बुधवार, 26 अप्रैल 2023

कर्नाटक चुनाव के नतीजों का असर दिखेगा मध्यप्रदेश भाजपा में

फिलहाल टाले कई संभावित बदलाव के फैसले

भोपाल। कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव परिणाम का असर प्रदेश भाजपा पर दिखाई देगा। फिलहाल प्रदेश भाजपा में संभावित लंबित फैसलों को टाल दिया है। अब ये फैसले कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद ही लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि कर्नाटक में जिस तरह से नाराज नेताओं ने पार्टी का विरोध किया, उसका क्या असर होता है, इसके बाद प्रदेश भाजपा संगठन और सरकार बदलाव के फैसले भाजपा करेगी।
कर्नाटक में मई माह में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी भाजपा का फोकस है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा भी वहां चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतर गए हैं। वहीं कई संगठन पदाधिकारी और नेता भी कर्नाटक पहुंचे हैं। यह चुनाव प्रदेश भाजपा के कई नेताओं का भविष्य तय करेगा। प्रदेश में लंबे समय से अटका मंत्रिमंडल विस्तार सहित अन्य लंबित फैसले भी फिलहाल भाजपा संगठन ने रोक दिए हैं। अब माना जा रहा है के संगठन सभी फैसले कर्नाटक के चुनाव परिणाम आने के बाद ही लेगा। इसके पीछे बताया जा रहा है कि पार्टी के पीछे जो चुनौतियां खड़ी हुई है, उसका असर संगठन देखना चाह रहा है।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में  टिकट वितरण के बाद कई नेताओं ने नाराजगी जताई और पार्टी भी छोड़ी और कुछ तो नाराज होकर बैठ गए हैं। इस मामले को पार्टी हाईकमान गंभीरता से लिया है और  कर्नाटक के चुनाव पर खास नजर रख रहा है। भाजपा के लिए कर्नाटक का यह चुनाव बड़ी चुनौती भी बन गया है। यही वजह है कि हाईकमान ने तय किया है कि कर्नाटक चुनाव के नतीजों तक मध्यप्रदेश के लंबित फैसलों का टाला जाए। वहां का चुनाव परिणाम आने के बाद ही अब ये फैसले लिए जाएंगे। प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर सर्जरी होना तय है, साथ ही मंत्रिमंडल का विस्तार भी होना है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में चार पद रिक्त हैं।
कांग्रेस का दावा भाजपा काटेगी 70 विधायकों के टिकट
कर्नाटक चुनाव के बीच कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा प्रदेश में 70 वर्तमान विधायकों के टिकट काटेगी। पूर्व मंत्री और विधायक पी सी शर्मा ने कहा कि भाजपा 70 से ज्यादा विधायकों के टिकट काटेगी। वर्तमान भाजपा सिंधिया भाजपा बन गई है, इसके चलते मूल भाजपाई परेशान हैं। इस स्थिति में भाजपा में भगदड़ मचना तय है।
असंतुष्टों की भी लंबी कतार
मध्यप्रदेश भाजपा में असंतुष्ट नेताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी अलग पार्टी बनाने की बात कह चुके हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री रामकृश्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री दीपक जोशी, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व मंत्री हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू भी समय-समय पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। इसके अलावा संगठन के कई पदाधिकारी ऐसे हैं, जो कई बार पार्टी के फैसलों को लेकर चुनौती देते नजर आए हैं।

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