बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

कांग्रेसी कभी मुझे एक्टर, कभी नंगा भूखा कहते हैं, ये घटिया मानसिकता है


मध्यप्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज, सिंह चैहान ने आज कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कभी मुझे एक्टर कहते हैं, कभी मुझे नंगा भूखा कहते हैं, कभी कहते हैं लेट जाता हूं। अब मैं क्या करूं, ये कांग्रेस की घटिया मानसिकता है, जो व्यक्तिगत आरोप लगाते हैं।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने यह बात आज राजधानी के मिंटो हाल में  गैर उपचुनाव वाले 33 जिलों में 107 ग्रामीण पेयजल कार्यो का भूमिपूजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुझे कभी नंगा भूखा कहती है फिर हिसाब लगाते है कि मेरे पास क्या क्या है। कभी कहते हैं एक्टर कलाकार है, तो कभी कहते हैं जेब में नारियल लेकर घूमता है। कभी कहते है लेट जाता है। अब मैं क्या करूँ। मुझे समझ नही आता की मैं भूखा रहू, नंगा रहू या फिर लेटा रहू। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की घटिया मानसिता है, जो व्यक्तिगत आरोप लगाते हैं।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भूखा नंगा कहने को आम जनता का अपमान बताया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि वे 5 बार में सांसद रहे, 5 बार से विधायक हैं, चार बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने,इसके बावजूद उनकी तुलना सलमान खान, शाहरुख खान से की जा रही है। यह भाषा शैली ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो कुछ किया नहीं और हम कर रहे हैं तो आरोप लगा रहे हैं।
नियम केवल कमलनाथ पर लागू, बाकि पर नहीं
कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने अपनी ही पार्टी के नेताओ के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा  ने उपचुनाव में विवादित बयान को लेकर कहा कि भाषण में शब्दों के चयन का ध्यान रखना चाहिए। गलत बयानबाजी से देश और प्रदेश की छवि दुनिया में खराब होती है। राजनीति में शब्दों का चयन सोच समझकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि  कोविड 19 के प्रोटोकॉल तोड़ने को लेकर हाईकोर्ट के राजनेताओं को दिए निर्देश पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो नियम बनाए है वो केवल कमलनाथ पर क्यों लागू किए जा रहे है। मुख्यमंत्री शिवराज, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की सभाओं में भी भीड़ आ रही है। इनके ऊपर भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए।

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2020

गरीबों को अधिकार और न्याय देना हमारा अधिकार

शिवराज ने कहा कि पता नहंी कांग्रेसी मित्रों को क्या हो गया वे गरीबांे को भूखा नंगा कहते हैं


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि हम भूखे-नंगे हैं, हमने 77 लाख से अधिक किसानों का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सूची में जोड़ा। गरीबों को अधिकार और न्याय देना हमारा धर्म है। इसलिए हम अमीरों से धन लेंगे और गरीबों के कल्याण के काम करेंगे। यही सामाजिक न्याय है।
 मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान ने प्रदेष भाजपा कार्यालय में प्रदेश की 28 विधानसभाओं में चुनाव प्रचार के लिए वीडियो रथ को रवाना कर प़त्रकारांे से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि  हम चुनाव को चुनाव की तरह लेते हैं, लेकिन पता नहीं कांग्रेस के मित्रों को क्या हो गया है। वे गरीबों को भूखा-नंगा कहते हैं।
उन्होंने कहा कि  कमलनाथ  हम नंगे-भूखे हैं क्योंकि हमने किसानों को 0 प्रतिषत ब्याज पर ऋण देना प्रारंभ किया है, हमने किसान सम्मान निधि में प्रदेश की तरफ से  4 हजार रूपए का योगदान दिया है, विद्यार्थियों को लैपटॉप देना प्रारम्भ किया है, कन्यादान की राशि देना पुनः प्रारंभ किया है। हम भूखे-नंगे ही अच्छे हैं, क्योंकि ये भूखे-नंगे गरीबों, किसानों के कल्याण के लिए काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप मुझे भूखा-नंगा कहो लेकिन मैं गरीबों का उत्थान करता रहूंगा, उनको उनका हक दिलवा कर रहूंगा। ईश्वर समदर्शी है, उसने सबको बराबर बनाकर भेजा है। कमलनाथ  आप जैसे लोगों ने गरीबों का हक छीना है। गरीबों का हक दिलवाकर रहूंगा। मध्यप्रदेश के खजाने पर पहला हक गरीबों, किसानों, महिलाओं का है और मैं उन्हें यह देकर रहूंगा। उन्होंने कहा कि कमलनाथ आप उद्योगपति हैं और बड़े आदमी हैं इसलिए सरकारी योजनाओं के लाभ से मध्यप्रदेश की गरीब जनता को वंचित कर दिया था। हम भूखे-नंगे हैं, हमने 77 लाख से अधिक किसानों का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सूची में जोड़ा। गरीबों को अधिकार और न्याय देना हमारा धर्म है। इसलिए हम अमीरों से धन लेंगे और गरीबों के कल्याण के काम करेंगे। यही सामाजिक न्याय है।
चुनाव प्रचार रथों को किया रवाना
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आज प्रदेष भाजपा कार्यालय में कन्यापूजन कर जनप्रतिनिधियों के साथ चुनाव प्रचार रथों को झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, भूपेंद्र सिंह और उनकी टीम को  बधाई देता हूं कि कोरोना काल में जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आपने वीडियो रथ माध्यम का उपयोग करना सुनिश्चित किया है। आपका यह प्रयास भारतीय जनता पार्टी के संदेश को गांव-गांव लेकर जाएगा। ये वीडियो रथ भाजपा के काम को जनता के बीच रखेंगे। प्रत्यक्ष रूप से कोरोना में काल में उतनी सभाएं संभव नहीं हैं। इससे कोरोना के संकट से भी जनता को हम बचा पायेंगे और अपनी बात भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा पाएंगे।
चुनाव प्रचार रथ पर सिंधिया की तस्वीर नहीं
प्रदेष भाजपा कार्यालय से आज जिन चुनाव प्रचार रथों को विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया, उन पर लगे पोस्टरों में ज्योतिरादित्य सिंधिया की फोटो न होना चर्चा का विशय रहा। पोस्टरों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के  राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान और प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा की तस्वीरें ही थी। रथ पर सिंधिया के पोस्टर न होने से कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा हमें शक था चुनाव के बाद सिंधिया को किनारे किया जाएगा, लेकिन भाजपा ने चुनाव से पहले ही किनारे कर दिया. वही कांग्रेस ने सिंधिया को याद दिलाया प्रचलित शेर सम्मान पर आंच आए तो टकराना जरूरी है।
विकास के बजाय भावनात्मक मुददों पर ले जाना चाहते हैं चुनाव
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि  शिवराज सिंह व भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसीलिए वह चुनाव को विकास के मुद्दों की बजाय भावनात्मक मुद्दों पर ले जाना चाहते हैं। एक बयान को भाजपा व शिवराज मुद्दा बनाने का काम कर रहे हैं और चुनाव को उस ओर मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, तो वह यह जान ले प्रदेश की जनता बहुत समझदार है और भाजपा की इस घृणित राजनीति को भलीभांति समझती है व चुनाव में इसका भाजपा को कड़ा जवाब भी देगी। सलूजा ने बताया कि शिवराज सिंह निरंतर कभी अपनी सभाओं में हाथ जोड़ घुटने के बल बैठ जाते हैं, कभी जनता को भगवान और खुद को पुजारी बताने लग जाते है, कभी अन्य किसी भावनात्मक मुद्दों को सामने ले आते हैं, लेकिन वह अपने 15 वर्ष पर ना बात करने को तैयार है और ना हिसाब देने को। 

सही मायनों मंे अब आजाद हुआ है बामौरी

कमलनाथ ने कहा सिंधिया ने एक कालेज नहीं खोलाए जबकि वे कितने स्कूल चलाते हैं


मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला। उन्हांेने कहा कि लोकसभा चुनाव में सिंधिया को हराने के बाद अब सही मायने में बामौरी आजाद हुआ है। सिंधिया ने यहां एक कालेज भी नहीं खोलाए जबकि वे कितने स्कूल चलाते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज बामौरी में कांग्रेस प्रत्याषी कन्हैयालाल अग्रवाल के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व कार्याकाल के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख किया और बताया कि कांग्रेस की सरकार ने 15 माह में कितने और क्या काम किए। उन्होंने कहा कि बमौरी की जनता बिकाऊ नहीं है। देश में लोग कहते हैं मध्यप्रदेष की राजनीति बिकाऊ है। सौदेबाजी कर देश भर में मध्यप्रदेष को बदनाम कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कि 2018 में शिवराज सरकार को जनता ने घर बैठा दिया था। मध्यप्रदेश को शिवराज सरकार ने 15 साल में भ्रष्टाचार में नंबर 1ए महिला अत्याचार में नंबर 1 दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  बमौरी अब सही मायने में आजाद हुआ है। पिछले लोकसभा में सिंधिया को हराकर संदेश दिया कि हम गुलाम नहीं हैं। बमौरी महाराजा का क्षेत्र रहा है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि बमौरी में एक कॉलेज नहीं है जबकि वो कितने स्कूल कॉलेज चलाते हैं।

कमलनाथ के साथ आज मंच पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी उपस्थित नजर आए। वे आज उनके साथ पहली बार चुनाव प्रचार में दिखाई दिए। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं बरसों बाद बामौरी आया हूं। यहां आकर पता चला कि यहां की जनता बिकाउ नहीं हैए जनता टिकाउ हैए जबकि सिंधिया कहते हैं मैं पैसों के दम पर जनता को खरीद सकता हूं। अजय सिंह के अलावा आज मंच पर आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया भी नजर आए। जबकि कमलनाथ की सभाओं में इन नेताओं के नहीं होने और चुनाव प्रचार में दिखाई नहीं देने को लेकर सवाल उठने लगे थे।


विजय संकल्प के साथ बूथ सम्मेलन में जुटेंगे भाजपा नेता

मंडल सम्मेलनों में कांग्रेस पर किया हमला, अब बूथ स्तर के कार्यकर्ता को साधने की तैयारी


मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर भाजपा के बड़े नेताओं ने ग्वालियर चंबल अंचल में मंडल सम्मेलनों के जरिए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। लगातार कांग्रेस पर बोले गए हमलों में भाजपा नेताओं का सीधा निषाना गांधी परिवार और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रहे। इस सम्मेलनों के जरिए भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं में जोष भरने का काम भी किया।
भाजपा ने उपचुनाव की तैयारियां तो चुनाव तारीख की घोशणा के पहले ही कर दी थी, मगर अब वह सम्मेलनों के जरिए कार्यकर्ता की नाराजगी को दूर करने का पूरा प्रयास कर रही है। सम्मेलनों में भाजपा के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी जिनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य के साथ ही राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने 10 दिन तक मंडल कार्यकर्ताओं के सम्मेलनों को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया। इसके अलावा कांग्रेस पर भाजपा नेताओं ने जमकर हमला बोला। खासकर रणनीति के तहत भाजपा नेताओं ने गांधी परिवार और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर इन सम्मलेनों में निषाना साधा और मतदाता तक अपनी बात पहुंचाई।
 अब भाजपा का पूरा फोकस 15 अक्टूबर से षुरू होने वाले बूथ सम्मेलनों पर है।  भाजपा के ये नेता अब बूथ स्तर पर जाकर सम्मेलन करने की तैयारी में जुट गए हैं। बूथ सम्मेलन 15 अक्टूबर से शुरू होंगे और 25 अक्टूबर तक चलेंगे। बूथ सम्मेलनों को विजय संकल्प के रूप में मनाया जाएगा। इनके जरिए जिन क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति कमजोर है उन क्षेत्रों में वोटरों को रिझाने संगठन स्तर पर रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही इन बूथों में नियुक्त किए गए बूथ संयोजक, पन्ना प्रभारी व बूथ अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को उत्साहित करने का काम भी किया जाएगा। भाजपा ने इन सम्मेलनों की जिम्मेदारी जिला स्तर के पदाधिकारियों विधायकों को ही सौंपी जाना है। सांसद, विधायक, मोर्चा व संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जिला अध्यक्ष, जिलों के पदाधिकारी ही इन सम्मेलनों के जरिए बूथ कार्यकर्ता और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।
बड़े नेता भी पहंुच सकते हैं सम्मेलनों में
मंडल सम्मेलनों की तरह ही बूथ सम्मेलनों में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ष्षामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा के  बड़े नेताओं की जोड़ी भी पहुंच सकती है। बड़े नेताओं की बैठकों में एक साथ कई बूथों की टीम को एक साथ बुलाने की भी तैयारी की जा रही है। ताकि अधिक से अधिक बूथों तक पार्टी की बात पहुंच सके। 15 अक्टूबर से सभी के दौरे फाइनल किए जाएंगे।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

शिवराज की एक्टिंग से शाहरूख़ और सलमान भी शरमा जाएं


शिवराज को आती है खूब एक्टिंग

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर आज फिर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि शिवराज सिंह को खूब एक्टिंग आती है, वे तो मंच पर लेट जाते हैं। इनको तो मुंबई जाना चाहिए, एक्टिंग करना चाहिए।  उनकी एक्टिंग से शाहरुख खान और सलमान खान भी शरमा जाएं।
सागर जिले के सुरखी में कांग्रेस प्रत्याषी पारूल साहू के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने भाजपा प्रत्याषी गोविंद राजपूत को चेतावनी देते हुए कहा कि कहा है कि गोविंद सिंह 1 तारीख तक अपनी दबाव की राजनीति कर लें, फिर 3 तारीख को जनता भी जवाब देगी और कमलनाथ भी हिसाब लेगा। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि शिवराज सिंह को खूब एक्टिंग आती है, वे तो मंच पर लेट जाते हैं। इनको तो मुंबई जाना चाहिए, एक्टिंग करना चाहिए।  उनकी एक्टिंग से शाहरुख खान और सलमान खान भी शरमा जाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पारूल साहू को जिताएं वे सागर का विकास छिंदवाड़ा की तर्ज पर करेंगे। पार्टी छोड़कर भाजपा में गए और उनकी सरकार गिराई उन लोगों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने जब ईमान का सौदा कर लिया तो वे जनता के लिए क्या करेंगे। यह सोचने वाली बात है। जनता इस बात को इस समय बखूबी समझ चुकी है। ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मैंने न केवल माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर उनकी कमर तोड़ने की कोषिष की, बल्कि ष्षुद्ध के लिए युद्ध अभियान भी चलाया। किसान कर्जा माफी की प्रक्रिया अंतिम चरण जून में ष्षुरू होने वाली थी, इसके पहले भाजपा ने षड्यंत्र कर उनकी सरकार को गिरा दिया। 

उद्योगपति कमलनाथ कभी नहीं मिलते थे मंत्री विधायकों से


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि उद्योगपति मुख्यमंत्री कभी अपने विधायक-मंत्रियों से नहीं मिलते थे, केवल उद्योगपतियों और दलालों से मिलते थे। वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था। ट्रांसफर-पोस्टिंग का एक बहुत बड़ा उद्योग फलने-फूलने लगा था। उद्योगपति के गले यह बात नहीं उतर रही है कि एक भूखे-नंगे घर का व्यक्ति इतने बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री बन कैसे सकता है।
गुना जिले के बम्होरी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि कमलनाथ  कह रहे थे कि शिवराज जहाँ जाता है, नारियल साथ लेकर जाता है। नारियल भगवान को चढ़ाया जाता है और जनता मेरी भगवान है। मैं जनता की पूजा करता हूँ, इसलिए कांग्रेस के नेताओं को मिर्ची लगती है। कांग्रेस के नेता कहते हैं कि शिवराज भूखे-नंगे घर का है। उन्होंने कहा कि यह देश गरीबों और किसानों का है। इनका दर्द इनके बीच में से आया हुआ व्यक्ति ही समझ सकता है। कमलनाथ तो महलों में रहने वाले लोगों में से एक हैं, उनको गरीबों के दर्द से क्या मतलब! उद्योगपति की सरकार बनी तो वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया। गरीब से किए वादे भुला दिए गए और दलालों को खुली बाहों से बुलाया जाने लगा। जब गरीब जनता को लाभ देने की बात आई, तो उद्योगपति ने कहा कि पैसे ही नहीं है। भूखे-नंगे घर के आदमी ने तो छह महीने में ही जनता को रु. 23,000 करोड़ से अधिक का लाभ दे डाला।
उन्होंने कहा कि उद्योगपति की सरकार से अच्छी तो भूखे-नंगे की सरकार है। इस सरकार के राज में जनता सुखी है, किसान खुश हैं और गरीबों की जिंदगी संवर रही है। कोरोना 19 के प्रकोप के समय एक तरफ जहाँ उद्योगपति आइफा अवॉर्ड की बैठक कर रहे थे, फिल्मस्टार के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे, दूसरी तरफ भूखे-नंगे की सरकार ने जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ देना प्रारम्भ कर दिया,खजाना खोल दिया, कोरोना को नियंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि मैंने तय किया कि प्रदेश सरकार भी 4 हजार रुपए किसानों के खाते में डालेगी। प्रदेश के किसानों को एक वर्ष में 10 हजार रुपए मिलेंगे। उद्योगपति मुख्यमंत्री कभी अपने विधायक-मंत्रियों से नहीं मिलते थे, केवल उद्योगपतियों और दलालों से मिलते थे। वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था। ट्रांसफर-पोस्टिंग का एक बहुत बड़ा उद्योग फलने-फूलने लगा था। उद्योगपति के गले यह बात नहीं उतर रही है कि एक भूखे-नंगे घर का व्यक्ति इतने बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री बन कैसे सकता है। 

शिवराज ने कहा हां मैं भूखे नंगे घर से हूं, इसलिए समझता हूं गरीबों की समस्या


कांग्रेस नेता के बयान पर हमलावर हुई भाजपा, कांग्रेस को देनी पड़ी सफाई

मध्यप्रदेष में उपचुनाव के दौरान नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी के चलते मुरैना के कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर के बयान के बाद राजनीति गर्मा गई और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं भूखे नंगे घर से हूं मैंने गरीबी देखी है और गरीबों की समस्या को जानता हूं।
मुरैना में कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर ने एक सभा में प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को लेकर विवादित बयान दे दिया। इसके बाद राजनीति गर्मा गई। भाजपा नेता कांग्रेस पर हलावर हो गए।दरअसल गुर्जर ने सभा में कहा कि  कमलनाथ भारत के नंबर 2 उद्योगपति हैं. शिवराज के विपरीत वो भूखे घर से नहीं हैं. शिवराज के पास चंद एकड़ जमीन थी, लेकिन अब उनके पास हजारों एकड़ जमीन है। क्योंकि वे किसानों का खून पी रहे हैं।
गुर्जर के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने भी आज पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस के नेता कहते हैं कि शिवराज भूखे-नंगे घर का है।  उन्होंने कहा कि हाँ, मैं भूखे-नंगे घर का हूं। मैंने बीमारियाँ, गरीबी, समस्याएँ देखी है। मैं गरीबों का दर्द जनता हूँ। उद्योगपति यह क्या जानें!  उन्होंने टवीट कर लिखा कि हाँ...मैं गरीब हूँ इसी लिए गरीब बेटे-बेटियों को मामा बन पढ़ाता हूँ। गरीब हूँ इसी लिए गरीब माँ-बाप की बेटियों का कन्यादान करता हूँ। गरीब हूँ, इसी लिए हर गरीब का दर्द समझता हूँ... प्रदेश को समझता हूँ।
कमलनाथ जैसे नेता तो सोने का चम्मच लेकर पैदा होते हैं: मिश्रा
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने अपने निवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि  हम तो पहले से कहते आए हैं कि कमलनाथ जैसे नेता सोने का चम्मच लेकर पैदा होते हैं। इसीलिए इन्हें जनता के बीच से निकलकर आने वाले नेता नहीं सुहाते। उनकी सरकार ने गरीबों के कल्याण की कई योजनाएं बंद कर दीं। दरअसल जनता के दुख-दर्द वही नेता समझ सकता है जिसने गरीबी देखी हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कमलनाथ सरकार के कामकाज के बारे में जनता से ज्यादा सवाल नहीं करने चाहिए, वरना जनता जनार्दन उन्हें ऐसे ही आइना दिखाएगी।
 कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस नेता के बयान पर कांग्रेस को सफाई देना पड़ा। कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा है कि, दिनेश गुर्जर का बयान तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. एमपी कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि, दिनेश गुर्जर कहना चाह रहे थे कि, कमलनाथ औद्योगिक घराने से आते हैं, उद्योगपति हैं, लेकिन जब वो मध्यप्रदेश आए, तो उन्होंने किसानों का दर्द समझा, किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए उन्हें कर्ज के दलदल से निकालने की पहल की. गरीबों की योजना में शिवराज सरकार के समय से हो रहे भ्रष्टाचार को बंद किया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि और वृद्धावस्था पेंशन को भी बढ़ाया. युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सम्मान के लिए काम दिया। औद्योगिक घराने से आने के बाद उनकी सोच गरीब किसानों और आम आदमी के हित की सोच है।