डा राजेश राजौरा और अनुराग जैन बचे दौड़ में
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव द्वारा शुक्रवार को की गई प्रशासनिक सर्जरी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान अब मुख्य सचिव पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि उनसे स्वास्थ्य विभाग छीन कर कृषि विभाग की कमान सौंप दी है।प्रदेश में मुख्य सचिव डा वीरा राणा के बाद अगले मुख्य सचिव के लिए वैसे तो आधा दर्जन आईएएस अधिकारी दावेदारी कर रहे हैं, मगर इनमें सबसे आगे मोहम्मद सुलेमान, डा राजेश राजौरा और अनुराग जैन का नाम था। अनुराग जैन केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर है, इसके चलते उनके नाम पर कयास जरूर लंबे समय से लग रहे हैं, मगर उनकी ओर से अभी स्थिति स्पश्ट नजर नहीं आई है और ना ही सरकार ने उनके नाम को लेकर प्रयास किए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर मंत्रालय तक जिस तरह जमावट की है, उसके बाद यह माना जा रहा है कि वरिष्ठ आईएएस डा राजेश राजौरा का नाम इस पद के लिए सामने आ सकता है। इसके पीछे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान के पास से जिस तरह से स्वास्थ्य महकमा वापस लेकर उन्हें कृ विभाग सौंपा है। इस परिवर्तन के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में यह बात तेजी से सामने आ रही है कि मोहम्मद सुलेमान मुख्यमंत्री की पसंद नहीं रहे। उनके स्थान पर डा राजेश राजौरा और दूसरा नाम केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अनुराग जैन का लिया जा रहा है।
अगस्त में ही हो जाएगा नाम तय
वर्तमान मुख्य सचिव वीरा राणा का कार्यकाल सरकार ने 30 सितंबर तक के लिए बढ़वाया था। इस लिहाज से यह माना जा रहा है कि अगस्त माह में ही सरकार अगले मुख्य सचिव का नाम तय कर देगी। इसके चलते माना जा रहा है कि डा राजेश राजौरा को सरकार इस माह ओएसडी बना सकती है। मुख्य सचिव की दौड़ में रहे आईएएस अधिकारियों में जे एन कंसोटिया और विनोद कुमार को पहले ही मंत्रालय से बाहर पदस्थ कर दिया है। वहीं मोहम्मद सुलेमान से स्वास्थ्य विभाग लेकर यह संदेश दिया गया कि मुख्यमंत्री उनसे खुश नहीं है। इसकी वजह नर्सिंग घोटाले को बताया जा रहा है। वहीं केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अनुराग जैन इस पद के लिए ज्यादा रूचि दिखा नहीं रहे हैं।

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