बुधवार, 11 दिसंबर 2024

कांग्रेस विधायकों के भोज से मिलेगा नया संदेश ?

कमलनाथ, उमंग सिंघार ने अलग-अलग दिन विधायकों को किया आमंत्रित

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर भोज की राजनीति शुरू होने जा रही है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अलग-अलग दिन कांग्रेस विधायकों को दिए जाने वाले भोज की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के भोज से कांग्रेस विधायकों को कोई नया संदेश मिल सकता है। यह संदेश क्या होगा, इसका जानकारी तो विधायकों को कमलनाथ के यहां होने वाले भोज के बाद ही मिलेगी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते एक दिन पहले अपने विधायकों को भोज पर बुलाने की परंपरा वैसे तो कांग्रेस की रही है। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के एक दिन पहले कांग्रेस विधायकों को भोज पर आमंत्रित किया है। इसी दिन वे विधायक दल की बैठक भी करने वाले हैं। नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों को अपने बंगले के बजाय राजधानी के एक होटल में भोज पर बुलाया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि विधायक दल की बैठक में सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। विधायकों के भोज को लेकर उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वे पार्टी की परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी 16 दिसंबर को अपने बंगले पर कांग्रेस विधायकों को भोज पर आमंत्रित किया है। इस दौरान वे खुद राजधानी में रहेंगे। कमलनाथ के यहां होने वाले विधायकों के भोज को लेकर तरह-तरह  के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कमलनाथ भोज के बहाने एक बार फिर सक्रियता दिखाएंगे। संभावना है कि इस बहाने विधायकों से उनकी बनी दूरी को करीबी में बदलें। वैसे कमलनाथ पूर्व में भी एक बार ऐसा कर चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि वरिष्ठ होने के नाते और विधायकों के कहने पर उन्होंने भोज दिया है। मगर वर्तमान में कांग्रेस में चल रही उठापटक के चलते कांग्रेस नेताओं को ही यह भोज चिंता में डाल रहा है। माना जा रहा है कि कमलनाथ के यहां होने वाले विधायकों के भोज से विधायकों को कोई संदेश भी मिल सकता है। वह एकता का होगा या फिर कोई और। यह तो भोज के बाद ही पता चलेगा।
उमंग के भोज में शामिल होंगे कमलनाथ !
कमलनाथ खुद छिंदवाड़ा से विधायक हैं और कांग्रेस विधायक दल में सबसे वरिश्ठ विधायक भी है। इस नाते नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उन्हें भी भोज में आमंत्रित किया है, मगर सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि क्या कमलनाथ उमंग द्वारा आयोजित किए जाने वाले भोज में ष्शामिल होंगे। फिलहाल उनके राजधानी पहुंचने का समय और दिन तय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि 15 की शाम को या फिर 16 दिसंबर की सुबह भोपाल पहुंचेंगे।  

सोमवार, 9 दिसंबर 2024

जीतू ने किया अपमान, किन्नर समाज का लगेगा श्राप



पूर्व  विधायक शबनम मौसी ने पूछा कांग्रेस इनकी बपौती है क्या ?

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में पहली किन्नर विधायक रही शबनम मौसी ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने कहा कि मैं जीतू पटवारी से मिलने गई, मगर उनके सहयोगियों ने मिलने नहीं दिया। उन्होंने किन्नर का अपमान किया है। किन्नर समाज का उन्हें श्राप लगेगा। शबनम ने कहा कि कोई मिल नहीं रहा था तो जीतू को अध्यक्ष बनाया दिया, क्या कांग्रेस इनकी बपौती है।
पूर्व विधायक शबनम मौसी आज राजधानी भोपाल पहुंची थी। वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से मिलने पहुंची, मगर उनकी मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी वे कांग्रेस में शामिल होने के लिए पहुंची थी, मगर उस वक्त भी नेताओं ने उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आज वे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से मिलना चाहती थी, मगर उनके सहयोगियों ने मुलाकात नहीं कराई। उन्होंने कहा कि यह किन्नर का अपमान है। किन्नर समाज का श्राप लगेगा, इन्हें। कांग्रेस की आज जो प्रदेश में स्थिति है, वह इन्हीं जैसे नेताओं के कारण है। कांग्रेस इनकी बपौती है क्या, जिनसे चाहे मिलेंगे और जिन्हें चाहे ठुकरा देंगे? उन्होंने कहा पटवारी में लोगों को जोड़ने की क्षमता नहीं है। कोई अध्यक्ष मिल नहीं रहा था इसलिए जीतू को अध्यक्ष बना दिया। शबनम मौसी ने कहा कि जीतू को अध्यक्ष बनाने के बाद कांग्रेस और खराब हो रही है। जीतू के आचरण ऐसा है, तभी लोग छोड़ के जा रहे हैं। पहले भी सदस्यता लेने आई थी तो अपमानित किया था, मैं बहुत दुखी हूं।
उल्लेखनीय है कि देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी ने साल 2000 में शहडोल जिले की सोहागपुर सीट से उपचुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा के लल्लू सिंह को 17,800 से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। हालांकि, साल 2003 के विधानसभा चुनावों में वह केवल 1400 वोट पाने में सफल रहीं और हार गईं थीं।

खोया जनाधार पाने बसपा प्रदेश में करेगी सामाजिक सम्मेलन


भोपाल। प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बहुजन समाज पार्टी प्रदेश में फिर अपना वोट बैंक मजबूत करने की तैयारी कर रही है। खोए जनाधार को पाने के लिए बसपा द्वारा अब प्रदेश में अलग-अलग जातियों को जोड़ने के लिए सामाजिक सम्मेलन कराने का फैसला लिया है। सर्वसमाज के नारे पर बसपा फिर से प्रदेश में अपने को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

ब्हुजन समाज पार्टी को प्रदेश में 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। दोनों ही चुनाव में उसने प्रत्याशी तो मैदान में उतारे मगर एक भी स्थान पर उसे जीत नहीं मिली। इसके बाद से बसपा का संगठन और भी कमजोर हुआ। अब बसपा प्रदेश में एक बार फिर संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।  बसपा ने तय किया है कि पार्टी में जिस समाज के जो पदाधिकारी हैं एवं पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हारे हुए प्रत्याशी अपनी-अपनी समाज के सामाजिक सम्मेलन कराएंगे। हालांकि ये सम्मेलन समाजों में जन्मे महापुरुषों संतों के नाम पर कराए जाएंगे। रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, देवी अहिल्या बाई होल्कर, संत गाडगे जी महाराज, नामदेव महाराज, संत रविदास, ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों के नाम पर यह आयोजन होंगे।
जनाधार वाली विधानसभा सीटों पर फोकस
बसपा अब उन सीटों पर फोकस कर रही है जहां उसका वोट बैंक निर्णायक रहा है। सुपर-30 के फॉर्मूला पर बसपा जनवरी से मजबूत जनाधार वाली 30 विधानसभाओं में संगठन को मजबूत करेगी। इन 30 विधानसभाओं में बूथ वार कमेटियों के गठन के साथ ही कमजोर बूथों पर वोट बैंक बढ़ाने के लिए प्रदेश, सेक्टर, जोन के इंचार्ज बैठकें करेंगे। करीब 3 महीने बाद अगले फेज में सुपर-30 के तहत 30 अन्य विधानसभाओं में काम शुरू किया जाएगा।

रविवार, 17 नवंबर 2024

पटवारी से नाराज मुस्लिम नेता राहुल से मिलने जाएंगे दिल्ली

हामीद काजी को उपाध्यक्ष, अनीस को महामंत्री बनाने से खफा है नेता

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी गठित होने के बाद नाराज लोगां की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अब कार्यकारिणी में उम्रदराज और आधारहीन मुस्लिम नेताओं को स्थान दिए जाने के खिलाफ कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। साथ ही इन नेताओं ने बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस के हालात बताने की तैयारी की है।
कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ करीब-करीब हर वर्ग के नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस की कार्यकारिणी गठन के बाद से तो बड़े नेताओं के साथ अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं की नाराजगी भी खुलकर दिखाई दे रही है। इन नेताओं ने स्थानीय स्तर पर विरोध जताने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी के वरिश्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस की स्थिति से अवगत कराने का फैसला लिया है। सूत्रों की माने तो जिस अंचल से पटवारी आते हैं यानी मालवाअंचल से ही मुस्लिम वर्ग के नेता अब उनके खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। ये नेता निमाड़ अंचल के बुरहानपुर विधानसभा सीट से राकपा के विधायक रहे हमीद काजी को उपाध्यक्ष बनाए जाने से खफा हैं। हमीद काजी के अलावा अनीस मामू को महामंत्री बनाने से भी इनकी नाराजगी दिखाई दे रही है। इसके अलावा शेख अलीम प्रदेश अध्यक्ष के निजी मित्र हैं, इस कारण उन्हें अनुशासन समिति में मौका दिया गया। वहीं  सोहराब पटेल राऊ विधानसभा क्षेत्र के समीकरण को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं, इस कारण उन्हें पटवारी ने एडजस्ट किया।
उपचुनाव परिणाम के बाद उठाएंगे मामला
मुस्लिम नेताओं का कहना है कि पटवारी ने अपनी कार्यकारिणी में आधारहीन मुस्लिम नेताओं को स्थान दिया है। सूत्रों की माने तो नाराज मुस्लिम नेताओं को कांग्रेस के बड़े नेताओं का भी समर्थन मिला हुआ है। बताया जा रहा है कि नाराज चल रहे नेताओं ने दिल्ली जाकर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को सारी बातें बताने और आधारहीन मुस्लिम नेताओं को पद देने की शिकायत करने की तैयारी की थी, मगर जिन बड़े नेताओं का उन्हें समर्थन मिल रहा है, उन नेताओं ने इन्हें फिलहाल उपचुनाव के परिणाम आने तक रोक लिया है। इन नेताओं से कहा है कि बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद ही वे दिल्ली जाएं तो उनकी बातों को कांग्रेस हाईकमान भी गंभीरता से लेगा।

बेजान गढ़ में जान फूंक पाएंगे कमलनाथ ?

जन्मदिन के बहाने एक बार फिर गढ़ में कांग्रेस को मजबूत करने की कवायद

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक बार फिर अपने गढ़ छिंदवाड़ा में सक्रिय हुए हैं। इस बार वे जन्मदिन के बहाने अपने बेजान गढ़ छिंदवाड़ा में जान फूंकने का काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मिली कांग्रेस को करारी हार के बाद वे फिर से अपने गढ़ छिंदवाड़ा को अजेय गढ़ बनाने में जुट गए हैं। अब देखना है कि कमलनाथ इस बार छिंदवाड़ा में अपनी उपस्थिति को कितना मजबूत कर पाते हैं?
लोकसभा चुनाव के बाद हाल ही में हुए बुधनी और विजयपुर के उपचुनाव में भी कमलनाथ उतने सक्रिय नजर नहीं आए, जितना की लोकसभा चुनाव के पहले रहे थे। लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा जो कि उनका अपना किला था, उसे हारने के बाद करीब-करीब सक्रिय राजनीति से उन्होंने दूरी बना ली थी। इसके बाद माना जा रहा था कि कमलनाथ उपचुनाव में सक्रिय होंगे। उनका कार्यक्रम भी तय था, मगर बाद में स्वास्थ्यगत कारणों के चलते उन्होंने दूरी बना ली थी। अब जबकि प्रदेश में उपचुनाव हो गया इसके बाद वे अब फिर से अपने जन्मदिन के बहाने छिंदवाड़ा पहुंचे हैं। 18 नवंबर को वे अपने बेजान गढ़ में एक बार फिर जान फूंकने की कवायद करने जा रहे हैं। उनके समर्थकों ने राजधानी पहुंचने के बाद ही इस बात का संकेत दिया था कि कमलनाथ फिर प्रदेश में सक्रिय नजर आएंगे। हालांकि फिलहाल यह माना जा रहा है कि कमलनाथ खुद अपनी कमजोर हुई छिंदवाड़ा की जमीन को मजबूत बनाना चाह रहे हैं। इसके चलते उन्होंने छिंदवाड़ा में सक्रियता दिखाई है और जन्मदिन के बहाने कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस को मजबूत बनाने का प्रयास करना शुरू कर दिया हैं।
 
कई साथी साथ छोड़कर बन गए भाजपाई
कमलनाथ और छिंदवाड़ा को एक दूसरे का पर्याय बने 4 दशक से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन छिंदवाड़ा में पिछला एक साल कांग्रेस और कमलनाथ दोनों के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। कमलनाथ के कई करीबी हाथ छुड़ाकर भाजपा में गए, तो छिंदवाड़ा लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ को करारी हार झेलनी पड़ी। भाजपा के तंज से इधर कांग्रेस कमलनाथ के जन्मदिन को सियासत से अलग करके देख रही है। कांग्रेस का मानना है कि कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। उनका छिंदवाड़ा से रिश्ता भाजपा नहीं समझ सकती। वे एक बार फिर अपने गढ़ में ताकत दिखाने जा रहे हैं।
 
पहले महाकौशल, फिर प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की छिंदवाड़ा में बढ़ी सक्रियता को लेकर कांग्रेस में उनके समर्थकों का कहना है कि कमलनाथ के लिए हमेशा ही पहले छिंदवाड़ा और महाकौशल रहा है। इसके बाद वे प्रदेश में कांग्रेस के मजबूत करने की कवायद करते हैं। इस बार भी वे पहले छिंदवाड़ा और महाकौशल में कमजोर हुई कांग्रेस को पहले मजबूत करेंगे, इसके बाद प्रदेश स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। कमलनाथ समर्थकों का मानना है कि बिना कमलनाथ प्रदेश में कांग्रेस मजबूत नहीं हो सकेगी। 

गुरुवार, 5 सितंबर 2024

आदिम जाति विभाग में आवेदन करें, 65 साल तक शिक्षक बने रहें

आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने की घोषणा

भोपाल। शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि 62 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक आदिम जाति कल्याण विभाग में आवेदन करें, उन्हें विभाग के स्कूलों में 65 साल की आयु तक सेवा करने का अवसर दिया जाएगा।
आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह आज खंडवा में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। शाह ने कहा कि शिक्षकों का जितना सम्मान किया जाए वह काम है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी ,विज्ञान, खेल और गणित के विषयों के शिक्षकों की बड़ी कमी है। इस विषय के जो शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं और अपनी सेवा देना चाहते हैं, वह 65 साल की उम्र तक पे माइनस पेंशन योजना के तहत अपने सेवा दे सकेंगे। जल्दी ही इस तरह का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि  आदिम जाति विभाग में आवेदन करें।  हम उन्हें 11-11 महीनों तक विस्तार देते हुए 65 साल तक उनकी सेवा लेंगे। मंत्री ने कहा कि सेवा विस्तार के लिए पांच साल की परफारेंस चेक की जाएगी। बेहतर परिणाम वाले शिक्षकों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

बुधवार, 4 सितंबर 2024

सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों वाला जनजातीय गांव

प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी दे रहे सेवाएं

भोपाल। मालवा अंचल का एक गांव है पड़ियाल, जिसकी जनसंख्या 5 हजार 500 है। इस गांव से 100 से अधिक अधिकारी है, जो देश-प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में सेवारत है। इस गांव के हर घर में औसत एक शासकीय कर्मचारी भी हैं, जिनकी संख्या 300 है। यहां के युवकों में प्रतियोगी परीक्षाओं में आने की होड़ आजादी के समय से ही शुरू हो गई थी। इतना ही नहीं आजादी के बाद हुए विधानसभा चुनाव में यहां के बापू सिंह अलावा कुक्षी विधानसभा के पहले विधायक रहे।
यह गाँव धार जिले के डही विकासखंड के अंतर्गत आता है। जहां साक्षरता दर 90 प्रतिशत है। अधिकारियों के गांव के नाम से मशहूर पड़ियाल में लोग सिर्फ अफसर बनने का सपना देखते हैं। साथ ही यहाँ के युवा अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में कोई इंजीनियर है तो कोई बिजनेस कर रहा है। गाँव में हायर सेकेंडरी स्कूल है, जिसमें 23 शिक्षकों द्वारा 702 विद्यार्थियों को पढ़ाया-लिखाया जाता है।
गांव का सामाजिक ताना-बाना शिक्षा पर है केंद्रित
इस क्षेत्र में लंबे समय से बीआरसी के पद पर कार्य कर रहे मनोज दुबे ने शिक्षा की बेहतरी के लिए कई कार्य किए हैं। नतीजतन यहां शिक्षा की दर काफी ऊंची है। उन्होंने बताया कि गांव के 12 अधिकारी सेवानिवृत्त होकर जन-सेवा के कार्य कर रहे है। वर्तमान में अध्ययन कर रहे युवा बड़ों से प्रेरणा पाकर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे है। गांव का सामाजिक ताना-बुना शिक्षा पर केन्द्रित रहता है। बीआरसी दुबे के मुताबिक पड़ियाल में कक्षा 6 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में स्मार्ट क्लासेस शुरु की गई है। इस साल नीट में यहां के 4 विद्यार्थी जबकि जेईई मेंस में 3 विद्यार्थी चयनित होकर डॉक्टर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे है।
इनसे जाना जाता है गांव
एसपी सिंह (डीआईजी), लक्ष्मण सिंह सोलंकी (एडिशनल एसपी), नरेंद्र पाल सिंह (कार्यपालन यंत्री), एमपी सिंह (एसी पीडब्ल्यूडी), डीएस रणदा (अपर संचालक ग्रामीण विकास), नवल सिंह डोडवा (एसडीओ पीडब्ल्यूडी), बीएस चौहान (डीपीओ गृह विभाग), अर्जुन सिंह जमरा (एसडीओ पीडब्ल्यूडी), महेंद्र सिंह अलावा (महाप्रबंधक एयरपोर्ट नई दिल्ली), पर्वत सिंह अलावा (आईईएस रेलवे), महेंद्र पाल अलावा (आईईएस वायरलेस एंड लोकल लूप, मेडिकल ऑफिसर, डॉक्टर सुमेर सिंह अलावा, डॉक्टर के.सी. राणे, डॉक्टर केवल सिंह जमरा, लोकेन्द्र अलावा (एसडीओ आरईएस), करण रणदा (एसीएफ), सुखलाल अलावा (परियोजना अधिकारी जिला पंचायत), सुरेंद्र अलावा (प्रबंधक हेल्थ विभाग), मनीष अलावा (प्रबंधक उद्योग), मुकेश नंदा (एईओ आबकारी), विजेंद्र सिंह मुझाल्दा (प्लाटून कमांडर) सहित अन्य उच्च पदों पर अधिकारी बन देश-प्रदेश में सेवाएं दे रहे है।
गांव की बेटियों ने भी किया नाम रोशन
इस गाँव की बेटियाँ भी किसी से कम नहीं है। यहाँ से पढ़-लिख कर अनेक बेटियों ने गाँव का नाम रोशन किया है। इसमें बबीता बामनिया (डीएसपी), कौशल्या चौहान (टीआई), शकुंतला बामनिया (टीआई), प्रियंका अलावा (थानेदार), रिंकी बामनिया (वाणिज्यिकर अधिकारी), शीतल अलावा (एई एमपीईबी), प्रिया रणदा (एईओ आबकारी), सुनयना डामोर (सिविल जज), गरिमा अलावा (उप निरीक्षक आबकारी), किरण जमरा (नायब तहसीलदार), सुचित्रा रणदा (कराधान अधिकारी), मीना अलावा (सहायक आयुक्त), डॉ. निधि सिंह (एमएस), डॉ. वस्ती रणदा (एमडी), डॉ. निलमणी अलावा (एमएस), डॉ. रिंकू रणदा (एमडी), डॉ. रश्मि रणदा (एमडी), डॉ. अंजना अलावा (प्रोफेसर), डॉ. अनुभूति अलावा (बीडीएस), डॉ. नेहा अलावा (एमएस), डॉ. शर्मिला जमरा (एमडी), संतोषी अलावा (प्रोफेसर), बसंती अलावा (प्रोफेसर) सहित अन्य बेटियाँ उच्च पदों पर पदस्थ है।

रविवार, 1 सितंबर 2024

मुस्लिम महिलाएं मस्जिदों में पढ़ सकेंगी नमाज

ईदगाह की मस्जिद से हुई इसकी शुरूआत

भोपाल। राजधानी की मस्जिदों में अब मुस्लिम महिलाएं भी नमाज अदा कर सकेंगी। महिलाओं के मस्जिद में सजदा करने की यह रिवायत 94 साल पहले खत्म हो चुकी थी। इसकी शुरुआत बीते शुक्रवार यानी 30 अगस्त को जुमे की नमाज अदा करने के साथ की गई।
मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में जाकर नमाज अदा करने के लिए राजधानी की ईदगाह की नजमुल मस्जिद में तमाम खास इंतजाम किए गए। बीते शुक्रवार 30 अगस्त को  महिलाओं ने मस्जिद में नमाज अदा की। इसे लेकर ऑल इंडिया वुमन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाहिस्ता अंबर ने कहा है, भोपाल में महिलाओं की नमाज अदायगी पूरे हिंदुस्तान के लिए पैगाम है। इसके बाद आम नमाजों में भी इसकी शुरुआत की जाएगी। आने वाले शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज शहर की महिलाओं के लिए खास होगी। मस्जिद की प्रबंधन कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यहां नमाज पढ़ने आने वाली महिलाओं के लिए पर्दे के साथ अलग फ्लोर पर इंतजाम किए गए हैं।  महिलाओं के वुजू और वॉशरूम का भी अलग से इंतजाम किया गया है। मस्जिद नजमुल में जुमे की नमाज का खुतबा दोपहर एक बजे शुरू होता है। यहां आने वाली महिलाएं एक अलग फ्लोर पर खुतबा भी सुन पाएंगी। साथ ही इमाम द्वारा पढ़ाई जाने वाली नमाज में जमात के साथ शामिल हो सकेंगी।
नवाबों के शासन में  महिलाएं मस्जिद में पढ़ती थी नमाज
भोपाल की रियासत अक्सर बेगमों के हाथ में रही है। उस जमाने में महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की पूरी इजाजत थी। बकायदा मस्जिद में नमाज के लिए उनको अलग से सुविधाएं मुहैया कराई जाती थी। भोपाल की कुलसुम बिया, मस्जिद मांजी साहिबा, मस्जिद नन्हीं बिया जैसी कई मस्जिदें महिलाओं के ही नाम पर हैं। जब तक बेगमों का शासन रहा तब तक महिलाओं का मर्दों की तरह मस्जिदों में नमाज अदा करना आम बात थी। हालांकि, भोपाल में स्थित एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताजुल मसाजिद में महिलाओं के नमाज पढ़ने की अलग से व्यवस्था है।
बेगमों का दौर खत्म हुआ तो महिलाओं सीमित कर दिए दायरे
भोपाल में साल 1930 में नवाब सुल्तान जहां बेगम का जब निधन हुआ, उसके बाद ही समाज में कायम रिवाजों में बदलाव आने शुरू हुए। साल 1950 आते-आते महिलाओं ने मस्जिदों में नमाज पढ़ना बंद कर दिया। हालांकि, यह किसी फतवे या मर्दों के द्वारा चलाई गई मुहिम के कारण नहीं हुआ था, बल्कि बेगमों का दौर खत्म होते ही महिलाओं ने अपने दायरे सीमित कर लिए थे।
 

सनातन संस्कृति को निरंतर कायम रखा हमारे संतों ने

  • मुख्यमंत्री ने जैन आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज से लिया आशीर्वाद

भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि संतों का आर्शीवाद पूंजी की तरह है। हमारे देश में संतों और धर्माचार्यों का स्थान सर्वोच्च है। सम्पूर्ण समाज संतों से मार्गदर्शन प्राप्त करता है। हमारे संतों ने सनातन संस्कृति को निरंतर कायम रखा है।

मुख्यमंत्री डा मोहन यादव आज राजस्थान के झालरापाटन में जैन मुनि श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के 52 वें जन्म दिवस और 36 वें चातुर्मास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का आर्शीवाद पूंजी की तरह है। हमारे देश में संतों और धर्माचार्यों का स्थान सर्वोच्च है। सम्पूर्ण समाज संतों से मार्गदर्शन प्राप्त करता है। हमारे संतों ने सनातन संस्कृति को निरंतर कायम रखा है। किसी मनुष्य ने स्वर्ग नहीं देखा लेकिन संतों का सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना जीवन को धन्य करने और स्वर्गिक आनंद की अनुभूति प्राप्त करने जैसा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काल के प्रवाह में यूनान,रोम और कई देशों का अस्तित्व और सभ्यता खत्म हो गई क्योंकि उन देशों में संत परंपरा नहीं थी।
मेरी जन्म वर्षगांठ पर निरंतर तीन वर्ष आकर हैट्रिक बनाई
जैन मुनि प्रज्ञा सागर जी महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश की उन्नति के लिए समर्पित और ऊर्जावान मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. यादव ने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद भी दिया। आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेरे 50 वें और 51 वें जन्मदिवस पर उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में पधारे थे। आज वे मुख्यमंत्री के रूप में आए हैं। निश्चित ही उनका यह भाव प्रभावित करता है। उन्होंने मेरी जन्म वर्षगांठ के अवसर पर निरंतर तीन वर्ष आकर हैट्रिक बनाई है। इस चातुर्मास कार्यक्रम और महोत्सव को उन्होंने बहुमुखी बना दिया है।
अच्छे काम मनुष्य को बना देता है देव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोटरी क्लब उज्जैन द्वारा संचालित इंटरसिटी साक्षरता कार्यक्रम के प्रतिनिधियों को आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कई जन्मों के पुण्य के बाद मनुष्य का जन्म प्राप्त होता है। इसके साथ ही सेवा का अवसर भी मिलता है। अपने सद्कर्मों से मानव बना जा सकता है। अच्छे कार्य मनुष्य को देव बना देते हैं। देव या देवता वही होता है जो देने का भाव रखे। मुख्यमंत्री ने रोटरी क्लब के सदस्यों को उज्जैन में रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के लिए अधोसंरचना तैयार करने और रतलाम में रोगियों के लिए डायलेसिस की सुविधा प्रारंभ करने की प्रशंसा की।

सोमवार, 12 अगस्त 2024

होम-स्टे करना है, तो पर्यटन ग्राम सावरवानी जरूर आइये

 शहर की भागदौड़ और कोलाहल से दूर प्रकृति की गोद में बसे किसी गाँव में होम-स्टे करना हो तो  अपने मध्यप्रदेश में ही एक बेहद सुन्दर लोकेशन मौजूद है। अब से पहले तक गुमनामी में डूबा एक गाँव अब देश-प्रदेश के होम-स्टे आकांक्षियों के लिये “बेस्ट होम-स्टे डेस्टिनेशन” बन गया है। बात हो रही हैं छिंदवाड़ा जिले के जनजातीय ब्लॉक तामिया के पर्यटन ग्राम सावरवानी की जो आजकल खासा ट्रेन्ड में है। मध्यप्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की “होम- स्टे” परिकल्पना से विकसित किये गये सावरवानी गाँव में इन दिनों मध्यप्रदेश के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों के पर्यटक केवल ये देखने आ रहे हैं कि इस गाँव में रहना कितना आनंददायी है। यहाँ गाँव की जनजातीय बालिकायें इसी होम-स्टे के बारे में गाईड और संचालक के रूप में कार्य कर रहीं है।

म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने इस गाँव के होम-स्टे को मॉडल के रूप में विकसित किया है। होम-स्टे करने वाले पर्यटक यहाँ दी जा रही बेहतरीन सुविधाओं की तारीफ करते नहीं थकते। हाल ही में तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य के “होम-स्टे सुविधा प्रदाता” सावरवानी में दी जा रही सुविधाओं की केस स्टडी करने आये थे। बीते दिनों छिन्दवाड़ा जिले के धूसावानी के होम-स्टे संचालक तीन दिन के प्रशिक्षण पर सावरवानी आये। सहयोगी संस्था सतपुड़ा सेल्फ रिलायंट फॉर्मर के साथ रिस्पांसिबल ग्राम अंचल पर्यटन जागरूकता समिति धूसावानी के सदस्यों ने सावरवानी की होम-स्टे एक्टिविटी देखी और यहां रुके पर्यटकों से रीयल टाईम फीडबैक लिया। खरगौन, छतरपुर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम व अन्य जिलों से कई एक्सपोज़र ग्रुप्स भी सावरवानी का विजिट करके जा चुके हैं। वे यहाँ होम स्टेयर्स (पर्यटकों) को दिए जा रहे घरेलू भोजन, सुविधाओं और अन्य मनोरंजन गतिविधियों को देखकर आश्चर्य चकित हो गये। इन एक्सपोजर ग्रुप्स ने तय किया कि वे अपने गांव के होम-स्टे को भी सावरवानी मॉडल जैसा ही बनाएंगे, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और पर्यटक खुद को सुरक्षित भी महसूस करें।

होम-स्टे आकांक्षियों को सावरवानी मॉडल दिखाने में मध्यप्रदेश टूरिज्म डेवलपमेन्ट बोर्ड की 'रिस्पांसिबल टूरिज्म' अवधारणा सफल रही। जनजातीय बहुल इस पर्यटन ग्राम में इन दिनों विकास के कई काम चल रहे हैं। इन होम-स्टे में शुचिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटकों को यहाँ तक पहुँचने और रहने में कोई असुविधा न हो, इस पर खासी मेहनत की जा रही है। पर्यटकों को विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है ताकि वे ज्यादा दिन स्टे करें। आज कल सावरवानी के सारे होम-स्टे पर्यटकों से भरे रहते हैं।

यहाँ पर्यटकों के लिये नया क्या ?

यहां प्रकृति की सुरम्य वादियों के बीच होम-स्टे के लिये मिट्टी के घर (मड हाउस) बने हैं। पर्यटक मात्र तीन हजार रूपये रोजाना की दर से (2 वयस्क और एक अवयस्क बच्चे के साथ) यहाँ रह सकते हैं। दोनों वक्त का भोजन एवं चाय नि:शुल्क मुहैया कराई जाती है। रात में गांव के लोकल ट्राईबल ग्रुप द्वारा शैला लोकनृत्य से पर्यटकों का मनोरंजन किया जाता है। गांव में सतधारा झरना भी है। पास के अनहोनी गांव में गर्म पानी के कुण्ड का विजिट भी पर्यटकों के लिये प्रमुख आकर्षण का विषय है। मान्यता है कि यहां के पानी को त्वचा में लगाने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। गांव के निकट ही एक मौनी बाबा की पहाड़ी है। पर्यटकों को इस पर ट्रेंकिंग भी कराई जाती है। जनजातीय बालिकाएं पर्यटकों को गाईड करती हैं। सावरवानी में कुल 67 होम-स्टे बनने हैं। अब तक 7 प्रारंभ हो चुके हैं। मप्र टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की 'महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन योजना' के तहत संचालित इन होम-स्टे को पर्यटकों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सैकड़ों पर्यटकों से मिल रही सराहना से यहाँ के होम-स्टे संचालक बेहद उत्साहित हैं।

निकाय जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी

महापौर का वेतन 26 हजार चार सौ, नगर पालिका अध्यक्ष को मिलेंगे 72 सौ 


भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज एक बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में निकाय जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोशणा की है। अध्यक्ष से लेकर पार्षदों तक के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इस घोशणा के बाद महापौर को अब 26 हजार चार रूपए वेतन मिलेगा। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष को 72 सौ रूपए का मानदेय मिला करेगा। 

मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह घोशणा आज सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित देवी अहिल्याबाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन और रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधति करते हुए की। मुख्यमंत्री  ने नगर पालिका, नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद के पार्षदों का भी मानदेय बढ़ाने की घोशण की है। अब मध्य प्रदेश में नगर पालिका अध्यक्ष को 7200 रुपए की राशि दी जाएगी। वहीं नगर निगम महापौर को अब 22 हजार की जगह 26 हजार रुपए वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही बेहतर काम करने वाले नगर निगम को 5 करोड़ और बेहतर काम करने वाली नगर पालिका को 2 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। 

अब इतना मिलेगा मानदेय/ वेतन

महापौर को पहले 22 हजार रूपए अब अब 26 हजार 400, नगर निगम उपाध्यक्ष को पहले 18 हजार  अब 21 हजार 600,  नगर निगम पार्षद को पहले 12 हजार अब 14 हजार 400, नगर पालिका अध्यक्ष को पहले 6 हजार  अब 7 हजार 200, नगर पालिका उपाध्यक्ष को  पहले 4 हजार 800, अब 5 हजार 760,  नगर पालिका पार्षद को  पहले 3 हजार 600 अब  अब 4 हजार 320, नगर परिषद अध्यक्ष को  पहले 4 हजार 800 अब 5 हजार 760, नगर परिषद उपाध्यक्ष को पहले 4 हजार 200 अब 5 हजार 40, नगर परिषद पार्षद को पहले 2 हजार 800  अब 3 हजार 3 हजार 360 मानदेय, वेतन के रूप में मिला करेगा। 

ननि क्षेत्र में 24 मीटर सड़क चौड़ीकरण, मुआवजा एफएआर से

मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से टीडीआर का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़क चौड़ीकरण हुआ है, वहां मुआवजे का मुद्दा था। अब अगर नगर निगम एरिया में 24 मीटर से ज्यादा सड़कों के चौड़ीकरण के लिए किसी की भी जमीन या घर लिया जाएगा, तो उसे एफएआर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। पैसा जो है नगर निगम के पास आएगा।


माँ है तो जहान है, माँ तो महान है, माँ ही सर्वशक्तिमान है

 10 अगस्त 2024 को मध्य प्रदेश शासन द्वारा 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, एडीजीपी डीसी सागर का शहडोल जोन से शिकायत शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल स्थानांतरण कर दिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि शहडोल जोन में 8 सितंबर, 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने लगातार 2 वर्ष 11 माह (लगभग 3 वर्ष) का लंबा बेदाग कार्यकाल पूरा किया है। 

एडीजीपी डीसी सागर ने बताया कि उनकी माँ अत्यधिक बीमार है, जिनका उपचार 01.08.2024 से एम्स अस्पताल भोपाल में कराया जा रहा है। उनके बेहतर ईलाज और देखभाल के लिए उन्होंने अपना स्थानांतरण भोपाल करने के लिए माननीय पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश से अनुरोध किया था। पुलिस मुख्यालय भोपाल स्थानांतरण के लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश का ह्रदय से आभार व्‍यक्‍त किया है।  

उन्होंने बताया कि एक बेटे के रूप में अपनी मां के चिकित्सकीय स्वास्थ्य और खुशी का ख्याल रखना मेरा प्राथमिक कर्तव्य है।

साथ ही माँ को एम्स में भर्ती कराने के लिए उन्होंने डॉ. नकवी सर (पूर्व-एसडीजीपी) का भी आभार व्यक्त किया।

वर्तमान में 10 दिन के इलाज के बाद उनकी माँ को एम्स से छुट्टी मिल गई है। परंतु मां के Bone Marrow Aspiration की  रिपोर्ट आना शेष है।

माँ  की असीम शक्ति के प्रति बचपन से यही  सर्वोच्च सम्मान और भावनाएं रही है 

"माँ "

माँ  है तो जहान है

माँ तो महान है

माँ ही सर्वशक्तिमान है

माँ की सेवा देश भक्ति समान है।

माँ के त्याग से बनता इंसान है।

माँ काआशीर्वाद में सफलता की कमान। 

माँ है धैर्य, शौर्य और प्रगति का दूसरा नाम।

रविवार, 11 अगस्त 2024

हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाएंगे अधिकारी

सरकार ने सौंपी जिम्मेदारी, प्रतिदिन देंगे रिपोर्ट


भोपाल। प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस दौरान कलेक्टर, कमिश्नर से यात्रा, मेले-रैलियां, सेल्फी, संगीत की डेली रिपोर्ट देने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के 1.5 करोड़ परिवारों से तिरंगा लगाने की अपील की है। प्रदेश में भाजपा आज 11 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान चलाएगी। विधानसभा में यात्राएं निकाली जाएगी। डेढ़ करोड़ घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। इस अभियान में भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंकेगी। मंत्री, विधायक, सांसद, पंचायत अध्यक्ष, सभी जनप्रितिनिधि, पार्षद, सरपंच सभी भूमिका निभाएंगे। अकेले भाजपा 50 लाख झंडे पहुंचाएगी। 11, 12, 13 अगस्त को हर विधानसभा में युवा मोर्चा तिरंगा यात्रा निकालेगा। भाजपा 14 अगस्त को भारत विभाजन विभीषिका दिवस मनाएगी। जिलों में प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। कलेक्टर और कमिश्नर से यात्रा, मेले-रैलियां, सेल्फी, संगीत की डेली रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में सामान्य प्रभासन विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किया है।

सीता-गीता नाम रखने से कुछ नहीं होता, इतिहास पता होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा युवा पीढ़ी महिला विभूतियों के शौर्य के बारे में जाने


भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत का पिछले 500 वर्ष का इतिहास देखें तो वह महिलाओं के गौरव और शौर्य से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का 500वां वर्ष चल रहा है। आज की युवा पीढ़ी को उनके शौर्य के बारे में जानकारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीता-गीता नाम रखने से कुछ नहीं होता, बल्कि उनके पीछे का इतिहास हमें पता होना चाहिए।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित छात्राओं के संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं प्रारंभ से शौर्य और पराक्रम का महत्वपूर्ण उदाहरण रही हैं। भारत का इतिहास महिलाओं के साहस से भरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में भारत की संसद और विधानसभा में एक तिहाई स्थान पर महिलाओं के निर्वाचन के प्रावधान के प्रयास ऐतिहासिक होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का पिछले 500 वर्ष का इतिहास देखें तो वह महिलाओं के गौरव और शौर्य से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का 500वां वर्ष चल रहा है। आज की युवा पीढ़ी को उनके शौर्य के बारे में जानकारी होना चाहिए। मध्यप्रदेश की बेटी रानी दुर्गावती ने अपने शासन काल में 51 लड़ाईयां लड़ीं। रानी दुर्गावती ने अकबर की सेना को पूरी वीरता के साथ तीन बार पराजित किया। मुख्यमंत्री ने झांसी की रानी की वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने देवी अहिल्या बाई के शासन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि देवी अहिल्या बाई ने अपने कार्यकाल में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों सोमनाथ, उज्जैन, बनारस में विशाल मंदिरों का निर्माण कराया। उनकी धर्म के प्रति सच्ची निष्ठा को पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
महान महिला  विभूतियों   से प्रेरणा लें छात्राएं
प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रतिभाशाली बेटियों ने देश और दुनियां में मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से आग्रह किया की वे देश की महान महिला विभूतियों से प्रेरणा लें। उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें। भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति को दुनिया में श्रेष्ठ संस्कृति के रूप में पहचाना जाता है।
19 लाख छात्राओं को अंतरित की गई राशि
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना में 19 लाख छात्राओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों और महाविद्यालय की छात्राओं को स्वच्छता के महत्व और उनके उपायों के बारे में जानकारी दी जाती है।

शनिवार, 10 अगस्त 2024

लाड़ली बहनों के साथ बना रहे लाडले भाईयों के लिए योजना

मुख्यमंत्री ने कहा बुंदेलखंड के विकास में नहीं आएगी कोई कमी


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के साथ अब सरकार लाडले भाईयों के लिए योजना बनाने जा रही है। लाड़ले भाईयों को रोजगार के अवसर मिले, इसके लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के विकास में हम कोई कमी नहीं आने देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात आज टीकमगढ़ में आयोजित रक्षा बंधन और श्रावण उत्सव को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्यौहार की श्रेष्ठता इसी बात से समझी जा सकती है कि अतीत में बहनों के रक्षासूत्र ने बिगड़ते संबंधों की डोर संभाली और हथियार डलवा कर युद्धों को भी समाप्त करवा दिया। बहनों के सम्मान में आज पूरे प्रदेश में 25 हजार से अधिक स्थानों पर रक्षाबंधन का कार्यक्रम मनाते हुए बहनों को उनके खातों में 15 सौ की राशि हस्तांतरित की जा रही है। भाई-बहन का त्यौहार सर्वात्तम टीकमगढ़ में हम किसी बात की कमी नहीं होने देंगे। राज्य सरकार किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी और लाड़ली बहनों के लिए लगातार कार्य करती रहेगी। आज एक करोड़ 39 लाख लाड़ली बहनों को 1250 रुपए प्रतिमाह मिलने के साथ 250 रुपए की उपहार राशि भी प्राप्त होगी।
उद्योगों में रोजगार मिलेगा लाडले भाईयों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों के साथ लाड़ले भाइयों के लिए भी योजना बना रही है। इसमें प्रदेश में जिसके अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्योगों में उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश में युवाओं की क्षमता और योग्यता में कमी नहीं है। उन्हें अवसर देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश जाने के लिये प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर समिट की जा रही है। इसी श्रृंखला में ग्वालियर और सागर में भी इन्वेस्टर समिट होगी। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के अलग अलग अंचलों में विभिन्न उद्योग लगेंगे। इन उद्योगों के माध्यम से हमारी लाड़ली बहने और भाइयों को रोजगार मिलेगा और आर्थिक रूप से समृद्ध बनेंगे।
टीकमगढ़ में खुलेगा मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खुलेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट अभी साढे तीन लाख करोड़ रुपए का है और आने वाले 5 वर्षों में हम इसे 7 लाख करोड़ रुपए तक कर देंगे। सरकार हर वर्ग की बेहतरी और उत्थान के लिए दृढ़ संकल्पित है। पशु पालकों आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है, शीघ्र ही दुग्ध-उत्पादन पर बोनस देने का कार्य भी किया जाएगा।

जल्द होगा केन-बेतरवा परियोजना का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को मिलाकर एक लाख करोड़ रुपए की लागत से केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय लिंक परियोजना को मूर्त दिया जा रहा है, जिसका शिलान्यास शीघ्र होगा। इस परियोजना से बुंदेलखंड के हर किसान के हर खेत तक पानी पहुंचेगा और बरसों की सूखे की समस्या होगी।
लाड़ली बहनों के खतों में डाले 1897 करोड़
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज शनिवार को श्योपुर जिले के विजयपुर से प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1897 करोड़ रूपये की राशि के सिंगल क्लिक से अंतरित की गई है। इसमें लाड़ली बहना योजना राशि के 1250 रूपये के अतिरिक्त 250 रूपये की राशि मुख्यमंत्री भैया का रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को उपहार है। साथ ही उज्ज्वला योजना अंतर्गत बहनों को 52 करोड़ रुपए की अनुदान राशि भी अंतरित की गई है। स्व-सहायता समूह की बहनों को 10 हजार 300 करोड़ की ऋण राशि विभिन्न स्व-रोजगार गतिविधियों के लिए वितरित की गई है। यह बहनें विभिन्न प्रकार के उत्पाद निर्मित कर आत्म-निर्भर बन रही है और रिकॉर्ड बना रही है।

शुक्रवार, 9 अगस्त 2024

दिग्विजय सिंह की सलाह, आस्तीन के सांपों से सचेत रहें

अरुण यादव ने किया समर्थन, पटवारी रहे मौन

भोपाल। अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस बार पार्टी के अंदर आस्तीन के सांप होने वाले बयान को लेकर चर्चा में आए हैं। उनके इस बयान का पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने समर्थन किया है, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयान पर मौन साध लिया है।
दरअसल ग्वालियर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने आज नागपंचमी पर्व का उल्लेख किया और कहा कि आज नागपंचमी है, सब लोग नाग की पूजा करो, लेकिन आस्तीन के सांपों से सचेत रहो। सिंह के इस बयान ने प्रदेश कांग्रेस में हलचल मचा दी है। अब नेता अपने आस-पास आस्तीन के सांप तलाश रहे हैं। सिंह के इस बयान को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की सबसे मजबूत और पुरानी पार्टी है हमारा निष्ठावान कार्यकर्ता आज भी हमारे साथ खड़ा है, जो लालच, फरेब और निजी स्वार्थ के लिए दूसरी पार्टी में गए हैं जो विचार भी कर रहे हैं। हमारी पार्टी में वापसी करने का उनके लिए पार्टी में अब कोई स्थान नहीं है। यादव का इशारा पार्टी छोड़कर भाजपा में गए नेताओं की ओर था। वहीं इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मौन साधा हुआ है। उन्होंने किसी तरह का बयान देने से दूरी बनाए रखी है।
उमंग ने भाजपा को बताया जहरीला सांप
कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की तुलना जहरीले सांप से कर दी है। सिंघार ने धार में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आदिवासियों को डसने के लिए भाजपा जहरीले सांप की तरह हो गई है। हम आदिवासियों का अपमान सहन नहीं करेंगे। सिंघार ने कहा कि जिस प्रकार से विश्व आदिवासी दिवस का विरोध कर रही है आज छुट्टी नहीं रखी है। जब आप हर समाज को छुट्टी दे सकते हो। राखी हो, मोहर्रम हो, चाहे दीवाली हो। जब विश्व में आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है तो मध्य प्रदेश सरकार को क्या परेशानी है। उन्होंने छुट्टी नहीं देने को आदिवासी समाज का अपमान बताया है। आदिवासियों का अपमान करेगी हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

संघ कार्यालय से हटाई सुरक्षा, 15 साल से तैनात से एसएएफ जवान


भोपाल। राजधानी स्थित संघ कार्यालय समिधा पर पंद्रह सालों से तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को हटा लिया गया। संघ कार्यालय में क्षेत्रीय पदाधिकारी रहते हैं, इसके अलावा भाजपा संगठन के पदाधिकारी, मंत्री विधायकों और मुख्यमंत्री का भी वहां समय-समय पर जाना होता रहता है।

राजधानी के ई-2 अरेरा कॉलोनी स्थित संघ कार्यालय समिधा पर करीब पंद्रह सालों से एसएएफ के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। ये कर्मचारी संघ कार्यालय के बाहर टेंट लगातार सुरक्षा में तैनात रहते थे। कार्यालय की सुरक्षा के लिए हमेशा एसएएफ के पांच जवान तैनात रहा करते थे। इन जवानों को पुलिस ने वहां से हटा लिया है। पुलिस का तर्क है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद यहां तैनात किए जवानों को हटाया गया है। वहीं दूसरी और संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यह फैसला संघ की सहमति से ही लिया गया है। सुरक्षा में तैनात किए गए जवानों को हटाने को लेकर संघ पदाधिकारी अधिकृत रूप् से कुछ नहीं कह रहे हैं और ना ही इसका विरोध भी किया जा रहा है।
भोपाल कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि जिन स्थानों पर पुलिस सुरक्षा दी गई है, हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं। जहां पर सुरक्षा की जरूरत नहीं है, वहां से सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो फिर हम वहां सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएंगे।
पूर्व सरसंघचालक सुदर्शन के लिए बढ़ाई थी सुरक्षा व्यवस्था
समिधा आरएसएस का मध्य क्षेत्र (यानी संपूर्ण मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़) मुख्यालय है। 2009 में तत्कालीन सरसंघचालक केएस सुदर्शन ने पद से निवृत्त होने की घोषणा के बाद राजधानी स्थित समिधा को अपना निवास स्थान बनाने का फैसला लिया था। उसी दौरान कार्यालय का रिनोवेशन भी हुआ था। सुदर्शन को राज्य सरकार ने विशेष सुरक्षा प्रदान की थी। इसी वजह से यहां एसएएफ के गार्ड तैनात किए गए थे। 15 सितंबर 2012 को उनके निधन के बाद भी यह जवान वहां तैनात रहे हैं। 2019 में भी कमलनाथ सरकार के दौरान अप्रैल 2019 में यहां से सुरक्षा में तैनात जवानों को हटाया गया था। तब तर्क दिया था कि चुनाव के कारण यह व्यवस्था की है, चुनाव कार्य में जवानों की तैनाती की जा रही है। उस वक्त संघ पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संघ कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से अब तक वहां सुरक्षा मुहैया कराई जा रही थी।

गुरुवार, 8 अगस्त 2024

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को अवकाश !

 कार्पोरेट कल्चर का विरोध, लगाए गए बोर्ड को उखाड़ा


भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे एक बोर्ड को लेकर कांग्रेस सियासी बवाल हो गया। मामला इतना बढ़ा की कांग्रेस नेता अमित शर्मा ने कार्यालय पहुंचकर बोर्ड को हआ दिया। वहीं भाजपा ने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन गई है।
दरअसल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर आज गुरुवार को कार्यालय के समय और रविवार अवकाश को लेकर एक बोर्ड लगाया गया। इस बोर्ड के लगने के बाद किसी ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल कर दिया। बस यह फसाद का कारण बना। कांग्रेस पदाधिकारियों को पता चला कि सरकारी कार्यालय की तरह अब प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भी सुबह 11 बजे से ष्शाम 6 बजे तक खुलेगा। इतना ही नहीं रविवार को अवकाश भी रहेगा। इसके लेकर सियासी बवाल खड़ा होता नजर आया। जैसे ही ये खबर फैली कांग्रेस के अंदरखानों में हड़कंप मच गया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इस कार्पारेट कल्चर के खिलाफ बगावत भी शुरु हो गई। इसके बाद कांग्रेस पार्षद अमित शर्मा, समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और इस बोर्ड को उखाड़ फेंका।
गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस अब कॉर्पोरेट कल्चर को अपनाती नजर आ रही है। कांग्रेस के कार्यालय के लगाए गए बोर्ड में बाकायदा निर्देश दिए गए हैं। इस बोर्ड में कांग्रेस दफ्तर में आने वालों लोगों के लिए साफ तौर पर निर्देश लिखे गए इस बोर्ड को आरोप-प्रत्यारोप के चलते हटा तो दिया गया, मगर कांग्रेस नेता अब भी चिंतित नजर आ रहे हैं कि आखिर कांग्रेस में हो क्या रहा है?
भाजपा ने कसा तंज
कांग्रेस कार्यालय के बाहर रविवार अवकाश और कार्यालय खुले रहने के समय का लगे बोर्ड को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा नेता नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि भाजपा तो पहले से ही यह कहती रही है कि कांग्रेस कारपोरेट कल्चर से चलेगी अब जीतू पटवारी की मध्य प्रदेश कांग्रेस है, जो सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी और रविवार को अवकाश भी रहेगा। पीसीसी के बाहर बोर्ड लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शाम 6 बजे के बाद और रविवार कांग्रेसजन छुट्टी पर रहकर मस्त रहेंगे। उन्होंने कहा कि अजीबो ग़रीब फ़ैसले लेने वाली जीतू पटवारी की कांग्रेस है। देश के इतिहास में पहली बार किसी राजनीतिक दल ने इस तरह का समय का निर्णय लिया है।

बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए सरकार

हिन्दू बेचारा नहीं, हम जवाब देने को तैयार


भोपाल। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने चिंता जताई है। विहिप ने कहा कि वहां रहने वाले हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विहिप ने भारत सरकार से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने सीमा पर कड़ी चौकसी बरतने और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विश्व हिंदू परिषद के मध्यभारत प्रांत मंत्री राजेश जैन ने कहा कि बांग्लादेश में जो घटना हुई है वहां पर चुनी हुई सरकार अब सत्ता में नहीं है। वहां की तत्कालीन प्रधानमंत्री हमारे भारत में शरण लेकर बैठी है। बांग्लादेश भारत का अंग रहा है, पहले वहां 33 प्रतिशत हिंदू थे 8 प्रतिशत रह गए हैं. लेकिन वहां पर हिंदुओं की स्थिति को लेकर सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो रही है, हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है, बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, घरों को लूटा जा रहा है। अभी वह संगठन कहां है, जो मोमबत्ती लेकर निकलते थे। हिंदुओं के लिए कोई बोलने वाला नहीं है। विश्व हिंदू परिषद केंद्र सरकार से मांग करता है बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए तत्काल कदम उठाया जाए।
जैन ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद हर स्तर पर मदद के लिए तैयार है। बांग्लादेश का ऐसा कोई जिला नहीं है, जहां पर हिंदुओं को निशाना न बनाया जा रहा हो। विश्व समुदाय की भी जिम्मेदारी है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें। इस परिस्थिति में सीमाओं को सील किया गया है, लेकिन घुसपैठ की कोशिश जारी है। सेना भी मुस्तैद है और विश्व हिंदू परिषद भी पूरी तैयार है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक इस बात को पूरी दुनिया को समझना चाहिए।
फिलिस्तीन के लिए झंडा फहराने वाले मौन क्यों ?
जैन ने कहा कि मुसलमानों से संबंधित संगठन आखिर आज क्यों चुप है, अब उनके मुंह में दही क्यों जमा है ? अपने आप को देश का हितैषी और विश्व में सामाजिक संगठन बताने वाले मुस्लिम समुदाय आज क्यों एक बात भी नहीं कर रहे हैं। समाज के लिए रोने वाले फिलिस्तीन के लिए झंडा फहराने वाले मौन क्यों हैं ? वहीं राजेश जैन ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के बयान पर भी पलटवार किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सज्जन वर्मा ऐसे खतरनाक और घटिया बयान दे रहे हैं। देश के लिए सहानुभूति नहीं रख सकते तो अपनी जुबान पर ऐसे शब्द भी न लाएं।

मध्यप्रदेश में निवेश का मिलेगा बेहतर रिटर्न : डा मोहन यादव

इन्वेस्ट मध्यप्रदेश बैंगलुरू में लगभग 3200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अपनी उद्यमशीलता, परिश्रम, व्यवस्थित कार्य पद्धति और मानव मूल्यों को समाहित करते हुए सबको साथ लेकर चलने की क्षमता के परिणाम स्वरुप ही, भारत विश्व में सदियों से सोने की चिड़िया के रूप में विख्यात रहा है। विश्व में हमारी यह पहचान भारत की उद्यमशीलता, बौद्धिकता, कल्पनाशीलता और व्यावसायिक निपुणता की परिचायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट मध्यप्रदेश  इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश के संवाद-सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में पुरुषार्थ और पराक्रम की परंपरा रही है। शासन व्यवस्था द्वारा सभी को प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की परंपरा के निर्वहन के प्रतीक स्वरूप ही विक्रम संवत की शुरूआत हुई। भारतीय परंपरा में शासन का स्वरूप सहायता प्रदान करने का रहा है, जो जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है उसे मदद उपलब्ध कराने से ही उद्यमशीलता आरंभ होती है और व्यक्ति की क्षमता-दक्षता और परिश्रम का लाभ संपूर्ण समाज को मिलता है। भारत में विद्यमान इस व्यवस्था के परिणाम स्वरुप ही भारतीय संस्कृति का विश्व में सदैव मान- सम्मान रहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जो उद्यमी और उद्योग जिस क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक हैं, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप उपयुक्त सहायता व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में सभी सेक्टरों में समान रूप से प्रगति हुई है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रहा है। उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया गया निवेश निश्चित ही अधिकाधिक रिटर्न देगा।
देश की 4 बड़ी कंपनियों के साथ हुए एमओयू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए), टाई ग्लोबल, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्टरीज एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (ईएलसीआईएनए)और एसोसिएशन ऑफजियो स्पेशियल इंडस्ट्रीज (एजीआई) के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए। आईईएसए, देश में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र को समर्पित है।
11 बड़ी कंपनियां करेंगी 32 सौ करोड़ का निवेश
बैंगलुरू में आयोजित इन्वेस्ट-मध्यप्रदेश के इंटरैक्टिव सेशन में आज मध्यप्रदेश को लगभग 3200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बैंगलुरू में 11 कंपनियों से प्रस्ताव मिले हैं। इन कंपनी में प्रमुख रूप से लेप इंडिया, एजीआई ग्लास पैक, कोका-कोला, पूर्वाषा ग्रुप, मेटेक्नो, थियगाराजन मिल्स, प्रिंट प्वाइंट फॉर्म पैकेजिंग, फीदरलाइट इंडिया, एसआरवी नीट टेक प्राइवेट लिमिटेड, केनेस टेक्नोलॉजी और एसके मिल्स शामिल है।

बुधवार, 7 अगस्त 2024

पेपरलेस होगी कैबिनेट की कार्रवाई, लाड़ली बहनों को मिलेगा उपहार

कैबिनेट बैठक में लिया फैसला, बहनों के खातों में डाली जाएगी 19 सौ करोड़ की राशि

भोपाल। सरकार ने कैबिनेट को पेपरलेस करने का बड़ा फैसला लिया है। अब कैबिनेट से जुड़े तमाम फैसले ऑनलाइन किए जाएंगे। इसके अलावा लाड़ली बहनों को रक्षा बंधन उपहार देने का फैसला लिया है। सरकार द्वारा 10 अगस्त को प्रतिमाह मिलने वाले 1250 रूपए के अलावा लाड़ली बहनों के खातों में 250 रूपए अतिरिक्त डाले जाएंगे।  
मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में लिए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में कैबिनेट की पेपरलेस व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री  ने कहा कि सरकार का यह कदम ग्रीन स्टेट की तरफ मध्यप्रदेश को ले जाने का है। 1 टन कागज में 17 पेड़ कटते हैं। इसलिए ई कैबिनेट में सरकार के कार्य नियम में भी बदलाव किया गया है। सरकार ई गवर्नेंस की तरफ कदम बढ़ा रही है। बैठक में तय किया गया कि 10 अगस्त को प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में 1250 रुपये के साथ रक्षाबंधन के उपहार के रूप में 250 रुपए की राशि भी पहुंचेगी। इसके जरिए सरकार 1900 करोड़ की राशि खातों में डालेगी।
विजयवर्गीय ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या सीमांकन और नामांकन होती है। इसके लिए 1 माह का अभियान चलाया गया था, अब सायबर तहसील का भी निर्णय हो गया है। सायबर तहसील के बनने से 25 से 30 दिनों में ऐसी सभी समस्याओं का निराकरण होगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में अलग-अलग विभागों में कार्य आवंटन का निर्णय लिया गया। विजयवर्गीय ने कहा कि विभागों के कामों में पारदर्शिता आए। इसके लिए कार्य आवंटन में तकनीक का उपयोग किया गया है। वित्त विभाग की दो संस्थाओं को मिलाकर पीएमयू का गठन किया जाएगा। इसमें पदों का सृजन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के बजट के निर्माण से लेकर अन्य वित्तीय निर्णय के लिए सरकार कॉन्ट्रैक्ट पर एक्सपर्ट भी रखेगी।
जेलों में होंगे सुधारात्मक कार्यक्रम
विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश की जेलों में भी सुधारात्मक कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही जेलों में कैदियों को तकनीकी शिक्षा और कौशल उन्नयन का काम किया जाएगा। जेल सुधार के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है। कैबिनेट में निर्णय लिया गया कि मैहर और बुरहानपुर में नई जेल बनाई जाएंगी।
राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
प्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से किया जाएगा। इसके अलावा उनके अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को 10 हजार रुपए की राशि भी दी जाएगी। पिछले दिनों हुए कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों ने इसकी मुख्यमंत्री से मांग की थी, इसको लेकर मुख्यमंत्री ने मंच से ही पूरा करने का ऐलान किया था।
कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
15 अगस्त को गरीब कैदियों को रिहा किया जाएगा और सरकार उनके जुर्माने का भुगतान करेगी।
राज्य के सभी आदिवासी छात्रावासों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर सरकार छात्रावासों में सुधार के लिए धनराशि आवंटित करेगी।
9 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हर घर में तिरंगा लगाया जाएगा और विभिन्न स्तरों पर रैलियां निकाली जाएंगी। स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना का बदला नाम

शिवराज के फैसले पर मोहन सरकार ने लगाई मोहर

भोपाल। मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना का नाम बदलकर लाडली बहना आवास योजना कर दिया गया है। इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को आदेश जारी कर दिए हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मंत्री परिषद आदेश क्रमांक 7 दिनांक 9 सितम्बर 2023 के अनुक्रम में मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना का नाम संशोधित कर मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना किया गया है। योजना को सभी वर्गों के आवासहीन पात्र परिवारों के लिए मान्य करते हुए भविष्य में जब-जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण की ईकाई लागत में वृद्धि होगी तब-तब मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना के अंतर्गत इकाई लागत में वृद्धि की जाएगी। इस योजना के दिशा निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना शत-प्रतिशत राज्य वित्त पोषित आवास योजना है।
11 महीने पहले लिया गया था फैसला
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक में इस संबंध में 11 महीने पहले यानी सितंबर 2023 में फैसला ले लिया गया था, लेकिन चुनाव के कारण इस पर अमल नहीं हो पाया। पहले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता प्रदेश में लगी हुई थी। इस कारण इस फैसले पर अमल नहीं हो पाया। इसके बाद लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य में आचार संहिता लागू हो गई। ऐसे में इस योजना के संबंध में आदेश जारी करने में 11 महीने का समय लग गया।
मध्यम गरीब महिलाओं को मिलेगा फायदा
लाडली बहना आवास योजना का लाभ प्रदेश की मध्यम गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ही महिलाओं को मकान बनवाने के लिए राज्य की ओर इस इस योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। ये राशि सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर होगी। बता दें कि प्रदेश की जिन महिलाओं के पास अब तक आवास नहीं है उन्हें इस योजना के जरिएघर बनाने में मदद मिलेगी।
 

सोमवार, 5 अगस्त 2024

उपमुख्यमंत्री बनना चाहते हैं मुख्यमंत्री, कर रहे लाबिंग

कांग्रेस विधायक ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, गर्मा गई सियासत


भोपाल। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र ष्शुक्ल पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र ष्शुक्ल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के लिए लाबिंग कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक के इस पत्र के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दो पन्नों का पत्र मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को लिखकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने पत्र के अलावा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। इस वीडियो में वे कहते सुने जा रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला हमारे क्षेत्र में विकास कार्य रहे हैं। सभी विधानसभाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। ये पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि हमारी नॉलेज में इनका पद कैबिनेट द्वारा दिया हुआ दर्जा है। कैबिनेट के मुखिया मुख्यमंत्री होते हैं, इस नाते उनको असीमित अधिकार है।
श्रीनिवास तिवारी का कॉपी पेस्ट कर रहे
मिश्रा ने कहा कि इनका दर्जा कैबिनेट मंत्री का है, लेकिन यह अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं कि निलंबित करा देंगे। स्थानांतरित करा देंगे। ये मुख्यमंत्री बनने का प्रयास कर रहे हैं। ये श्रीनिवास तिवारी बनने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि श्रीनिवास तिवारी उप मुख्यमंत्री नहीं थे। भगवान के घर से उनको हुनर मिला था। ये उनका कॉपी पेस्ट करना चाहते हैं।
ले चुके हैं ब्राह्मण विधायकों की बैठक
मिश्रा ने पत्र में उल्लेख किया है कि उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। एक माह पहले उन्होंने एक पार्टी के बहाने ब्राह्मण विधायकों को बैठक बुलाई थी। बैठक में भाजपा के साथ अन्य दलों के विधायक शामिल थे। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने उपमुख्यमंत्री शुक्ला पर मनमानी और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर जरूरत से ज्यादा हस्ताक्षेप करने का आरोप लगाते हुए उनकी संवैधानिक शक्तियों पर सवाल उठाए हैं।

नवनिर्मित सड़क हुई क्षतिग्रस्त, नाराज हुए भाजपा अध्यक्ष

शर्मा ने लिखा पन्ना कलेक्टर को पत्र


भोपाल।  महर्षि अगस्त्य की तपोस्थली कही जाने वाली सिद्धनाथ तीर्थ स्थल तक जाने वाला मार्ग पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। जिसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वीडी शर्मा नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने नवनिर्मित सड़क क्षतिग्रस्त होने पर कलेक्टर को जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पन्ना कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा कि हाल ही में निर्मित सिद्धनाथ मार्ग पहली बरसात में क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस सड़क का निर्माण निचले स्तर मिट्टी और जीएसबी का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग सेवा ने कराया था। मार्ग में सीसी रोड का निर्माण पर्यटन विभाग ने कराया था, लेकिन वह सड़क पहली बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्पष्ट होता है कि यह निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन है। इस मामले को लेकर वीडी शर्मा ने कलेक्टर को जांच कराने की बात कही है।  उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ न सिर्फ सख्त कार्रवाई हो, बल्कि राशि भी वसूल की जाएं। इस मामले की तत्काल जांच कर कार्रवाई से अवगत कराया जाए और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।
कमीशन का खुला खेल : यादव
पन्ना में पुल बहने के मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरूण यादव ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि अब पन्ना जिले में बना पुल (एप्रोच रोड) पहली बारिश में ही बह गया, मामला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा जी के क्षेत्र का जहां 50 फीसदी कमीशन का खुला खेल चलता है।  यादव ने कहा कि यह रोड़ राम पथ गमन तीर्थ क्षेत्र में अगस्त मुनि आश्रम सिद्धनाथ के लिए बनाया गया था।

शनिवार, 3 अगस्त 2024

मुख्य सचिव की दौड़ से बाहर हो गए सुलेमान !

डा राजेश राजौरा और अनुराग जैन बचे दौड़ में

भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव द्वारा शुक्रवार को की गई प्रशासनिक सर्जरी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान अब मुख्य सचिव पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि उनसे स्वास्थ्य विभाग छीन कर कृषि विभाग की कमान सौंप दी है।
प्रदेश में मुख्य सचिव डा वीरा राणा के बाद अगले मुख्य सचिव के लिए वैसे तो आधा दर्जन आईएएस अधिकारी दावेदारी कर रहे हैं, मगर इनमें सबसे आगे मोहम्मद सुलेमान, डा राजेश राजौरा और अनुराग जैन का नाम था। अनुराग जैन केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर है, इसके चलते उनके नाम पर कयास जरूर लंबे समय से लग रहे हैं, मगर उनकी ओर से अभी स्थिति स्पश्ट नजर नहीं आई है और ना ही सरकार ने उनके नाम को लेकर प्रयास किए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर मंत्रालय तक जिस तरह जमावट की है, उसके बाद यह माना जा रहा है कि वरिष्ठ आईएएस डा राजेश राजौरा का नाम इस पद के लिए सामने आ सकता है। इसके पीछे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान के पास से जिस तरह से स्वास्थ्य महकमा वापस लेकर उन्हें कृ विभाग सौंपा है। इस परिवर्तन के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में यह बात तेजी से सामने आ रही है कि मोहम्मद सुलेमान मुख्यमंत्री की पसंद नहीं रहे। उनके स्थान पर डा राजेश राजौरा और दूसरा नाम केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अनुराग जैन का लिया जा रहा है।
अगस्त में ही हो जाएगा नाम तय
वर्तमान मुख्य सचिव वीरा राणा का कार्यकाल सरकार ने 30 सितंबर तक के लिए बढ़वाया था। इस लिहाज से यह माना जा रहा है कि अगस्त माह में ही सरकार अगले मुख्य सचिव का नाम तय कर देगी। इसके चलते माना जा रहा है कि डा राजेश राजौरा को सरकार इस माह ओएसडी बना सकती है। मुख्य सचिव की दौड़ में रहे आईएएस अधिकारियों में जे एन कंसोटिया और विनोद कुमार को पहले ही मंत्रालय से बाहर पदस्थ कर दिया है। वहीं मोहम्मद सुलेमान से स्वास्थ्य विभाग लेकर यह संदेश दिया गया कि मुख्यमंत्री उनसे खुश नहीं है। इसकी वजह नर्सिंग घोटाले को बताया जा रहा है। वहीं केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अनुराग जैन इस पद के लिए ज्यादा रूचि दिखा नहीं रहे हैं।

पद और हैसियत से ज्यादा महत्व शिक्षा का : डा यादव

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला का किया शुभारंभ

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदिकाल से भारत का अपना विशेष चरित्र और आदर्श संस्कृति रही है, इसलिए भारत विश्व गुरु कहलाया। जियो और जीने दो के सिद्धांत के साथ सभी के कल्याण की कामना हम करते हैं। हमारी व्यवस्था में गुरु की भूमिका अंधकार से प्रकाश की ओर ले जानी वाली रही है। जीवन में शिक्षा का स्थान सर्वोपरि है। किसी भी पद और हैसियत से अधिक महत्व शिक्षा का है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज भोपाल के आनंद नगर स्थित टीआईटी एक्सीलेंस कॉलेज में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश की धरती पर शिक्षा ग्रहण की और महाभारत के युद्ध के समय वे स्वयं अपनी आत्मा से शास्त्रार्थ करते रहे। गीता के विविध पक्ष हैं। गुरुकुल में प्राप्त शिक्षा से सेनाओं का अपना अनुशासन भी देखने को मिला था। जीवन और मृत्यु अटल है। इसके मध्य का समय मुस्कान और उत्साह के साथ सार्थक जीवन जीने का होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि आयोग द्वारा महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई है। राज्य सरकार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगी। यह प्रयास होगा कि कोई बच्चा स्कूल जाना बंद न करे। किन्हीं परिस्थितियों में ड्राप आउट के लिए विवश का शिकार न बने। शिक्षा ग्रहण करना प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है।
शिक्षा  पूरी पीढ़ी को बदलने का करती है कार्य
अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग  प्रियंक कानूनगो ने कहा कि शिक्षा पूरी पीढ़ी को बदलने का कार्य करती है। विपरीत परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाना महत्वपूर्ण है। अभिभावकों द्वारा रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाने पर बच्चों की शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती थी। अब अन्य राज्यों में भी हिन्दी में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती हैं। किसी बच्चे के 30 दिन विद्यालय में अनुपस्थित रहने पर इसका कारण ज्ञात कर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।  कानूनगो ने कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। अतिथियों को पौधे भेंट किए गये।
प्रदेश में नहीं रहेंगे बाल श्रमिक
श्रम मंत्री  प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में मजदूरों के हितों का प्राथमिकता के साथ ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले वंचित वर्गों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य बनेगा, जहां कोई भी बाल श्रमिक नहीं रहेगा। इसके लिए शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी सभी सरकारी एजेंसी, स्वयंसेवी संगठन और इस विषय के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। श्रम मंत्री पटेल ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि वंचित वर्ग और श्रमिकों के बच्चे जो बीच में शाला जाना बंद कर देते हैं उनको पुनः शाला पहुंचाएँ। इस कार्यशाला के माध्यम से 6 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दादर नगर हवेली-दमन-दीव, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

शुक्रवार, 2 अगस्त 2024

मंत्री समर्थकों से आहत हैं भाजपा के तीन विधायक

फिर तेज हो सकती है वर्चस्व की लड़ाई, एकजुट होने लगे विधायक समर्थक

भोपाल। इंदौर की राजनीति में एक बार फिर बदलाव नजर आ रहा है। पहले सीधी तौर में ताई-भाई के बीच वर्चस्व की लड़ाई नजर आती थी, मगर अब वर्तमान में भाजपा के ही तीन विधायक इंदौर के कद्दावर नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुट के नेताओं से आहत नजर आ रहे हैं। इसके चलते वे एकजुट होकर विजयवर्गीय को चुनौती देते नजर आ सकते हैं।
इंदौर में वैसे तो पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमिता महाजन और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समर्थकों के बीच मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई होती रही है। मगर इस बार इंदौर में फिर नजारा बदला है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर समर्थक माने जाने वाले नेताओं जिनमें तीन वर्तमान विधायक भी ष्शामिल हैं, अपने को कमजोर मान रहे हैं। इन विधायकों के क्षेत्र में बढ़ते विजयवर्गीय समर्थकों के दखल से ये परेशान हैं। नगर और ग्रामीण इंदौर दोनों ही जगह पर इन दिनों विजयवर्गीय खेमा ज्यादा सक्रिय है, जिसके चलते तीन विधायकों महू से विधायकउषा ठाकुर, इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार से विधायक मालिनी गौड़ और देपालपुर से विधायक मनोज पटेल के समर्थक विजयवर्गीय समर्थकों के बढ़ते दखल से खफा हैं। इसके चलते ये तीनों विधायक अब एकजुट होकर कैलाश विजयवर्गीय को चुनौती देने की रणनीति पर काम करने में जुटे हैं। इन तीनों की शिकायत है कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में विजयवर्गीय समर्थकों का अनावश्यक दखल बढ़ता जा रहा है। इनमें मालिनी गौड़ की नाराजगी तो महापौर पुष्यमित्र को लेकर भी है। महापौर को कैलाश का समर्थक माना जाता है। इसी तरह उषा ठाकुर के क्षेत्र महू में अंतर सिंह दरबार और मनोज पटेल के क्षेत्र में ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा का दखल बढ़ा है। इनके दखल को लेकर वर्तमान विधायक में नाराजगी दिखाई दे रही है। वैसे तीनों को ताई यानि सुमित्रा महाजन के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर का समर्थक माना जाता रहा है। इनके कार्यकाल में ये ताकतवर नेता के रूप में रहे, मगर 2023 के बाद मुख्यमंत्री पद पर हुए बदलाव ने इन तीनों का आहत किया है। साथ ही इंदौर की राजनीति का समीकरण भी बदला है।
सांसद का अपना गुट
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी जिन्हें ताई समर्थक माना जाता है। उनका अपना गुट है। वैसे विधायक मालिनी गौड़ और लालवानी के समर्थकों के बीच भी लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहा है। वे भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम के अप्रत्याशित तरीके से भाजपा में शामिल होने के बाद से आहत हैं। ताई ने तो इस प्रकरण पर खुलकर नाराजगी भी जताई थी। भाजपा नेताओं, वर्तमान विधायकों के बीच बढ़ते मतभेद भाजपा के लिए ठीक नजर नहीं आ रहे हैं और जल्द ही यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इसके पीछे कारण साफ है कि दोनों ही ओर से दिग्गज नेता है। एक ओर विजयवर्गीय हैं, तो दूसरी और दो पूर्व मंत्री और एक वर्तमान विधायक हैं।

गैर हिन्दू महिलाओं को नहीं मिलने चाहिए 250 रूपए

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद की आपत्ति

भोपाल। सरकार ने लाड़ली बहनों को रक्षा बंधन पर 250 रूपए उपहार स्वरूप देने का फैसला किया है। यह राशि लाड़ली बहनों के खाते में 10 अगस्त को जमा कराई जाएगी। इसके पहले राशि को लेकर भाजपा के वरिश्ठ नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार को गैर हिन्दू महिलाओं के खाते में यह राशि जमा नहीं करानी चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि जो इस त्यौहार का विरोध करते हैं, जो हिंदू त्योहारों को स्वीकार नहीं करते हैं, जो रक्षाबंधन का पर्व नहीं मानते हैं उन्हें पैसे नहीं देने चाहिए। जिनके जीवन में इस पर्व का कोई मायने नहीं है, ऐसे लोगों को राशि देने का अर्थ है कि हम गलत दे रहे हैं, इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव बड़े उदार व्यक्ति हैं। बहनों को प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कारण ही रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं का जो विशेष खर्च होता है, उसमें वृद्धि की जानी चाहिए। रक्षाबंधन को पर्व के रूप में मानने वालों को ही इसका लाभ मिलना चाहिए। शर्मा ने कहा कि मेरा आग्रह है कि इस पर विचार करना चाहिए, जो इस रक्षाबंधन के पर्व को मानते हैं, उन बहनों को ये राशि दी जानी चाहिए। ऐसी बहनें जो इस त्योहार को नहीं मानती हैं, उन बहनों को इस राशि से मुक्त रखना ज्यादा अच्छा रहेगा, ताकि जिनको लाभ मिलता है, उनको न्याय मिल सके।