शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

मध्यप्रदेश को नवाचारों के लिए मिले 4 राष्ट्रीय पुरस्कार

केन्द्रीय शहरी विकास, आवासीय एवं शहरी गरीब उन्मूलन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने आज लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के पहले दिन मध्यप्रदेश को नगरीय विकास के क्षेत्र में नवाचारों के लिये 4 पुरस्कारों से अलंकृत किया. 
यह पुरस्कार मध्यप्रदेश को भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पब्लिक बाइक शेयरिंग, बी-नेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के एनडीएमसी के स्मार्ट क्लास-रूम एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए प्रदान किए गए. इसके अतिरिक्त, भारत शासन द्वारा मध्यप्रदेश को अमृत योजना के उत्कृष्ट क्रियांवयन के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि इनसेंटिव के रूप में दी गयी.
उल्लेखनीय है कि भोपाल स्मार्ट सिटी में पब्लिक बाइक शेयरिंग का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना है. शहर में पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम 25 जून, 2017 से प्रारंभ किया गया है. इस प्रोजेक्ट से शहर के 36 हजार यूजर जुड़ चुके हैं, जो 69 साइकिल स्टेशनों के माध्यम से 350 साइकिल का लाभ उठा रहे हैं. इसके लिए शहर में 12 किलोमीटर लम्बा और 5 मीटर चौड़ा डेडीकेटेड साइकिल ट्रैक बनाया गया है. बी-नेस्ट इंक्यूवेशन सेंटर से ऐसे बेरोजगार युवक-युवतियां, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने नए-नए आयडियाज को मूर्त रूप प्रदान नहीं कर पाते, उन्हें बी-नेस्ट के माध्यम से प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है. इस सेंटर में युवाओं को बेहतर वर्र्किंग एन्वायरमेंट के साथ संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं. साथ ही उनके प्रोडक्ट और आयडिया की मार्केटिंग, फायनेंसिंग, लीगल एडवाइज भी प्रदान की जाती है.
जबलपुर स्मार्ट सिटी में एनडीएमसी के स्मार्ट क्लास-रूम में शहर के 5 शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूलों की 20 क्लास को स्मार्ट क्लास के रूप में परिवर्तित किया गया है, जिनमें सिलेबस को 2-डी और 3-डी इमेज के माध्यम से विभिन्न भाषाओं में पढ़ाया जा रहा है. स्कूलों में स्मार्ट स्टूडियो की सहायता से वर्चुअल क्लासेस की सुविधा प्रदान की गई है, जहां कोई भी शिक्षक एक ही जगह से सभी स्कूलों की क्लासेस में बैठे विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है. जबलपुर स्मार्ट सिटी में वेस्ट टू इनर्जी प्लांट में जबलपुर नगर निगम द्वारा पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप माडल के आधार पर 11.5 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है. उत्पादित बिजली को 6.39 पैसे प्रति यूनिट की दर से विद्युत वितरण कम्पनी को बेचा जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी कंट्रोल सेंटर को पुरस्कृत करेंगे आज
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला में भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में निर्मित इंटीग्रेटेड कमाण्ड कंट्रोल सेंटर के लिये मध्यप्रदेश को पुरस्कृत करेंगे. प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विवेक अग्रवाल ने बताया कि यह पुरस्कार भोपाल स्मार्ट सिटी के इन्ट्रीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर को अभिनव पहल के लिए दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सेंटर अपनी तरह का देश का पहला कमांड सेंटर है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी 7 स्मार्ट शहरों में लगभग 20 सेवाओं को जोड़ा गया है तथा इनकी सतत मानीटरिंग की जा रही है. इन सेवाओं में राज्य-स्तर की सी.एम. हेल्पलाइन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सेवा के साथ आपातकालीन फायर, पुलिस और हेल्थ सेवा-108 तथा शहर स्तर की सेवाओं में मेयर एक्सप्रेस, पब्लिक बाइक शेयरिंग, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट आदि की मानीटरिंग और कंट्रोल किया जाता है.

बेटी से बलात्कार करने वाले को पकड़ा मां ने


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक मां ने अपनी बेटी से बलात्कार करने वाले युवक को प्लान बनाकर दबोच लिया. नाबालिग लड़की का बलात्कार करने वाले युवक को पीड़िता की मां ने पुलिस के हवाले कर दिया. कक्षा 9 वीं में पढ़ने वाली 14 साल की बच्ची से पड़ोस में रहने वाले एक 22 साल के युवक ने बलात्कार किया. 
आरोपी युवक का नाम समीर खान है, जो टेलर का काम करता है. जैसे ही आरोपी टेलर महिला के बनाए जाल में फंसा, पीड़िता की मां ने डायल-100 पर फोन कर पुलिस को बुला लिया. श्यामला हिल्स पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी पिछले एक महीने से पीड़िता का पीछा कर रहा था. इसी बीच एक दिन आरोपी ने बच्चों को स्कूल तक छोड़ने के लिए लिफ्ट आॅफर की. शुरूआत में तो लड़की ने लिफ्ट लेने से इंकार कर दिया, लेकिन आरोपी के बार-बार कहने पर लड़की उसकी बाइक पर बैठ गई.  जिसके बाद आरोपी ने कई दिनों तक ये सिलसिला जारी रखा. पुलिस अधिकारी ने बताय कि 22 जुलाई को आरोपी लड़की को लेकर एक सुनसान जगह पर गया और उसके साथ रेप किया. आरोपी ने पीड़िता को किसी से कुछ भी नहीं कहने की धमकी दी और कहा कि उसने किसी को कुछ भी बताया तो इसका अंजाम बुरा होगा. 
पीड़िता ने शुरूआत में किसी को कुछ नहीं बताया लेकिन बाद में उसने अपनी मां को सारी आपबीती सुना दी. जिसके बाद पीड़िता की मां ने आरोपी को पकड़ने का प्लान बनाया. अगले दिन आरोपी फिर नाबालिग को लेकर उसी जगह पहुंचा और उसके साथ छेड़छाड़ शुरू की. जिसके बाद पीड़िता की मां और बड़ी बहन, जो आरोपी का पीछा कर रही थी, वहां पहुंच गए. उन्होंने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा और पुलिस को इस बात की जानकारी दे दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार


प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने भवन दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने वाले एक आरोपी को राजधानी भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी के पास नगर निगम का फर्जी रसीदी कट्टा मौजूद था. इसी के आधार पर वह लोगों को बेवकूफ बनाता रहा. पकड़ाए गए आरोपी सुनील के पास से पुलिस ने उसका अधिमान्य पत्रकार संघ का कार्ड भी बरामद किया है.
हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सौरभ श्रीवास्तव पिता अरुण प्रसाद श्रीवास्तव उम्र 35 वर्ष निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. सौरभ श्रीवास्तव द्वारा झुग्गी झोपड़ी में निवास करने वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अंबेडकर नगर भोपाल में निर्मित भवनों में आवास आवंटन कराने के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही थी.आरोपी सौरभ कम्प्यूटर से नगर पालिका निगम का इंटरनेट के माध्यम से सरकारी आदेश को डाउनलोड कर इनवाइस मेकर साफ्टवेयर से फर्जी रसीद व आदेश बनाकर लोगों को देता था.टीआई चौहान का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है. पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, शुरु की हड़ताल

 कार्यालयों में पसरा रहा सन्नाटा, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
मध्यप्रदेश में इन दिनों विभिन्न संगठनों और सरकारी कर्मचारियों की सरकार के प्रति नाराजगी उभर कर सामने आ रही है. राज्य में जूनियर डाक्टरों, अतिथि शिक्षकों, ट्रांसपोर्टरों, मंडी समितियों के अलावा तृतीय वर्ग कर्मचारियों का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूटा है. ये सभी हड़ताल पर हैं. हड़ताल के चलते शासकीय अस्पतालों में जहां मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं पर शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया है, जिसके चलते कामकाज ठप हो गया है.
मध्यप्रदेश में जूनियर डाक्टरों, ट्रांसपोर्टरों, अतिथि शिक्षकों के हड़ताल अभी समाप्त भी नहीं हुई थी कि राज्य में आज से मंडी समितियों और तृतीय वर्ग कर्मचारियों की हड़ताल शुरु हो गई है. प्रदेश भर में अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे लिपिकों की मांगों के समर्थन में आज से तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरु कर दी. इस हड़ताल के चलते राजधानी में सतपुड़ा और विंध्याचल स्थित शासकीय कार्यालयों में तो कामकाज ठप हुआ ही, साथ ही कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यालयों में काम प्रभावित हुआ. लोग हड़ताल के चलते काम नहीं करा पाए, वहीं कार्यालय सूने-सूने रहे.
लिपिकों और तृतीय वर्ग कर्मचारियों की इस हड़ताल के चलते ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर परमिट और फिटनेस संबंधी गाड़ियों के काम नहीं हुए, जिसके कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है. लिपिकों की यह हड़ताल लिपिकों के लिए गठित रमेशचन्द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को तत्काल लागू कराने,   शासकीय कर्मचारियों  मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता,बच्चों की शिक्षा भत्ता केंद्र के समान दिए जाने, पूर्ण पेंशन हेतु 25 वर्ष की सेवा मान्य किए जाने, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाने, संविदा कर्मचारियों को नियमित कर होने वाले रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की जाने और वृति कर समाप्त करने की मांग को लेकर की जा रही है.
तृतीय वर्ग कर्मचारियों के अलावा राज्य में अतिथि शिक्षकों की हड़ताल जारी है. गुरुवार को अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर मुंडन भी कराया था, वहीं आज भी उनकी हड़ताल जारी रही.
मंडियों में हड़ताल
प्रदेश में मंडी समितियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज शुक्रवार से हड़ताल शुरु कर दी है.मंडी समितियों द्वारा अपनी 14 मांगों को लेकर यह हड़ताल शुरु की गई है. प्रमुख मांगों में किसानों से आड़त लिया जाना समाप्त करना प्रमुख है. इसके अलावा किसानों एवं मंडी समितियों की मांगों को लेकर यह हड़ताल शुरु हुई है. आज से शुरु हुई हड़ताल जारी रहने की बात कही जा रही है. मंडी समितियों के अलावा ट्रांसपोर्टरों की आज आठवें दिन भी हड़ताल जारी रही. ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
जारी है जूनियर डाक्टरों की हड़ताल
प्रदेश भर में जूनियर डाक्टरों की चल रही हड़ताल चेतावनी, बर्खास्तगी और निष्कासन की कार्रवाई के बाद भी समाप्त नहीं हुई. जूडा के तेवर अब भी तीखी नजर आ रहे हैं. वहीं प्रशासन हड़ताल समाप्त किए जाने पर ही बात करने को लेकर अड़ा हुआ है. जूडा हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत अस्पतालों में भर्ती मरीजों को रही है. अस्पताल में अलग-अलग विभाग में करीब 150 मरीज सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे हैं. वे हड़ताल के 5 से 10 दिन पहले से ही भर्ती हैं. जूडा की हड़ताल के चलते सिर्फ इमरजेंसी आपरेशन हो रहे हैं. वार्डो में मरीजों को कहा जा रहा है कि अभी चले जाओ. हड़ताल के बाद आ जाना. राज्य के राजधानी स्थित हमीदिया चिकित्सालय में इलाज के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं. इसी तरह के हालात राज्य के जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर में भी बने हुए हैं. हालांकि सरकार के दबाव के चलते राजधानी के गांधी मेडकिल कालेज का नर्सिंग स्टाफ  अपने काम पर वापस लौट आया.  पैरामेडकिल स्टाफ ने बुधवार को ही अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी.  मेडकिल कालेज के डीन डा. सोनगरा ने बताया कि आज भी मरीजों को बाह्य रोगी विभाग में देखा गया. 
मुख्यमंत्री निवास पहुंचे जूडा खाली हाथ लौटे
सरकार द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने के बाद आज सुबह जूनियर डाक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात करने के लिए पहुंचा. जब यह प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा तो चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने साफ निर्देश भेज दिए कि जब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी, तब तक किसी भी तरह से कोई बातचीत नहीं होगी. इसके बाद जूनियर डाक्टरों को मुख्यमंत्री निवास से खाली हाथ लौटना पड़ा.

लाखों की तुअर दाल हड़प गई कंपनी

जुगनजीत सिंह बरार 

राजधानी के महाराणा प्रताप नगर स्थित निजी कंपनी के संचालक ने रायसेन के गल्ला व्यापारी को 72 लाख का चूना लगा दिया.  आरोपियों ने गल्ला व्यापारी से 10 ट्रक तुअर दाल ली थी. संचालक ने जो बैंक चेक व्यापारी को दिए थे, वे सभी बाउंस हो गए. वहीं, पुलिस ने मुख्य संचालक को हिरासत में लिया है.
महाराणा प्रताप नगर पुलिस के मुताबिक अखिलेश सिंह ठाकुर पुत्र सरदार सिंह ठाकुर ग्राम अमरावद कला थाना बाड़ी रायसेन के रहने वाले हैं. वे गल्ला के व्यापारी हैं और रायसेन में राजाभैया ट्रेडर्स के नाम से कंपनी चलाते हैं. चार महीने पहले मार्च महीने में भोपाल निवासी तीन लोग उनके पास पहुंचे और खुद की कंपनी के माध्यम से गल्ले का थोक व्यापार करना बताया. उनका कहना था कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में वे गल्ला भेजते हैं. अखिलेश ने भोपाल आए तो तीनों ने उन्हें जोन क्रमांक दो महाराणा प्रताप नगर स्थित हाई वैल्यू फ्रूट स्टोर प्रायवेट लिमिटेड कंपनी का अपना कार्यालय दिखाया. इस कंपनी के मुख्य संचालक जुगनजीत सिंह बरार निवासी गोल्डन सिटी मिसरोद हैं, जबकि अलीमुद्दीन शेख और जुनैद खां को उन्होंने कंपनी का पार्टनर बताया था. कंपनी देखने के बाद अखिलेश माल की सप्लाई के लिए तैयार हो गए तो दोनों के बीच अनुबंध किया गया. इसके बाद अखिलेश ने अलग-अलग समय पर कुल दस ट्रक तुअर दाल बरार की कंपनी को सप्लाई की गई. करीब आठ ट्रक दाल सतना जिले के उंचेहरा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में पहुंचाई गई थी, जबकि दो ट्रक अन्य स्थानों पर सप्लाई की गई. 
अखिलेश ने पुलिस को बताया कि 95 लाख 67 हजार रुपए कीमत की दाल सप्लाई करने के बाद कंपनी द्वारा उन्हें केवल 23 लाख रुपयों का भुगतान किया गया. बाकी भुगतान के लिए जब दबाव बनाया गया तो कंपनी ने उन्हें बीस लाख रुपये का चेक दिया जो बाउंस हो गया. इसके चार और चेक दिए गए, वह भी बाउंस हो गए. परेशान होकर उन्होंने इस मामले की शिकायत भोपाल डीआईजी से की.  डीआईजी के निर्देश पर महाराणा प्रताप नगर पुलिस ने शिकायत की जांच कर कंपनी संचालक जुगनजीत समेत तीनों लोगों के खिलाफ  धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है.

