प्रदेश में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक बार फिर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले का दौर शुरु होगा. तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ कही हरी झंडी मिल चुकी है.राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के कारण कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के तबादले रुक गए थे. अब फिर से थोकबंद तबादलों का दौर शुरु होगा. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 25 मई से लेकर विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले तक जरूरी तबादले करने की सहमति दे दी है. साथ ही जो विभाग आचार संहिता लागू होने की वजह से तबादला आदेश नहीं निकाल पाए थे, वे तबादले कर सकेंगे. लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आ रहे हैं और उसी दिन आदर्श आचार संहिता हट जाएगी. इसके बाद सरकारी विभाग तबादला आदेश जारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे. मंत्रालयीन सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में सभी विभागों को सूचित कर दिया है कि सिर्फ जरूरी तबादले आदेश ही जारी किए जाएं. सरकार पहले की तरह अधिक संख्या में तबादला आदेश जारी करने से परहेज करने को कहा है. हालांकि जो विभाग पूर्व में तबादले नहीं कर पाए, वे तबादला कर सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सत्ता की कमान संभालते ही करीब 40 जिलों के कलेक्टर बदले थे. 35 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव बाद एक दर्जन से ज्यादा जिलों के एसपी-कलेक्टर बदले जाने की संभावना है. इसमें उन अफसरों को फिर से कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक बनाया जा सकता है, जिन्हें चुनाव आयोग ने हटा दिया था.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें