अब तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी पूरी भाजपा की पूरी टीम के मनाने पर भी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे कांग्रेस में शामिल होंगे। जोशी के तल्ख तेवर से भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच आज शुक्रवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को कांग्रेस में आने का खुला आफर दे दिया है। अनूप भी लंबे समय से उपेक्षा के चलते संगठन से नाराज चल रहे हैं।
दो सौ पार और 51 फीसदी वोट हासिल करने के लक्ष्य को लेकर चल रही भाजपा के सामने उसके अपने ही संकट खड़ा कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के भाजपा में शामिल होने और उन्हें पद दिए जाने को लेकर खफा खाटी के भाजपाईयों ने वैसे तो लंबे समय से संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मगर इसमें गर्माहट उस वक्त आई जब पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने तीखे तेवर दिखाए। दीपक जोशी को संगठन, सरकार और दिल्ली तक के बड़े नेताओं ने मनाने का पूरा जतन भी किया, मगर वे हैं कि मानने को तैयार नहीं। दीपक ने अपने पिता के सम्मान न होने की बात कहकर अब साफ संकेत दिए हैं कि वे कांग्रेस में जाने की तैयारी कर चुके हैं। बीती रात को इंदौर में भाजपा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के साथ हुई उनकी बैठक भी बेनतीजा ही निकली। रात को तो वे मौन रहे, मगर आज शुक्रवार की सुबह फिर उन्होंने मोर्चा खोला और साफ संकेत दे दिए कि वे कमलनाथ के साथ रहेंगे।
कमलनाथ ने 3 मिनट में दी जमीन, भाजपा ने तीन साल में नहीं बनाया स्मारक
दीपक जोशी ने साफ कर दिया कि भाजपा की ओर से ही राज्यसभा भेजने का वादा भी किया गया, साथ ही तत्काल कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की भी बात कही गई, लेकिन इन पदों का कोई फायदा नहीं, मैंने साफ इंकार कर दिया। मेरे पिता का अपमान हुआ है, मुझे अपने पिता के अपमान का बदला लेना है। गौरतलब है कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए स्वर्गीय कैलाश जोशी का स्मारक बनाने के लिए जमीन आवंटित कर दी थी, इसके बाद भाजपा की सरकार आने के बाद से अब तक दीपक जोशी स्मारक बनाने के लिए प्रयासरत रहे, मगर सरकार उनकी बात को सुन नहीं रही। इसके चलते वे ज्यादा खफा हुए हैं। उनका साफ कहना है कि कमलनाथ ने मेरे पिता के स्मारक के लिए तीन मिनट नहीं लगे और जमीन दे दी, भाजपा सरकार ने तीन साल में स्मारक नहीं बनाया।
कांग्रेस के ऑफर पर कहा मैं नहीं जा रहा कांग्रेस में
दीपक जोशी के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा पर कांग्रेस की नजरें टिकी हुई है। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मिश्रा को कांग्रेस में शामिल होने का खुला ऑफर भी दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अनूप मिश्रा मेरे मित्र हैं। मैं चाहूंगा कि वो कांग्रेस में आएं। मैं उनका स्वागत करूंगा। भाजपा में आपराधिक तत्वों का जमावड़ा है। भ्रष्टाचार, लूट मची हुई है। ईमानदार, भले आदमियों की बड़ी दुर्दशा हो रही है, इसलिए बेचारे उपेक्षित होकर घर बैठे हैं। हालांकि मिश्रा ने फिलहाल तो साफ कर दिया कि कांग्रेस में नहीं जाने वाले हैं। परिवार के बीच बैठकर चर्चा करेंगे। मैं ग्वालियर दक्षिण से इस बार चुनाव लडूंगा, यह मैंने पहले ही कह दिया है। मैं 8 मई को संगठन नेताओं से मिलकर बात करूंगा।
तो भाजपा ही भाजपा को हरा देगी : विजयवर्गीय
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी बयान आज सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुझे कहने में कोई संकोच नहीं कि आज की तारीख में मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस नहीं हरा सकती। कांग्रेस में दम नहीं हैं। विजयवर्गीय आगे कहते है कि हां, यदि हमने संगठन की गलतियों को ठीक नहीं किया तो भाजपा ही भाजपा को हरा सकती है। यह बात ठीक है कि हममें कुछ कमियां है, जिनको हम ठीक कर रहे हैं।

शनिवार, 29 अप्रैल 2023

कमलनाथ ने किया पांच बी से भाजपा पर हमला

भाजपा के कुशासन से त्रस्त है जनता


भोपाल। कर्नाटक के जहरीले सांप का दंश झेल रही कांग्रेस ने अब इसके जहर को उतारने के लिए पांच बी को हथियार बनाया है। 2जी-3जी घोटालों से कांग्रेस को घेरने वाली भाजपा फिलहाल कमलनाथ के इस  पांच बी का तोड़ नहीं तलाश सकी है।
विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर तेज हो चला है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल रोजाना नए-नए मुद्दों को लेकर मैदान में आ रहे हैं और एक-दूसरे को घेरने का काम भी कर रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक बयान सामने आया था, जिसमें काग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी विचारधारा को जहरीला सांप बता दिया था। उनके इस बयान का जहर तत्काल मध्यप्रदेश तक पहुंच गया था। साथ ही यह सियासी जहर प्रदेश के राजनीतिक माहौल पर लगातार चढ़ता जा रहा था। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसे लेकर कांग्रेस पर लगातार हमले कर रहे थे। भाजपा के इन हमलों का जवाब देने के लिए अब कांग्रेस ने पांच बी का तोड़ निकाला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज ष्शनिवार को ट्वीट  भाजपा के 18 साल के शासनकाल में प्रदेश को केवल 5 बी देने का आरोप जड़ दिया है। इस आरोप से भाजपा नेताओं का सियासी पारा भी चढ़ा है।  पूरी भाजपा को इस पांच बी में एक बार फिर कांग्रेस की पूर्ववर्ती केंद्र सरकार के घोटाले याद आ गए हैं। मगर कमलनाथ के इन पांच बी का जवाब देने में पार्टी के नेताओं को प्रदेश में फिलहाल कोई मुद्दा याद नहीं आ रहा है।
क्या है कमलनाथ के पांच बी
कमलनाथ ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने बीते 18 सालों में प्रदेश की जनता को केवल पांच बी दिए हैं।  पांच बी यानी बुराई, बेईमानी, बदमाशी, बेरोजगारी और बर्बादी। नाथ ने कहा है कि प्रदेश की जनता इस कुशासन से त्रस्त है और चुनाव में इसका जवाब देगी। अब कांग्रेस आएगी और खुशहाली लाएगी।
जवाब में शिवराज का करप्ट एसएमएस
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पांच बी का जवाब भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करप्ट एसएमएस के जरिए दिया है। मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कर्नाटक को एसएमएस से बचना होगा। एसएमएस का फुल फार्म बताते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक को सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन और शिवकुमार। यह एसएमएस कर्नाटक के विकास के लिए खतरनाक है।

पैरालिसिस अटैक की खबर को नेता प्रतिपक्ष ने बताया भ्रामक

वीडियो जारी कर कहा मैं स्वस्थ हूं, किसी हितैषी ने फैलाई अफवाह


भोपाल। नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने  पैरालिसिस अटैक आने की खबर को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। हल्की थकावट होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लिया था। मेरे बारे में इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना विरोधियों की साजिश है।
नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने आज शनिवार की सुबह एक वीडियो जारी कर बताया कि  उन्हें  पैरालाइसिस अटैक आने की खबरें गलत है। उनका कहना है कि लगातार 20 से 22 दिन से मैं दौरे कर रहा था। रात में भी ठीक से सो नहीं पाया, जिसके चलते थकान महसूस हुई। अपने चिकित्सकों से राय ली है।  उन्होंने कहा कि नींद ना आने से आपके शरीर में यह दिक्कत आ रही है। आपको लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर्स ने मुझे कम से कम 1 सप्ताह तक पूरी तरह आराम करने को कहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे में जीवन में पहली बार 3 दिन मैंने अपना फोन भी बंद रखा था। लेकिन शायद किसी हितैषी ने इस तरह की अफवाहें फैला दी कि डॉ साहब गिर पड़े हैं, उन्हें पक्षाघात हुआ है। मैं ऐसे हितैषी को धन्यवाद देता हूं कि वह ऐसे ही अफवाएं फैलाते रहें और मेरी उम्र बढ़ती रहे।
सिंधिया ने ली स्वास्थ्य की जानकारी
डॉ गोविंद सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी धन्यवाद देते हुए कहा है कि आज सुबह ही केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मेरे अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर फोन किया था। उन्होंने इस पर चिंता भी जाहिर की, मुझे सलाह भी दी कि वह दिल्ली आ जाएं, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने मेरे जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2023

बिखरी कांग्रेस को एकजुट करने कांग्रेस जोड़ो यात्रा पर निकले दिग्गी

हर जगह दस उम्मीदवार, एक चयन करना मुश्किल

भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद प्रदेश कांग्रेस ने हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा निकाली। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालने जा रहे हैं। यात्रा का मकसद साफ है रूठे कांग्रेस नेताओं को फिर से कांग्रेस से जोड़ना और मुख्यधारा में लाकर उन्हें मैदान में सक्रिय करना। कांग्रेस के सामने समस्या है कि हर जगह उम्मीदवार अनेक हैं, किसी का एक चयन करना परेशानी है। यही वजह है कि एकजुटता के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है।  
चुनाव के पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरी हुई कांग्रेस को एक करना है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सक्रिय तो नजर आ रहे हैं, मगर उनकी मेहनत उतनी सफल होती नजर नहीं आ रही है, जैसा वे दोनों चाहते हैं। दोनों नेताओं ने मैदानी दौरे तेज किए हैं। दिग्विजय सिंह लगातार विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और नेताओं को सब कुछ भुलाकर मैदान में उतरने को कह रहे हैं, तो कमलनाथ खुद यह बता रहे हैं कि सरकार आने पर कार्यकर्ता को वे सब कुछ देंगे जिसका वह हकदार है। इसके बाद भी कई नेता और कार्यकर्ता मैदानी सक्रियता नहीं बढ़ा सके हैं। इसे देख अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालने का फैसला किया है। सिंह ने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस अब कांग्रेस जोड़ो यात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट करके चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कमलनाथजी के निर्देश पर कांग्रेस जोड़ो यात्रा पर निकला हूं।  समन्वय साधकर चुनाव लड़ेंगे। हर जगह उम्मीदवार 10 हैं, टिकट 1 को मिलना है. हमारा उद्देश्य 10 को एकजुट करने का प्रयास है।
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। वे मंडलम, सेक्टर स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें ले रहे हैं। वहीं  युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल के लोगों से भी लगातार मिल रहे हैं और हाल ही में हुए चुनाव में नगरीय निकायों और पंचायतों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। अब सिंह प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा लेकर निकले हैं।
अप्रासंगिक हो गया है कांग्रेस का नेतृत्व
दिग्विजय सिंह की कांग्रेस जोड़ो यात्रा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में इस प्रकार के लोग जिनके खून में जहर है वह लोगों को क्या जोड़ेंगे ? फूट डालो राज करो कांग्रेस की नीति रही है। कांग्रेस की लीडरशिप अब अप्रासंगिक हो गई है। कांग्रेस अपना अस्तित्व खो चुकी है।  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को बारे में जो कहा बताता है कि कांग्रेस के खून में ही जहर है। खड़गे और दिग्विजय समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं में भी यही है। कांग्रेस के नेता कभी किसी को जोड़ नहीं सकते।