सोमवार, 20 मई 2019

भाजपा ने कहा कांग्रेस विधानसभा सत्र बुलाकर साबित करे बहुमत

 कांग्रेस का आरोप एग्जिट पोल के नतीजे ईवीएम हैक का नतीजा

मध्यप्रदेश में एग्जिट पोल के बाद प्रदेश की राजनीति घमासान मच गया है. भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को फिर लंगड़ी सरकार होने बात कही और विधानसभा का सत्र बुलाकर बहुमत साबित करने को कहा. वहीं कांग्रेस नेताओं ने एग्जिट पोल के नतीजों को ईवीएम हैक के नतीजे करार दिए. 
नेता प्रतिपक्ष ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि एग्जिट पोल के अनुसार एक बार फिर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश में कांग्रेस को दो से तीन सीटें मिलने वाली है, यह इस बात का संकेत है कि कांग्रेस ने जनता का भरोसा खो दिया है, इसलिए उनकी मांग है कि राज्य विधानसभा का सत्र बुलाया जाए. भार्गव ने कहा कि वे इस आशय का पत्र राज्यपाल को भी लिखने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में सत्ताधारी दल की शक्ति का परीक्षण हो जाएगा. कांग्रेस के पास दूसरों के सहयोग से बहुमत है, भाजपा चाहती तो वह भी जोड़-तोड़ करके सरकार बना सकती थी, मगर भाजपा ने ऐसा नहीं किया.
यहां उल्लेखनीय है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही भाजपा ने सरकार को लंगड़ी सरकार करना शुरु कर दिया था. भाजपा नेता कई बार इस तरह के बयान भी दे चुके थे कि लोकसभा चुनाव के बाद सरकार गिर जाएगी. राज्य में प्रथम चरण के मतदान के पहले से ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा नेताओं ने इस तरह के बयान दिए थे, जिसे लेकर कांग्रेस नेता नाराज भी होते रहे. अब एग्जिट पोल आने के बाद इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोला है और विधानसभा सत्र बुलाकर शक्ति परीक्षण कराने की बात कही है.
संकट में है आपकी कुर्सी
 विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के विधानसभा का सत्र बुलाए जाने और बहुमत सिध्द करने की मांग पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर नेता प्रतिपक्ष को जवाब दिया है.  सलूजा ने ट्वीट कर लिखा है कि गोपाल भार्गव, अभी 23 मई का इंतजार करिए, उसके बाद आपकी पार्टी के ही विधायक, नेता, प्रत्याशी आपके खिलाफ विरोध का बिगुल बजाने वाले हैं. आपके पद पर ही संकट आने वाला है. अपने विधायकों को भी संभाल कर रखिये 109 में से कई संपर्क में हैं.
बाबरिया ने कहा ईवीएम हैक का नतीजा
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने आज राजधानी पहुंचने पर मीडिया से चर्चा करते हुए एक्जिट पोल के नतीजों को लेकर कहा कि यह ईवीएम हैक का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम से छेड़छाड़ की गई है. बावरिया ने आरोप लगाया कि ईवीएम मशीन हैक करने के कारण है कि एक्जिट पोल के नजीते भाजपा के पक्ष में जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही ईवीएम के नतीजों पर सवाल खड़े किए हैं, मगर हमारी सुनवाई कहां हो रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के दावे जो एक्जिट पोल के है वे बीजीपी की चाल है. उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का हिस्सा है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बयान पर कहा कि अमित शाह तोड़फोड़ की राजनीति करने में माहिर है और भाजपा अपना बहुमत प्राप्त नहीं कर पा रही है. 

