गुरुवार, 29 सितंबर 2011

अफसर के बाद विधायक ने खोला मोर्चा

राज्य में दलित आईएएस अफसर रमेश थेटे के बाद अब दलित विधायक जुगल किशोर बागरी ने मोर्चा खोल दिया है़ बागरी के तेवरों को देख संगठन और सरकार की चिंता बढ़Þने लगी है़ क्षेत्र के प्रभारी मंत्री को लेकर बागरी का कहना है कि उनके इशारे पर अफसर बिना लिए-दिए कुछ काम ही नहीं करते हैं, ऐसे में हमें जनता के काम कराने में तकलीफ होती है़ अगर हम जनता का काम ही नहीं करा पाएं तो हमें आत्महत्या कर लेनी चाहिए़ बागरी ही नहीं इसी तरह की समस्या से भाजपा के एक और विधायक रमेश खटीक भी जूझ रहे हैं, उन्होंने तो अफसर के खिलाफ पुलिस में जान से मारने की शिकायत भी दर्ज करा दी है़
राज्य में दलित अफसर रमेश थेटे द्वारा दलित अफसर की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की चेतावनी देने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब भाजपा के ही विधायक एवं पूर्व मंत्री जुगलकिशोर बागरी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है़ सतना जिले के अजा के लिए आरक्षित विधानसभा सीट रैंगाव से विधायक श्री बागरी ने अफसरों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठाए हैं़ उनका कहना है कि अफसर क्षेत्र की जनता के काम ही नहीं करते हैं, अफसरों के पास क्षेत्र के लोग जब काम के लिए जाते हैं तो उनके काम ही नहीं होते हैं़ उन्होंने कहा कि यह किसी एक विभाग का मामला नहीं बल्कि सभी विभागों के अफसर ठीक इसी तरह काम कर रहे हैं़ उन्होंने कहा कि अगर अफसरों के इस रवैए को सरकार नहीं रोक पाती है, तो हमारे जैसे जनप्रतिनिधियों का होने से क्या फायदा़
बागरी ही नहीं इसी तरह की परेशानियों से शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा सीट जो की अजा के लिए आरक्षित है, के विधायक रमेश खटीक भी जूझ रहे हैं़ श्री खटीक को बीते सप्ताह ही एक अफसर ने जान से मारने की धमकी दे डाली थी़ खटीक ने तो मत्स्य विभाग के अफसर एमक़े़दुबे के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी है़ खटीक और दुबे के बीच भी विवाद सिर्फ जनता की शिकायतों को लेकर ही उठा है़ खटीक को उनके विधानसभा क्षेत्रों के लोगों ने शिकायती पत्र दिए थे, जिसमें उक्त अधिकारी द्वारा उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतें की गई थी़ इन सभी शिकायतों को खटीक ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को दे दी थी़ इसके बाद कलेक्टर जॉन किंग्सली ने इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे़ इस आदेश के बाद मत्स्य विभाग के अधिकारी दुबे ने विधायक खटीक को भला-बुरा करते हुए जान से मारने तक की धमकी दे डाली थी़
रैगांव विधायक जुगल किशोर बागरी का कहना है कि जिस जनता के पास हम चुनाव के वक्त हाथ जोड़कर वोट मांगने जाते हैं, अगर उसी के काम नहीं करा पाए तो हमें जनप्रतिनिधि होना ही नहीं चाहिए़ हमारी बात को ही अधिकारी नहीं सुने, गंभीरता से नहीं ले, हमारे कहने के बाद भी वह जनता से काम के लिए पैसे मांगे तो हमें आत्महत्या कर लेनी चाहिए़ मैंने अब तय कर लिया है कि मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा़ भाजपा में ही रहूंगा, मगर सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखूंगा़
करेरा के विधायक रमेश चंद्र खटीक का कहना है कि अफसरों के खिलाफ जब भी हम कोई शिकायत करते हैं तो वे जनप्रतिनिधियों को दबाने के लिए यूनियन बनाकर लामबंद हो जाते हैं और सरकार पर दबाव बनाते हैं़ मैं इस मामले को लेकर फिर से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मिलूंगा और उन्हें अवगत कराऊंगा कि हम क्या करें, जिससे जनता के काम ये अफसर कर सकें़

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