रविवार, 30 जून 2024
समीक्षा बैठक से बड़े नेताओं ने बनाई दूरी
भोपाल। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश में मिली करारी हार के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी हार की समीक्षा करने आई है। कमेटी ने आज दूसरे दिन समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कांग्रेस के बड़े नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह नहीं पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज रविवार को सुबह 10 बजे से आयोजित इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ही नहीं, बल्कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह व चुरहट विधायक अजय सिंह भी गैरहाजिर हैं। जबकि, यह चारों नेता पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में सदस्य थे। दिग्विजय सिंह राजगढ़ और कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ छिंदवाड़ा में प्रत्याशी थे। अजय सिंह को विंध्य और गोविंद सिंह को ग्वालियर चंबल की सीटें जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
गौरतलब है कि कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी लोकसभा चुनाव में मिली हार का विश्लेषण करने के लिए आई है। कमेटी में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण सहित अन्य नेता शामिल हैं। शनिवार को इन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशियों से चर्चा कर हार की वजह पूछी। जिसमें लगभग सभी ने दल-बदल, कमजोर संगठन, भितरघात और टिकट में देरी को हार की वजह मानी।
कांग्रेस को उबरने में लगेगा समय
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हार की समीक्षा करनी चाहिए, हमारी सहानुभूति उनके साथ है। उन्हें विचार करना चाहिए कि 230 में 207 विधानसभा कांग्रेस क्यों हार गई है। लोकतंत्र में केवल एक ही पार्टी हो ऐसा नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को उबरने में समय लगेगा। हम बूथबूथ पर जाकर मेहनत करते हैं।
पकड़ में आ गई हार की बीमारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि बैठक के दौरान हार की बीमारी पकड़ में आई है। हार की बीमारी का इलाज करेंगे। हार की समीक्षा की गई। हार की बीमारी का कारण पकड़ में आ चुका है। बैठक में हार के कई चौंकाने वाले परिणाम आए हैं।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए रावत को कार्यमंत्रणा समिति से हटाया
भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कार्य मंत्रणा बैठक से पूर्व मंत्री और विधायक रामनिवास रावत हटा दिए गए है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के निर्देश के बाद सचिवालय ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक से रावत को हटा दिया है। समिति में रावत की जगह दतिया से विधायक राजेंद्र भारती को नया सदस्य बनाया गया है।रामनिवास रावत की जगह पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया विधानसभा में बैठेंगे। विधानसभा में बीना से विधायक निर्मला सप्रे की भी सीट बदलेगी। वहीं इस्तीफा देने वाले पूर्व विधायक कमलेश शाह की सीट खाली रहेगी। बता दें कि ऐन लोकसभा चुनाव के पहले रावत और निर्मला सप्रे ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। दोनों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है किंतु इस्तीफा नहीं दिया है। कांग्रेस ने इस मामले को विधानसभा में न सिर्फ उठाने बल्कि दोनों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की बात भी कही है।
दलबदलुओं के खिलाफ पार्टी करेगी कार्रवाई
पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि विधानसभा सत्र में कांग्रेस की रणनीति, सदन में प्रमुखता से उठाये जाने वाले मुद्दे, लोकसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने दलबदलू नेताओं को भी नसीहत देते हुए कहा कि उनके खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी।
शनिवार, 29 जून 2024
किसी ने प्रशासन तो किसी ने दल-बदल को बताया हार का कारण
कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने प्रत्याशियों ने बताई हार की वजह
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज अखिल भारतीय कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर मिली हार का कारण जानने गठित की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों से वन-टू-वन चर्चा की। बैठक में छिंदवाड़ा से प्रत्याशी नकुलनाथ और राजगढ़ से प्रत्याशी रहे दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे थे। दोनों ने पूर्व में प्रदेश कांग्रेस को इसकी सूचना दे दी थी। इसके अलावा सभी लोकसभा सीटों के प्रत्याशी बैठक में ष्शामिल हुए। प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मिली हार के अलग-अलग कारण बताएं, मगर प्रशासन के दबाव बनाए जाने की बात करीब-करीब हर प्रत्याशी ने कही। वहीं भाजपा द्वारा दलबदल का जो अभियान चलाया गया, उसे भी बड़ा कारण बताते हुए प्रत्याशियों ने कहा कि इसके चलते कई नेता भाजपा में चले गए जिसके कारण कार्यकर्ता का मनोबल गिरा और वह मैदान में सक्रिय नजर नहीं आया।
युवाओं को आगे आने नहीं दिया जाता
कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आज बैठक में दलबल का मुद्दा उठा। कमेटी के सदस्यों से बड़े नेताओं की शिकायत की गई। उन्होंने कहा कि बड़े नेता युवाओं को आगे नहीं आने देते। संगठन की कमजोरी को लेकर भी शिकायत की गई है। मुरैना कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि नेता पर पूरा संगठन निर्भर रहता है। नेता जैसे ही पार्टी छोड़कर जाता संगठन पूरा खत्म हो जाता है। विजयपुर में रामनिवास रावत के पार्टी छोड़ने के बाद संगठन वहां पूरा खत्म हो गया। विधायक रामनिवास रावत और सुमावली से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह के भाजपा में जाने काफी नुकसान हुआ है।
टिकट वितरण में देरी को भी कारण बताया
बैठक में पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए प्रत्याशियों ने टिकट वितरण में देरी को भी हार का कारण बताया। प्रत्याशियों का कहना था कि समय रहते अगर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाता तो क्षेत्र में प्रचार के लिए ज्यादा समय मिलता। बैठक में हारे हुए प्रत्याशियों से हार के कारण पूछे गए। 30 जून को लोकसभा चुनाव को लेकर बनाई गई चुनावी समितियों के सदस्यों से चर्चा होगी। कमेटी के पृथ्वीराज चव्हाण, सप्तगिरि उल्का और जिग्नेश मेवाणी ने बैठक ली। बैठक के बाद हार की रिपोर्ट आलाकमान को दी जाएगी। रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार नेताओं पर एक्शन होगा।
प्रदेश को कैसे मिले भाजपा से मुक्ति
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि असल बात ये ही कि इस प्रदेश को भाजपा से कैसे मुक्ति मिले? ये जनता भी चाहती है कि 23 साल पुरानी एक ऐसी सरकार जिसने प्रदेश को अराजक बना दिया, कर्जदार बना दिया, करप्ट बना दिया, बेरोजगारी में नंबर वन बना दिया, वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया उसे कैसे हटाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी लगातार बैठकें चलेंगी, अभी 2 दिन बैठक हैं, उसके बाद 5 और 6 जुलाई को फिर से बैठक होगी , फिर संगठन को मजबूत करने के लिए जिला और ब्लॉक अध्यक्ष की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि संगठन को कैसे मजबूत किया जाए इसको लेकर देश और प्रदेश में दोनों जगह कांग्रेस पार्टी चिंतित है, हम प्रयास कर रहे हैं कि हम कैसे फिर चुनाव जीतें।
विधानसभा के बजट सत्र का लाइव प्रसारण किया जाए
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर से मांग की है कि विधानसभा के बजट सत्र का लाइव प्रसारण किया जाए। उन्होंने मांग की है कि अगर विपक्षी दल के विधायकों का प्रसारण नहीं होता है तो मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के बजट पर भाषण के लाइव प्रसारण पर भी रोक लगाई जाए।
सोलहवीं विधानसभा का बजट सत्र 1 जुलाई से शुरू होना है। 19 जुलाई तक चलने वाले सत्र में ’मोहन सरकार’ वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश करेगी। सत्र शुरू होने से पहले मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखा है। सिंघार ने मांग की है कि 1 जुलाई से शुरू हो रहे बजट सत्र की पूरी कार्रवाई जनसंपर्क और मीडिया चैनलों के जरिए लाइव प्रसारित की जाए। यदि विपक्षी दल के विधायकों का प्रसारण नहीं होता है तो मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के बजट पर भाषण के लाइव प्रसारण पर भी रोक लगाई जाए।
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश सरकार ने विभागों को अभी चार माह का बजट दिया है। यानी विभागों के पास जुलाई माह के लिए बजट है। जुलाई के बाद खर्चों के लिए राशि की व्यवस्था करनी होगी। इसको लेकर वित्त विभाग काम कर रहा है। 8 माह के लिए राज्य का बजट तैयार हो रहा है। एक जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में इस बजट को सदन में पेश किया जाएगा। सदन की हरी झंडी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
शुक्रवार, 28 जून 2024
पत्नियां पति को घर में अपने सामने बैठकर शराब पीलाएं
शराब छुड़ाने मंत्री ने महिलाओं को दी सलाह
सामाजिक न्याय मंत्री ने महिलाओं से अपील है कि अपने पति के सामने बैठकर पिलाएं। उन्होंने कहा कि घर में शराब पिलाए। नशामुक्ति के लिए पत्नियां, पतियों को घर पर शराब लाने के लिए कहें। पतियों को अपने सामने शराब पीने को कहें। धीरे-धीरे पतियों को आपके सामने पीने में शर्म आएगी। शर्म के कारण वे खुद ही पीना छोड़ देंगे। नशामुक्ति के लिए सामाजिक न्याय मंत्री ने महिलाओं को दी सलाह दी है कि माताएं, बहनें चाहें कि मेरा पति शराब न पिए तो आप यह कहो कि आप घर पर शराब लाओ और मेरे सामने पियो। सामने पिएंगे तो उनकी पीने की आदत कम होगी और धीरे-धीरे बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। उसे शर्म आएगी कि मैं अपने बच्चों और बीवी के सामने पी रहा हूं। उसे बताएं कि आगे चलकर उसके बच्चे भी ऐसा कर सकते हैं। नशामुक्ति में माताओं-बहनों का बड़ा योगदान है।
किसानों के हित से खिलवाड़ ना हो, अधिकारी करें निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज मंत्रालय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा कृषि विविधीकरण के लिए किया जा रहे प्रयासों पर मंत्रालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उपज मंडियों की व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मंडियों के तौल-काँटे, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य व्यवस्था का आकस्मिक निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों के हितों से कहीं भी खिलवाड़ ना हो और मंडी व्यवस्था के प्रति किसानों का विश्वास बरकरार रहे। कलेक्टर कृषि उपज मंडी के संचालन पर भी निगरानी रखें। कहीं पर भी कृषि उपज मंडी में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित सचिव जिम्मेदार होंगे, उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वेयरहाउस निर्माण व उपयोग के प्रावधानों में किसानों के हितों को सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
लघु, सीमांत कृषकों को लाभ मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश, जलवायु परिस्थितियों, मिट्टी और फसलों के विविध पैटर्न के साथ संपन्न है। हमारे किसान भाईयों की अथक मेहनत से प्रदेश कृषि विकास में सर्वोपरि है। हमारा प्रदेश दलहन व तिलहन के क्षेत्र तथा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में हम निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक सीमांत, लघु कृषकों को लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएं। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पौष्टिक श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाने और इसकी पैदावार करने वाले कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
सरकारी खरीद पर निर्भर ना होने वाली फसलों को दें बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान एवं गेहूँ के स्थान अन्य लाभकारी फसलें लेने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाए। ऐसी फसलों को बढ़ावा दिया जाए जो सरकारी खरीद पर निर्भर नहीं हों और जिनका दाम बाजार व निर्यात की मांग से जुड़ा हो। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक उर्वरकों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताते हुए प्रदेश के सभी क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती को विस्तारित करने संबंधित कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बुधवार, 26 जून 2024
हार के कारण जानेगी कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के कारण जानने के लिए कांग्रेस द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के तीनों सदस्य भोपाल पहुंचेंगे। ये सदस्य दो दिन रुक कर प्रदेश में कांग्रेस को मिली हार के कारणों को जानेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे। कांग्रेस की यह बैठक 29 जून को होगी।
कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में मिली हार के कारणों को जानने के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के तीनों सदस्य पृथ्वीराज चह्वाण, सप्तागिरी उलका और जिग्नेश मेवाणी 28 जून की शाम को भोपाल पहुंच जाएंगे। 29 जून को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों की बैठक बुलाई है। 29 एवं 30 जून को ये सदस्य प्रत्याशियों और पदाधिकारियों से चर्चा कर हार के कारणों को जानेंगे। कमेटी के तीनों सदस्य प्रत्याशियों से चर्चा कर फैक्ट शीट तैयार करेंगे।
पदाधिकारियों की निष्क्रियता पर भी होगी चर्चा
कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक 30 जून को होनी है। इस बैठक में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के तीनों मेंबर मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं जैसे कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, अजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा सहित और भी दिग्गजों से बात करेंगे और जानने का प्रयास करेंगे की हार का कारण क्या रहा है। चुनाव में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों ने काम किया या फिर ये सभी निष्क्रिय रहे इस पर भी बात होगी। साथ ही इस बैठक में दिग्गजों के साथ होने वाली बैठक में कांग्रेस पार्टी के संगठन को फिर से सही और दुरुस्त करने पर बात करी जानी है।
पदाधिकारियों की भूमिका पर भी होगी चर्चा
पार्टी के पदाधिकारियों से लेकर विधायकों और अन्य नेताओं ने चुनाव के दौरान किस तरह की भूमिका निभाई। समीक्षा पूरी करने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेगी और उस आधार पर आगे की कार्रवाई भी संभावित है। राज्य में पहली बार ऐसा हुआ है जब कांग्रेस एक भी लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी है। भाजपा ने सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज की।
महाकाल मंदिर में अवैध वसूली, कारगर कदम उठाए सरकार
भाजपा विधायक ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में आए दिन दर्शनार्थियों के साथ घटित हो रही तरह-तरह की घटनाओं से दुखी होकर भाजपा विधायक सतीश मालवीय ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखा है। मालवीय उज्जैन संभाग के घट्टिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उज्जैन आते हैं. वहीं मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था ठीक ना होने के कारण अक्सर महाकाल मंदिर में मारपीट सहित अन्य मामलों से जुड़ी खबरें सामने आती हैं, जिनसे पीड़ा होती है। महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था बेहद खराब है. जिसके चलते अक्सर मारपीट को जाती है। उन्होंने लिखा कि अधिकारी इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा पा रहे हैं। जिस कारण शासन की बदनामी हो रही है। विधायक सतीश मालवीय ने शासन से व्यवस्था को सुधार करने के लिए सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इन घटनाओं का किया जिक्र, उठाए सवाल
विधायक ने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने लिखा कि शुक्रवार को मुंबई से आए श्रद्धालुओं से 14 हजार रुपये की ठगी हुई थी। वहीं शनिवार को गुजरात से आए श्रद्धालुओं के साथ 4 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। रविवार को क्रिस्टल कंपनी के गार्ड भक्तों से रुपए लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन कराते पकड़े गए। बीते दिनों बाहर से आए दर्शनार्थियों के साथ मंदिर के निर्माल्य गेट पर गार्डों ने मारपीट की थी। बीते एक सप्ताह में दो महिला कर्मचारी सहकर्मियों पर छेड़छाड़ के आरोप लगा चुकी हैं।
मंगलवार, 25 जून 2024
मंत्रियों का इनकम टैक्स नहीं भरेगी सरकार, 52 साल के फैसले को बदला
कैबिनेट बैठक में लिया फैसला, मुख्यमंत्री के सुझाव पर मंत्रियों ने जताई सहमति
कैबिनेट बैठक के बाद नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला आज कैबिनेट बैठक में लिया गया। उन्होनें बताया कि मध्य प्रदेश सरकार अब मंत्रियों का इनकम टैक्स नहीं जमा करेगी। इसका भुगतान अब खुद मंत्रियों को करना होगा। सरकार ने 1972 का यह नियम बदल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने इसका सुझाव रखा है जिस पर सभी ने सहमति दी।
