सोमवार, 3 जून 2013

खुली चिकित्सकों की पोल

प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य महकमा  नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का कितना भी प्रयास करें, मगर राज्य के चिकित्सक वरिष्ठों की अनदेखी करने से नहीं चूकते हैं सरकार के आदेशों का पालन न करते हुए अब भी चिकित्सक मरीजों को नि:शुल्क दवा देने के बजाय उन्हें बाजार से दवा खरीदने के लिए मजबूर करते हैं.
यह मामला स्वास्थ्य विभाग के सामने तब आया जब बीते महीनों स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी देकर निरीक्षण करने को कहा गया़ निरीक्षण का परिणाम यह निकला की मई माह में डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सकों को दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने, प्रोटोकाल का पालन न करने, नि:शुल्क दवा उपलब्ध न कराकर बाजार की दवा लिखने जैसी लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है़ कुछ चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए हैं़ नोटिस पाने वाले चिकित्सकों की संख्या निलंबित हुए चिकित्सकों से ज्यादा बताई जा रही है़ निरीक्षण करने गए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के अलावा अन्य अधिकारियों के सामने किसी ने शिकायत नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने आंखों से देखा कि किस तरह चिकित्सक सरकारी योजनाओं को पलीता लगा रह हैं. कोई दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहा तो कोई प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहा़ यहां तक की लेबर रुम प्रभारी चिकित्सकों की लापरवाही भी निरीक्षण करने गए अधिकारियों के सामने आई है़ निरीक्षण के बाद मई माह में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा चिकित्सकों पर निलंबन की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने की है़

जो हुए निलंबित

* ग्वालियर जिले में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ़ वाचस्पति शर्मा
* प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिन्नौर, ग्वालियर में पदस्थ डॉ़ श्यामलाल बड़ोदिया़
* मुरार, ग्वालियर में पदस्थ डा़ सुरेन्द्र कुमार वर्मा़
* हस्तिपुर स्वास्थ्य केन्द्र, ग्वालियर में पदस्थ डा़ पवन जैऩ
* सागर में पदस्थ डॉ़ दयाराम़
* ग्वालियर में पदस्थ डॉ़ रेनू चौहाऩ
* मुरार, ग्वालियर में पदस्थ डा़ विपिन गोस्वामी़
* चिकित्सा अधिकारी विदिशा डॉ़ श्रीमती संध्या मौर्य़
* गढ़कोटा, सागर में पदस्थ डॉ़ दुर्गाप्रसाद कोरी़
* कुरवाई, विदिशा में पदस्थ डॉ़ रवीन्द्र कुमार जैऩ
* कुरवाई, विदिशा में पदस्थ डॉ़ एक़े़श्रीवास्तव़
* रहली सागर में पदस्थ डॉ़ मुकेश जैऩ
* सिविल अस्पताल बीना में पदस्थ डॉ़ मंजू कथीरिया़
* टीकाकरण अधिकारी डॉ़ वीक़ेख़रे सागऱ

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