प्रदेश को पश्चिम बंगाल बनाने पर तुली कांग्रेस: शिवराज


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है. चौहान ने इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता की हुई हत्या को लेकर कहा कि कांग्रेस की पराजय निश्चित है, इसलिए वह राज्य को पश्चिम बंगाल बनाने पर तुली है. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी की शांति के टापू पर सरकार हिंसा का खेल शुरु न करे. 
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  ने लोकसभा में कांग्रेस की हार को निश्चित बताते हुए आरोप लगाया कि इसी बौखलाहट से कांग्रेस प्रदेश को पश्चिम बंगाल बनाने पर तुली है. हार से बौखलाकर कांग्रेस का हिंसा का सहारा ले रही है. इतना नहीं  चौहान ने कहा कि सांवेर के पालिया गांव में हमारे कार्यकर्ता को कांग्रेस नेता ने सिर्फ इसलिए गोली मार दी, क्योंकि उन्होंने भाजपा को वोट दिया था और पार्टी के लिए काम किया था.  भाजपा कार्यकर्ता नेमीचंद तंवर की हत्या के बाद शिवराज सिंह ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांवेर के कांग्रेस विधायक तुलसी सिलावट को चेतावनी दी कि वो हिंसा और हत्याओं को खेल मध्य प्रदेश की धरती पर न शुरू करें. मध्यप्रदेश हमेशा से ही शांति का टापू रहा है. ऐसे में जो भी लोग इस हत्या में शामिल हैं, उन्हें पुलिस तत्काल गिरफ्तार करे. अगर ऐसा नहीं होगा तो भाजपा प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी.
यह है मामला
इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पालिया में भाजपा कार्यकर्ता नेमीचंद तंवर की रविवार की शाम को गोली मारकर हत्या कर दी थी. बताया जाता है कि तंवर की हत्या के पहले रविवार की सुबह उनका विवाद कांग्रेस नेता अरुण शर्मा के साथ हुआ था. इस दौरान अरुण ने मतदान समाप्त होने के बाद उन्हें देख लेने की धमकी दी थी. इस घटना के बाद नेमीचंद की गोली मार दी. घटना के बाद नेमीचंद को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना में नेमीचंद की मां पुष्पाबाई और बेटे बसंद भी घायल हुए थे. नेमीचंद की मां ने कांग्रेस नेता अरुण शर्मा द्वारा उनके बेटे पर गोली चलाने की बात कही है. 

फिर होंगे कलेक्टर, पुलिस अधीक्षकों के तबादले

प्रदेश में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक बार फिर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले का दौर शुरु होगा. तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ कही हरी झंडी मिल चुकी है.
राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के कारण कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के तबादले रुक गए थे. अब फिर से थोकबंद तबादलों का दौर शुरु होगा.  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 25 मई से लेकर विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले तक जरूरी तबादले करने की सहमति दे दी है. साथ ही जो विभाग आचार संहिता लागू होने की वजह से तबादला आदेश नहीं निकाल पाए थे, वे तबादले कर सकेंगे. लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आ रहे हैं और उसी दिन आदर्श आचार संहिता हट जाएगी. इसके बाद सरकारी विभाग तबादला आदेश जारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे. मंत्रालयीन सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में सभी विभागों को सूचित कर दिया है कि सिर्फ जरूरी तबादले आदेश ही जारी किए जाएं. सरकार पहले की तरह अधिक संख्या में तबादला आदेश जारी करने से परहेज करने को कहा है. हालांकि जो विभाग पूर्व में तबादले नहीं कर पाए, वे तबादला कर सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सत्ता की कमान संभालते ही करीब 40 जिलों के कलेक्टर बदले थे.  35 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव बाद एक दर्जन से ज्यादा जिलों के एसपी-कलेक्टर बदले जाने की संभावना है. इसमें उन अफसरों को फिर से कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक बनाया जा सकता है, जिन्हें चुनाव आयोग ने हटा दिया था.

पसंद आया नए भारत के निर्माण का रोड मैप

 विपक्ष के नकारात्मक अभियान के कारण बढ़ा मतदान प्रतिशत

 प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खींचे गए नए भारत के निर्माण के खाके को न केवल ठीक से समझा है, बल्कि वह उसके समर्थन में आगे भी आ रही है. यही वजह है कि नव मतदाताओं के साथ समाज के हर वर्ग के लोग अपना वोट देने बाहर निकले हैं, जिसके चलते प्रदेश में मतदान प्रतिशत में 10 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है.
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेशसिंह ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में गत चुनाव की अपेक्षा 10 प्रतिशत की वृद्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही. उन्होंने कहा कि  पूरे देश से जो एक्जिट पोल के नतीजे आ रहे हैं वह भी भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बना रहे हैं. हमारा विश्वास है कि भाजपा 300 से अधिक और एनडीए साढ़े तीन सौ अधिक सीटें जीत कर एक मजबूत सरकार बनाएगा. मध्यप्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी पिछली बार से अधिक सीटें लाकर जबरदस्त प्रदर्शन करने जा रही है. 
प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने कहा कि पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की सरकार ने भारत को एक सुरक्षित, स्वाभिमानी, स्वच्छ और स्वाबलंबी देश बनाने के लिए वास्तविक प्रयास किए हैं और इन प्रयासों के नतीजे देश की जनता ने देखे भी हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री  मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष  अमित शाह और अन्य नेताओं ने अपनी सभाओं के माध्यम से युवा मतदाताओं में एक नए भारत के उदय, एक सुरक्षित, स्वाभिमानी और विकसित भारत के निर्माण की जो आस जगाई, वो आज के युवा मतदाताओं की सोच से मेल खाती है. यही वजह रही कि नव मतदाताओं, युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया.  सिंह ने कहा कि मतदान बढ़ने की एक और वजह कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों का नकारात्मक चुनाव अभियान भी रहा, जिसके जरिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया. मतदाताओं ने विपक्ष के इस अभियान को राष्ट्रवाद के प्रति अपराध के तौर पर देखा और अपने वोट से विपक्षी दलों को सबक सिखाने का प्रयास किया है.
कानून व्यवस्था को आईना दिखा रहे कांग्रेसी
प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राकेश सिंह ने इंदौर के सांवेर में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या को लेकर कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को कांग्रेस के नेता आईना दिखा रहे हैं. कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को अपनी जेब में रख लिया है. आचार संहिता लगी होने के बाद भी कांग्रेस के नेताओं के हौसले इतने बुंलद हैं कि वे दिन-दहाड़े भाजपा को वोट देने वाले मतदाता का खून कर देते हैं. ये घटना बेहद निंदनीय है और इस तरह की घटनाओं की भाजपा निंदा करती है. सिंह ने कहा है कि यदि शीघ्र अपराधियों को पकड़कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो हम सरकार को चैन से नहीं रहने देंगे.