शहीद होने पर माता-पिता को मिलेगी 50 फीसदी आर्थिक सहायता
विजयवर्गीय ने बताया कि जेल सुधार में कैसे सुविधाएं बढ़ाई जाए और कैदियों को रोजगार से जोड़ा जाए इस दिशा में सरकार जल्दी विधानसभा में विधेयक लाएगी। साथ ही कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि शहीदों के माता-पिता को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब जो भी सहायता राशि शहीद को दी जाती है उसकी 50 प्रतिशत शहीद की पत्नी और 50 प्रतिशत राशि माता-पिता को दी जाएगी। अभी तक यह पूरी राशि पत्नी को दी जाती थी, लेकिन कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आए जिसमें आश्रित माता-पिता को छोड़कर बलिदानी की पत्नी चली गई, जिससे उन्हें आगे का जीवनयापन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
विकासखंड स्तर पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं
विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में फैसला किया गया मध्य प्रदेश के सभी विकासखंडों में स्थापित मृदा (मिट्टी) परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन कृषि स्नातक और कृषि क्षेत्र में काम करने वाली सहकारी समितियां करेंगी। प्रत्येक विकासखंड में 45-45 नमूनों की जांच के लिए राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। इसके बाद संचालनकर्ता स्वयं मृदा परीक्षण करेंगे और राशि प्राप्त करेंगे।
रेल लाईनों के प्रस्ताव, निर्माण पर लोक निर्माण विभाग समन्वय करेगा
रेल परियोजनाओं से संबंधित कार्य परिवहन विभाग से लेकर लोक निर्माण विभाग को सौंपे जाने के लिए मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। नई रेल लाईनों के प्रस्ताव और उनका निर्माण एवं निर्माण कार्यों के लिए रेल विभाग से समन्वय का कार्य अब लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा।
कैबिनेट के अन्य फैसले
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के वे विद्यार्थी जो अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें भी छात्रवृत्ति दी जाएगी।
रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए प्रदेश में अब परिवहन के स्थान पर लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा और समन्वय का काम दिखेगा।
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के अंतर्गत पौधरोपण के लिए निर्धारित 10 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा नहीं रखी जाएगी यानी कोई संस्था दो हेक्टेयर में भी पौधरोपण करना चाहती है तो उसे भी अनुमति मिलेगी।
भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल को खेल गतिविधियों के संचालन के लिए ग्राम गौरा तहसील हुजूर, भोपाल में लगभग एक एकड़ भूमि (पूर्व आवंटित भूमि के अतिरिक्त) आवंटित किये जाने का निर्णय लिया गया।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव अनुसार विधि एवं विधायी कार्य विभाग के परामर्श से मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 20 और 45 में संशोधन किये जाने के संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2024 पर बैठक में स्वीकृति दी गई।
दिग्विजय ने कहा पक्षपात तो मत करो मुख्यमंत्री जी
चाचौड़ा में विधायक के देवर द्वारा अधिकारी को बंधक बनाने का मामला
भोपाल। गुना जिले में कृषि अधिकारी अशोक उपाध्याय ने चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीना के देवर पर बंधक बनाने के आरोप के बाद सियासत गर्मा गई है। मामले को लेकर जहां पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्षा नहीं जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से सवाल किये है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्या मोहन यादव व मुख्य सचिव आप अपने अधिकारियों का संरक्षण करेंगे या ऐसे ही पिटने देंगे? अभी तक डीडीए गुना उपाध्याय की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई गिरफ़्तारी तो छोड़ दीजिए। अभी तक कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता होता तो एफआईआर दर्ज हो जाती गिरफ़्तारी हो जाती। यदि अल्पसंख्यक होता तो बुल्डोजर से उसका घर गिरा दिया होता। इतना पक्षपात तो मुख्य मंत्री ना करो।
बता दें कि कृषि अधिकारी अशोक उपाध्याय ने चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीना के देवर अनिरुद्ध मीना पर आरोप लगाया है। कृषि अधिकारी ने शिकायत में बताया कि विधायक ने मीटिंग के लिए चाचौड़ा बुलाया था। 21 जून को जब चाचौड़ा पहुंचे तो उन्हें विधायक के निजी कार्यालय में बैठने के लिए कहा। इस दौरान विधायक के देवर ने उसने से 50 लाख की डिमांड की। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वह चाहे मेरा सहयोगी और परिजन ही क्यों नहीं हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैंने भी अखबरों में यह पढ़ा है। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी करने की भी बातें सामने आई है। इस मामले में भी हम गंभीर है। सरकार किसी को भी नहीं बख्ष्सेगी।
रविवार, 23 जून 2024
पेपर लीक मामला, कांग्रेस चलाएगी पर्चा, चर्चा, हर्जा अभियान
अभियान चलाने का फैसला लिया है। अभियान की शुरुआत 1 जुलाई से की जाएगी। कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा शासित राज्यों में अब तक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।
कांग्रेस विचार विभाग द्वारा प्रवर्तित गांधी चौपाल की 107वीं जूम बैठक संपन्न हुई। बैठक में कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने नीट परीक्षा, नेट परीक्षा, यूजीसी एग्जाम, पीजी एग्जाम, आदि के पेपर लीक होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एनटीए ने देश की परीक्षा पद्धति को शर्मसार कर दिया है । पूरे विश्व के सामने भारतीय शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली कलंकित हुई है। गांधी चौपाल के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने नीट परीक्षाओं एवं अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं की शुचिता के विषय पर चर्चा आमंत्रित की।बैठक में एडवोकेट दीपक सिंह, गुंजन शुक्ला एवं प्रशांत हजारी ने वैधानिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए प्रदेश के समस्त नीट परीक्षार्थियों से अपील की कि.वे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पोस्टकार्ड भेज कर न्याय की गुहार करें।
विचार विभाग के अध्यक्ष गुप्ता ने बैठक को निष्कर्षपूर्ण बनाने के लिए फैसला किया कि प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग द्वारा परीक्षाओं के भ्रष्टाचार पर पर्चा प्रकाशित कर पहले पर्चे बांटने की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद गांधी चौपाल के सदस्य एवं समन्वयक नीट परीक्षार्थियों के घर जाकर पीड़ित विद्यार्थियों से चर्चा का अभियान चलाएंगे। इसके बाद जिन गरीब बच्चों का परीक्षा में परिवहन एवं आवास पर हजारों रुपए का नुकसान हुआ है सरकार और एनटीए से उसका हर्जाना दिए जाने की मांग की जाएगी।
1 जुलाई से चलाया जाएगा अभियान
उन्होंने बताया कि पर्चा-चर्चा-हर्जा अभियान की शुरुआत 1 जुलाई से कर दी जाएगी। उन्होंने नीट परीक्षा से प्रभावित परीक्षार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपना फोन नंबर परीक्षा का नाम परीक्षा की तिथि एवं जो पेपर लीक हुआ उसके नाम की जानकारी मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के विचार विभाग को इंदिरा भवन भोपाल के पते पर प्रेषित करें जिससे विचार विभाग पब्लिक पिटीशन का रूप देकर न्याय की गुहार लगायेगा।
प्रदेश कार्यालय में मंत्री सप्ताह में बैठेंगे पांच दिन
तीन घंटे बैठकर सुनेंगे कार्यकर्ता की बात
भोपाल। भाजपा ने सत्ता और संगठन में तालमेल बैठाने के लिए अब मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्रियों से कहा गया है कि वे सप्ताह में पांच दिन प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठें और कार्यकर्ता की समस्याओं को सुनें व उनका निदान करें।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद अब कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत मंत्रियों को अब प्रदेश भाजपा कार्यालय में सप्ताह में पांच दिन तीन घंटे तक बैठना होगा और कार्यकर्ता की समस्याओं को सुन कर उन्हें दूर करना होगा। मंत्रियां के साथ संगठन का एक पदाधिकारी भी बैठेंगे। मंत्रियों के भाजपा कार्यालय में बैठने को लेकर अभी यह फैसला नहीं हुआ है ि कवे कब से बैठेंगे, मगर माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। केंद्रीय सह संगठन महासचिव शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच चर्चा हो चुकी है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के फीडबैक में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों ने समीक्षा बैठकों के दौरान कार्यकर्ता की उपेक्षा होने की शिकायतें मिली थी। नाराजगी के चलते कई जगह कार्यकर्ता प्रचार की जगह घर बैठ गए। इससे कई बूथों पर पार्टी को नुकसान हुआ। यह जानकारी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची। इसके बाद सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए इस सहयोग केंद्र को जल्द शुरू करने की बात कही गई है।
