मालवा-निमाड़ की 8 सीटों पर संपन्न हुआ मतदानमध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए आज हुए चौथे चरण के मतदान के साथ प्रदेश के सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में प्रजातंत्र के महायज्ञ में मतदाताओं ने मतों की पूर्णआहूति दे दी. राज्य में तीन चरणों की तरह आज हुआ मतदान भी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ. इस दौरान युवाओं, दिव्यांगों के अलावा सामाजिक संस्थाओं का उत्साह भी खासा नजर आया.
राज्य में आज इंदौर, धार, मंदसौर, रतलाम-झाबुआ, उज्जैन, देवास, खरगौन और खण्डवा संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ. 2014 के लोकसभा चुनाव में ये सभी सीटों पर भाजपा को विजय हासिल हुई थी, इसके बाद उपचुनाव में कांग्रेस ने रतलाम-झाबुआ सीट पर जीत हासिल कर ली थी. इस बार कांग्रेस ने इस अंचल में 2009 के परिणामों को दोहराने की रणनीति पर चुनाव प्रचार में जोर लगाया और मतदाता को आकर्षित करने का प्रयास किया. 2009 में कांग्रेस के पक्ष में इस अंचल की 6 सीटें थी.
प्रदेश में चार चरणों में मतदान कराया गया, पहले चरण में हुए 6 लोकसभा क्षेत्रों के मतदान का प्रतिशत 74.88 था. जबकि दूसरे चरण के लिए 7 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां का प्रतिशत 69.18 रहा था. इसी तरह तीसरे चरण में राज्य के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ जहां का प्रतिशत 65.24 रहा था. तीनों चरणों के मतदान के दौरान युवाओं और दिव्यांगों के अलावा बुर्जुगों ने खासा उत्साह दिखाया था. उसी तरह का उत्साह आज भी मतदान के दौरान देखने को मिला. आठों संसदीय क्षेत्रों में माकपोल के दौरान कुछ स्थानों पर ईव्हीएम खराब होने की खबरें भी आई, इसके अलावा कुछ मतदान केन्द्रों पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़पें भी हुई तो कुछ मतदान केन्द्रों पर बहिष्कार भी हुआ, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सभी को समझाइश दी और मतदान सुचारु रुप से कराया. मतदान में अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की गई मतदान केन्द्रों पर व्यवस्था को भी मतदाताओं ने सराहा.
भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट
मध्यप्रदेश के पेटलावद जनपद के ग्राम उमरकोट मतदान केंद्र से भाजपा-कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की स्थिति भी निर्मित हुई. खबर है कि मतदान के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों दलों के बीच लाठी-डंडे भी चले. इसके चलते कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस प्रशासन ने हालात को काबू में कर फिर से मतदान शुरू कराया. दरअसल मामला पेटलावद जनपद के ग्राम उमरकोट के मतदान केंद्र का है. जहां मतदान शुरू होने के बाद भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर बीच लाठी और डंडे बरसाने लगे.
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