गुरुवार, 24 मई 2012
माइग्रेशन कार्ड दूर करेगा शिक्षा की बाधा
राज्य में पलायन करने वाले मजदूरों एवं लोगों के बच्चों की पढ़Þाई में आने वाली बाधा को अब माइग्रेशन कार्ड दूर करेगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र पीले रंग का एक कार्ड बनवाकर ऐसे बच्चों के पालकों को देगा जिसे वे जहां काम पर जाएं वहां पर शिक्षक को देने पर बच्चों की पढ़Þाई जारी रख सकेंगे़ साथ ही बच्चा मूल शाला में नामांकित भी रहेगा़
राज्य शिक्षा केन्द्र ने प्रदेश में कराए एक सर्वे के अनुसार राज्य के 15 जिलों भिंड, दतिया, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, बैतूल, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़Þ, मण्डला, बालाघाट, उमरिया में सर्वाधिक पलायन की स्थिति प्रत्येक वर्ष निर्मित होती है़ पलायन का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों की पढ़Þाई पर पढ़Þता है़ इस सर्वे में यह जानकारी सामने आई कि राज्य में तीन तरह का पलायन होता है़ एक तो जिले में दूसरा जिले से बाहर और तीसरा पलायन राज्य से बाहर याने मध्यप्रदेश से बाहर का होता है़ इस पलायन को रोकने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने एक योजना बनाई जिसमें पलायन करने वाले अभिभावकों को पहले शिक्षक यह समझाईश देेंगे की वे बच्चें को छात्रावास में छोड़ दें़ इसके बाद अगर अभिभावक नहीं माने हैं तो ऐसे बच्चों का एक कार्ड बनवाया जाए़ राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पीले रंग का माइग्रेशन कार्ड पलायन करने वाले बच्चों के लिए बनवाया जाएगा़ इस कार्ड में बच्चे के शिक्षा का स्तर,भाषा और उसका कोर्स भी लिखा जाएगा़ यह कार्ड जिला स्तर पर बनवाया जाएगा़ इस कार्ड के बनवाने के पीछे मकसद यह है कि राज्य के सभी शासकीय स्कूलों में तो समान रुप से कोर्स होता है,मगर दिक्कत उन बच्चों को होती है जिनके पालक प्रदेश से बाहर पलायन कर जाते हैं़ इन बच्चों को भाषा एवं कोर्स संबंधी मुसीबतों को सामना करना पड़ता है जिस कारण वे पढ़Þाई में पिछड़ जाते हैं़ अब प्रदेश से बाहर पलायन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को यह समझाइश दी जाएगी कि वे जहां भी काम पर जाएं वहां पर शिक्षक से संपर्क कर बच्चे को स्कूल भेजें़ वहां पर शिक्षक को माइग्रेशन कार्ड बताएं जिससे वहां पर बच्चे की पढ़Þाई हो सके़ राज्य शिक्षा केन्द्र प्रदेश के पड़ौसी राज्यों में संपर्क कर वहां के शिक्षा विभाग से मध्यप्रदेश के पलायन कर जाने वाले बच्चों की पढ़Þाई में मदद करने की बात कहेगा़ राज्य शिक्षा केन्द्र की इस पहले में 6 से 14 वर्ष के बच्चों को समाहित किया गया है़
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें