कार्यालयों में पसरा रहा सन्नाटा, इलाज के लिए भटकते रहे मरीजमध्यप्रदेश में इन दिनों विभिन्न संगठनों और सरकारी कर्मचारियों की सरकार के प्रति नाराजगी उभर कर सामने आ रही है. राज्य में जूनियर डाक्टरों, अतिथि शिक्षकों, ट्रांसपोर्टरों, मंडी समितियों के अलावा तृतीय वर्ग कर्मचारियों का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूटा है. ये सभी हड़ताल पर हैं. हड़ताल के चलते शासकीय अस्पतालों में जहां मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं पर शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया है, जिसके चलते कामकाज ठप हो गया है.
मध्यप्रदेश में जूनियर डाक्टरों, ट्रांसपोर्टरों, अतिथि शिक्षकों के हड़ताल अभी समाप्त भी नहीं हुई थी कि राज्य में आज से मंडी समितियों और तृतीय वर्ग कर्मचारियों की हड़ताल शुरु हो गई है. प्रदेश भर में अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे लिपिकों की मांगों के समर्थन में आज से तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरु कर दी. इस हड़ताल के चलते राजधानी में सतपुड़ा और विंध्याचल स्थित शासकीय कार्यालयों में तो कामकाज ठप हुआ ही, साथ ही कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यालयों में काम प्रभावित हुआ. लोग हड़ताल के चलते काम नहीं करा पाए, वहीं कार्यालय सूने-सूने रहे.
लिपिकों और तृतीय वर्ग कर्मचारियों की इस हड़ताल के चलते ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर परमिट और फिटनेस संबंधी गाड़ियों के काम नहीं हुए, जिसके कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है. लिपिकों की यह हड़ताल लिपिकों के लिए गठित रमेशचन्द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को तत्काल लागू कराने, शासकीय कर्मचारियों मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता,बच्चों की शिक्षा भत्ता केंद्र के समान दिए जाने, पूर्ण पेंशन हेतु 25 वर्ष की सेवा मान्य किए जाने, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाने, संविदा कर्मचारियों को नियमित कर होने वाले रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की जाने और वृति कर समाप्त करने की मांग को लेकर की जा रही है.
तृतीय वर्ग कर्मचारियों के अलावा राज्य में अतिथि शिक्षकों की हड़ताल जारी है. गुरुवार को अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर मुंडन भी कराया था, वहीं आज भी उनकी हड़ताल जारी रही.
मंडियों में हड़ताल
प्रदेश में मंडी समितियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज शुक्रवार से हड़ताल शुरु कर दी है.मंडी समितियों द्वारा अपनी 14 मांगों को लेकर यह हड़ताल शुरु की गई है. प्रमुख मांगों में किसानों से आड़त लिया जाना समाप्त करना प्रमुख है. इसके अलावा किसानों एवं मंडी समितियों की मांगों को लेकर यह हड़ताल शुरु हुई है. आज से शुरु हुई हड़ताल जारी रहने की बात कही जा रही है. मंडी समितियों के अलावा ट्रांसपोर्टरों की आज आठवें दिन भी हड़ताल जारी रही. ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
जारी है जूनियर डाक्टरों की हड़ताल
प्रदेश भर में जूनियर डाक्टरों की चल रही हड़ताल चेतावनी, बर्खास्तगी और निष्कासन की कार्रवाई के बाद भी समाप्त नहीं हुई. जूडा के तेवर अब भी तीखी नजर आ रहे हैं. वहीं प्रशासन हड़ताल समाप्त किए जाने पर ही बात करने को लेकर अड़ा हुआ है. जूडा हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत अस्पतालों में भर्ती मरीजों को रही है. अस्पताल में अलग-अलग विभाग में करीब 150 मरीज सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे हैं. वे हड़ताल के 5 से 10 दिन पहले से ही भर्ती हैं. जूडा की हड़ताल के चलते सिर्फ इमरजेंसी आपरेशन हो रहे हैं. वार्डो में मरीजों को कहा जा रहा है कि अभी चले जाओ. हड़ताल के बाद आ जाना. राज्य के राजधानी स्थित हमीदिया चिकित्सालय में इलाज के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं. इसी तरह के हालात राज्य के जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर में भी बने हुए हैं. हालांकि सरकार के दबाव के चलते राजधानी के गांधी मेडकिल कालेज का नर्सिंग स्टाफ अपने काम पर वापस लौट आया. पैरामेडकिल स्टाफ ने बुधवार को ही अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी. मेडकिल कालेज के डीन डा. सोनगरा ने बताया कि आज भी मरीजों को बाह्य रोगी विभाग में देखा गया.
मुख्यमंत्री निवास पहुंचे जूडा खाली हाथ लौटे
सरकार द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने के बाद आज सुबह जूनियर डाक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात करने के लिए पहुंचा. जब यह प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा तो चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने साफ निर्देश भेज दिए कि जब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी, तब तक किसी भी तरह से कोई बातचीत नहीं होगी. इसके बाद जूनियर डाक्टरों को मुख्यमंत्री निवास से खाली हाथ लौटना पड़ा.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें