बुधवार, 6 मई 2020

दावेदारी के लिए शिवराज दरबार में बढ़ाई सक्रियता

 कांग्रेस के बागी लगातार मंत्री बनने बना रहे दबाव

मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों के साथ ही दावेदारों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान से मुलाकात करना शुरु कर दिया है. इस दौरान सभी अपनी दावेदारी कर रहे हैं. खासकर कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री और विधायक शिवराज के दरबार में पहुंच रहे हैं.
मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है. अटकलों के तेज होते ही शिवराज सिंह चौहान के निवास पर दावेदारों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है. शिवराज समर्थक भाजपा के विधायकों के अलावा कांग्रेस के बागी जिन्होंने हाल ही में भाजपा की सदस्यता ली है, उन्होंने भी शिवराज सिंह के निवास पर पहुंचकर मुलाकात का सिलसिला तेज कर दिया है. आज सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान से मुलाकात की. हालांकि इमरती देवी ने मीडिया से चर्चा करते हुए मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया. उन्होंने कहा कि हम तो मुख्यमंत्री को उनकी शादी की सालगिरह की बधाई देने गए थे. इमरती देवी के अलावा आज विंध्य के विधायक केदार शुक्ला भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे. उन्होंने मुलाकात कर अपनी दावेदारी भी की. इसके पूर्व एंदल सिंह कंसाना, निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं. 
हम चाहते हैं सिंधिया केन्द्रीय मंत्री बनें
मंत्री गोविंंद सिंह राजपूत आज भाजपा कार्यालय पहुंचे. उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा से मुलाकात की. दोनों की बंद कमरे में हुई मुलाकात के बाद जब राजपूत बाहर आए तो उन्होंने बताया कि वे प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के लिए आए थे. सामान्य मुलाकात थी. उन्होंने कहा कि सिंधिया के नेतृत्व में हम राज्य के सभी 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को जीतेंगे. राजपूत ने कहा कि हम तो यह चाहते हैं कि सिंधिया को जल्द केन्द्रीय मंत्री बनाया जाए.
विस्तार छोड़ कोरोना का लड़ाई लड़ें: शर्मा
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि जब कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 22 नेताओं के साथ भाजपा के 70 से ज्यादा विधायक मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए भोपाल में डेरा डाले हुए हैं, तो उनके क्षेत्र में कोरोना से लड़ाई कौन लड़ रहा होगा. बेहतर होगा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और भारतीय जनता पार्टी ये घोषणा कर दे कि मंत्रिमंडल का विस्तार लाकडाउन के बाद होगा. अभी कोरोना की लड़ाई लड़ी जाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेता और भाजपा विधायक मंत्री बनने के लिए भोपाल में डेरा डाले हुए हैं, ऐसे में उनके क्षेत्रों में कोरोना के खिलाफ लड़ाई कौन लड़ेगा.

भ्रम फैलाकर आपराधिक षडयंत्र कर रही कांग्रेस


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक संजर ने गुना में परिवार को बाथरूम में बंद करने की कांग्रेसी कहानी को अक्षम्य अपराध बताया है. कांग्रेस कोरोना संकट के समय भी भ्रम फैलाकर आपराधिक षडयंत्र करने से बाज नहीं आ रही है. उन्होंने कहा कि घटना की हकीकत को जाने बिना कांग्रेस दुष्प्रचार कर अपनी दुषित मानसिकता का प्रदर्शन कर रही है.
गुना जिले के राघौगढ़ जनपद की टोडरा ग्राम पंचायत की प्राथमिक शाला में मजदूर दंपत्ति को स्कूल के शौचालय में रविवार को प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन किए जाने की कांग्रेस द्वारा अफवाह फैलाई गई थी. प्रदेश प्रवक्ता आलोक संजर ने इसे कांग्रेस का आपराधिक षडयंत्र बताया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने खंडन करते हुए बताया कि दंपत्ति और उसके परिवार को प्राथमिक शाला में क्वारंटाइन किया था. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के समय शासन प्रशासन हर स्तर पर राहत कार्यों में लगा है. सामाजिक संस्थाएं भी अपने अपने स्तर पर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है. ऐसे विकट समय में कांग्रेस सेवा कार्य करने के बजाए राजनैतिक षडयंत्र करने में लगी हुई है. गुना की घटना को लेकर कांग्रेस द्वारा जिस तरीके से झूठ बोला गया वह राजनीति के इनके गिरते स्तर का परिचायक है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैलाने और भड़काने का कुत्सित प्रयास करती आयी है. मजदूरों को लाने के मामले में भी कांग्रेस ने भ्रम की स्थिति पैदा की.
 संजर ने कहा कि कोरोना के संक्रमण काल में कांग्रेस वैचारिक रूप से संक्रमित हो चुकी है. उसे ऐसे समय में भी राजनैतिक षडयंत्र सूझ रहा है. संजर ने ऐसी घटनाओं पर कांग्रेस द्वारा दुष्प्रचारित करने पर कडी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि कांग्रेस वैसे भी जनता का विश्वास अर्जित नहीं कर पा रही है. ऐसे हथकंडों से उसे बदनामी के सिवाए कुछ हासिल होने वाला नहीं है. 

खुलेगी शराब दुकानें, सरकार और ठेकेदारों के बीच बनी सहमति


मध्य प्रदेश में शराब दुकानें खोलने को लेकर बीते तीन दिनों से लगाई जा रही अटकलें खत्म हो गई. अब प्रदेश के ग्रीन और आरेंज जोन में शराब की दुकानें खोली जाएंगी. इसे लेकर लिकर एसोसिएशन और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद निर्णय लिया गया है. वहीं पूरे प्रदेश में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर अभी सहमति नहीं बनी.
बीते दो दिनों से सरकार और शराब ठेकेदारों के बीच बनी तकरार आज बैठक के बाद खत्म हो गई है. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और आबकारी विभाग के अफसरों के रुख के बाद शराब ठेकेदारों ने शराब दुकान खोलने का फैसला लिया है. सरकार ने ठेकेदारों को उनकी मांग पर आगामी 3 से 4 दिन में फैसले लेने का भरोसा दिलाया है. शराब ठेकेदारों ने सरकार से इस बात की मांग की थी कि जितना माल बेचा जाए उतनी ही ड्यूटी लगाई जाए. साथ बीते 2 महीने में जो नुकसान हुआ है उसके कोटे से उन्हें बंधन मुक्त किया जाए. इन तमाम मांगों पर सरकार और शराब विक्रेताओं के बीच वीडियो कांफे्रंसिंग में विचार हुआ. बताया जा रहा है कि आर्थिक मुद्दों से जुड़ी मांगों पर अफसरों ने मंत्रालय में चर्चा के बाद ही फैसला लेने की बात कही है. साथ ही आश्वस्त किया है कि ठेकेदारों के हित में उचित फैसला लिया जाएगा. सरकार का आश्वासन मिलते ही ठेकेदारों ने अनुमति वाले सभी इलाकों में तत्काल शराब की दुकानें खोलने की बात कही है. 
गौरतलब है कि  केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार पूरे देश में 4 मई से शराब दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, इसे लेकर कई प्रदेशों में शराब दुकानें खुल भी गई हैं लेकिन मध्यप्रदेश में लिकर एसोसिएशन और सरकार के बीच सहमति नहीं बनने के कारण आज तक यहां शराब की दुकानें नही खुली. सरकार के आदेश के बाद भी शराब कारोबारी दुकान खोलने को लेकर राजी नहीं हुए, घाटे को लेकर वे मांग कर रहे थे कि एक्साइज ड्यूटी कम करे. इसी बात को लेकर बीते दिन सरकार ने कड़े तेवर भी दिखाए. मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यहां तक कह डाला कि सरकार के आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नही की जाएगी, वरना सरकार दूसरा विकल्प भी तलाशेगी.

मंगलवार, 5 मई 2020

विधायक ने कहा कांग्रेस और जमाती एक मां के दो बेटे


मध्यप्रदेश में कोरोना संकट के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच एक दूसरे को लेकर कटाक्ष करते हुए बयानबाजी का दौर भी जारी है. कांग्रेस द्वारा कभी सरकार को घेरा जाता है, तो जवाब में भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस को प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने के लिए जिम्मेदार बताते हैं. इसके चलते आज भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और जमाती दोनों एक मां के दो बेटे हैं.
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस द्वारा राशन की कालाबाजी को लेकर लगातार सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा कि कांग्रेस अपना मुंह बंद ही रखे तो अच्छा होगा. भाजपा कार्यकर्ता कोरोना संकट के दौरान पीड़ित मानवता की सेवा में दिन रात लगा है और लगा रहेगा. कांग्रेस के पेट मे दर्द नहीं होना चाहिए. शर्मा  ने कहा कि  15 महीने की कमलनाथ सरकार की वजह से प्रदेश में कोरोना फैला है. मध्यप्रदेश में कोरोना फैलने की वजह ही कमलनाथ सरकार और जमाती हैं. इतना नहीं उन्होंने कहा कि जमातियों और कांग्रेस को भाई-भाई बताया और कहा कि कांग्रेस और जमाती एक मां के दो बेटे हैं.

विवादों के बीच फिर शुरु हुई मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रमिकों के खातों में डाले 41 करोड़

शिवराज सरकार ने आज  मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना आज फिर विवादों के बीच फिर से शुरु कर दी है. इस योजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस योजना के शुरु होने पर भारी भ्रष्टाचार होगा. कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या योजना में पूर्व में पाए गए अपात्रों को हटा दिया है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज ट्वीट कर जानकारी दी कि प्रदेश में संबंल योजना फिर से लागू की जाएगी. इसके बाद दोपहर को उन्होंने बकायदा इस योजना का शुभारंभ कर दिया. उन्होंने कहा कि संबल योजना आज से नये रूप में प्रारंभ हो रही है. मुझे विश्वास है कि यह मेरे गरीब बहनों-भाइयों को समस्याओं से निजात दिलाकर उनके जीवन को आसान बनाएगी.   मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का पुन: शुभारंभ कर 1863 पात्र हितग्राहियों के खातों में 41 करोड़ की राशि ट्रांसफर भी किए.  इस योजना में अब डेढ़ करोड़ श्रमिकों को शामिल किया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमने योजना का दायरा भी बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि  संबल योजना में संबल परिवारों के ऐसे बच्चे जो राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, उन्हें 50 हजार रुपए दिए जाएंगे.  योजना में हम एक नई सुपर 5 हजार योजना को  जोड़ रहे हैं. संबल परिवारों के ऐसे 5 हजार बच्चे जो 12वीं में सबसे ज्यादा नंबर लाएंगे, उन्हें 30 हजार प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से दिए जाएंगे. 
 उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गर्भवती बहन को गर्भावस्था के दौरान 4 हजार और शिशु के जन्म के बाद 12 हजार रुपए दिए , जिससे मां और शिशु, दोनों ही स्वस्थ आहार ले सकें. यह योजना हमारे गरीब भाई-बहनों के परिवारों को नया जीवन देने वाली योजना है. जन्म से पहले से लेकर जिंदगी के बाद तक इस योजना का गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा. 
फिर होगा भारी भ्रष्टाचार: चौधरी
 विवादों में रही संबल योजना को आज शिवराज सरकार द्वारा शुरु किया गया. इसे लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक कुणाल चौधरी ने कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि पूर्व श्रममंत्री द्वारा बताई गई गड़बड़ियों पर क्या कार्रवाई की गई है. उन्होंने मंत्री रहते हुए अपात्र लोगों के संबल योजना में शामिल होने की बात कही थी, क्या अपात्र लोगों को हटा दिया गया है. चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विफलता का प्रतीक रही संबल योजना को फिर लांच किया है.  संबल योजना को पुन: चालू करने से पहले शिवराज सिंह ये बताए कि संबल योजना में जो अपात्र लोगों के नाम थे, क्या वह हटाए गए है, अगर हां तो कितने नाम हटाए हैं. उन्होंने कहा कि सौ में सौ यूनिट बिजली जो मिलती थी, उसे बंद कर अब आप जो 2 सौ रूपए में बिजली देंगे, वह क्या सभी परिवारों को मिलेगा या जिनके नाम संबल योजना में है, केवल उन्हीं को मिलेगा. पिछली बार जैसा इसमें इस बार भी भारी भ्रष्टाचार होगा.
अपात्रों को न दिया जाए योजना का लाभ: वर्मा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज संबल योजना फिर से प्रारंभ किए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने संदेश के माध्यम से नसीहत दी है कि संबल योजना में शामिल लाखों अपात्र लोगों को इसका लाभ ना दिया जाए. वर्मा ने योजना के हितग्राहियों की सूची में लाखों अपात्र लोगों के शामिल किए जाने पर शिवराज सरकार को इसकी जांच कर योजना को कुछ समय बाद प्रारंभ करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस योजना में लगभग 10-12 लाख लोग अपात्र हैं, जिसका खुलासा कमलनाथ सरकार में पूर्व मंत्री रहे तथा अब भाजपा में शामिल हो चुके महेंद्र सिंह सिसोदिया प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से पूर्व में ही कर चुके हैं. इसमें लगभग 4-5 लाख लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है तथा इतने ही लोग सरकारी नौकरी में है जो योजना का लाभ उठा रहे थे. साथ ही यह योजना शिवराज सिंह के पिछले कार्यकाल के दौरान भाजपा समर्थित लोगों को उपकृत करने के लिए उन्हें इसमें शामिल किया गया था.