पहले भी की थी इसी तरह की व्यवस्था
पूर्व में शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्रित्व काल में भी इसी तरह से मंत्रियों के प्रदेश कार्यालय में बैठने के निर्देश दिए थे, मगर यह व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई थी। मंत्रियों ने कुछ दिन तो कार्यालय पहुंचकर समस्याएं सुनी, मगर कार्यकर्ता को वे संतुश्ट करने में सफल नहीं रहे। कुछ दिनों के बाद यह व्यवस्था खत्म सी हो गई। ना तो संगठन और ना ही सरकार ने इसे जारी रखने का प्रयास किया।
गौवंश अपराध की मानिटरिंग होगी भोपाल से
बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कानून से खिलवाड़
भोपाल। पिछले दिनों सिवनी जिले में हुए गौवंश हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लॉ एंड आर्डर को लेकर सरकार सख्त है। सिवनी में जो हुआ वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में गौवंश अपराध को लेकर भोपाल से मॉनिटरिंग होगी। कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।
डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर सख्त हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि गौ अधिनियम के तहत कार्रवाई करें। जो भी कार्रवाई गौ अधिनियम के तहत हो रही है मामलों में मॉनिटरिंग प्रदेश लेवल पर हो रही है। एक माह में 550 प्रकरण दर्ज किए गए। सात हजार से ज्यादा गौवंश को बचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। सिवनी घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवनी चूंकि बॉर्डर का इलाका है, इसमें बड़ी घटना घटित हुई थी। एडीजी लेवल के अधिकारी को जांच सौंपी है। किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेगा उस पर कार्रवाई होगी।
हटाए गए कलेक्टर और एसपी
एक दिन पहले ही सिवनी जिले में करीब 50 से ज्यादा गौवंशों शव मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया। शनिवार रात को मुख्यमंत्री मोहन के निर्देश के बाद जिले के कलेक्टर और एसपी हटा दिए गए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई होने की बात भी कही। आईएएस संस्कृति जैन अब सिवनी की नई कलेक्टर होंगी, जबकि पुलिस अधीक्षक की कमान सुनील कुमार मेहता को सौंपी गई है।
क्या है मामला
दो दिन पहले सिवनी जिले में दो अलग-अलग जगहों पर करीब 50 से ज्यादा गायों के शव पाए गए थे। इनमें एक बैल का शव भी मिला था। मृत पाई गई गायों में ज्यादातर गायों के गले कटे हुए थे। बड़ी संख्या में गायों के शव मिलने के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया था। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
शनिवार, 22 जून 2024
जिनका वोट बैंक नहीं, वे दल दे रहे गोंगपा को समर्थन
कमजोर होती गोंगपा के वोट बैंक पर बाप और जयस की नजरें
अमरवाड़ा विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी देवरावेन भलावी को उम्मीदवार बनाया है। भलावी उम्मीदवारी के बाद से आदिवासी समाज का नेतृत्व करने वाले दलों और संगठनों से चुनाव प्रचार में शामिल होकर समर्थन कर रहे हैं। इसके चलते भारत आदिवासी पार्टी ने गोंगपा को समर्थन देने का फैसला लिया है। बाप पार्टी ने साफ किया है कि 17 जून को देवरावेन भलावी ने के निवेदन प्रार्थना पत्र पर हमने उन्हें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाने में सहयोग करने पर उपचुनाव विधानसभा में आपका सहयोग समर्थन का फैसला लिया है। यहां उल्लेखनीय है कि बाप पार्टी द्वारा 10 सितंबर 2023 को डूंगरपुर में यह फैसला लिया था कि आदिवासी वर्ग का नेतृत्व करने वाले विभिन्न राज्यों के संगठन और राजनीतिक दल स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाएंगे। हालांकि यह गठबंधन अभी बना नहीं है। आदिवासी संगठन और दलों की राय इसे लेकर अभी एकमत नहीं हुई है। दूसरी और प्रदेश के मालवा में दखल रखने वाले संगठन जयस ने भी गोंगपा को समर्थन देने की बात कही है।
गोंगपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में बढ़ाना चाहते हैं सक्रियता
गौरतलब है कि ये दोनों ही दलों का केवल मालवा अंचल की कुछ सीटों तक ही प्रभाव रहा है। महाकौशल के आदिवासी बहुल इलाकों में इनका ना तो वोट बैंक है और ना ही प्रभाव है। एक तरह से ये दोनों अपनी जमीन तलाशने का काम कर रहे हैं। महाकौशल खासकर अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर इन दलों का प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। अब ये दोनों ही दलों की नजरें महाकौशल अंचल पर टिकी हुई है। विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से बाप पार्टी ने सिवनी और बालाघाट के अलावा मंडला जिलों में अपनी सक्रियता दिखाई है। मंडला में तो बाप ने अपना प्रत्याशी भी मैदान में उतारा था, मगर वह जमानत जब्त करा गया। वहीं जयस की भी नजरें महाकौशल अंचल के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हैं, जहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रभाव है।
इंदौर-उज्जैन के बीच चलेगी मेट्रो ट्रेन, सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को होगी सुविधा
इंदौर विमानतल से महाकाल मंदिर तक चलेगी वंदे मेट्रो ट्रेन
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी। सिंहस्थ 2008 के पहले यह काम हो जाएगा। इसके अलावा इंदौर विमानतल से महाकाल मंदिर तक वंदे मेट्रो ट्रेन की सुविधा भी श्रद्धालुओं को सौगात के रूप में मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में भोपाल और इंदौर के मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा है कि प्रदेश के बड़े नगरों के लिए नए ट्रैफिक प्लान की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण इंदौर-उज्जैन के मध्य मेट्रो ट्रेन के संचालन का निर्णय शामिल है, जो सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं के लिए आवाजाही की सुविधा की दृष्टि से भी उपयोगी होगा। इंदौर-उज्जैन के मध्य मेट्रो चलाने से संबंधित फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। आने वाले समय में इंदौर एयरपोर्ट से महाकाल मंदिर तक वंदे मेट्रो की सुविधा प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक अहम सौगात होगी। विभिन्न नगर परस्पर बेहतर ढंग से जुड़ सकेंगे। भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक कुल 16.74 किलोमीटर की लंबाई में मेट्रो की लाइन तैयार करने का कार्य तीन चरणों में पूरा होगा। प्रथम चरण सात किलोमीटर का है, जिसमें 8 स्टेशन (एलिवेटेड) शामिल हैं। इंदौर मेट्रो की प्रगति पर भी बताया गया कि कुल 31.32 किलोमीटर में कार्य हो रहा है। इंदौर में कुल 28 स्टेशन बनेंगे।
बड़े शहरों में रोप-वे, केबल कार का किया जाए उपयोग
मुख्यमंत्री कहा कि सुगम यातायात के लिए प्रदेश के बड़े नगरों जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में मेट्रो के साथ वंदे मेट्रो, रोप-वे, इलेक्ट्रिक-बस और केबल-कार जैसे साधनों का उपयोग किया जाएगा। आगामी आवश्यकताओं की दृष्टि से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। यातायात के विकल्पों के उपयोग के अंतर्गत उज्जैन से ओंकारेश्वर रूट, भोपाल से इंदौर, जबलपुर से ग्वालियर के लिए भी विचार कर जरूरी निर्णय लिए जाएंगे।
वंदे मेट्रो सर्किल ट्रेन चलेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हाल ही में हुई चर्चा के अनुसार मध्यप्रदेश में विभिन्न नगरों के लिए वंदे मेट्रो चलाने पर सहमति हुई है। पुरानी मेट्रो के स्थान पर वंदे मेट्रो सर्किल ट्रेन नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात होगी। ऐसे नगरों में जहाँ यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहाँ मेट्रो ट्रेन संचालन की दृष्टि से समेकित रूप से योजना बनाने के लिए सर्किल ट्रेन की सुविधा प्रारंभ करने पर सहमति हुई है। वंदे मेट्रो के संचालन, अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग और पीथमपुर-देवास जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करने के संबंध में भी चर्चा हुई है।
