गुरुवार, 20 जून 2013

भाजपा-कांग्रेस की ताकत का आकलन कर रहे बरैया

 चुनाव के एक माह पूर्व खुलासा करेंगे अपनी रणनीति का

बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया इन दिनों प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में अपने समर्थकों में जागृति लाने सभाएं कर रहे हैं इस दौरान वे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की ताकत का आकलन भी कर रहे हैं अब तक आधे से ज्यादा प्रदेश में बड़ी सभाएं कर उन्होंने यह आकलन किया है कि प्रदेश में इस वर्ष होने वाले चुनाव में दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा, ऐसे में छोटे दलों विशेषकर उनके दल की भूमिका सरकार बनाने में अह्म रहेगी़
बहुजन संघर्ष दल के फूल सिंह बरैया ने लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि इन दिनों वे प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर बड़ी सभाएं कर रहे हैं इन सभाओं के जरिए वे अपने समर्थकों में जागृति लाने का काम कर रहे हैं इसके साथ ही यह संदेश भी दे रहे हैं कि अब बहुजन समाज पार्टी और भाजपा दोनों ही दलों से नाता तोड़कर उन्होंने अपना अलग दल बहुजन संघर्ष दल बना लिया है़ इस दल के साथ वे अपने पुराने मतदाता को जोड़ने का काम कर रहे है बरैया सभाओं में जागृति लाने के लिए मतदाता विशेषकर उनके वोट बैंक को ‘उठो, सो मत जाना, अपनी पार्टी बनाकर आपके पास आया हूं’ का नारा लगा रहे हैं उन्होंने बताया कि वे अब तक प्रदेश के आधे से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सभाएं ले चुकें हैं इस दौरान उन्होंने अपने दल के लिए दमदार याने विजय हासिल करने वाले प्रत्याशियों का सर्वे भी खुद किया है़ वे इस बार चुनाव में खुद यह फैसला करेंगे कि कहां पर कौन व्यक्ति उनके दल से प्रत्याशी होगा़ उन्होंने बताया कि यह जरुरी नहीं कि वे पूरे 230 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी खड़े करें, उनका लक्ष्य यह है कि उनके दल का प्रत्याशी विजयी होने की ताकत रखे़ इस लिहाज से वे उन्हें स्थानों पर अपनी ताकत लगाएंगे जहां वे मजबूत होंगे़ श्री बरैया ने कहा कि सभाओं के दौरान वे भाजपा और कांगे्रस दोनों ही दलों की स्थिति का भी आकलन कर रहे हैं अभी तक जो उन्होंने पाया है उस लिहाज से यह स्पष्ट है कि प्रदेश में इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाएगा़ उन्होंने कहा कि  प्रदेश में अगली सरकार बिना उनके सहयोग के नहीं बनेगी़ श्री बरैया ने कहा कि वे अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा चुनाव के एक माह पूर्व ही करेंगे़
आदिवासी सीटों पर कर सकते हैं समझौताबहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि वे आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर फिलहाल ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं उन्होंने कहा कि वहां पर उनके दल की स्थिति मजबूत नजर नहीं आ रही है़ इस कारण वे उन सीटों वाले विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान भी नहीं दे रहे हैं अगर वक्त आया तो वे आदिवासी नेतृत्व करने वाले दलों के साथ समझौता कर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं फिलहाल समझौते की रणनीति नहीं हैं, मगर प्रत्याशी और समय के अनुसार वे यह निर्णय लेंगे़ उन्होंने कहा कि अभी समझौते के बारे में वे कुछ नहीं कहेंगे़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस रणनीति पर काम करते हैं कि अगर छोटे दल समझौता कर मैदान में उतरें तो उनमें फूट किस तरह डाली जाए़

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