बुधवार, 21 सितंबर 2011

‘अनुशंसा’ पर कार्रवाई नहीं

लोकायुक्त जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा दोषियों पर कार्यवाही करने की अनुशंसा करने के बाद भी वर्षों बीत जाते हैं, मगर सरकार उन पर कार्यवाही नहीं कर पाती है़ राज्य के सोलह विभागों द्वारा 170 मामले ऐसे हैं जिनमें लोकायुक्त द्वारा अनुशंसा करने के बाद भी वर्षों बीत गए, मगर आज तक कार्रवाई नहीं हुई़ इनमें 8 विभागों के 33 मामले तो ऐसे हैं जिनमें दस वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन विभाग द्वारा अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई है़
राज्य लोकायुक्त द्वारा विभिन्न मामलों में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लोकायुक्त जांच में दोषी पाए जाने पर सरकार को उनके खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा तो की जाती है, मगर कार्यवाही इन अधिकारियों पर नहंी हो पाती है़ लोकायुक्त जांच के बाद राज्य में करीब 170 ऐसे मामले हैं जिनमें लोकायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों के आधार पर की गई जांच में सही पाया और सरकार को इन पर कार्रवाई करने को कहा, मगर वर्षो बीत जाने के बाद भी विभागों द्वारा ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई़ 170 अनुशंसाओं में से 33 अनुशंसाएं तो ऐसी है, जिन पर लोकायुक्त ने दस साल से अधिक समय पहले कार्यवाही की अनुशंसा की थी, मगर इन अनुशंसाओं पर विभाग ध्यान हीं नहीं दे रहे हैं़
राज्य के सोलह विभाग ऐसे हैं जिनमें ये मामले आज भी लंबित पड़े हैं़ पांच से दस वर्ष के बीच की समयावधि वाले मामलों की संख्या 59 है, जबकि 3 से पांच वर्ष की अवधि वाले मामलों की संख्या 38 और एक वर्ष से अधिक एवं तीन वर्ष से कम समयावधि वाले लंबित मामलों की संख्या 27 है, जिन पर लोकायुक्त कार्यवाही करने की मोहर लगा चुका है, मगर विभाग इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं हैं़
विभाग लंबित मामले
लोक निर्माण विभाग 71
जल संसाधन विभाग 28
नगरीय निकाय 27
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 14
पंचायत एवं ग्रामीण विभाग 10
आदिम जाति कल्याण 03
आवास एवं पर्यावरण 03
वाणिज्य एवं उद्योग 02
नर्मदा घाटी विकास 02
कृषि विभाग 02
वन विभाग 02
ऊर्जा विभाग 02
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 01
सामान्य प्रशासन 01
मत्स्य विभाग 01
जनशक्ति नियोजन 01

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