मध्यप्रदेश यात्रा के दौरान जनसंगठनों से मांगेंगे भ्रष्टाचार के मामलेअन्ना हजारे मध्यप्रदेश में अपनी यात्रा के दौरान जहां जनसंगठनों से भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी लेंगे, वहीं वे लोकसभा चुनाव में उनका समर्थन मांगने वालों से एक शपथ पत्र भी लेंगे़ इस शपथ पत्र में प्रत्याशी को जीत के बाद संसद पहुंचने के पूर्व उस क्षेत्र की जनता को इस्तीफा देने की बात कहेंगे, जहां से वे विजय हुए हैं इस शपथ पत्र में प्रत्याशी को यह भी कहना होगा कि अगर संसद में अन्ना के 25 सूत्री कार्यक्रम के तहत वो बात नहीं उठा सका या सरकार से वे बात नहीं मनवा सका जनता उसका इस्तीफा स्वीकार कर ले़
समाजसेवी अन्ना हजारे की जनतंत्र यात्रा का मध्यप्रदेश में 5 चरण 5 जुलाई से शुरु होगा़ इस चरण में वे मध्यप्रदेश के 26 जिलों में यात्रा के दौरान घूमेंगे़ अन्ना के साथ पूर्व जनरल बीक़े़सिंह, जनतंत्र यात्रा के संयोजक विनोद सिंह और जनतंत्र यात्रा स्वागत समिति के प्रदेश संयोजक डा़ सुनीलम उपस्थित रहेंगे़ अन्ना की यात्रा का उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन के 25 कार्यक्रमों को लागू कराने के लिए जन जागरण करना है़ इसके अलावा लोगों से स्वयं जाकर मिलना है़ अन्ना की यात्रा मध्यप्रदेश में रीवा जिले से शुरु होगी, जो पूरी 26 जिलों में 15 दिनों तक चलेगी़ इस यात्रा के दौरान वे अपने 25 सूत्री कार्यक्रम के बारे में लोगों को बताएंगे और उनमें जागरुकता भी लाएंगे़ इसके अलावा भ्रष्टाचार का मुद्दा उनका मुख्य है, साथ ही प्रदेश के किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, युवाओं, छात्रों, सूचना के अधिकार कार्यकर्ताओं एवं भूतपूर्व सैनिकों से वे मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे़ अन्ना हजारे प्रदेश में अपनी यात्रा के दौरान जनसंगठनों के पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर उनसे प्रदेश में हुए भ्रष्टाचारों के बारे में जानकारी लेंगे और इन भ्रष्टाचारों को उठाने के लिए तमाम दस्तावेज भी वे लेंगे़ अन्ना ने जनसंगठनों से अपील भी की है कि वे उनकी यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे तो उन्हें दें ही साथ ही जिस क्षेत्र में वे कार्य कर रहे हैं, उस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति भी वे बताएं
अन्ना अपनी इस यात्रा के दौरान सभी वर्ग के लोगों के बीच पहुंचेंगे और लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानेंगे़ इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ कह दिया है कि लोकसभा चुनाव के लिए जो प्रत्याशी उनका समर्थन चाहते हैं उन्हें उनके 25 सूत्री कार्यक्रम के लिए एक शपथ पत्र उस क्षेत्र की जनता को देना होगा, जिस क्षेत्र से वे चुनाव लड़ने की मंशा रखते हैं़ इस शपथ पत्र में इन कार्यक्रमों को लागू कराने के लिए संसद में दबाव बनाने की बात कहनी होगी, साथ ही जनता को अपना इस्तीफा भी सौंपना होगा़ इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि अगर वह 25 सूत्री कार्यक्रम के लिए संसद में दबाव नहीं बना पाए तो जनता उसका इस्तीफा स्वीकार कर लें़ ऐसे प्रत्याशियों को ही अन्ना की टीम समर्थन करेगी और उसके क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर उस प्रत्याशी को विजयी बनाने का भरसक प्रयास करेगी़
झंडे, बैनर टोपी से स्वागत नहीं जनतंत्र यात्रा स्वागत समिति के प्रदेश संयोजक डा़ सुनीलम ने कहा कि अन्ना की जनतंत्र यात्रा के दौरान स्वागतकर्ताओं से यह साफ कहा जा रहा है कि पार्टीगत झंडे, बैनर और टोपियों से उनका स्वागत नहीं किया जाए़ इसके अलावा राष्ट्रीय झंडे से उनका स्वागत किया जाए तो उचित होगा़ उन्होंने बताया कि अन्ना के स्वागत के लिए सभी जिलों में स्वागत समितियों का गठन किया गया है, इसके अलावा अन्ना की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने वे स्वयं आज भोपाल से सीधी के लिए रवाना हो रहे हैं़ सीधी से वे उन सभी जिलों में जाएंगे, जहां अन्ना की यात्रा होगी़ इस यात्रा के तैयारियों की वे समीक्षा करेंगे़
समाजसेवी अन्ना हजारे की जनतंत्र यात्रा का मध्यप्रदेश में 5 चरण 5 जुलाई से शुरु होगा़ इस चरण में वे मध्यप्रदेश के 26 जिलों में यात्रा के दौरान घूमेंगे़ अन्ना के साथ पूर्व जनरल बीक़े़सिंह, जनतंत्र यात्रा के संयोजक विनोद सिंह और जनतंत्र यात्रा स्वागत समिति के प्रदेश संयोजक डा़ सुनीलम उपस्थित रहेंगे़ अन्ना की यात्रा का उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन के 25 कार्यक्रमों को लागू कराने के लिए जन जागरण करना है़ इसके अलावा लोगों से स्वयं जाकर मिलना है़ अन्ना की यात्रा मध्यप्रदेश में रीवा जिले से शुरु होगी, जो पूरी 26 जिलों में 15 दिनों तक चलेगी़ इस यात्रा के दौरान वे अपने 25 सूत्री कार्यक्रम के बारे में लोगों को बताएंगे और उनमें जागरुकता भी लाएंगे़ इसके अलावा भ्रष्टाचार का मुद्दा उनका मुख्य है, साथ ही प्रदेश के किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, युवाओं, छात्रों, सूचना के अधिकार कार्यकर्ताओं एवं भूतपूर्व सैनिकों से वे मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे़ अन्ना हजारे प्रदेश में अपनी यात्रा के दौरान जनसंगठनों के पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर उनसे प्रदेश में हुए भ्रष्टाचारों के बारे में जानकारी लेंगे और इन भ्रष्टाचारों को उठाने के लिए तमाम दस्तावेज भी वे लेंगे़ अन्ना ने जनसंगठनों से अपील भी की है कि वे उनकी यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे तो उन्हें दें ही साथ ही जिस क्षेत्र में वे कार्य कर रहे हैं, उस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति भी वे बताएं
अन्ना अपनी इस यात्रा के दौरान सभी वर्ग के लोगों के बीच पहुंचेंगे और लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानेंगे़ इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ कह दिया है कि लोकसभा चुनाव के लिए जो प्रत्याशी उनका समर्थन चाहते हैं उन्हें उनके 25 सूत्री कार्यक्रम के लिए एक शपथ पत्र उस क्षेत्र की जनता को देना होगा, जिस क्षेत्र से वे चुनाव लड़ने की मंशा रखते हैं़ इस शपथ पत्र में इन कार्यक्रमों को लागू कराने के लिए संसद में दबाव बनाने की बात कहनी होगी, साथ ही जनता को अपना इस्तीफा भी सौंपना होगा़ इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि अगर वह 25 सूत्री कार्यक्रम के लिए संसद में दबाव नहीं बना पाए तो जनता उसका इस्तीफा स्वीकार कर लें़ ऐसे प्रत्याशियों को ही अन्ना की टीम समर्थन करेगी और उसके क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर उस प्रत्याशी को विजयी बनाने का भरसक प्रयास करेगी़
झंडे, बैनर टोपी से स्वागत नहीं जनतंत्र यात्रा स्वागत समिति के प्रदेश संयोजक डा़ सुनीलम ने कहा कि अन्ना की जनतंत्र यात्रा के दौरान स्वागतकर्ताओं से यह साफ कहा जा रहा है कि पार्टीगत झंडे, बैनर और टोपियों से उनका स्वागत नहीं किया जाए़ इसके अलावा राष्ट्रीय झंडे से उनका स्वागत किया जाए तो उचित होगा़ उन्होंने बताया कि अन्ना के स्वागत के लिए सभी जिलों में स्वागत समितियों का गठन किया गया है, इसके अलावा अन्ना की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने वे स्वयं आज भोपाल से सीधी के लिए रवाना हो रहे हैं़ सीधी से वे उन सभी जिलों में जाएंगे, जहां अन्ना की यात्रा होगी़ इस यात्रा के तैयारियों की वे समीक्षा करेंगे़
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