सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

शिवराज ने कहा हां मैं भूखे नंगे घर से हूं, इसलिए समझता हूं गरीबों की समस्या


कांग्रेस नेता के बयान पर हमलावर हुई भाजपा, कांग्रेस को देनी पड़ी सफाई

मध्यप्रदेष में उपचुनाव के दौरान नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी के चलते मुरैना के कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर के बयान के बाद राजनीति गर्मा गई और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं भूखे नंगे घर से हूं मैंने गरीबी देखी है और गरीबों की समस्या को जानता हूं।
मुरैना में कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर ने एक सभा में प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को लेकर विवादित बयान दे दिया। इसके बाद राजनीति गर्मा गई। भाजपा नेता कांग्रेस पर हलावर हो गए।दरअसल गुर्जर ने सभा में कहा कि  कमलनाथ भारत के नंबर 2 उद्योगपति हैं. शिवराज के विपरीत वो भूखे घर से नहीं हैं. शिवराज के पास चंद एकड़ जमीन थी, लेकिन अब उनके पास हजारों एकड़ जमीन है। क्योंकि वे किसानों का खून पी रहे हैं।
गुर्जर के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने भी आज पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस के नेता कहते हैं कि शिवराज भूखे-नंगे घर का है।  उन्होंने कहा कि हाँ, मैं भूखे-नंगे घर का हूं। मैंने बीमारियाँ, गरीबी, समस्याएँ देखी है। मैं गरीबों का दर्द जनता हूँ। उद्योगपति यह क्या जानें!  उन्होंने टवीट कर लिखा कि हाँ...मैं गरीब हूँ इसी लिए गरीब बेटे-बेटियों को मामा बन पढ़ाता हूँ। गरीब हूँ इसी लिए गरीब माँ-बाप की बेटियों का कन्यादान करता हूँ। गरीब हूँ, इसी लिए हर गरीब का दर्द समझता हूँ... प्रदेश को समझता हूँ।
कमलनाथ जैसे नेता तो सोने का चम्मच लेकर पैदा होते हैं: मिश्रा
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने अपने निवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि  हम तो पहले से कहते आए हैं कि कमलनाथ जैसे नेता सोने का चम्मच लेकर पैदा होते हैं। इसीलिए इन्हें जनता के बीच से निकलकर आने वाले नेता नहीं सुहाते। उनकी सरकार ने गरीबों के कल्याण की कई योजनाएं बंद कर दीं। दरअसल जनता के दुख-दर्द वही नेता समझ सकता है जिसने गरीबी देखी हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कमलनाथ सरकार के कामकाज के बारे में जनता से ज्यादा सवाल नहीं करने चाहिए, वरना जनता जनार्दन उन्हें ऐसे ही आइना दिखाएगी।
 कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस नेता के बयान पर कांग्रेस को सफाई देना पड़ा। कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा है कि, दिनेश गुर्जर का बयान तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. एमपी कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि, दिनेश गुर्जर कहना चाह रहे थे कि, कमलनाथ औद्योगिक घराने से आते हैं, उद्योगपति हैं, लेकिन जब वो मध्यप्रदेश आए, तो उन्होंने किसानों का दर्द समझा, किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए उन्हें कर्ज के दलदल से निकालने की पहल की. गरीबों की योजना में शिवराज सरकार के समय से हो रहे भ्रष्टाचार को बंद किया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि और वृद्धावस्था पेंशन को भी बढ़ाया. युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सम्मान के लिए काम दिया। औद्योगिक घराने से आने के बाद उनकी सोच गरीब किसानों और आम आदमी के हित की सोच है।

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