हड़ताल के चलते नहीं मिला इलाज, हो गई मौत


मध्यप्रदेश की राजधानी  भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आए नेपाल के नवराज जोशी की बुधवार रात समय पर इलाज न मिल पाने के चलते मौत हो गई. दरअसल, नवराज नेपाल से भारत तीर्थ दर्शन के लिए आए थे, बुधवार को अचानक ही वह हबीबगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ट्रेन की चपेट में आ गए और उनका दाहिना हाथ ट्रेन के नीचे आने से कट गया. हाथ कट जाने से नवराज के हाथ से खून बहने लगा जिसके बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने 108 पर काल किया. जिसके बाद नवराज को हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते नवराज को अस्पताल में इलाज नहीं मिल पा रहा था. जिसके बाद हमीदिया के स्टाफ ने नवराज को पालीवाल हॉस्पिटल के लिए रवाना कर दिया. मगर उन्हें यहां इलाज नहीं मिल पाया. 
वहीं पालीवाल अस्पताल पहुंचे नवराज का खून ज्यादा बह जाने से पालीवाल अस्पताल ने उन्हें फिर से हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. नवराज की हालत देख हमीदिया के डॉक्टर्स ने एमएलसी बनाने के बाद नवराज को इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड भेज दिया, लेकिन वहां डॉक्टर्स ने हड़ताल की बात कहते हुए इलाज करने से मना कर दिया, जिसके बाद फिर से नवराज को पॉलीवाल अस्पताल के लिए रेफर किया गया. वहीं पालीवाल अस्पताल पहुंचे नवराज का 4:45 इलाज शुरू भी किया गया, लेकिन खून अधिक बह जाने के कारण नवराज की मौत हो गई. 
3 लीटर से अधिक खून बह गया 
 जानकारी के मुताबिक जब नवराज का इलाज शुरू किया गया तब तक उनका 3 लीटर से अधिक खून बह चुका था. जिसके चलते उनकी मौत हो गई. बता दें नवराज को घटना के साढ़े तीन घंटे बाद इलाज नसीब हुआ, जिसके चलते उनका खून काफी बह गया और उनकी मौत हो गई. उल्लेखनीय है कि  भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हड़ताल के चलते डाक्टर्स की काफी कमी है, जिसके चलते विदिशा से डाक्टर्स को बुलाया गया है, लेकिन मरीज की गंभीर हालत देखने के बाद भी मरीज का इलाज नहीं किया गया.

लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं मोदी और चौहान: सिंधिया


पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को होशंगाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर बड़ा बयान दिया है. सिंधिया ने कहा कि दोनों को लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं. केंद्र और राज्य की यह दोनों सरकारें नाकाम साबित हुई हैं. प्रजातंत्र का गला घोंटना इनकी आदत बन गया है. 
सिंधिया ने कहा कि केंद्र में लोकतंत्र का गला घोंटने का काम मोदी सरकार कर रही है और मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार. यह चार साल से खामोश बैठे थे और किसान आत्महत्या कर रहे थे. आखिरी साल में चुनाव से पहले समर्थन मूल्य का झुनझुना थमा रहे हैं, लेकिन जनता सब जानती है.  सिंधिया ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जनता और सरकार के धन पर जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं.  इसके बाद खुद का गुणगान करते हैं,  जबकि पूरे देश में भ्रष्टाचार चरम पर है. बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं. किसान फांसी लगा रहे हैं. बेरोजगारी बढ़ी है. दलित और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं. स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह लडखड़ा चुकी है, लेकिन शिवराज आशीर्वाद मांग रहे हैं, जबकि उन्हें इसकी जगह जनता से किए गए वादे पूरा नहीं करने और उनकी सेवा नहीं कर पाने के कारण क्षमावाणी यात्रा निकालनी चाहिए. 
भाजपा कर रहे अवैध रेत खनन
सिंधिया ने कहा कि रेत खनन माफिया पर सरकार का ठप्पा लगा है. सारे भाजपा नेता ऊपर से नीचे तक मिले हुए हैं. नदियां खोद रहे हैं. मां नर्मदा के संरक्षण की बात करते हैं लेकिन उसी नदी को खोदने में लगे हैं. छह करोड़ पौधे लगाने का दावा करत हैं, लेकिन दोनों तटों पर एक भी पौधा नजर नहीं आता. मैंने पूरी दुनिया में कहीं नहीं देखा कि नदी खोदने के लिए उसके बीच में रास्ता बना दिया हो लेकिन नर्मदा में डेढ़ किलोमीटर नदी के अंदर सड़क बना दी गई.