30 लाख की आबादी की जान जोखिम में डालने वाला कौन


मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कोरोना संक्रमित मरीज हीरालाल सिंह को सतना ले आने, बिना जांच किए उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किए जाने एवं अचानक हुई उसकी मौत पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए कि अब तक पूरी तरह सुरक्षित एवं ग्रीन जोन में शामिल सतना की 30 लाख आबादी की जान को जोखिम में डालने वाला असली गुनाहगार कौन है.
अजय सिंह ने कहा कि जब अच्छे खासे स्वस्थ लोग एक एक पास के लिए मोहताज हो रहे हैं ऐसी स्थिति में एक कारोना संक्रमित मरीज को बिना राजनैतिक हस्तक्षेप के पास मिलना मुमकिन नहीं है.  सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि ये कैसे संभव है कि जो मरीज संक्रमण की वजह से जीवन के आखिरी स्टेज में हो और उसकी रिपोर्ट निगेटिव निकल आए. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के एक नेता के राजनैतिक हस्तक्षेप से न केवल रिपोर्ट को बदला गया बल्कि उसे सतना के लिए पार्सल भी किया गया! उन्होंने कहा कि भाजपा के उक्त नेता के रसूख के चलते जिले की पूरी आबादी को आग में झोंक दिया गया है.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जिला अस्पताल प्रबंधन ने आखिर किसके दबाब के चलते प्रोटोकाल का उल्लंघन कर कोरोना संक्रमित मरीज को आईसीयू वार्ड में दाखिल किया साथ ही उसके परिजनों को मिलने सहित बाहर से दवा, चाय, और खाने की अनुमति दी गयी. सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की इस बड़ी चूक के चलते डाक्टर, नर्स, विभाग के अन्य कर्मचारियों सहित कई लोगों पर संक्रमण का जो खतरा बढ़ा है उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. अजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गुजरात के मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि आखिर किसके दबाब में कारोना पोजटिव को निगेटिव मरीज बताकर सतना भेजा गया.

शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के लए शुरु होगी हेल्प डेस्क



मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लाक डाउन में सेवा करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा. शहीद पुलिसकर्मियों को कर्मवीर सम्मान से नवाजा जाएगा. गृह मंत्री ने कहा कि शहीद पुलिस कर्मचारियों के परिजनों के लिए हेल्प डेस्क सेवा भी शुरु की जाएगी.
गृह मंत्री आज पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान चल रहे लाक डाउन को लेकर अधिकारियों की बैठक ली. गृह मंत्री मिश्रा ने प्रदेश के शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए हेल्प डेस्क की शुरूआत करने के निर्देश दिए हैं. गृहमंत्री ने कहा कि शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी. साथ ही निर्देश दिए हैं कि एडीजी या आईजी स्तर के अधिकारी इन परिवारों की समस्याओं का निराकरण करना सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में ड्यूटी करने वाले सभी जवानों को पुरस्कार दिया जाएगा. गृहमंत्री  ने कहा कि शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के एडमिशन से लेकर हर छोटी बड़ी समस्याओं का निराकरण तत्काल किया जाना चाहिए. साथ ही बैठक में फील्ड पर तैनात कोरोना वारियर्स को लेकर भी कई दिशा निर्देश दिए गए हैं. गृह मंत्री मिश्रा ने पुलिस विभाग की तारीफ की. बता दें कि लाकडाउन में सेवा देने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित भी किया जाएगा,  इस सम्मान से 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि  शहीद पुलिसकर्मियों को कर्मवीर सम्मान दिया जाएगा.  बैठक से पहले मंत्री डा मिश्रा ने शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी. 
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मध्यप्रदेश में लाकडाउन का तीसरा चरण जारी है. 24 मार्च से लेकर अब तक लगातार पुलिसकर्मी सड़कों पर कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे हैं. ऐसे में मध्यप्रदेश के दो पुलिस अधिकारियों के इस महामारी की चपेट में आने से मौत हो गई है. 
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण की प्रक्रिया नीचे से ऊपर की ओर चलेगी. पुलिसकर्मियों की क्रमोन्नति, पदोन्नति पर निर्णय लिए जाने संबंधी आवश्यक कार्यवाही तत्परतापूर्वक की जाए. जिन परिस्थितियों में आज पुलिस विभाग कार्य कर रहा है, उनके कल्याण के लिए विभाग आगे बढ़कर कार्य करेगा. उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से आवश्यक सुझाव भी मांगे. 
उच्चतम वेतनमान पर कार्य करने वालों को पदनाम
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उच्चतम वेतनमान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को पदनाम देने पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त करते हुए प्रस्ताव देने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए.
डायल 100 घर जाकर दर्ज करेगी एफआईआर
मंत्री डा. मिश्रा ने कहा कि पुलिस विभाग सुधारात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत वन स्टेप-अप होकर कार्य करेगा. डायल 100 एफआरवी लोगों की शिकायत पर घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी. शीघ्र ही इसके लिए आवश्यक कदम उठाएं जा रहे है. अति गंभीर मामलों को छोड़कर सामान्य मामलों में इस प्रकार की एफआईआर डायल 100 द्वारा दर्ज की जा सकेगी. शीघ्र ही आमजन को यह सुविधा मिलेगी कि उन्हें एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने नहीं जाना पड़ेगा.