कमजोर होती गोंगपा के वोट बैंक पर बाप और जयस की नजरें
भोपाल। अमरवाड़ा विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी देवरावन भलावी को आदिवासी वर्ग का नेतृत्व करने वालें दलों भारत आदिवासी पार्टी और जयस ने समर्थन देने की बात कही है। बाप ने तो साफ कर दिया कि हमारा समर्थन तभी है, जब गोंगपा राश्टीय नेतृत्व स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाने में मदद करेगा। वहीं जयस ने किसी तरह की ष्शर्त नहीं रखी है। हालांकि देखा जाए तो दोनों ही दलों का अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर वोट बैंक नहीं है।
अमरवाड़ा विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी देवरावेन भलावी को उम्मीदवार बनाया है। भलावी उम्मीदवारी के बाद से आदिवासी समाज का नेतृत्व करने वाले दलों और संगठनों से चुनाव प्रचार में शामिल होकर समर्थन कर रहे हैं। इसके चलते भारत आदिवासी पार्टी ने गोंगपा को समर्थन देने का फैसला लिया है। बाप पार्टी ने साफ किया है कि 17 जून को देवरावेन भलावी ने के निवेदन प्रार्थना पत्र पर हमने उन्हें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाने में सहयोग करने पर उपचुनाव विधानसभा में आपका सहयोग समर्थन का फैसला लिया है। यहां उल्लेखनीय है कि बाप पार्टी द्वारा 10 सितंबर 2023 को डूंगरपुर में यह फैसला लिया था कि आदिवासी वर्ग का नेतृत्व करने वाले विभिन्न राज्यों के संगठन और राजनीतिक दल स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाएंगे। हालांकि यह गठबंधन अभी बना नहीं है। आदिवासी संगठन और दलों की राय इसे लेकर अभी एकमत नहीं हुई है। दूसरी और प्रदेश के मालवा में दखल रखने वाले संगठन जयस ने भी गोंगपा को समर्थन देने की बात कही है।
गोंगपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में बढ़ाना चाहते हैं सक्रियता
गौरतलब है कि ये दोनों ही दलों का केवल मालवा अंचल की कुछ सीटों तक ही प्रभाव रहा है। महाकौशल के आदिवासी बहुल इलाकों में इनका ना तो वोट बैंक है और ना ही प्रभाव है। एक तरह से ये दोनों अपनी जमीन तलाशने का काम कर रहे हैं। महाकौशल खासकर अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर इन दलों का प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। अब ये दोनों ही दलों की नजरें महाकौशल अंचल पर टिकी हुई है। विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से बाप पार्टी ने सिवनी और बालाघाट के अलावा मंडला जिलों में अपनी सक्रियता दिखाई है। मंडला में तो बाप ने अपना प्रत्याशी भी मैदान में उतारा था, मगर वह जमानत जब्त करा गया। वहीं जयस की भी नजरें महाकौशल अंचल के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हैं, जहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रभाव है।
अमरवाड़ा विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी देवरावेन भलावी को उम्मीदवार बनाया है। भलावी उम्मीदवारी के बाद से आदिवासी समाज का नेतृत्व करने वाले दलों और संगठनों से चुनाव प्रचार में शामिल होकर समर्थन कर रहे हैं। इसके चलते भारत आदिवासी पार्टी ने गोंगपा को समर्थन देने का फैसला लिया है। बाप पार्टी ने साफ किया है कि 17 जून को देवरावेन भलावी ने के निवेदन प्रार्थना पत्र पर हमने उन्हें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाने में सहयोग करने पर उपचुनाव विधानसभा में आपका सहयोग समर्थन का फैसला लिया है। यहां उल्लेखनीय है कि बाप पार्टी द्वारा 10 सितंबर 2023 को डूंगरपुर में यह फैसला लिया था कि आदिवासी वर्ग का नेतृत्व करने वाले विभिन्न राज्यों के संगठन और राजनीतिक दल स्वदेशी राजनीतिक गठबंधन बनाएंगे। हालांकि यह गठबंधन अभी बना नहीं है। आदिवासी संगठन और दलों की राय इसे लेकर अभी एकमत नहीं हुई है। दूसरी और प्रदेश के मालवा में दखल रखने वाले संगठन जयस ने भी गोंगपा को समर्थन देने की बात कही है।
गोंगपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में बढ़ाना चाहते हैं सक्रियता
गौरतलब है कि ये दोनों ही दलों का केवल मालवा अंचल की कुछ सीटों तक ही प्रभाव रहा है। महाकौशल के आदिवासी बहुल इलाकों में इनका ना तो वोट बैंक है और ना ही प्रभाव है। एक तरह से ये दोनों अपनी जमीन तलाशने का काम कर रहे हैं। महाकौशल खासकर अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर इन दलों का प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। अब ये दोनों ही दलों की नजरें महाकौशल अंचल पर टिकी हुई है। विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से बाप पार्टी ने सिवनी और बालाघाट के अलावा मंडला जिलों में अपनी सक्रियता दिखाई है। मंडला में तो बाप ने अपना प्रत्याशी भी मैदान में उतारा था, मगर वह जमानत जब्त करा गया। वहीं जयस की भी नजरें महाकौशल अंचल के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हैं, जहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रभाव है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें