गुरुवार, 24 मई 2012
वृंदा तलाश गई जमीन
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने राजधानी भोपाल में राज्य सचिवों की बैठक में शामिल होकर मध्यप्रदेश में माकपा के लिए राजनीतिक जमीन तलाशी़ उन्होंने राज्य के 11 जिलों में वामपंथी विचारधारा से जुड़े दलों को अपने साथ मिलाकर गरीबों के हित में और उद्योगपतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का प्रदेश इकाई को संकेत दे दिया़ प्रदेश इकाई अब इन 11 जिलों में अपनी सक्रियता बढ़Þाकर संगठन को मजबूत करेगी़
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य सचिवों की बैठक में आई पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने बैठक में माकपा को मध्यप्रदेश में मजबूत करने की बात कही़ उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों से यह जाना कि संगठन किन जिलों में सक्रिय है़ इसके अलावा उन जिलों में किस तरह की परेशानियों से लोगों को जूझना पड़ रहा है़ वृंदा ने खासतौर पर गरीबों के अलावा आदिवासी वर्ग के बारे में हर उस पहलू की जानकारी हासिल की जिससे पार्टी उनके निकट पहुंच सके़ प्रदेश इकाई ने गरीबों को उनके अधिकार न मिलने और आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को देने की जानकारी वृंदा को दी़ प्रदेश इकाई द्वारा चिन्हित किए 11 जिलों की जानकारी हासिल करने के बाद वृंदा ने प्रदेश इकाई को साफ संकेत दिए की वे जल्द ही संगठन को मजबूत करें और इन 11 जिलों में अपनी सक्रियता बढ़Þाएं़ संगठन ने जो 11 जिले वृंदा को बताए उनमें विंध्य-महाकौशल के जिले प्रमुख रुप शामिल हैं़़ इन 11 जिलों में सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, मुरैना, भिण्ड हैं़ इसके अलावा दो जिले इंदौर और धार को भी माकपा ने अपने एजेंडे में रखा है़ इन जिलों में माकपा का संगठन पूर्व से ही सक्रिय रहा है़ यहां पर माकपा द्वारा उद्योगपतियों को सरकार द्वारा दी गई जमीन के खिलाफ माकपा का आंदोलन समय-समय पर होता रहा है़
प्रदेश इकाई द्वारा जानकारी हासिल कर वृंदा ने साफ संकेत दिए हैं कि संगठन पहले अपने कार्यक्षेत्र वाले 11 जिलों में और बाद में 2 जिलों इंदौर और धार में संगठन को मजबूत करे साथ ही वामपंथी विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़े़ उन्होंने आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को दिए जाने के मामले को गंभीरता से लेने की बात भी कही़ वृंदा ने खासतौर पर प्रदेश संगठन को गरीबों के हित में लड़ाई लड़ने व आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए सक्रिय किया़ वहीं उद्योगपतियों को जिन्हें जमीन सरकार द्वारा दी गई है उनके खिलाफ गरीबों एवं आदिवासियों के साथ किस तरह व्यवहार किया जा रहा है उसकी जानकारी लेकर उद्योगपतियों के खिलाफ लोगों को लामबंद करने की बात कही़ वृंदा का साफ इशारा था वर्ष 2013 एवं 2014 के विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी की ऐसी पकड़ हो जिससे प्रदेश से उसके प्रत्याशी विजयी हों़
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