आम लोगों के साथ कार्यकर्ता से भी बढ़ी दूरी
भोपाल। भाजपा संगठन सांसदों और विधायको के कामकाज से खुश नजर नहीं आ रहा है। संगठन द्वारा तय कार्यक्रमों में इनकी रूचि न होना संगठन की चिंता को बढ़ा रहा है। संगठन को जो रिपोर्ट प्राप्त हुई उसमें यह जानकारी मिली है कि जनप्रतिनिधियों की कार्यकर्ताओं और आम नागरिक से भी दूरियां बढ़ी है।भाजपा संगठन की नजरें अब सांसदों और विधायकों पर टिकी हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद कई बार विधायकों से बैठकों में मैदानी सक्रियता बढ़ाने की बात कह चुके हैं, मगर उसके बाद भी सुधार नजर नहीं आया। राजधानी में भाजपा की बूथ विजय संकल्प अभियान के तहत राज्य स्तरीय बैठक में एक बार फिर यह खुलासा हुआ है कि कार्यकर्ताओं और आम नागरिक से इनकी दूरियां बढ़ती जा रही है। संगठन के सामने यह बात चिंता का कारण बन गई है। चुनावी साल को देखते हुए एक ओर संगठन मैदानी जमावट करता नजर आ रहा है। वह कार्यकर्ता को खुश रखने और मैदान में सक्रिय करने के लिए काम कर रहा है,वहीं जनप्रतिनिधि विशेशकरण सांसद और विधायक संगठन के कार्यक्रमों में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। बैठक में जो जानकारी सामने आई उसमें कहा गया कि कई सांसद, विधायक संगठन के कामकाज में किसी तरह की रुचि नहीं ले रहे हैं।
स्थानीय नेताओं की काम में नहीं है दिलचस्पी
सत्ता और संगठन के पास जो फीडबैक आ रहा है वह अगले चुनाव में बड़ी चुनौती के संकेत दे रहा है। यही कारण है कि लगातार विधायकों और सांसदों के कामकाज पर नजर रखी जा रही है। पार्टी के पास जो रिपोर्ट आई है वह विधायकों और प्रभारी मंत्रियों को लेकर जनता ही नहीं पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं आम लोगों से भी दूरी बनी हुई है और इस स्थिति का सरकारी मशीनरी लाभ भी उठा रही है और वह स्थानीय नेताओं के काम में दिलचस्पी नहीं लेती।
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