रविवार, 13 मई 2012

स्वास्थ्य संचालक या डाकू ?

मध्यप्रदेश में अस्पतालों से सुविधाओं को छीनने वाले गुनाहगार को पोस्टर के जरिए तलाशने की कोशिश की जा रही है़ यह पोस्टर अभी प्रदेश के इटारसी शहर में लगाया गया है, इसे राज्य के अन्य शहरों में भी लगाने की योजना बनाई गई है़ ‘स्वास्थ्य संचालक है या डाकू?’ शीर्षक से लगाए गए इस पोस्टर में यह जानना चाहा है कि सौ करोड़ कहां से आया ?, इस लूट में और कौन शामिल है ?, क्या अकेले इतना कमा सकते हैं़ राज्य के स्वास्थ्य महकमें के तीन संचालकों के यहां छापे में अब तक पड़े छापे के बाद उनकी संपत्तियों के हुए खुलासे ने लोगों के सामने भ्रष्ट कमाई का जरिया ला दिया है़ पहले डॉ़ योगिराज शर्मा, फिर डॉ़ अशोक शर्मा और अब डॉ़ ए़एऩमित्तल के यहां पड़े छापे में जिस तरह से संपत्ति मिली, उसने इस बात की पोल भी खोल दी कि स्वास्थ्य विभाग का बजट किस तरह से उपयोग हो रहा है़ इस पोल खुलने के बाद राज्य की समाजवादी जनपरिषद की होशंगाबाद जिला इकाई ने एक पोस्टर इटारसी शहर के जय स्तंभ चौक पर लगवाकर लोगों से यह जानने का प्रयास किया है कि हमारे अस्पतालों में हमारी सुविधाओं को कौन छीन रहा है़ अस्पतालों को बरबाद करने का असली गुनहगार कौन है? स्वास्थ्य संचालक है या डाकू ? शीर्षक से प्रकाशित किए इस पोस्टर में छह बिन्दुओं पर अपनी बात कही है़ इन बिन्दुओं में सरकारी अस्पताल में अब इलाज नहीं होता, दवा नहीं मिलती, डॉक्टर गायब, गंदगी का राज है, कुत्ते-सुअर घूमते हैं, सरकारी डॉक्टर अपनी प्राईवेट दुकानें चला रहे हैं, प्राइवेट डॉक्टर भी जमकर लूटने में लगे हैं, 50 की जगह 500 रुपए की दवाई लिखते हैं, हजार रुपए के टेस्ट कराते हैं, जरुरी न हो तो भी आपरेशन कर देते हैं, पैसा न हो तो लाश नहीं उठने देते, सेवा-परोपकार की जगह लालच और लूट का धंधा बना डॉक्टरी का पेशा, दवाईयों के दाम आसमान पर, महंगा इलाज महंगे अस्पताल, सरकार कहती हे राष्ट्रीय आय बढ़ रही है और अंत में आप तो अपोलो में इलाज करा लोगे, विदेश चले जाओगे, हमारा क्या होगा ?़ इन बिन्दुओं के जरिए लोगों तक स्वास्थ्य महकमें में चल रहे भ्रष्टाचार को समाजवादी जनपरिषद की होशंगाबाद इकाई ने लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है़ जनपरिषद ने लोगों से कहा है कि सोचो, सोचो, जवाब, ढूढों और कुछ करो (नही तो बहुत देर हो जाएगी)़ समाजवादी जनपरिषद के सुनील का कहना है कि यह पोस्टर अभी हमने इटारसी के जयस्तंभ चौक पर लगाया है, इसके बाद इसी तरह के पोस्टर हम राजधानी भोपाल के अलावा अन्य शहरों में भी लगाने की तैयारी कर रहे हैं़ पोस्टर लगाने के पीछे लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना है कि स्वास्थ्य महकमें में जो बजट आता है उसका उपयोग हमारे अफसर और सरकार कैसा कर रहे हैं़ यह पैसा कहां जा रहा है़

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें