मध्य प्रदेश में शराब दुकानें खोलने को लेकर बीते तीन दिनों से लगाई जा रही अटकलें खत्म हो गई. अब प्रदेश के ग्रीन और आरेंज जोन में शराब की दुकानें खोली जाएंगी. इसे लेकर लिकर एसोसिएशन और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद निर्णय लिया गया है. वहीं पूरे प्रदेश में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर अभी सहमति नहीं बनी.
बीते दो दिनों से सरकार और शराब ठेकेदारों के बीच बनी तकरार आज बैठक के बाद खत्म हो गई है. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और आबकारी विभाग के अफसरों के रुख के बाद शराब ठेकेदारों ने शराब दुकान खोलने का फैसला लिया है. सरकार ने ठेकेदारों को उनकी मांग पर आगामी 3 से 4 दिन में फैसले लेने का भरोसा दिलाया है. शराब ठेकेदारों ने सरकार से इस बात की मांग की थी कि जितना माल बेचा जाए उतनी ही ड्यूटी लगाई जाए. साथ बीते 2 महीने में जो नुकसान हुआ है उसके कोटे से उन्हें बंधन मुक्त किया जाए. इन तमाम मांगों पर सरकार और शराब विक्रेताओं के बीच वीडियो कांफे्रंसिंग में विचार हुआ. बताया जा रहा है कि आर्थिक मुद्दों से जुड़ी मांगों पर अफसरों ने मंत्रालय में चर्चा के बाद ही फैसला लेने की बात कही है. साथ ही आश्वस्त किया है कि ठेकेदारों के हित में उचित फैसला लिया जाएगा. सरकार का आश्वासन मिलते ही ठेकेदारों ने अनुमति वाले सभी इलाकों में तत्काल शराब की दुकानें खोलने की बात कही है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार पूरे देश में 4 मई से शराब दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, इसे लेकर कई प्रदेशों में शराब दुकानें खुल भी गई हैं लेकिन मध्यप्रदेश में लिकर एसोसिएशन और सरकार के बीच सहमति नहीं बनने के कारण आज तक यहां शराब की दुकानें नही खुली. सरकार के आदेश के बाद भी शराब कारोबारी दुकान खोलने को लेकर राजी नहीं हुए, घाटे को लेकर वे मांग कर रहे थे कि एक्साइज ड्यूटी कम करे. इसी बात को लेकर बीते दिन सरकार ने कड़े तेवर भी दिखाए. मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यहां तक कह डाला कि सरकार के आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नही की जाएगी, वरना सरकार दूसरा विकल्प भी तलाशेगी.
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