यात्रियों को मिलेगी ये सुविधाएं
मेट्रो स्टेशन पर अनेक जनसुविधाएं रहेंगी। इसमें सामान सुरक्षा जांच, यात्री सुरक्षा जांच, पेयजल, वॉशरूम, प्राथमिक चिकित्सा, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, मैनुअल कॉल पॉइंट, अग्निशामक उपकरण, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, यात्री मार्ग नक्शा, यात्री सूचना प्रणाली, आपातकालीन स्टॉप पलन्जर, आपातकालीन ट्रिप प्रणाली, आपातकालीन सहायता बटन, प्रतीक्षा बेंच शामिल हैं। इसी तरह ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं में एयर कन्डिशनिंग, ग्रैब पोल और ग्रैब हैन्डल, बैठक व्यवस्था, मार्गदर्शिका, यात्री उद्वघोषणा, कैमरा एवं मोबाइल चार्जिंग पाइंट, आपातकालीन संचार प्रणाली, आपातकालीन निकासी द्वार, धुआं, आग डिटेक्शन शामिल हैं। महिलाओं, दिव्यांग जन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। शिशु देखभाल कक्ष भी रहेगा।
शुक्रवार, 21 जून 2024
bhopal news : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में ष्शुरू किए जाएंगे कृषि पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 55 जिलों में 1 जुलाई से प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शुरू किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग एक्सीलेंस कालेजों में कृषि पाठ्यक्रम शुरू करेंगे। विद्यार्थियों को इसकी व्यवस्थित रूप से जानकारी प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में सभी 55 जिलों में एक साथ 1 जुलाई से प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शुरू करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि एक्सीलेंस कॉलेज से नागरिकों को जोड़े। कॉलेज के शुभारंभ कार्यक्रम में उनको बुलाएं। एक्सीलेंस कॉलेज जिले का गौरव होगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि रोजगार परख पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित और प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग एक्सीलेंस कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम शुरू करेंगे। विद्यार्थियों को इसकी व्यवस्थित रूप से जानकारी प्रदान की जाए। प्रदेश के महाविद्यालय और विश्वविद्यालय ऐसी छवि निर्मित करें कि अन्य राज्यों के बच्चे यहां पढ़ने आएं। महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में श्रेष्ठ शैक्षणिक कार्यों को प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्य संपन्न और नए पाठ्यक्रम प्रारंभ कराएं। पर्यटन से संबंधित पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ किए जाए। विश्वविद्यालय भी बहुसंकाय सुविधा से युक्त होना चाहिए।
विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएं बस की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय ज्ञान परंपरा का केंद्र खुलेगा। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को महाविद्यालय आने-जाने के लिए बस सुविधा भी दिलवाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रोन नीति का निर्माण किया जाए। उच्च शिक्षा, उद्योग ,कृषि और अन्य संबंधित विभागों में ड्रोन के उपयोग और प्रशिक्षण के संबंध में रणनीति बनाकर कार्य किया जाए।
bhopal news : संकट में फंसे शिवराज, किसे देंगे समर्थन
सभी दावेदार अपने को मान रहे शिवराज का खास समर्थक
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा लोकसभा सीट से सांसद बनने और फिर केन्द्र में मंत्री बनाए जाने के बाद बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। भावुक मन से दिए इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा था कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता मेरे रोम-रोम में रमती है। मेरी हर सांस में बसती है। शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद अब इस सीट पर लगातार दावेदारी करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अधिकांश दावेदार संगठन से ज्यादा शिवराज पर इस बात का भरोसा कर रहे हैं कि उनकी सहमति से ही उनका चयन इस सीट पर प्रत्याशी के रूप में होगा। करीब आधा दर्जन दावेदारों ने अब तक यहां पर दावेदारी कर दी है। सभी दावेदार अपने को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का खास समर्थक मान रहे हैं और कार्यकर्ता की बीच पहुंचकर उनका नाम तय होने की उम्मीद भी जता रहे हैं। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान भी इस सीट पर अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत करने की इच्छा रखते हैं। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए ही उन्होंने इस सीट पर खासा मेहनत की। यहां तक की विधानसभा चुनाव के दौरान खुद शिवराज सिंह चौहान के प्रचार की कमान भी उन्होंने अपनी मां साधना सिंह के साथ संभाले रखी। इसके चलते शिवराज सिंह इस सीट पर प्रचार करने ना के बराबर पहुंचे। मगर जनता ने कार्तिकेय की मेहनत के बल पर शिवराज सिंह का साथ नहीं छोड़ा। कार्तिकेय को भी उम्मीद है कि उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत बिना पिता के आशीर्वाद के नहीं हो सकती है। वे इस बात को लेकर निश्चित हैं कि उनकी दावेदारी मजबूत रहेगी, मगर अन्य नेताओं की तरह फिलहाल खुलकर दावेदारी करने से वे दूर नजर आ रहे हैं।
तोमर के दामाद का भी नाम
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के दामाद नीरज सिंह भाटी का नाम भी दावेदारों में सामने आ रहा है। हालांकि खुलकर उन्होंने अभी दावेदारी नहीं जताई है। नीरज भी शिवराज के समर्थकों में से एक हैं। शादी के पहले से वे शिवराज सिंह चौहान से जुड़े रहे हैं। सीहोर जिले के रहने वाले युवा मोर्चा से जुड़े रहे और धनकोट से एक बार सरपंच भी रह चुके हैं। हालांकि उनके पिता अनूप भार्टी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। नीरज के अलावा इस सीट पर पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत, रघुनाथ सिंह भाटी, रवि मालवीय, गोपाल तिवारी, विनय भार्गव, निर्मला बरेला अन्य प्रमुख नाम हैं।
bhopal news : 11 Ayurveda colleges will be opened in the state
योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की घोषणाभोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में योग आयोग के गठन के बाद योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। योग शिक्षकों को अन्य विषयों के शिक्षकों की तरह महत्व मिल रहा है। प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक महाविद्यालय खोलने का निर्णय़ इसी कड़ी में लिया गया है।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज मुख्यमंत्री निवास पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में योग आयोग के गठन के बाद योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। योग शिक्षकों को अन्य विषयों के शिक्षकों की तरह महत्व मिल रहा है। आनंद विभाग भी गठित किय़ा गया है। इस दिशा में कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। आयुर्वेद की दृष्टि से भी अहम फैसले लिए गए हैं। प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक महाविद्यालय खोलने का निर्णय़ इसी कड़ी में लिया गया है। मध्यप्रदेश की समृद्ध वन संपदा की दृष्टि से आयुर्वेद के क्षेत्र में मध्यप्रदेश नवीन आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के माध्यम से पूरे देश का ध्यान आकर्षित करेगा।
श्री अन्न संवर्धन अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोदो-कुटकी सहित सभी तरह के मोटे अनाज अर्थात श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया है। करीब छह माह पूर्व जबलपुर में कैबिनेट की बैठक में पहला फैसला श्रीअन्न के प्रोत्साहन पर लिया गया था। महाकौशल अंचल में बहुतायत से श्री अन्न का उत्पादन होता है। किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से श्री अन्न का महत्व हम सभी कोरोना काल में ही समझ चुके हैं। व्यक्ति आहार, विचार और व्यवहार के स्तर पर नियमित रहकर दीर्घायु प्राप्त कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री अन्न संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में इस अभियान के अंतर्गत संचालित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थी पढ़ेंगे राम और कृष्ण का पाठ
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने योग दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि रामपथ गमन और श्री कृष्ण पथ गमन दो परियोजनाओं को राज्य सरकार ने अपने हाथ मे लिया है। भगवान राम और कृष्ण राज्य में जिन-जिन स्थानों पर गए हैं, उन स्थानों को राज्य सरकार ने तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने आगामी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम और कृष्ण की उपलब्धियों को उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल करने वाले हैं। भाजपा की घोषणा पत्र में भी जो बातें कही गई हैं उन पर सरकार गठन के बाद से फैसला लेना शुरू कर दिया है।
गुरुवार, 20 जून 2024
bhopal news : बुधनी में भी नया चेहरा तलाश रही कांग्रेस
वेदार भी सक्रिय हो गए हैं और अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे हैं।पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विधानसभा से इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब कांग्रेस ने बुधनी विधानसभा सीट के लिए प्रत्याशी तलाशना ष्शुरू कर दिया है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और पूर्व विधायक ष्शैलेन्द्र पटेल को इसकी जिम्मेदारी दी है। वैसे कांग्रेस के पुराने चेहरे भी दावेदारी करते हुए सक्रिय हुए हैं, मगर कांग्रेस का वर्तमान संगठन बुधनी में जीत हासिल करने के लिए नए चेहरे की तलाश कर रहा है। माना जा रहा है कि अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर जिस तरह नए चेहरे को मैदान में उतारा गया, उसी तरह से कांग्रेस बुधनी में भी नया चेहरा उतरना चाहती है। वैसे इस सीट पर पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल और महेश राजपूत के अलावा पिछले चुनाव लड़े विक्रम मस्ताल भी यहां से दावेदारी कर रहे हैं। मगर कांग्रेस नेता फिलहाल इन नामों से अलग कोई नाम तलाश रहा हैं।
भाजपा में भी सक्रिय हुए दावेदार
भाजपा में भी बुधनी सीट पर दावेदारी ने सक्रियता बढ़ा दी है। विदिशा से सांसद रहे रमाकांत भार्गव ने पहले ही यहां दावेदारी की है। अटकले लगाई जा रही है कि भार्गव का टिकट काटकर पूर्व मुख्यमंत्री ष्शिवराज सिंह चौहान को टिकट देने के बाद माना जा रहा है कि भार्गव को विधानसभा का उपचुनाव बुधनी से लडाया जाएगा। हालांकि इस सीट पर पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह का नाम भी सामने आ रहा है। राजेन्द्र सिंह ने शिवराज सिंह चौहान के लिए बुधनी सीट खाली की थी। इसके चलते माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान उनके नाम पर सहमत हो सकते है। वहीं शिवराज के पुत्र कार्तिकेय की दावेदारी भी यहां से हैं, मगर परिवाद आड़े आए तो कार्तिकेय का टिकट कटने की पूरी संभावना भी जताई जा रही है।
मंगलवार, 18 जून 2024
थम नहीं रहा कांग्रेस में पटवारी का विरोध
पूर्व प्रवक्ता ने की खड़के, सोनिया गांधी को शिकायत
भोपाल। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर विरोध स्वरूप लगातार मुखरित हो रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह के बाद अब पूर्व प्रवक्ता अमिताभ अग्निहोत्री ने पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने इसे लेकर पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़े और सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पटवारी को पद से हटाने की मांग की है।
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। इसके बाद से पटवारी कांग्रेस नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। पटवारी को लेकर लगातार पार्टी में विरोध के स्वर उठ रहे हैं। पहले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने सवाल उठाए थे। अजय सिंह ने तो साफतौर पर कहा था कि पटवारी को इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद जब दिल्ली में हुई बैठक में पटवारी को फ्रीहैंड मिला तो विरोध और तेज होने लगा। अब कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अमिताभ अग्निहोत्री ने पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोला है। अग्निहोत्री ने पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरके और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस चापलूसों, पट्ठों और पूंजीवादियों की वजह से चुनाव हारी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के 66 विधायकों की सीट पर पार्टी 50 सीट हार गई। जीतू पटवारी चुनाव में नर्सिंग घोटाला, आयुष्मान घोटाला, कोरोना घोटाले को लेकर चुनावी मुद्दा बनाने में असफल रहे है। जीतू पटवारी अध्यक्ष बने रहे तो कांग्रेस अगले चुनावो में 20 सीट भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने मांग की है कि कांग्रेस हाईकमान को पार्टी हित में विचार करना चाहिए और पटवारी को पद से हटाया जाना चाहिए।
बड़े नेताओं ने अटकाई कार्यकारिणी
सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदेश कार्यकारिणी के नामों की सूची दिल्ली भेज चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उम्मीद थी कि पार्टी हाईकमान 15 जून से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर देंगे, मगर अब ऐसा नहीं लग रहा है। सूत्रों का कहना है कि बड़े नेताओं के प्रभाव में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन अटक गया है। वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में शिकायत की है कि प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर उनसे कोई राय-मशविरा नहीं किया गया। दिल्ली भेजी गई सूची में उनके समर्थकों के नाम शामिल नहीं है।
सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी सरकारी स्कूलों को
मुख्यमंत्री ने किया स्कूल चलें अभियान 2024 का शुभारंभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ कर दिया है। इन स्कूलों में विश्व स्तरीय बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टीचिंग, निःशुल्क वाहन सुविधा, एक्सपोजर विजिट के साथ-साथ अन्य आधुनिक संसाधनों की सुविधा विद्यार्थियों को प्राप्त होगी। अन्य विद्यालयों में भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्कूल चलें हम अभियान 2024 के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश के 416 विद्यालयों में पीएमश्री योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन सुविधाओं का अन्य शालाओं में भी विस्तार होगा। प्रदेश के विद्यार्थी महापुरूषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के पथ पर अग्रसर होंगे।
देश में आगे है मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सफल जीवन जीने की प्रेरणा और अनुभव प्रदान करने के भी महत्वपूर्ण केन्द्र है। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में देश में अग्रणी रहा है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कर मध्यप्रदेश देश में आगे रहेगा।
भगवान श्रीकृष्ण ने शाला स्तर पर ज्ञानार्जन का उदाहरण प्रस्तुत किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ विद्यालय के परिवेश के बारे में सोचना और उसे बेहतर बनाना आवश्यक है। विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश और मार्गदर्शन दें, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करते हुए नैतिक मूल्यों के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गुरूकुल में अपनी प्रतिभा और योग्यता के बल पर विभिन्न विद्याओं और कलाओं में दक्षता अर्जित की, साथ ही दुनिया के सामने मित्रता का भी श्रेष्ठतम उदाहरण प्रस्तुत किया।
सोमवार, 17 जून 2024
bhopal news : निगम-मंडल से पहले आयोगों में होगी नियुक्ति
संगठन चाहता है नियुक्ति का सिलसिला किया जाए शुरू
प्रदेश में मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही डा मोहन यादव ने निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में मंत्री और राज्यमंत्री पद की सारी नियुक्तियां रद्द कर दी थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव के चलते ये नियुक्तियां नहीं हो पाई। अब जबकि लोकसभा चुनाव में पार्टी के अनुकूल परिणाम आया तो संगठन ने फिर से नियुक्तियों को लेकर गंभीरता दिखाई है। सूत्रों की माने तो संगठन पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा के बाद फिलहाल आयोगों में नियुक्ति करने का फैसला लिया गया। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदो ंके चलते कई शिकायतें उलझी हुई है। इसके चलते आयोगों में पहले नियुक्ति की जाए। माना जा रहा है कि अमरवाड़ा में हो रहे उपचुनाव के तहत ही यह फैसला लिया गया है। वहीं निगम-मंडल में नियुक्ति का सिलसिला आयोगों में नियुक्ति के बाद ष्शुरू किया जाए। संभावना जताई जा रही है कि आयोगों में नियुक्ति करने के बाद जो दावेदार लंबे समय से दावेदारी कर रहे हैं, उन्हें साधा जा सकेगा।
कार्यकर्ता की नाराजगी से भी बचना चाहता है संगठन
भाजपा में लोकसभा चुनाव और उसके पहले विधानसभा चुनाव के दौरान जिन कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है, इसके चलते भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी नाराज हैं। इनकी नाराजगी से भी भाजपा बचना चाहती है। वहीं कांग्रेस के नेताओं जिन्हें पुनर्वास का इंतजार है, उनका पुनर्वास कर पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि उन्हें जिस भरोसे पर पार्टी में लाया गया, वह भरोसा कायम है। इन सब बातों को देखते हुए संगठन ने फिलहाल आयोगों में नियुक्ति करने की मंशा सरकार से जताई है। संभावना है कि जल्द ही आयोगों में रिक्त पड़े पद भरे जा सकेंगे।
bhopal news : मजदूरों के हित में फैसले ले सरकार : दिग्विजय
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डा यादव को लिखा पत्र
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा है कि दिनों दिन बढ़ती मंहगाई के दौर में प्रदेश के लाखों श्रमिकों की मजदूरी में कमी किये जाने से प्रदेश के श्रमिक वर्ग में राज्य सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। सरकार को न्यायालय में मजदूरों के हक की लड़ाई लड़नी चाहिए। इसके स्थान पर राज्य शासन फैक्ट्री मालिकों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। जिम्मेदार अफसरों का यह रूख मजदूरों के शोषण की खुली छूट दे रहा है। न्यूनतम मजदूरी की दरों का निर्धारण राज्य शासन ने 2014 में किया था। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अनुसार 2019 में कामगारों की दरें बढ़ाई जानी चाहिये थी। लेकिन कंपनी मालिकों के दबाव में राज्य शासन के अफसर मजदूरी की दरों में वृद्धि करने की जगह खामोशी बरततें रहे। दूसरी तरफ श्रमिक संगठन लगातार मजदूरी बढ़ाने की मांग करते रहे।
न्याय नहीं किया तो श्रमिक आंदोलन का करेंगे समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्य की अवधारणा एक ‘‘लोक कल्याणकारी राज्य’’ की है जिसे जन-जन के व्यापक हित में निर्णय लेना चाहिए। न्यूनतम मजदूरी कम करने राज्य सरकार ने मजदूर विरोधी कदम उठाया है। आपसे आग्रह है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए कोर्ट से स्टे हटवाया जाए और मजदूरी की बढ़ी हुई दरों से भुगतान करने के निर्देश दिये जाएं। शासन द्वारा न्याय नहीं किए जाने पर कांग्रेस पार्टी श्रमिक संगठनों के आंदोलन का समर्थन करेगी।
रविवार, 16 जून 2024
bhopal news : हेलीकॉप्टर से कर सकेंगे ओंकारेश्वर और महाकाल ज्योतिर्लिंग के दर्शन
मुख्यमंत्री ने शुरू की धार्मिक पर्यटन हेली सेवा
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज उज्जैन स्थित पुलिस लाइन में पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा के संचालन की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में हेलीकॉप्टर की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जिसमें 16 -16 यात्री हवाई सेवा का लाभ ले सकेंगे। प्रदेश के मैहर, दतिया, ओरछा, अन्य धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व के देव स्थलों भी हवाई यात्रा से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने की अनुमति भी दे दी है। अब उज्जैन में एयरपोर्ट बनेगा।
आज जारी होगा शेड्यूल
उज्जैन में आज से शुरू की गई इस सेवा का शेड्यूल कल सोमवार से लागू कर दिया जाएगा। इसके आधार पर ही हेलीकॉप्टर कितने फेरे लगाएंगे यह भी तय होगा। इसका रिस्पांस कैसा आता है, इसको देखते हुए प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसकी शुरुआत की जाएगी। इस सेवा के लिए एक दिन में 2 हजार से ज्यादा लोगों ने कॉल कर इस सेवा की जानकारी ली है।
इतना लगेगा किराया
इंदौर से उज्जैन तक हेलीकॉप्टर से जाने के लिए 4524 रुपये किराया रहेगा।
इंदौर से ओंकारेश्वर मंदिर जाने के लिए 5274 रुपये किराया रहेगा।
इंदौर से उज्जैन और ओमकारेश्वर मंदिर की यात्रा करने पर 12 हजार 524 रुपये का भुगतान करना होगा।
bhopal news : कॉम्बिंग आपरेशन, एक रात में पकड़े आठ हजार अपराधी, वारंटी
प्रदेश भर में आईजी, डीआईजी, एसपी और थाना प्रभारी उतरे सड़कों पर
पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के मार्गदर्शन में हुए इस नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन में सभी जिलों में आईजी, डीआईजी, एसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी तथा भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सभी अधिकारी, कर्मचारी शामिल रहे। इस ऑपरेशन में प्रदेश के 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 370 डीएसपी व उच्च स्तर के अधिकारी भी सम्मिलित रहे। डीजीपी स्वयं रात भर सड़कों पर रहे तथा उन्होंने रात 1 बजे बीएनपी देवास, ढाई बजे कोतवाली सीहोर और चार बजे कोहेफिजा थाना पहुंचकर नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन का जायजा लिया। साथ ही रात्रि में ही जोनल आईजी से बात कर उनके जिलों में नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन की जानकारी ली। पूरी रात चली इस गश्त के दौरान लगभग 8 हजार अपराधी व वारंटी पकड़े गए।
ढ़ाई हजार स्थायी वारंटियों पर की कार्रवाई
प्रदेशव्यापी कॉम्बिंग गश्त के दौरान गिरफ्तारी वारंट के लगभग 5 हजार से अधिक अपराधियों, लगभग 2500 स्थायी वारंटियों, लगभग 75 फरार अपराधियों तथा 1800 से ज्यादा जिलाबदर अपराधियों की चैकिंग की गयी, कुछ जिला बदर के अपराधी जिला बदर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाये गये, जिनके विरूद्ध पृथक से कार्यवाही की जा रही है। वहीं विभिन्न अपराधों में वांछित 125 से अधिक ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इनाम घोषित था।
bhopal news : महावीर तपोभूमि पहुंचे मुख्यमंत्री, आचार्य प्रज्ञा सागर से लिया आशीर्वाद
हुए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आचार्य ने प्रवचन में कहा कि मध्यप्रदेश के विकास की एक नई डगर का नाम है डॉ. मोहन यादव। हमेशा तत्पर रहने वाले एवं गतिशील रहने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में कुछ ऐसा करके दिखाया जो अविस्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के विकास को नई गति प्रदान करने वाले डॉ. मोहन यादव हमेशा साधु-संतों के आशीर्वाद एवं भगवान के कार्यों में अग्रणी रहते हैं ऐसे मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत आशीर्वाद। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज को कहा कि आप जैसे गुरुवर को देखकर, आप जैसे गुरुओं का आशीर्वाद पाकर हमें ऐसा लगता है कि भगवान स्वयं यहां पर विराजित है। उन्होंने कहा कि आज फादर्स डे है और इस दिन पिता के आशीर्वाद के साथ-साथ आप जैसे संतों का आशीर्वाद भी हमें पिता तुल्य आशीर्वाद जैसा ही प्राप्त होता है। श्री कृष्ण भगवान की शिक्षास्थली में अपने गुरुकुल जैसी परंपरा डालकर यहां पर छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षित कर धर्म के प्रभावों को और अधिक बढ़ने का कार्य किया है। आपके आशीर्वाद से यह बच्चे दिन पर दिन तरक्की करेंगे। श्री गुरु गौतम स्वामी गुरुकुल का शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव तपोभूमि पहुंचे थे।
शुक्रवार, 14 जून 2024
सरकार बनाएगी तीन करोड़ पक्के मकान, दूध पर मिलेगा बोनस
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने माँ ताप्ती का जलाभिषेक कर स्वच्छता अभियान में लिया भाग
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ पक्के मकान बनाने जा रही है। हर घर जल और हर नल में जल अभियान भी प्रदेश में जारी है।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज बैतूल जिले के मुलताई में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने बैतूल जिले के 347 करोड़ रुपए की लागत के 1008 कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार कोई भी गरीब बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। राज्य सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ पक्के मकान बनाने जा रही है। हर घर जल और हर नल में जल अभियान भी प्रदेश में जारी है। सभी पंचायतों में नल से जल और हर घर में गैस का चूल्हा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। स्थानीय युवाओं को जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैतूल जिले में भी उद्योग लगाने की योजना है।
गौशालाओं का अनुदान होगा दोगुना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के प्रदेश में जहॉ-जहॉ चरण पड़े हैं, ऐसे प्रत्येक स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। ताप्ती धाम का भी विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास माना गया है। राज्य सरकार प्रत्येक गाय की चिंता करने का कार्य कर रही है। गौ-शालाओं को दिए जाने वाले अनुदान की राशि दुगनी कर दी गई है। शीघ्र ही दूध पर बोनस देना आरंभ किया जाएगा।
