मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रमिकों के खातों में डाले 41 करोड़शिवराज सरकार ने आज मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना आज फिर विवादों के बीच फिर से शुरु कर दी है. इस योजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस योजना के शुरु होने पर भारी भ्रष्टाचार होगा. कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या योजना में पूर्व में पाए गए अपात्रों को हटा दिया है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज ट्वीट कर जानकारी दी कि प्रदेश में संबंल योजना फिर से लागू की जाएगी. इसके बाद दोपहर को उन्होंने बकायदा इस योजना का शुभारंभ कर दिया. उन्होंने कहा कि संबल योजना आज से नये रूप में प्रारंभ हो रही है. मुझे विश्वास है कि यह मेरे गरीब बहनों-भाइयों को समस्याओं से निजात दिलाकर उनके जीवन को आसान बनाएगी. मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का पुन: शुभारंभ कर 1863 पात्र हितग्राहियों के खातों में 41 करोड़ की राशि ट्रांसफर भी किए. इस योजना में अब डेढ़ करोड़ श्रमिकों को शामिल किया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमने योजना का दायरा भी बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि संबल योजना में संबल परिवारों के ऐसे बच्चे जो राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, उन्हें 50 हजार रुपए दिए जाएंगे. योजना में हम एक नई सुपर 5 हजार योजना को जोड़ रहे हैं. संबल परिवारों के ऐसे 5 हजार बच्चे जो 12वीं में सबसे ज्यादा नंबर लाएंगे, उन्हें 30 हजार प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से दिए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गर्भवती बहन को गर्भावस्था के दौरान 4 हजार और शिशु के जन्म के बाद 12 हजार रुपए दिए , जिससे मां और शिशु, दोनों ही स्वस्थ आहार ले सकें. यह योजना हमारे गरीब भाई-बहनों के परिवारों को नया जीवन देने वाली योजना है. जन्म से पहले से लेकर जिंदगी के बाद तक इस योजना का गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा.
फिर होगा भारी भ्रष्टाचार: चौधरी
विवादों में रही संबल योजना को आज शिवराज सरकार द्वारा शुरु किया गया. इसे लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक कुणाल चौधरी ने कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि पूर्व श्रममंत्री द्वारा बताई गई गड़बड़ियों पर क्या कार्रवाई की गई है. उन्होंने मंत्री रहते हुए अपात्र लोगों के संबल योजना में शामिल होने की बात कही थी, क्या अपात्र लोगों को हटा दिया गया है. चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विफलता का प्रतीक रही संबल योजना को फिर लांच किया है. संबल योजना को पुन: चालू करने से पहले शिवराज सिंह ये बताए कि संबल योजना में जो अपात्र लोगों के नाम थे, क्या वह हटाए गए है, अगर हां तो कितने नाम हटाए हैं. उन्होंने कहा कि सौ में सौ यूनिट बिजली जो मिलती थी, उसे बंद कर अब आप जो 2 सौ रूपए में बिजली देंगे, वह क्या सभी परिवारों को मिलेगा या जिनके नाम संबल योजना में है, केवल उन्हीं को मिलेगा. पिछली बार जैसा इसमें इस बार भी भारी भ्रष्टाचार होगा.
अपात्रों को न दिया जाए योजना का लाभ: वर्मा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज संबल योजना फिर से प्रारंभ किए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने संदेश के माध्यम से नसीहत दी है कि संबल योजना में शामिल लाखों अपात्र लोगों को इसका लाभ ना दिया जाए. वर्मा ने योजना के हितग्राहियों की सूची में लाखों अपात्र लोगों के शामिल किए जाने पर शिवराज सरकार को इसकी जांच कर योजना को कुछ समय बाद प्रारंभ करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस योजना में लगभग 10-12 लाख लोग अपात्र हैं, जिसका खुलासा कमलनाथ सरकार में पूर्व मंत्री रहे तथा अब भाजपा में शामिल हो चुके महेंद्र सिंह सिसोदिया प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से पूर्व में ही कर चुके हैं. इसमें लगभग 4-5 लाख लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है तथा इतने ही लोग सरकारी नौकरी में है जो योजना का लाभ उठा रहे थे. साथ ही यह योजना शिवराज सिंह के पिछले कार्यकाल के दौरान भाजपा समर्थित लोगों को उपकृत करने के लिए उन्हें इसमें शामिल किया गया था.
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