शनिवार, 29 जून 2024

किसी ने प्रशासन तो किसी ने दल-बदल को बताया हार का कारण

कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने प्रत्याशियों ने बताई हार की वजह


भोपाल। कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का कारण जानने आई फैक्ट फाइडिंग कमेटी की बैठक में आज प्रत्याशियों ने खुलकर कारण गिनाए। किसी ने प्रशासन को दोशी ठहराया तो किसी ने भाजपा के द्वारा चलाए गए दल-बदल अभियान को हार का कारण बताया। कुछ प्रत्याशियों ने बड़े नेताओं का साथ मिलने की बात कही तो हार के पीछे भाजपा द्वारा बनाए गए कांग्रेस नेताओं पर दबाव को हार का कारण बताया।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज अखिल भारतीय कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर मिली हार का कारण जानने गठित की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों से वन-टू-वन चर्चा की। बैठक में छिंदवाड़ा से प्रत्याशी नकुलनाथ और राजगढ़ से प्रत्याशी रहे दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे थे। दोनों ने पूर्व में प्रदेश कांग्रेस को इसकी सूचना दे दी थी। इसके अलावा सभी लोकसभा सीटों के प्रत्याशी बैठक में ष्शामिल हुए। प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मिली हार के अलग-अलग कारण बताएं, मगर प्रशासन के दबाव बनाए जाने की बात करीब-करीब हर प्रत्याशी ने कही। वहीं भाजपा द्वारा दलबदल का जो अभियान चलाया गया, उसे भी बड़ा कारण बताते हुए प्रत्याशियों ने कहा कि इसके चलते कई नेता भाजपा में चले गए जिसके कारण कार्यकर्ता का मनोबल गिरा और वह मैदान में सक्रिय नजर नहीं आया।
युवाओं को आगे आने नहीं दिया जाता
कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आज बैठक में दलबल का मुद्दा उठा। कमेटी के सदस्यों से बड़े नेताओं की शिकायत की गई। उन्होंने कहा कि बड़े नेता युवाओं को आगे नहीं आने देते। संगठन की कमजोरी को लेकर भी शिकायत की गई है। मुरैना कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि नेता पर पूरा संगठन निर्भर रहता है। नेता जैसे ही पार्टी छोड़कर जाता संगठन पूरा खत्म हो जाता है। विजयपुर में रामनिवास रावत के पार्टी छोड़ने के बाद संगठन वहां पूरा खत्म हो गया। विधायक रामनिवास रावत और सुमावली से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह के भाजपा में जाने काफी नुकसान हुआ है।
टिकट वितरण में देरी को भी कारण बताया

बैठक में पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए प्रत्याशियों ने टिकट वितरण में देरी को भी हार का कारण बताया। प्रत्याशियों का कहना था कि समय रहते अगर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाता तो क्षेत्र में प्रचार के लिए ज्यादा समय मिलता। बैठक में हारे हुए प्रत्याशियों से हार के कारण पूछे गए। 30 जून को लोकसभा चुनाव को लेकर बनाई गई चुनावी समितियों के सदस्यों से चर्चा होगी। कमेटी के पृथ्वीराज चव्हाण, सप्तगिरि उल्का और जिग्नेश मेवाणी ने बैठक ली। बैठक के बाद हार की रिपोर्ट आलाकमान को दी जाएगी। रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार नेताओं पर एक्शन होगा।
प्रदेश को कैसे मिले भाजपा से मुक्ति
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि असल बात ये ही कि इस प्रदेश को भाजपा से कैसे मुक्ति मिले? ये जनता भी चाहती है कि 23 साल पुरानी एक ऐसी सरकार जिसने प्रदेश को अराजक बना दिया, कर्जदार बना दिया, करप्ट बना दिया, बेरोजगारी में नंबर वन बना दिया, वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया उसे कैसे हटाया जाए।  उन्होंने कहा कि हमारी लगातार बैठकें चलेंगी, अभी 2 दिन बैठक हैं, उसके बाद 5 और 6 जुलाई को फिर से बैठक होगी , फिर संगठन को मजबूत करने के लिए जिला और ब्लॉक अध्यक्ष की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि संगठन को कैसे मजबूत किया जाए इसको लेकर देश और प्रदेश में दोनों जगह कांग्रेस पार्टी चिंतित है, हम प्रयास कर रहे हैं कि हम कैसे फिर चुनाव जीतें।

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