दिल्ली में कांग्रेस की बैठक, हार की समीक्षा के लिए बनेगी समिति
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार की समीक्षा आज दिल्ली में कांग्रेस की हुई बैठक में हुई। इस बैठक में एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी ली है। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने हार की जिम्मेदारी पहले ही ले ली थी। पटवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में एक माह में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। संगठन को मजबूत बनाने के लिए पार्टी अब नए सिरे से काम करेगी।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 27 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। इन सभी स्थानों पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद आज दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य लोकसभा सीटों के कांग्रेस प्रत्याशी भी पहुंचे थे। बैठक में सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में मिली हार के कारण को गिनाया। वहीं बैठक के बाहर कांग्रेस के कुछ नेता कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस्तीफे की मांग भी करते नजर आए। इनमें रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट के उम्मीदवार रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया भी शामिल थे। हालांकि बैठक के बाद जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बाहर आए तो उन्होंने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेने की बात कही। पटवारी ने मीडिया से कहा कि हार की जिम्मेदारी तो वे चुनाव परिणाम आने के साथ ही ले चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कम समय में ये चुनाव हुए। इसी दौर में प्रत्याशी चयन और चुनाव मैदान में सक्रियता बनाए रखने जैसे काम भी रहे। हालांकि पार्टी की हार की जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही आपको एक माह में पार्टी में बड़ा बदलाव नजर आएगा।
बताया जा रहा है कि पार्टी ने बैठक में हार की समीक्षा के लिए समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति द्वारा समीक्षा के बाद ही पार्टी कोई कदम उठाएगी। हालांकि माना जा रहा है कि संगठन में कसावट लाने के लिए पार्टी सख्त कदम उठा सकती है। सूत्रों की माने तो आज बैठक में लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन और टूट के कारणों को लेकर बातचीत की गई। चर्चा के बाद सीडब्ल्यूसी ने हार पर कमेटी बनाने का फैसला लिया। कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।
कांग्रेस को करनी चाहिए नए अध्यक्ष की तलाश
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि जीतू पटवारी के कार्यकाल में कांग्रेस ने हार का इतिहास रचा है। पटवारी के गृह क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी भाग गया। उन्हें डमी प्रत्याशी तक नहीं मिले। नेहरू की कांग्रेस की पटवारी ने दुर्गति कर दी। अब कांग्रेस को नए अध्यक्ष की तलाश शुरू करनी चाहिए।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 27 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। इन सभी स्थानों पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद आज दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य लोकसभा सीटों के कांग्रेस प्रत्याशी भी पहुंचे थे। बैठक में सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में मिली हार के कारण को गिनाया। वहीं बैठक के बाहर कांग्रेस के कुछ नेता कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस्तीफे की मांग भी करते नजर आए। इनमें रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट के उम्मीदवार रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया भी शामिल थे। हालांकि बैठक के बाद जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बाहर आए तो उन्होंने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेने की बात कही। पटवारी ने मीडिया से कहा कि हार की जिम्मेदारी तो वे चुनाव परिणाम आने के साथ ही ले चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कम समय में ये चुनाव हुए। इसी दौर में प्रत्याशी चयन और चुनाव मैदान में सक्रियता बनाए रखने जैसे काम भी रहे। हालांकि पार्टी की हार की जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही आपको एक माह में पार्टी में बड़ा बदलाव नजर आएगा।
बताया जा रहा है कि पार्टी ने बैठक में हार की समीक्षा के लिए समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति द्वारा समीक्षा के बाद ही पार्टी कोई कदम उठाएगी। हालांकि माना जा रहा है कि संगठन में कसावट लाने के लिए पार्टी सख्त कदम उठा सकती है। सूत्रों की माने तो आज बैठक में लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन और टूट के कारणों को लेकर बातचीत की गई। चर्चा के बाद सीडब्ल्यूसी ने हार पर कमेटी बनाने का फैसला लिया। कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।
कांग्रेस को करनी चाहिए नए अध्यक्ष की तलाश
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि जीतू पटवारी के कार्यकाल में कांग्रेस ने हार का इतिहास रचा है। पटवारी के गृह क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी भाग गया। उन्हें डमी प्रत्याशी तक नहीं मिले। नेहरू की कांग्रेस की पटवारी ने दुर्गति कर दी। अब कांग्रेस को नए अध्यक्ष की तलाश शुरू करनी चाहिए।

Bali ka Bakra kisi Ko to banana hai isliye har ka thekada Jeetu patwari ke upar fod Diya
जवाब देंहटाएं