गुरुवार, 20 जून 2013

अखिलेश के बल पर सीट बढ़Þाने की कोशिश

 सपा अध्यक्ष चुनाव के पूर्व  प्रदेश में उत्तरप्रदेश के नेताओं की कराना चाहते हैं सभाएंसमाजवादी पार्टी प्रदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करिश्माई चेहरे के बल पर मध्यप्रदेश में अपनी सीटें बढ़ाने का प्रयास कर रही है़ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह से मिलकर इस आशय की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं
मध्यप्रदेश विधानसभा के हो रहे इस वर्ष के अंत में चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव हर तरह से यह प्रयास कर रहे हैं कि इस बार सपा की विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा सीटें हों़ इसके लिए उन्होंने जहां छोटे दलों के सहारे तीसरा मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने की कवायद शुरु की है, वहीं वे अब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करिश्माई चेहरे के बल पर प्रदेश के युवा मतदाता को पार्टी की ओर मोड़ना चाहते हैं़ इसके लिए उन्होंने बकायदा कवायद भी शुरु कर दी है़ गौरी यादव ने पिछले दिनों अपने उत्तरप्रदेश प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह से चर्चा कर इस बात के लिए उन्हें मना लिया है कि वे अखिलेश यादव को मध्यप्रदेश में सक्रिय करें इतना ही नहीं मुलायम से उन्होंने एक दर्जन मंत्रियों को भी मध्यप्रदेश में लगातार दौरे कर संगठन और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए कहा है़
श्री यादव की बात पर   मुलायम सिंह ने अपनी सहमति दे दी है, मगर अभी अखिलेश से इस संंबंध में कोई चर्चा नहीं हुई है़ बताया जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष श्री यादव ने स्वयं इस संबंध में अखिलेश से चर्चा न कर इस संबंध में मुलायम सिंह को आगे लाने का प्रयास किया है़ बताया जाता है कि श्री यादव अपने इस कार्यकाल को अच्छा कार्यकाल साबित करने के प्रयास में जुटे हैं़ वे चाहते हैं कि उनके इस कार्यकाल में पार्टी के ज्यादा से ज्यादा विधायक विधानसभा पहुंचे तो संगठन में उनकी स्थिति और मजबूत हो साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने वे ताकतवर दिखें़
सपा के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने कहा कि उनकी मुलाकात पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह से हुई है़ उन्होंने अखिलेश यादव को मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अधिक से अधिक समय देने को कहा है़ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष इस संंबंध में गंभीर है और जल्द ही अखिलेश यादव से चर्चा करेंगे़

दागी अफसर को पीसीसीएफ बनवाने अड़े वन मंत्री सरताज

 शासन को भेजा प्रस्ताव, अफसरों ने रुकवायाराज्य के वन मंत्री सरताज सिंह वन महकमें के दागी अफसर आऱएऩ सक्सेना को पीसीसीएफ वाइल्ड बनाने मामले में अफसर और मंत्री आमने-सामने हो गए हैं़ अफसर नहीं चाहते कि सक्सेना को यह पद मिले, जबकि मंत्री ने शासन को प्रस्ताव भेजकर अपनी मंशा जता दी है़ फिलहाल मामला शासन के पाले में अटक गया है़ मुख्यसचिव और प्रमुख सचिव वन भी मंत्री के फैसले के खिलाफ हैं
वन विभाग के 1978 बैच के अधिकारी आऱएऩसक्सेना की पदोन्नति के मामले में वन मंत्री सरताज सिंह और शासन आमने-सामने हो गया है़ पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के पद पर पीक़े़शुक्ला के स्थान पर वन मंत्री अपने चहेते अफसर आऱएऩसक्सेना को पदोन्नत कर यह कुर्सी दिलाना चाहते हैं उन्होंने इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रमुख सचिव वन के माध्यम से मुख्य सचिव आऱपरशुराम को एक प्रस्ताव भी भेज दिया है, मगर यह प्रस्ताव लेकर गए प्रमुख सचिव खुद इसका विरोध मुख्य सचिव के सामने कर आए़  बताया जाता है कि प्रमुख सचिव वन खुद सक्सेना को पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ नहीं बनाना चाहते हैं उसके पीछे उनका तर्क साफ है कि सक्सेना से वरिष्ठता के आधार पर और भी अफसर हैं, जिन्हें यह मौका दिया जाना चाहिए़ मगर मंत्री सक्सेना को ही यह पद दिलाना चाहते हैं, उन्होंने मुख्य सचिव को भी अपनी मंशा से अवगत करा दिया है़
वन विभाग के अफसर भी इस मामले को लेकर अब लामबंद हो गए हैं इन अफसरों ने भी मुख्य सचिव को  अपनी मंशा से अवगत करा दिया है़ अफसरों ने सक्सेना के लोकायुक्त में चल रहे प्रकरण के बारे में भी शासन को जानकारी दे दी है़ अफसरों द्वारा यह बताया गया है कि सक्सेना जब डीएफओ के पद पर पदस्थ थे, तब वे आर्थिक अनियमितताओं के मामले में फंसे थे और मामला लोकायुक्त गया था जांच के बाद उन पर शासन को कार्यवाही के लिए लिखा गया था, मगर अब तक शासन ने कोई कदम नहीं उठाया़ इसके अलावा सक्सेना द्वारा अपनी पत्नी सुनीता सक्सेना डब्ल्यूडब्ल्यू एफ की छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की प्रमुख को ग्रीन इंडिया मिशन के तहत गलत तरीके से अनुदान देने के मामले में भी फंसे हैं यह मामला भी लोकायुक्त के पास है़
 जल्दबाजी क्यों कर रहे मंत्रीराज्य में इस वर्ष हो रहे विधानसभा के चुनाव को लेकर लगने वाली आचार संहिता को देख मंत्री सरताज सिंह इस मामले को जून माह में ही निपटाना चाहते हैं़ शुक्ला सितम्बर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इस कारण सक्सेना को उनके स्थान पर सक्सेना को पदस्थ कर अपने चहेते अफसर को मंत्री यह पद दिलाना चाहते हैं़ अगर आचार संहिता के पूर्व वे ऐसा नहीं कर पाए तो सक्सेना को यह पद मिलना मुश्किल हैं, क्योंकि उनके रास्ते में उने वरिष्ठ अफसर रोढ़Þा बनेंगे, चुनाव के बाद अगर वन मंत्री हटे तो भी सक्सेना के लिए नुकसान ही होगा़ यही कारण है कि वन मंत्री सरताज सिंह इस मामले को लेकर गंभीर हैं और वे शासन के सामने अड़ गए हैं कि यह मामला जल्द निपटाया जाए, जबकि शासन इस मामले में मंत्री के प्रस्ताव को रोक कर बैठ गया है़

इंतजार जांच रिपोर्ट का, आदिवासी करेंगे विरोध

बैतूल जिले के चिचोली ब्लाक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में  शादी के पूर्व युवतियों के कराए गए कौमार्य और गर्भ परीक्षण के मामले में आदिवासी लामबंद होने लगे हैं इस मामले में 90 आदिवासी युवतियों के साथ कराए गए इस परीक्षण की प्रशासन द्वारा कराई जा रही जांच का उन्हें इंतजार है़ आदिवासी इस जांच रिपोर्ट के बाद सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे़
बैतूल जिले के चिचोली ब्लाक के हर्दू गांव में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुई शादी के दौरान युवतियों के कौमार्य और गर्भ परीक्षण के मामले में आदिवासी लामबंद हो रहे हैं आदिवासियों का नेतृत्व करने वाले संगठन इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा की जा रही जांच का इंतजार कर रहे है आदिवासी श्रमिक संगठन और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस मामले की जांच भी करा रहे हैं दोनों ही संगठनों ने इस मामले को आदिवासी युवतियों का अपमान माना है़ श्रमिक आदिवासी संगठन से जुड़े मंगलासिंग कोरकू का कहना है कि सरकार एक ओर  तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आदिवासी रीति रिवाज के साथ विवाह नहीं कराती है, वहीं इस तरह के परीक्षण कराकर आदिवासी युवतियों का अपमान भी करती है़
समाजवादी जन परिषद के अनुराग मोदी ने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश भले ही जिला कलेक्टर ने दिए हैं, मगर यह केवल औपचारिकता का निर्वाह करने जैसा है़ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के दौरान आदिवासी युवतियों का कौमार्य और गर्भ परीक्षण का कार्य कलेक्टर की मंजूरी के नहीं हो सकता है़ उन्होंने इस घटना में ना सिर्फ जिले के आला अफसरों पर कार्यवाही की मांग की है, बल्कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भी यह मांग कर डाली है कि वे आदिवासी समाज से इस मामले में माफी मांगे़
 गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुलजार सिंह   मरकाम ने इस मामले को आदिवासी समाज का अपमान बताया है़ उन्होंने कहा कि इस तरह का परीक्षण आदिवासी युवतियों का अपमान है़ इस योजना के तहत आदिवासी परंपरा के अनुसार विवाह भी नहीं होता है़ जब तक आदिवासी अपनी परंपरा के अनुरुप विवाह नहीं करता, तब तक उसका विवाह होना नहीं माना जाता है़ उन्होंने कहा कि हमने बैतूल जिला इकाई को इस मामले की वास्तविकता जानने को कहा है़ हम अपने स्तर से समाज के लोगों से जांच कराकर फिर अगला कदम उठाएंगे़ हमारा कदम जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ होगा, फिलहाल हम मामले में सरकार द्वारा कराई जा रही जांच का इंतजार कर रहे हैं

भाजपा-कांग्रेस की ताकत का आकलन कर रहे बरैया

 चुनाव के एक माह पूर्व खुलासा करेंगे अपनी रणनीति का

बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया इन दिनों प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में अपने समर्थकों में जागृति लाने सभाएं कर रहे हैं इस दौरान वे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की ताकत का आकलन भी कर रहे हैं अब तक आधे से ज्यादा प्रदेश में बड़ी सभाएं कर उन्होंने यह आकलन किया है कि प्रदेश में इस वर्ष होने वाले चुनाव में दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा, ऐसे में छोटे दलों विशेषकर उनके दल की भूमिका सरकार बनाने में अह्म रहेगी़
बहुजन संघर्ष दल के फूल सिंह बरैया ने लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि इन दिनों वे प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर बड़ी सभाएं कर रहे हैं इन सभाओं के जरिए वे अपने समर्थकों में जागृति लाने का काम कर रहे हैं इसके साथ ही यह संदेश भी दे रहे हैं कि अब बहुजन समाज पार्टी और भाजपा दोनों ही दलों से नाता तोड़कर उन्होंने अपना अलग दल बहुजन संघर्ष दल बना लिया है़ इस दल के साथ वे अपने पुराने मतदाता को जोड़ने का काम कर रहे है बरैया सभाओं में जागृति लाने के लिए मतदाता विशेषकर उनके वोट बैंक को ‘उठो, सो मत जाना, अपनी पार्टी बनाकर आपके पास आया हूं’ का नारा लगा रहे हैं उन्होंने बताया कि वे अब तक प्रदेश के आधे से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सभाएं ले चुकें हैं इस दौरान उन्होंने अपने दल के लिए दमदार याने विजय हासिल करने वाले प्रत्याशियों का सर्वे भी खुद किया है़ वे इस बार चुनाव में खुद यह फैसला करेंगे कि कहां पर कौन व्यक्ति उनके दल से प्रत्याशी होगा़ उन्होंने बताया कि यह जरुरी नहीं कि वे पूरे 230 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी खड़े करें, उनका लक्ष्य यह है कि उनके दल का प्रत्याशी विजयी होने की ताकत रखे़ इस लिहाज से वे उन्हें स्थानों पर अपनी ताकत लगाएंगे जहां वे मजबूत होंगे़ श्री बरैया ने कहा कि सभाओं के दौरान वे भाजपा और कांगे्रस दोनों ही दलों की स्थिति का भी आकलन कर रहे हैं अभी तक जो उन्होंने पाया है उस लिहाज से यह स्पष्ट है कि प्रदेश में इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाएगा़ उन्होंने कहा कि  प्रदेश में अगली सरकार बिना उनके सहयोग के नहीं बनेगी़ श्री बरैया ने कहा कि वे अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा चुनाव के एक माह पूर्व ही करेंगे़
आदिवासी सीटों पर कर सकते हैं समझौताबहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि वे आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर फिलहाल ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं उन्होंने कहा कि वहां पर उनके दल की स्थिति मजबूत नजर नहीं आ रही है़ इस कारण वे उन सीटों वाले विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान भी नहीं दे रहे हैं अगर वक्त आया तो वे आदिवासी नेतृत्व करने वाले दलों के साथ समझौता कर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं फिलहाल समझौते की रणनीति नहीं हैं, मगर प्रत्याशी और समय के अनुसार वे यह निर्णय लेंगे़ उन्होंने कहा कि अभी समझौते के बारे में वे कुछ नहीं कहेंगे़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस रणनीति पर काम करते हैं कि अगर छोटे दल समझौता कर मैदान में उतरें तो उनमें फूट किस तरह डाली जाए़

सोमवार, 3 जून 2013

असंतुष्ट और उपेक्षितों को मनाएगी भाजपा

मनाने का काम शुरु किया मुख्यमंत्री शिवराज ने

भारतीय जनता पार्टी, संगठन में असंतुष्टों एवं उपेक्षितों को मनाने का काम शुरु कर रही है़ इस काम की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान स्वयं ने कर दी है़ उन्होंने पहले बीते दो चुनावों में पार्टी को विजय दिलाने का काम करने वाले अनिल माधव दबे और फिर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में अह्म भूमिका निर्वाह करने वाली उमा भारती को उनके घर जाकर मनाने प्रयास किया है़
भारतीय जनता पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में जहां विधायकों एवं मंत्रियों के कारण पार्टी की कमजोर होती स्थिति को देखते हुए संगठन विधायकों पर कसावट कर रहा था, वहीं असंतुष्ट और उपेक्षितों के कारण उनके क्षेत्र में पार्टी को होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए उन्हें मनाने का जिम्मा भी संगठन ने लिया है़ बताया जाता है कि भाजपा के करीब 30 वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो सरकार या संगठन से उपेक्षित या फिर असंतुष्ट हैं. इन सभी के अपने-अपने कारण भी है़ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन के बीच हुई चर्चा के बाद इन असंतुष्टों और उपेक्षित नेताओं को मनाने के लिए संगठन ने नीति तय की़ इसके बाद इस नीति पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्वयं ही काम शुरु कर दिया़ उन्होंने इस काम की शुरुआत सबसे पहले 2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रबंधन की कमान संभाल चुके अनिल माधव दबे के निवास पर पहुंचकर उन्हें मनाकर की़ दबे, प्रभात झा के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से एक तरह से अपने को उपेक्षित से मान रहे थे़ उन्होंने पार्टी कार्यालय दीनदयाल परिसर ने एक तरह से अपना नाता तोड़ सा लिया था़ इसके बाद जब प्रदेश में नरेन्द्र सिंह तोमर को पुन: अध्यक्ष की कमान मिली तो उन्होंने चुनावी वर्ष को देखते हुए इस काम की शुरुआत की कि पार्टी के उपेक्षित नेताओं को मनाकर संगठित किया जाए़ अनिल माधव दबे को मुख्यमंत्री ने मनाकर उन्हें एक बार फिर इस वर्ष होने वाले चुनाव प्रबंधन की कमान सौंप दी़ इसके बाद उन्होंने रविवार को टीकमगढ़ में अटल ज्योति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती कार्यक्रम के अध्यक्ष के रुप में उपस्थित कराया़ इसके अलावा वे उनके निवास पर भी पहुंचे और करीब 45 मिनट उनसे चर्चा भी की़ इस चर्चा के कई मायने निकाले जा रहे हैं, मगर यह कहा था रहा है कि लंबे समय से जो बात बार-बार उठ रही थी कि उमा भारती की भाजपा में वापसी के बाद से उन्हें अपने प्रदेश में महत्व नहीं मिल रहा है़ इस बात को मुख्यमंत्री ने विराम देने का प्रयास किया है़
इन दोनों नेताओं के यहां पहुंचकर उन्हें मनाने और चुनावी साल होने के नाते सक्रिय करने की मंशा भी मुख्यमंत्री ने जताई़ इसके अलावा हाल ही में ग्वालियर में तीन दिनों तक पालक-संयोजक सम्मेलन का आयोजन कर मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में चल रहे नेताओं के बीच अंतर्विरोध को रोकने का काम किया है़ वहां पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, कप्तानसिंह सोलंकी के अलावा  चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास भी उन्होंने किया है़ इसके अलावा अपने ही काबीना के एक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को यह संदेश भी दे दिया कि भाजपा के बड़े आयोजन केवल इंदौर में ही ठीक ढंग से नहीं हो सकते हैं, ये कार्यक्रम दूसरे शहरों में भी किए जा सकते हैं


भाजपा के प्रचार का माध्यम बनेगा उमा का अभिनंदन

प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती का सागर में नागरिक अभिनंदन 12 जून की शाम को किया जाना तय हो गया है़ इस अभिनंदन समारोह के आयोजक उमा समर्थक मुकेश जैन ढाना हैं उन्होंने उमा भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के बाद उनके नागरिक अभिनंदन करने की बात कही, जिसे उमा भारती ने स्वीकार भी कर लिया़ यह अभिनंदन समारोह कई संदेश देगा़ इस समारोह में जहां मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जो भाजपा के लिए बुंदेलखंड की कमजोर सीटों पर ताकत भी देगी़ वहीं उमा के भाजपा में आने के बाद से उन्हें प्रदेश से दूर रहने की विवशता को भी समाप्त करेगी़ उमा समर्थक मुकेश जैन ढाना इस समारोह को सागर जिला भाजपा के साथ करके यह संदेश दिलवाना चाहते हैं कि उमा भारती और भाजपा का नाता जैसे पूर्व था, वैसे ही अब भी है़

खुली चिकित्सकों की पोल

प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य महकमा  नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का कितना भी प्रयास करें, मगर राज्य के चिकित्सक वरिष्ठों की अनदेखी करने से नहीं चूकते हैं सरकार के आदेशों का पालन न करते हुए अब भी चिकित्सक मरीजों को नि:शुल्क दवा देने के बजाय उन्हें बाजार से दवा खरीदने के लिए मजबूर करते हैं.
यह मामला स्वास्थ्य विभाग के सामने तब आया जब बीते महीनों स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी देकर निरीक्षण करने को कहा गया़ निरीक्षण का परिणाम यह निकला की मई माह में डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सकों को दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने, प्रोटोकाल का पालन न करने, नि:शुल्क दवा उपलब्ध न कराकर बाजार की दवा लिखने जैसी लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है़ कुछ चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए हैं़ नोटिस पाने वाले चिकित्सकों की संख्या निलंबित हुए चिकित्सकों से ज्यादा बताई जा रही है़ निरीक्षण करने गए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के अलावा अन्य अधिकारियों के सामने किसी ने शिकायत नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने आंखों से देखा कि किस तरह चिकित्सक सरकारी योजनाओं को पलीता लगा रह हैं. कोई दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहा तो कोई प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहा़ यहां तक की लेबर रुम प्रभारी चिकित्सकों की लापरवाही भी निरीक्षण करने गए अधिकारियों के सामने आई है़ निरीक्षण के बाद मई माह में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा चिकित्सकों पर निलंबन की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने की है़

जो हुए निलंबित

* ग्वालियर जिले में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ़ वाचस्पति शर्मा
* प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिन्नौर, ग्वालियर में पदस्थ डॉ़ श्यामलाल बड़ोदिया़
* मुरार, ग्वालियर में पदस्थ डा़ सुरेन्द्र कुमार वर्मा़
* हस्तिपुर स्वास्थ्य केन्द्र, ग्वालियर में पदस्थ डा़ पवन जैऩ
* सागर में पदस्थ डॉ़ दयाराम़
* ग्वालियर में पदस्थ डॉ़ रेनू चौहाऩ
* मुरार, ग्वालियर में पदस्थ डा़ विपिन गोस्वामी़
* चिकित्सा अधिकारी विदिशा डॉ़ श्रीमती संध्या मौर्य़
* गढ़कोटा, सागर में पदस्थ डॉ़ दुर्गाप्रसाद कोरी़
* कुरवाई, विदिशा में पदस्थ डॉ़ रवीन्द्र कुमार जैऩ
* कुरवाई, विदिशा में पदस्थ डॉ़ एक़े़श्रीवास्तव़
* रहली सागर में पदस्थ डॉ़ मुकेश जैऩ
* सिविल अस्पताल बीना में पदस्थ डॉ़ मंजू कथीरिया़
* टीकाकरण अधिकारी डॉ़ वीक़ेख़रे सागऱ

योजनाओं का बखान करेगी ‘खिड़की मेहंदी वाली’

बीबीसी के रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण होगा आकाशवाणी और सामुदायिक रेडियो केन्द्र पर
राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग अब बीबीसी के रेडियो कार्यक्रम ‘खिड़की मेहंदी वाली’ के माध्यम से सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा और बेटी बचाओ, घरेलू हिंसा जैसी योजनाओं की जानकारी बालिकाओं एवं महिलाओं को देगा़ इस कार्यक्रम शिक्षा विभाग आकाशवाणी एवं सामुदायिक रेडियो केन्द्रों पर 3 जून से सप्ताह में तीन दिनों तक कराएगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र ने सभी जिला परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छात्राओं को यह कार्यक्रम सुनवाने की व्यवस्था करे, ताकि वे अपने घर-परिवार वालों को भी इस कार्यक्रम के प्रसारण को सुनने के लिए उत्सुक हों़
राज्य शिक्षा केन्द्र ने हाल ही में राज्य के सभी जिला समन्वयकों को आदेश जारी कर कहा है कि वे अपने जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं बालिका छात्रावास की बालिकाओं को बीबीसी के द्वारा बालिकाओं और महिलाओं पर केन्द्रित रेडियो कार्यक्रम ‘खिड़की मेहंदी वाली’ के प्रसारण को सुनवाने की व्यवस्था करें़ इतना ही नहीं बालिकाओं को इसके बारे में जानकारी दें, ताकि वे अपने घर-परिवार वालों को भी इससे अवगत कराएं और उन्हें यह कार्यक्रम सुनने लिए प्रेरित करें़ यह आदेश राज्य शिक्षा केन्द्र की आयुक्त रश्मि अरुण शमी ने जारी किए हैं़
बीबीसी के इस कार्यक्रम का प्रसारण अब राज्य शिक्षा केन्द्र बालिकाओं के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रहा है़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंंचाने का एक माध्यम यह भी निकाला है, जिसका स्कूल शिक्षा विभाग राज्य शिक्षा केन्द्र के माध्यम से पूरा करने जा रहा है़ इस कार्यक्रम का प्रसारण 3 जून से सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार की शाम 6.35 से 6.50 बजे तक किया जाएगा़ इसका पुन: प्रसारण भी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार की दोपहर को 1.15 से 1.30 बजे तक होगा़

प्रदेश की सामाजिक पृष्ठभूमि पर है कार्यक्रम

बीबीसी के कार्यक्रम ‘खिड़की मेहंदी वाली’ मध्यप्रदेश की सामाजिक पृष्ठभूमि को आधार बनाकर गढ़ा गया है़ इनकी भाषा और शैली मध्यप्रदेश के जनमानस को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई है़ कार्यक्रम में डा़अनीता एक महत्वपूर्ण पात्र है, जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख व्यवहारों पर जानकारी प्रदान करता है़   इस कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े प्राथमिक व्यवहारों की जानकारी देने के साथ-साथ सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ने का प्रयास किया गया है़ कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की बेहतरी से संबंधित प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं को भी समुचित स्थान दिया गया है़