हर जगह दस उम्मीदवार, एक चयन करना मुश्किल
भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद प्रदेश कांग्रेस ने हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा निकाली। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालने जा रहे हैं। यात्रा का मकसद साफ है रूठे कांग्रेस नेताओं को फिर से कांग्रेस से जोड़ना और मुख्यधारा में लाकर उन्हें मैदान में सक्रिय करना। कांग्रेस के सामने समस्या है कि हर जगह उम्मीदवार अनेक हैं, किसी का एक चयन करना परेशानी है। यही वजह है कि एकजुटता के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है।चुनाव के पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरी हुई कांग्रेस को एक करना है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सक्रिय तो नजर आ रहे हैं, मगर उनकी मेहनत उतनी सफल होती नजर नहीं आ रही है, जैसा वे दोनों चाहते हैं। दोनों नेताओं ने मैदानी दौरे तेज किए हैं। दिग्विजय सिंह लगातार विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और नेताओं को सब कुछ भुलाकर मैदान में उतरने को कह रहे हैं, तो कमलनाथ खुद यह बता रहे हैं कि सरकार आने पर कार्यकर्ता को वे सब कुछ देंगे जिसका वह हकदार है। इसके बाद भी कई नेता और कार्यकर्ता मैदानी सक्रियता नहीं बढ़ा सके हैं। इसे देख अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालने का फैसला किया है। सिंह ने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस अब कांग्रेस जोड़ो यात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट करके चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कमलनाथजी के निर्देश पर कांग्रेस जोड़ो यात्रा पर निकला हूं। समन्वय साधकर चुनाव लड़ेंगे। हर जगह उम्मीदवार 10 हैं, टिकट 1 को मिलना है. हमारा उद्देश्य 10 को एकजुट करने का प्रयास है।
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। वे मंडलम, सेक्टर स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें ले रहे हैं। वहीं युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल के लोगों से भी लगातार मिल रहे हैं और हाल ही में हुए चुनाव में नगरीय निकायों और पंचायतों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। अब सिंह प्रदेश में कांग्रेस जोड़ो यात्रा लेकर निकले हैं।
अप्रासंगिक हो गया है कांग्रेस का नेतृत्व
दिग्विजय सिंह की कांग्रेस जोड़ो यात्रा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में इस प्रकार के लोग जिनके खून में जहर है वह लोगों को क्या जोड़ेंगे ? फूट डालो राज करो कांग्रेस की नीति रही है। कांग्रेस की लीडरशिप अब अप्रासंगिक हो गई है। कांग्रेस अपना अस्तित्व खो चुकी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को बारे में जो कहा बताता है कि कांग्रेस के खून में ही जहर है। खड़गे और दिग्विजय समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं में भी यही है। कांग्रेस के नेता कभी किसी को जोड़ नहीं सकते।
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