युवा सीखें विमान हेलीकाप्टर, विमान चलाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीर्थ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा आरंभ की जा रही है, प्रारंभ में दो ज्योतिर्लिंगों, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर को इस सेवा से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के युवा हेलीकॉप्टर और विमान चलाना सीखें, इस उद्देश्य से आवश्यक प्रशिक्षण व कोर्स आरंभ किए जा रहे हैं, इसके अंतर्गत जिलों में उपलब्ध हवाई पट्टियों का उपयोग युवाओं को पायलट के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा।
अमरवाड़ा भी कांग्रेस से छीनने की तैयारी में भाजपा
कांग्रेस तलाश रही जिताउ प्रत्याशी, गोंगपा भी दिखा रही सक्रियता
अमरवाड़ा विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने कांग्रेस से आए कमलेश शाह को प्रत्याशी बना दिया है। इसके बाद भाजपा का संगठन रणनीति में जुट गया है। बताया जा रहा है कि संगठन एक बार फिर लोकसभा चुनाव की तर्ज पर अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में मंडल स्तर पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव की सभाएं और रैली कराने का फैसला कर चुका है। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा भी इस क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा भाजपा के स्थानीय नेताओं को भी चुनाव प्रचार अभियान में सक्रिय रहने को कहा गया है। सूत्रों की माने तो भाजपा की ओर से टिकट के दावेदार रहे उत्तम ठाकुर और मोनिका बट्टी को क्षेत्र में सक्रिय रहने की बात संगठन की ओर से कही गई है। वहीं मंत्री संपत्तिया उइके को अमरवाड़ा विधानसभा सीट का प्रभार सौंपे जाने का फैसला भी संगठन की ओर से किया गया है।
दूसरी और कांग्रेस अब तक यहां पर प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। कांग्रेस के पास इस बार इस सीट पर जिताउ प्रत्याशी का टोटा नजर आ रहा है। हालांकि नियुक्त किए गए प्रभारी सुखदेव पांसे लगातार दो दिनों से अमरवाड़ा क्षेत्र में सक्रियता दिखा रहे हैं। वे कार्यकर्ताओं, नेताओं से चर्चा कर प्रत्याशी तलाश रहे हैं।
गोंगपा आज प्रत्याशी के नाम पर लगा सकती है मोहर
भाजपा और कांग्रेस के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इस सीट पर अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है। पार्टी द्वारा कल शनिवार को बिलासपुर में प्रदेश के पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जा सकती है। सूत्रों की माने तो पार्टी इस बार फिर 2023 का अमरवाड़ा से विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव लड़े देवरावेन भलावी को मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है। पार्टी के राश्टीय महासचिव श्याम मरकाम का कहना है कि कल बैठक में प्रत्याशी के नाम पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक कांग्रेस की ओर से हमसे कोई संपर्क नहीं किया गया है। वहीं हमने भी कांग्रेस से दूरी बनाए रखी हुई है।
स्वतंत्रता दिवस पर परेड में दिखाई दे सकते हैं पुलिस बैंड
पुलिस मुख्यालय ने चिन्हित किए पुलिसकर्मी, दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड दल गठन के निर्देश दिए थे। इस निर्देश के बाद से पुलिस मुख्यालय द्वारा इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पहले 19 पुलिस कर्मचारियों का चयन कर उन्हें छह माह प्रशिक्षण बीएसएफ, बेंगलुरु भेजा गया। बीएसएफ, बेंगलुरु में दिलाया गया। प्रशिक्षणार्थी द्वारा वाद्ययंत्र वादन, वाद्ययंत्र के साथ ड्रिल, थ्योरी क्लास आदि का प्रशिक्षण पूर्ण किया गया। इस एडवांस कोर्स में प्रशिक्षणार्थियों को म्यूजिक नोटेशन पढ़ना एवं म्यूजिक नोटेशन लिखना तथा वाद्ययंत्र वादन करने के बारे में संपूर्ण एवं विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने आज शुक्रवार को एसटीसी, बेंगलुरु से एडवांस उत्तीर्ण कर के आए सभी मास्टर ट्रेनर्स से मुलाकात की गई एवं सभी मास्टर ट्रेनर को फार्मेशन साइन लगाए गए। फार्मेशन साइन लगाने के जिए वही अधिकारी, कर्मचारी पात्र होते हैं, जिन्होंने एडवांस बैंड कोर्स उत्तीर्ण किया हो। यह एडवांस बैंड कोर्स भारत में मात्र बीएसएफ, बेंगलुरु में ही कराया जाता है। पुलिस महानिदेशक द्वारा बताया गया कि पुलिस बैंड दल गठन के लिए हर जिले में ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया गया, जिन्हें एडवांस बैंड ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया जाए।
नर्मदा संरक्षण अभियान को कांग्रेस ने दिया समर्थन
पटवारी ने कहा सकारात्मक रूप से देंगे सरकार का साथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि हो सकता है सरकारी स्वर बोलने वालों को ऐसे सुझाव औपचारिक लगें, लेकिन सरकार गंभीर नहीं है, इसलिए बार-बार आवाज उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नर्मदा जी को संकट से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, जिसमें सरकार, स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संगठन और वैज्ञानिक संस्थान सभी की भागीदारी हो। इन प्रयासों के माध्यम से ही हम नर्मदा नदी की स्वच्छता और संरक्षण सुनिश्चित कर सकते हैं, जिससे यह नदी आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायिनी बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक विपक्ष के दृष्टिकोण से कांग्रेस ऐसे किसी भी अभियान में सरकार का साथ देने के लिए पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि हमारे छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं, बशर्ते सभी प्रतिबद्ध हों और निरंतर प्रयास करते रहें।
गुरुवार, 13 जून 2024
bhopal news : हाथी ने अपने ही महावत को पैर से कुचला
राजधानी के छोला थाना क्षेत्र में यह घटना बुधवार की रात को घटित हुई। जानकारी के अनुसार सतना के सलैया गांव का रहने वाला 55 वर्षीय नरेंद्र कपाड़िया अपने हाथी और पांच साथियों के साथ भानपुर ब्रिज के नजदीक ठहरा हुआ था। नरेन्द्र के साथियों ने पुलिस कोबताया कि बुधवार रात परवलिया के रास्ते वह भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने भानपुर सेतु के नजदीक खाली मैदान में पेड़ के नीचे हाथी को बांध दिया। रात करीब 9 बजे खाना खाकर वे सभी हाथी के नजदीक ही सो गए। रात में अचानक हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर सभी की नींद खुल गई। उन्होंने देखा कि हाथी गुस्से में जोर-जोर से सिर हिला रहा था। तभी उसने महावत नरेंद्र को सूंड से उठाया और जमीन पटक दिया। वे लोग नरेंद्र को उससे बचा पाते, तभी हाथी ने उसे पैर से कुचल दिया, इससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद पुलिस ने हाथी को अपनी कस्टडी में लेते है उसे फिलहाल थाना परिसर के बाहर ही बांध दिया है।
bhopal news : किसानों से किए वादों को नहीं निभा रही सरकार : कमलनाथ
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र में नई सरकार गठन के बाद अब तक किसानों से किए वादे को नहीं निभा रही सरकार।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने छह महीने बीत चुके हैं और अब तो केंद्र में नई सरकार का गठन भी हो चुका है तथा आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद भाजपा ने अब तक किसानों से किया अपना कोई वादा नहीं निभाया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि प्रदेश में किसानों को गेहूं का एमएसपी 2700 रुपया प्रति क्विंटल और धान का एमएसपी 3100 रुपया प्रति क्विंटल दिया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और नवनियुक्त केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछना चाहता हूँ कि अब वह कौन सी वजह है जिस कारण भाजपा मध्य प्रदेश के किसानों से किया अपना वादा नहीं निभा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चुनाव में भाजपा यह वादा कर रही थी तो शिवराज ख़ुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। जो वादा उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए किया है, उसे निभाने में कृषि मंत्री के रूप में वर्तमान मुख्यमंत्री की सहायता करना उनका कर्तव्य है। चुनाव के समय गारंटी की माला जपने वाले अब गारंटी से पीछे क्यों हट रहे हैं? वैसे मध्य प्रदेश की जनता अब धीरे-धीरे समझ चुकी है कि भारतीय जनता पार्टी के खाने के दाँत और, दिखाने के दाँत और हैं। चुनाव से पहले जो भाजपा किसानों से बड़े-बड़े वादे करती है, चुनाव के बाद उन वादों से पीठ फेर लेना उसकी फ़ितरत है।