रविवार, 19 मई 2019

हाथ नहीं, हौंसले भी कम नहीं



मध्यप्रदेश में आज मतदान के दौरान कई तरह के नजारे दिखाई दिए. दिव्यांगों ने उत्साह दिखाया और हौंसले के साथ मतदान केन्द्र पहुंचे.
मध्यप्रदेश के रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में मतदान के दौरान युवाओं और विकलांगों का उत्साह खासा नजर आया. रतलाम जिले के  आलोट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता गोपाल सिंह ने अपने दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद पैरों से मतदान कर इस बात को साबित किया कि हाथ भले ही न हो लेकिन इंसान के हौसले भी कम नहीं होना चाहिए. उज्जैन संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले  आलोट विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 231 तालोद के मतदाता गोपाल सिंह ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और पैरों से बटन दबाकर अपना मत दिया.
पहले पिता को दी मुखाग्नि, फिर किया मतदान
मध्यप्रदेश के बड़वानी में एक बेटे ने पहले अपने पिता को मुखाग्नि दी और बाद में पत्नी एवं परिवार के साथ मतदान केन्द्र पहुंचकर मतदान किया. बड़वानी सेंधवा सुदामा कालोनी निवासी तपीराम शिंदे की कल रविवार की रात मौत हो गई, लेकिन परिवार ने अपने बुजुर्ग की मौत के बाद भी मतदान के महत्व को समझा और मतदान कर मिसाल पेश की. गमगीन परिवार ने अपने शोक के बावजूद मतदान केंद्र पर पहुंचकर मृतक के बेटे बहू और पोता पोती ने मतदान किया. 
आंखो से दिव्यांग रामकन्या ने किया मतदान  
  मध्यप्रदेश के लोकसभा संसदीय क्षेत्र मंदसौर के नीमच जिले के ग्राम जवासा में आज 69 वर्षीय नेत्रों से दिव्यांग ने अपने मताधिकार का उपयोग कर खुशी जताई.  69 वर्षीय दोनों नेत्रों से दिव्यांग रामकन्या राठौर ने शा.प्रा.वि. जवासा मतदान केंद्र क्रं. 160 पर जाकर, अपने मताधिकार का प्रयोग किया.  सहयोगी के रूप में फकीरचंद ने इनका मतदान में सहयोग किया.   इसी तरह 63 वर्षीय दिव्यांग रामेश्वर धनगर निवासी बोरखेडी पानेरी ने एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद व्हील चेयर द्वारा सुगमतापूर्वक मतदान केंद्र क्र.167 पर जाकर, अपने मताधिकार का प्रयोग किया. 
पारंपरिक वेशभूषा पहनकर किया स्वागत

मध्यप्रदेश के देवास लोकसभा संसदीय क्षेत्र के शाजापुर में आदर्श मतदान केन्द्रों युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मतदान के लिए पहुंचे मतदाताओं का स्वागत किया.  मतदान केन्द्र क्रमांक 160 एवं 161 मतदाताओं का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया. इस आदर्श मतदान केन्द्र की साज-सज्जा प्रबंधक  संदीप राजपूत के मार्गदर्शन में प्रियंका चौहान, कृतिका तिवारी, आरती यादव, मेघा चौहान और दिव्या आर्य द्वारा रंगोली सजाई गई. इसी तरह पारंपरिक आकर्षक वस्त्र धारण कर प्रियंका मालवीय, नेहा कुंभकार, सोनम परमार, आरती प्रजापत, माधुरी परमार एवं साधना प्रजापत ने मतदान करने आ रहे मतदाताओं का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया. 

प्रजातंत्र के महायज्ञ में मतदाता ने दी पूर्णआहूति

मालवा-निमाड़ की 8 सीटों पर संपन्न हुआ मतदान

मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए आज हुए चौथे चरण के मतदान के साथ प्रदेश के सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में प्रजातंत्र के महायज्ञ में मतदाताओं ने मतों की पूर्णआहूति दे दी. राज्य में तीन चरणों की तरह आज हुआ मतदान भी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ. इस दौरान युवाओं, दिव्यांगों के अलावा सामाजिक संस्थाओं का उत्साह भी खासा नजर आया. 
राज्य में आज इंदौर, धार, मंदसौर, रतलाम-झाबुआ, उज्जैन, देवास, खरगौन और खण्डवा संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ.  2014 के लोकसभा चुनाव में ये सभी सीटों पर भाजपा को विजय हासिल हुई थी, इसके बाद उपचुनाव में कांग्रेस ने रतलाम-झाबुआ सीट पर जीत हासिल कर ली थी. इस बार कांग्रेस ने इस अंचल में 2009 के परिणामों को दोहराने की रणनीति पर चुनाव प्रचार में जोर लगाया और मतदाता को आकर्षित करने का प्रयास किया. 2009 में कांग्रेस के पक्ष में इस अंचल की 6 सीटें थी.
प्रदेश में चार चरणों में मतदान कराया गया, पहले चरण में हुए 6 लोकसभा क्षेत्रों के मतदान का प्रतिशत 74.88 था. जबकि दूसरे चरण के लिए 7 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां का प्रतिशत 69.18 रहा था. इसी तरह तीसरे चरण में राज्य के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ जहां का प्रतिशत 65.24 रहा था. तीनों चरणों के मतदान के दौरान युवाओं और दिव्यांगों के अलावा बुर्जुगों ने खासा उत्साह दिखाया था. उसी तरह का उत्साह आज भी मतदान के दौरान देखने को मिला.  आठों संसदीय क्षेत्रों में माकपोल के दौरान कुछ स्थानों पर ईव्हीएम खराब होने की खबरें भी आई, इसके अलावा कुछ मतदान केन्द्रों पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़पें भी हुई तो कुछ मतदान केन्द्रों पर बहिष्कार भी हुआ, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सभी को समझाइश दी और मतदान सुचारु रुप से कराया. मतदान में अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की गई मतदान केन्द्रों पर व्यवस्था को भी मतदाताओं ने सराहा.
भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट
मध्यप्रदेश के पेटलावद जनपद के ग्राम उमरकोट मतदान केंद्र से भाजपा-कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की स्थिति भी निर्मित हुई. खबर है कि मतदान के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों दलों के बीच लाठी-डंडे भी चले. इसके चलते कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस प्रशासन ने हालात को काबू में कर फिर से मतदान शुरू कराया. दरअसल मामला पेटलावद जनपद के ग्राम उमरकोट के मतदान केंद्र का है. जहां मतदान शुरू होने के बाद भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर बीच लाठी और डंडे बरसाने लगे.

शुक्रवार, 17 मई 2019

भाजपा प्रवक्ता ने महात्मा गांधी को बताया पाकिस्तान का राष्ट्रपिता

लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा दिए जाने वाले बयानों का सिलसिला थम नहीं रहा है. भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह द्वारा नाथूराम गोडसे को लेकर दिए बयान के बाद अब भाजपा के प्रवक्ता ने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपति बताया है. हालांकि भाजपा प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया है कि यह उनके अपने निजी विचार है, पार्टी का उससे कोई लेना-देना  नहीं है. मामले को भाजपा ने गंभीरता से लिया और सौमित्र को सभी पदों सहित पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है.
भोपाल लोकसभा क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने वाला बयान गुरुवार को दिया गया था, मामले ने जब तूल पकड़ा और भाजपा ने उनके इस बयान से किनारा किया तो प्रज्ञा ने अपने बयान पर माफी मांगी. प्रज्ञा सिंह के बाद अब भाजपा प्रवक्ता अनिल सौमित्र ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट कर विवाद खड़ा कर दिया है.  सौमित्र ने महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी की है. सौमित्र ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बता दिया. साथ ही उन्होंने लिखा कि भारत में उनके जैसे करोड़ों पुत्र हुए, कुछ लायक तो कुछ नालायक.उन्होंने अपने पोस्ट में महात्मा गांधी का नाम नहीं लिखा लेकिन उनका इशारा साफ था.  हालांकि भाजपा नेता ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से यह भी कहा कि ये उनके निजी विचार हैं और इनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है.
भाजपा ने किया प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
भाजपा प्रवक्ता अनिल सौमित्र की इस पोस्ट को भाजपा ने गंभीरता से लिया. दोपहर तक जब इस मामले को लेकर भाजपा घिरती नजर आई तो संगठन ने अनिल सौमित्र के इन विचारों पर अपनी असहमति जताई. इसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने नाराजगी जताई और सौमित्र को भाजपा के सभी पदों के साथ भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से ही निलंबित कर दिया है. साथ ही सौमित्र से 7 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है, स्पष्टीकरण न देने पर उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया है.